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Wed Mar 1, 2017 23:46:47 ISTHomeTrainsΣChainsAtlasPNRForumGalleryNewsFAQTripsLoginFeedback
Wed Mar 1, 2017 23:46:47 IST
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Today (18:24)  मालगाडी रुळावरून घसरली (www.lokmat.com)
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Major Accidents/DisruptionsCR/Central  -  

News Entry# 295065     
   Tags   Past Edits
Mar 01 2017 (18:24)
Station Tag: Ajni (Nagpur)/AJNI added by ameyambre/16020

Posted by: ameyambre  1774 news posts
नागपूर : अजनी यार्डातून निघालेली मालगाडी अचानक रुळावरून घसरली. ही घटना आज मंगळवारी दुपारी १२.४५ वाजताच्या सुमारास घडली. मालगाडी मेनलाईनवर येण्याआधीच हा अपघात घडला. याबाबत मिळालेल्या माहितीनुसार, नरेंद्रनगरातील कंटेनर कॉर्पोरेशन आॅफ इंडिया(कॉनकोर)चा इनलँड कंटेनर सोमवारी रात्री अजनी यार्डात पोहोचला.
आज दुपारी हा कंटेनर अजनी यार्डातून निघून मेनलाईनवर येत असताना नरेंद्रनगरजवळ वॅगन क्रमांक २७ चे दोन चाक रुळावरून घसरले. गाडी मेनलाईनवर नसल्याने वाहतूक अवरुद्ध झाली नाही. दोन तासांच्या परिश्रमानंतर गाडी पुन्हा रुळावर आली. दरम्यान, अजनी यार्डातील चार युनिट परत करावे लागले. हा अपघात जर मेनलाईनवर घडला असता तर दिल्ली-मुंबई-हावडा मार्गावरील रेल्वे वाहतूक विस्कळीत होण्याची शक्यता होती.(प्रतिनिधी)
सुरक्षेवर
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प्रश्नचिन्ह
गाडीच्या रुळावरून घसरण्याच्या घटना वाढत आहेत. आता तर मालगाडीचे चाक यार्डातच घसरले. यावरून असे जाणवते की, रेल्वे बोगींच्या देखरेखीत निष्काळजीपणा केला जात आहे.
ही घटना मेनलाईनवर घडली असती तर वाहतूक प्रभावित झाली असती.
या घटनेत चालकाला दोषी धरले जात आहे. पण घटना गाडी मेनलाईनवर येण्याआधी घडली, हे मात्र सोयीस्करपणे लपवले जात आहे.
  
Today (17:04)  రాత్రి గంటసేపు IRCTC రైల్వే బుకింగ్ ఎందుకు ఉండదు? (computerera.co.in)
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Commentary/Human Interest

News Entry# 295064     
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This is a new feature showing past edits to this News Post.

Posted by: we want special status to ANDHRAPRADESH^~  68 news posts
మీరు గమనించే ఉంటారు.. ఎప్పుడైనా అర్జెంటుగా IRCTC website ద్వారా train tickets బుక్ చేసుకుందామని అర్థరాత్రి 11.30 నుండి 12.30 మధ్య ప్రయత్నిస్తే బుకింగ్ సాధ్యపడదు. ఈ సమయాన్ని Maintenance Window (MW) అంటారు. వాస్తవానికి SBI, ICICI వంటి వివిధ బ్యాంక్ సైట్లు, ఇతర పాపులర్ సైట్లు కూడా ఇలా మెయింటెనెన్స్‌లో భాగంగా అప్పుడప్పుడు పనిచెయ్యవు. కానీ IRCTC మాత్రం ప్రతీ రోజూ గంట మెయింటెనెన్స్‌లో ఉండడానికి కారణాలు అనేకం ఉన్నాయి.
IRCTC అతి పెద్ద సైట్. దీనికి యూజర్ల తాకిడి ఎక్కువ. భారీ మొత్తంలో tickets బుకింగ్ డేటా దీనిలో ఉంటుంది. ఈ నేపధ్యంలో రాత్రి 11.30 నుండి 12.30 మధ్య అనేక automated scripts ద్వారా ప్రయాణాలు ముగిసిన PNR నెంబర్లు, ఇతర అవసరం లేని బుకింగ్ డేటాని ఆర్కైవ్ చెయ్యడమూ, తొలగించడమూ జరుపబడుతుంది. ఈ ప్రక్రియ సక్రమంగా జరగాలంటే సర్వర్ మీద CPU, memory లోడ్ ఎక్కువగా ఉంటుంది. ఆ సమయంలో train tickets బుకింగ్ అనుమతిస్తే గనుక ఇబ్బందులు తలెత్తుతాయి.
అలాగే
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ఏరోజుకారోజు ticket booking, ఇతర లావాదేవీల డేటాతో కూడిన databaseలు బ్యాకప్ తీయబడడమూ, అదనపు డూప్లికేట్ డేటాబేసుల్లోకి కాపీ చెయ్యబడడమూ జరుగుతుంది. ఏ కారణం చేత కూడా ఒక్క ticket booking సమాచారం మిస్ కాకూడదు అన్న ఏర్పాటు ఇది. మొత్తం డేటా మెయిన్ డేటాబేస్ నుండి స్లీపింగ్ డేటాబేస్‌కి కాపీ చెయ్యబడుతుంది.
సో ఆ సమయంలో train tickets booking అనుమతిస్తే.. ఆ కొత్త booking data కరప్ట్ అవడం గానీ, లేదా బుకింగ్ ఫెయిల్ అవడం గానీ జరుగుతుంది. కస్టమర్ల నుండి వత్తిడి వస్తుంది. అలాగే కొత్త రూట్లలో ఏవైనా కొత్త trains ప్రవేశ పెట్టబడినా, ఇప్పటికే నడుస్తున్న trains టైమింగులు మార్చడం.. fareలు మార్చడం వంటివి చెయ్యాలన్నా ఇలా ప్రతీ రోజూ రాత్రి 11.30 నుండి 12.30 వరకూ సమయాన్ని IRCTC వినియోగించుకుంటుంది.
  
Today (16:47)  मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर मंगलवार को तड़के सवा तीन बजे बड़ा हादसा हो गया। (epaper.livehindustan.com)
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Major Accidents/DisruptionsNR/Northern  -  

News Entry# 295063   Blog Entry# 2182484     
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Mar 01 2017 (16:47)
Station Tag: Moradabad Junction/MB added by ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~/206964

Posted by: ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~  5045 news posts
मुरादाबाद। मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर मंगलवार को तड़के सवा तीन बजे बड़ा हादसा हो गया। शंटिंग के दौरान रानीखेत एक्सप्रेस के सात कोच से इंजन से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोच का फर्श टूट गया और उसमें सवार 30 यात्री घायल हो गए। इस मामले में पांच लोगों को निलंबित कर दिया गया है और जे लेवल की जांच शुरू कर दी गई है। जैसलमेर से चलकर काठगोदाम को जाने वाली रानीखेत एक्सप्रेस के कोच अलग करने के दौरान हादसा हो गया। रानीखेत एक्सप्रेस के सात कोच को इंजन से जोड़ने के लिए शंटिंग की जा रही थी। कोच से जोड़ने के लिए इंजन को पीछे लाया जा रहा था, लेकिन गति अधिक होने के कारण वह तेजी के साथ कोच से टकरा गया। खड़े कोच में इंजन की जोरदार टक्कर से यात्री एक दूसरे के ऊपर गिर गए।

  
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Today (17:35)
Abhishek Jaiswal*^~   44878 blog posts   18354 correct pred (69% accurate)
Re# 2182484-1            Tags   Past Edits
Link express me hamesha aise chances rehti hi hai
  
Today (16:46)  रेल यात्रियों को इलाज के लिए देने होंगे सिर्फ 20 रुपये (epaper.livehindustan.com)
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Commentary/Human InterestNER/North Eastern  -  

News Entry# 295062     
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Mar 01 2017 (16:46)
Station Tag: Gorakhpur Junction/GKP added by ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~/206964

Posted by: ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~  5045 news posts
गोरखपुर वरिष्ठ संवाददाताएक ओर जहां बिहार में मौखिक आदेश मानने पर मचे बचाल को लेकर आईएएस एसोसिएशन लामबंद हो गया है वहीं पूर्वोत्तर रेलवे में भी इलाज के सम्बंध में मौखिक आदेश को अस्पताल प्रबंधन को वापस लेना पड़ गया। एक महीने पूर्व में दिया गया आदेश वापस होने के बाद यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। रेल यात्र के दौरान अगर आप बीमार पड़ते हैं तो या तो आपसे शुल्क नहीं लिया जाएगा और अगर शुल्क मांगा भी गया तो महज 20 रुपये परामर्श के नाम पर देने होंगे। जबकि एनई रेलवे में बीते एक महीने से स्टेशनों पर यात्रियों से इलाज के नाम पर 300 रुपये शुल्क वसूला जा रहा था। कुछ यात्रियों की शिकायत पर ‘हिन्दुस्तान’ ने इसकी पड़ताल की तो शिकायत सही निकली। यात्रियों से इलाज के नाम पर चिकित्सक 300 रुपये परामर्श शुल्क ले रहे थे। इस सम्बंध में जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि...
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रेलवे बोर्ड द्वारा महज 20 रुपये ही शुल्क लिए जाने का निर्देश है। स्थानीय पर चिकित्सकों से पूछने पर पता चला कि एनई रेलवे मुख्यालय से ऐसा आदेश दिया गया है। मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि 300 रुपये शुल्क लिए जाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। रेलवे बोर्ड द्वारा जो शुल्क निर्धारित किया गया है वही लिए जाने का प्रावधान है। पड़ताल के बाद ‘हिन्दुस्तान’ ने अपने 24 फरवरी के अंक में ‘इलाज के नाम पर 300 रुपये की वसूली’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद शुल्क लिए जाने का सिलसिला रुक गया। 24 के बाद करीब आधा दर्जन बीमार यात्रियों का नि:शुल्क इलाज किया गया है।
  
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श्रीनारायण मिश्र ’ इलाहाबाद1आज से 112 साल पहले फाफामऊ स्थित गंगा पर पहला रेलवे पुल बना था। इसने संगम नगरी से अवध से जोड़ा था। कर्जन पुल के नाम से प्रसिद्ध इस पुल को इंजीनियरिंग की शानदार मिसाल माना जाता था। यह पुल इतिहास के पन्नों में सिमटने वाला है। अपनी उम्र पूरी कर चुके इस पुल को रेलवे नीलाम करने की तैयारी में है। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। शहर से करीब सात किलोमीटर दूर गंगा पर बना यह पुल फाफामऊ के निकट है। इस पुल में नीचे रेलवे ट्रैक है और ऊपर से सिंगल लेन सड़क। जब पुल बन रहा था तब भारत में लार्ड कर्जन वायसराय थे। इसलिए इस पुल को
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कर्जन पुल के नाम से जाना गया। इस पुल को उस समय शानदार इंजीनियरिंग का नमूना माना जाता था। इसी पुल के जरिए लखनऊ और इलाहाबाद रेलमार्ग से जुड़े थे। सौ साल से अधिक समय तक यह पुल अपनी पूरी क्षमता से काम करता रहा। पिछले करीब सात सालों से इस पुल पर आवागमन बंद कर दिया गया है। फिलहाल यह केवल ब्रिटिश कालीन इतिहास का हिस्सा भर रह गया है। अब रेलवे इस पुल को तुड़वाकर नीलामी की तैयारी में है। एक अधिकारी ने बताया कि पुल को नीलाम किए जाने की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है।श्रीनारायण मिश्र ’ इलाहाबाद1आज से 112 साल पहले फाफामऊ स्थित गंगा पर पहला रेलवे पुल बना था। इसने संगम नगरी से अवध से जोड़ा था। कर्जन पुल के नाम से प्रसिद्ध इस पुल को इंजीनियरिंग की शानदार मिसाल माना जाता था। यह पुल इतिहास के पन्नों में सिमटने वाला है। अपनी उम्र पूरी कर चुके इस पुल को रेलवे नीलाम करने की तैयारी में है। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। शहर से करीब सात किलोमीटर दूर गंगा पर बना यह पुल फाफामऊ के निकट है। इस पुल में नीचे रेलवे ट्रैक है और ऊपर से सिंगल लेन सड़क। जब पुल बन रहा था तब भारत में लार्ड कर्जन वायसराय थे। इसलिए इस पुल को कर्जन पुल के नाम से जाना गया। इस पुल को उस समय शानदार इंजीनियरिंग का नमूना माना जाता था। इसी पुल के जरिए लखनऊ और इलाहाबाद रेलमार्ग से जुड़े थे। सौ साल से अधिक समय तक यह पुल अपनी पूरी क्षमता से काम करता रहा। पिछले करीब सात सालों से इस पुल पर आवागमन बंद कर दिया गया है। फिलहाल यह केवल ब्रिटिश कालीन इतिहास का हिस्सा भर रह गया है। अब रेलवे इस पुल को तुड़वाकर नीलामी की तैयारी में है। एक अधिकारी ने बताया कि पुल को नीलाम किए जाने की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है।
  
जागरण संवाददाता, लखनऊ : आखिरकार मेट्रो का ट्रायल अपने उस दौर में पहुंच गया जहां उसकी क्षमता का सही आंकलन होगा। मंगलवार को आरडीएसओ के विशेषज्ञों ने मेट्रो को अप लाइन पर 90 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से दौड़ा दिया। मंगलवार को कुल आठ राउंड का ट्रायल हो गया। 1आरडीएसओ की टीम ने चारबाग से ट्रांसपोर्टनगर अप लाइन को ही मेट्रो की अधिकतम क्षमता के ट्रायल के लिए चुना। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि यदि अप के साथ डाउन लाइन का भी एक साथ ट्रायल होता तो हर बार स्विच बदलने में 25 मिनट से अधिक का समय लग सकता था। ऐसे में आरडीएसओ ने अप लाइन पर चारबाग से ट्रांसपोर्ट नगर तक का पहला ट्रायल 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से किया और इसके बाद 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति के दो और ट्रायल हुए। अंत में आरडीएसओ की टीम ने झटके से बचाने वाली एयर सस्पेंशन इम्फलेटेड तकनीक अपनाते...
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हुए 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से ट्रायल शुरू किया। पहले ही ट्रायल में इतनी तेज गति से दौड़ने पर भी किसी तरह का झटका नहीं लगा। इसके बाद लगातार चार और ट्रायल 90 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से पूरा किया गया। 1आरडीएसओ के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक अगले चरण में अप लाइन पर ही एयर सस्पेंशन इम्फलेटेड तकनीक हटाकर ट्रायल होगा। जबकि खाली रैक की जगह बालू भरी बोरियां रखकर भी अगले दौर के ट्रायल पूरे होंगे। आरडीएसओ बुधवार को ट्रांसपोर्टनगर से चारबाग तक ट्रायल करेगा।
  
Today (16:35)  इधर मालगाड़ी उतरी उधर पटरी चिटकी (epaper.jagran.com)
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Major Accidents/DisruptionsNR/Northern  -  

News Entry# 295059     
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Mar 01 2017 (16:35)
Station Tag: Lucknow Charbagh NR/LKO added by ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~/206964

Posted by: ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~  5045 news posts
जागरण संवाददाता, लखनऊ : चारबाग यार्ड की डाउन लाइन नंबर चार से आलमनगर स्पेशल मालगाड़ी रात 3:38 बजे गुजर रही थी। इस मालगाड़ी में चार हजार हार्सपावर का इंजन डब्ल्यूडीजी4 12233 लगा हुआ था। जैसे ही इंजन पूर्वी केबिन से आगे बढ़ा मालगाड़ी के ब्रेकयान से नौवां, दसवां, ग्यारहवां और 12वां वैगन पटरी से उतर गया। घटना की जानकारी ड्राइवर एसएस हुसैन और गार्ड अभिषेक श्रीवास्तव ने कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलते ही रेलवे के अफसर मौके पर पहुंच गए। दुर्घटना राहत ट्रेन की क्रेन की मदद से सभी वैगन को हटाया जा सका। इसके चलते एक घंटे तक मानकनगर-लखनऊ स्पेशल लाइन पर संचालन प्रभावित रहा। 1यहां हुआ बवाल1उधर उन्नाव से सोनिक के बीच डाउन लाइन पर सुबह सात बजे पटरी चिटक गई थी। सूचना पर गैंगमैन और ट्रैकमैन को मरम्मत के लिए भेजा गया था। उसी के तुरंत बाद सोनिक स्टेशन पर पहुंची पनकी-लखनऊ मेमू को रोक दिया गया।...
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जबकि डाउन लाइन पर पीछे आ रही ट्रेनें उन्नाव और उसके बाद के स्टेशनों पर रोक देने का मैसेज पास हो गया। 10 मिनट से अधिक वक्त होने के बाद भी ट्रेन के न चलने पर दैनिक यात्रियों ने स्टेशन मास्टर राम भजन मीना के दफ्तर पर पथराव शुरू कर दिया। हालांकि इसमें कोई घायल नहीं हुआ। महिला यात्री रितु सिंह ने सोनिक जीआरपी में स्टेशन मास्टर के खिलाफ मारपीट करने का मामला दर्ज करा दिया। जबकि स्टेशन मास्टर ने भी रितु सिंह सहित दो दर्जन अज्ञात यात्रियों के खिलाफ धक्कामुक्की करने का मेमो रेलवे को भेजा है। हंगामे की सूचना के बाद उन्नाव जीआरपी और 100 नंबर पुलिस भी सोनिक पहुंची। इसके चलते लखनऊ आ रही पुष्पक एक्सप्रेस सहित करीब छह टेनें प्रभावित हुईं
  
Today (16:34)  सरचार्ज के नुकसान पर रेलवे ने वित्त मंत्रालय से मांगी मदद, इससे होने वाले नुकसान की भरपाई वित्त मंत्रालय करे। (epaper.navbharattimes.com)
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IR AffairsNR/Northern  -  

News Entry# 295058     
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Mar 01 2017 (16:34)
Station Tag: Lucknow Charbagh NR/LKO added by ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~/206964

Mar 01 2017 (16:34)
Station Tag: New Delhi/NDLS added by ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~/206964

Posted by: ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~  5045 news posts
नई दिल्ली : इंटरनेट टिकट पर लगने वाले सरचार्ज को हटाने से हुए नुकसान के लिए अब रेलवे ने वित्त मंत्रालय से मदद मांगी है। हालांकि अभी वित्त मंत्रालय ने रेलवे को कोई जवाब नहीं दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इंटरनेट टिकट खरीद पर लगने वाले सरचार्ज से आईआरसीटीसी को लगभग 550 करोड़ रुपये की सालाना कमाई होती थी।
 इसमें से कुछ हिस्सा रेलवे को भी मिलता था। लेकिन बजट में सरचार्ज हटाने के ऐलान से यह रकम रेलवे और आईआरसीटीसी के हाथ से निकल गई है। सूत्रों ने बतया कि अब रेलवे बोर्ड ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिख कर कहा है कि चूंकि सरचार्ज हटाने का ऐलान बजट में हुआ है, इसलिए इससे होने वाले नुकसान की भरपाई वित्त
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मंत्रालय करे।
इंटरनेट टिकट पर लगने वाला सरचार्ज हटने से होगा नुकसान
  
रिजर्वेशन करवाकर भटक रहे हैं स्पेशल ट्रेनों के यात्री
रेलवे के सिस्टम से भी नहीं मिल रहा ट्रेनों का अता-पता कर्मचारी भी परेशान
17 ट्रेनों में बढ़ेंगी एसी थर्ड की बोगियां
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केस
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एक : शहर की प्रियंका सोनी ने 25 फरवरी को स्पेशल ट्रेन 00407 माल्दा टाउन-दिल्ली स्पेशल ट्रेन की स्लीपर क्लास में तीन लोगों का टिकट बुक करवाया था। सुबह सात बजे ट्रेन के आने का समय था। देर रात तक वह स्टेशन पर रहीं, लेकिन रेलवे उनको ट्रेन की लोकेशन नहीं बता सका। 1केस दो : मुंबई-गोरखपुर स्पेशल की सूचना बीती 23 फरवरी को यात्रियों को तब तक नहीं मिल सकी जब तक ट्रेन कानपुर से निकल नहीं गई। इस ट्रेन के बारे में रेलवे के नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम ने फीडिंग नहीं की, जिसके चलते यात्रियों को सात घंटे स्टेशन पर गुजारना पड़ा। कुछ यात्री वापस घर चले गए और ट्रेन आकर छूट गई। 1जागरण संवाददाता, लखनऊ : ट्रेनों की लेट लतीफी तो यात्रियों को परेशान कर रही रही है। अब स्पेशल ट्रेनों के रेलवे के सिस्टम पर जानकारी न मिलने से अफरातफरी बढ़ गई है। लंबी दूरी की अंतर जोनल की ट्रेनों की जानकारी रेलवे के ही सिस्टम पर मौजूद नहीं हैं। इस कारण प्रियंका सोनी जैसी कई यात्रियों को यह पता नहीं चल पा रहा है कि उनकी ट्रेनें उसी दिन आएंगी या नहीं। रेलवे प्रियंका को दो दिन बाद तक यह नहीं बता सका कि उनकी ट्रेन आयी भी थी या नहीं। इस ट्रेन का न तो रेलवे के पास कोई रिकॉर्ड है और न ही यह सिस्टम पर दिख रही है। हां ट्रेन संचालन के लिए कॉशन जरूर जारी हुआ है, जो बताता है कि ट्रेन का रूट लखनऊ होकर ही था।1रेलवे यात्रियों से स्पेशल ट्रेनों का किराया तत्काल के बराबर लेता है। इन ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों सहित किसी भी तरह की श्रेणी का रियायत नहीं मिलता है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेलवे को स्पेशल ट्रेनों की मॉनीटरिंग करने की व्यवस्था के आदेश दिए थे। इसके बावजूद रेलवे आज तक स्पेशल ट्रेनों की लेट लतीफी की जानकारी देने की व्यवस्था ही नहीं कर सका है। इन दिनों नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। इस कारण यात्री स्पेशल ट्रेनों में तत्काल के बराबर किराया देकर भी सीटें बुक करा रहे हैं। इन स्पेशल ट्रेनों के आने जाने का समय रेलवे ने तय तो कर दिया है, लेकिन इनके संचालन में घोर लापरवाही बरत रहा है। नेशनल टेन इंक्वायरी सिस्टम पर स्पेशल ट्रेनों की सूचनाएं न होने के कारण चारबाग स्टेशन स्थित रेलवे पूछताछ काउंटर पर रेलकर्मी यात्रियों को जानकारी तक नहीं दे पा रहे हैं। रोजाना कई यात्री ट्रेनों के इंतजार में स्टेशन पर लंबा वक्त गुजार रहे हैं। फिलहाल इस लापरवाही पर रेलवे अफसर भी मौन हैं। सीनियर डीसीएम शिवेंद्र शुक्ल ने बताया कि स्पेशल ट्रेनों की फीडिंग के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं। फिर भी यदि किसी ट्रेन की फीडिंग नहीं हुई तो मामले की जांच की जाएगी। 1केस एक : शहर की प्रियंका सोनी ने 25 फरवरी को स्पेशल ट्रेन 00407 माल्दा टाउन-दिल्ली स्पेशल ट्रेन की स्लीपर क्लास में तीन लोगों का टिकट बुक करवाया था। सुबह सात बजे ट्रेन के आने का समय था। देर रात तक वह स्टेशन पर रहीं, लेकिन रेलवे उनको ट्रेन की लोकेशन नहीं बता सका। 1केस दो : मुंबई-गोरखपुर स्पेशल की सूचना बीती 23 फरवरी को यात्रियों को तब तक नहीं मिल सकी जब तक ट्रेन कानपुर से निकल नहीं गई। इस ट्रेन के बारे में रेलवे के नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम ने फीडिंग नहीं की, जिसके चलते यात्रियों को सात घंटे स्टेशन पर गुजारना पड़ा। कुछ यात्री वापस घर चले गए और ट्रेन आकर छूट गई। 1जागरण संवाददाता, लखनऊ : ट्रेनों की लेट लतीफी तो यात्रियों को परेशान कर रही रही है। अब स्पेशल ट्रेनों के रेलवे के सिस्टम पर जानकारी न मिलने से अफरातफरी बढ़ गई है। लंबी दूरी की अंतर जोनल की ट्रेनों की जानकारी रेलवे के ही सिस्टम पर मौजूद नहीं हैं। इस कारण प्रियंका सोनी जैसी कई यात्रियों को यह पता नहीं चल पा रहा है कि उनकी ट्रेनें उसी दिन आएंगी या नहीं। रेलवे प्रियंका को दो दिन बाद तक यह नहीं बता सका कि उनकी ट्रेन आयी भी थी या नहीं। इस ट्रेन का न तो रेलवे के पास कोई रिकॉर्ड है और न ही यह सिस्टम पर दिख रही है। हां ट्रेन संचालन के लिए कॉशन जरूर जारी हुआ है, जो बताता है कि ट्रेन का रूट लखनऊ होकर ही था।1रेलवे यात्रियों से स्पेशल ट्रेनों का किराया तत्काल के बराबर लेता है। इन ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों सहित किसी भी तरह की श्रेणी का रियायत नहीं मिलता है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेलवे को स्पेशल ट्रेनों की मॉनीटरिंग करने की व्यवस्था के आदेश दिए थे। इसके बावजूद रेलवे आज तक स्पेशल ट्रेनों की लेट लतीफी की जानकारी देने की व्यवस्था ही नहीं कर सका है। इन दिनों नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। इस कारण यात्री स्पेशल ट्रेनों में तत्काल के बराबर किराया देकर भी सीटें बुक करा रहे हैं। इन स्पेशल ट्रेनों के आने जाने का समय रेलवे ने तय तो कर दिया है, लेकिन इनके संचालन में घोर लापरवाही बरत रहा है। नेशनल टेन इंक्वायरी सिस्टम पर स्पेशल ट्रेनों की सूचनाएं न होने के कारण चारबाग स्टेशन स्थित रेलवे पूछताछ काउंटर पर रेलकर्मी यात्रियों को जानकारी तक नहीं दे पा रहे हैं। रोजाना कई यात्री ट्रेनों के इंतजार में स्टेशन पर लंबा वक्त गुजार रहे हैं। फिलहाल इस लापरवाही पर रेलवे अफसर भी मौन हैं। सीनियर डीसीएम शिवेंद्र शुक्ल ने बताया कि स्पेशल ट्रेनों की फीडिंग के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं। फिर भी यदि किसी ट्रेन की फीडिंग नहीं हुई तो मामले की जांच की जाएगी। 1जागरण संवाददाता, लखनऊ : होली पर हो रही भीड़ को देखते हुए रेलवे 17 ट्रेनों में अस्थायी रूप से एसी थर्ड की एक बोगी बढ़ाएगा। इससे वेटिंग लिस्ट के यात्रियों को राहत मिलेगी। ट्रेन 12429 एसी एक्सप्रेस, 12212 आनंद विहार-मुजफ्फरपुर गरीब रथ एक्सप्रेस और 12204 अमृतसर सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस में एक मार्च को अतिरिक्त बोगी लगेगी। जबकि 19021 बांद्रा लखनऊ एक्सप्रेस में चार से 25 मार्च तक बांद्रा से और 19022 लखनऊ बांद्रा एक्सप्रेस में छह से 27 मार्च तक लखनऊ से एक बोगी लगेगी। 1टेन 19313 इंदौर पटना एक्सप्रेस में एक से 29 मार्च तक जबकि 19314 पटना इंदौर एक्सप्रेस में तीन से 31 मार्च तक एसी थर्ड की एक अतिरिक्त बोगी लगेगी। इसी तरह 19321 इंदौर पटना एक्सप्रेस में चार से 25 मार्च तक, 19322 पटना इंदौर एक्सप्रेस में छह से 27 मार्च तक रेलवे एक अतिरिक्त बोगी लगाएगा। ट्रेन 22969 ओखा-वाराणसी एक्सप्रेस में दो से 30 मार्च तक, 22970 वाराणसी ओखा एक्सप्रेस में चार मार्च से एक अप्रैल तक, 19269 पोरबंदर-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस में दो से 31 मार्च तक जबकि 19270 मुजफ्फरपुर-पोरबंदर एक्सप्रेस में पांच मार्च से तीन अप्रैल तक एसी थर्ड की एक अतिरिक्त बोगी लगने से यात्रियों को राहत मिलेगी। 1माल्दा टाउन होली स्पेशल ट्रेन1रेलवे माल्दा टाउन से आनंद विहार टर्मिनल के बीच होली स्पेशल ट्रेन चलाएगा। ट्रेन 03429 स्पेशल माल्दा टाउन से 20 और 27 मार्च को रवाना होगी। माल्दा टाउन से सुबह 9:05बजे यह टेन रवाना होकर लखनऊ रात 3:50 बजे होते हुए दोपहर 2:20 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन 03430 स्पेशल आनंद विहार टर्मिनल से 21 और 28 मार्च शाम 5:10 बजे चलकर रात 2:55 बजे लखनऊ होते हुए अगले दिन रात 11:50 बजे माल्दा टाउन पहुंचेगी।ट्रेनों में जगह पाने के लिए ऐसे धक्का-मुक्की कर बोगियों में चढ़ते है यात्री
  
Today (16:28)  हाइपरलूप ट्रेन चलाने को भारत की पांच कंपनियां इच्छुक (epaper.jagran.com)
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News Entry# 295056     
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Mar 01 2017 (16:28)
Station Tag: Lokmanya Tilak Terminus/LTT added by ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~/206964

Mar 01 2017 (16:28)
Station Tag: New Delhi/NDLS added by ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~/206964

Posted by: ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~  5045 news posts
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जाब्यू, नई दिल्ली : विमानों जैसी रफ्तार वाली हाइपरलूप ट्रेन प्रणाली को हकीकत की जमीन पर उतारने में पांच भारतीय कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। इनमें डिनक्लिक्स ग्राउंडवर्क्‍स कंपनी दिल्ली-मुंबई हाइपरलूप का निर्माण करना चाहती है। हाइपरलूप ट्रेन 1317 किलोमीटर की इस दूरी को मात्र 55 मिनट में पूरा करेगी।1अन्य कंपनियों में ऐकॉम ने 334 किलोमीटर लंबे बंगलूर-चेन्नई रूट का प्रस्ताव दिया है। हाइपरलूप यह दूरी केवल 20 मिनट में तय करेगी। लक्स हाइपरलूप नेटवर्क ने बेंगुलुरु-तिरुवनंतपुरम के 636 किलोमीटर के रूट में रुचि दिखाई है। हाइपरलूप इसे 41 मिनट में तय करेगी। हाइपरलूप इंडिया मुंबई-बंगलूर-चेन्नई के 1102 किलोमीटर लंबे रूट को 50 मिनट में पूरा करने के लिए काम करना चाहती है। इसी तरह इंफी-अल्फा ने
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334 किलोमीटर लंबे बंगलूर-चेन्नई रूट को 20 मिनट में पूरा करने के लिए हाईपरलूप कॉरीडोर बनाने का दावा पेश किया है। इन सभी कंपनियों ने हाइपरलूप ट्रेनों के जरिये यात्री एवं माल परिवहन में सालाना 15 फीसद बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। 1हाइपरलूप तकनीक में अग्रणी कंपनी हाईपरलूप-वन ने दुनिया भर के देशों से इस तकनीक की परियोजनाओं में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था। जिसके जवाब में 90 देशों से 2600 कंपनियों ने अपने प्रस्ताव भेजे थे। इनके मूल्यांकन के बाद जिन 26 अरब डॉलर के संभावित निवेश वाले 35 प्रस्तावों को गंभीर माना गया है। इनमें भारत की सर्वाधिक कंपनियां शामिल हैं। हाइपरलूप तकनीक अभी अभिकल्पना के स्तर पर है। इसे व्यावहारिक शक्ल दिया जाना बाकी है। लेकिन हाइपरलूप-वन को पूरा भरोसा है कि एक बार इसका पायलट प्रोजेक्ट तैयार हो गया तो यह तकनीक पूरी दुनिया में छा जाएगी। भारत के अलावा अमेरिका और दुबई में भी इस तकनीक पर काम हो रहा है। हाइपरलूप चुंबकीय शक्ति पर आधारित तकनीक है। जिसके तहत खंभों के ऊपर (एलीवेटेड) पारदर्शी ट्यूब बिछाई जाती है। इसके भीतर बुलेट जैसी शक्ल की लंबी सिंगल बोगी हवा में तैरते हुए चलती है।
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