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Mon May 22, 2017 23:05:01 ISTHomeTrainsΣChainsAtlasPNRForumGalleryNewsFAQTripsLoginFeedback
Mon May 22, 2017 23:05:01 IST
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Trains in the News    Stations in the News   
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Today (07:47)  Examinees ransack New Jalpaiguri station on being denied residential arrangements (indianexpress.com)
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Major Accidents/DisruptionsNFR/Northeast Frontier  -  

News Entry# 303221   Blog Entry# 2286956     
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May 22 2017 (07:47)
Station Tag: New Jalpaiguri/NJPS added by Rail Fanning~/718429

Posted by: Rail Fanning~  144 news posts
Irate examinees on Sunday went on the rampage at New Jalpaiguri railway station ransacking the station master’s office, damaging an engine and two AC coaches and trying to set fire to the station, after being denied arrangements to stay overnight at the station. NF Railway Area Manager Parthasarathi Shil said over one lakh examinees from Bihar had arrived in Siliguri on Saturday to appear for the examinations for the Group-D posts conducted by the West Bengal government at various centres in north Bengal. They were on their way back home from New Jalpaiguri junction. However, no trains were available for the return journey Saturday, Shil said.
Examinees approached the station master on Saturday night and demanded arrangements for them to stay overnight
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at the station. However, they were allegedly chased away by the RPF, sources said. Agitated candidates went on rampage the following morning. They ransacked several platforms and the station master’s office, burnt tyres on the tracks, held up the Awadh-Assam express and damaged its engine and two AC coaches and tried to set fire to the station, Shil said.
The RPF together with the NJP police brought the situation under control. Several passengers, however, sustained injuries, the sources said. Shil said the damage to railway property was estimated at Rs one crore. The RPF has lodged an FIR against the agitators. Several superfast and long distance trains were held up as a result. These included Awadh-Assam express and Sealdah-Kamakhya express, sources said.
Agitation subdued at around 11 am Sunday after the Railways made arrangements for a special train to transport the examinees to Bihar, Shil said. Meanwhile, NJP Railway Passengers Welfare Committee President Dipak Mohanty alleged that the situation would not have taken an ugly turn had proper arrangements been made at the station for the examinees to stay.

  
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Today (07:50)
Rail Fanning~   2637 blog posts
Re# 2286956-1            Tags   Past Edits
It was mentioned that damage to railway property was estimated to be Rs. 1 crore and the RPF had lodged an FIR against the agitators.
What is the point of FIR when the candidates have all gone back to the home state ? In the whole bargain, railways has lost so much money through damage to its property. It is quite sad to see people having no care whatsoever and consider everything as their own property !

  
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Today (08:16)
S V Iyer*^~   13622 blog posts   12348 correct pred (64% accurate)
Re# 2286956-2            Tags   Past Edits
If this is how the recruits are to be then IR doesnt need auvh staff. Jinke naam pe FIR farj hua hai..seedha reject kar daalo.
Reason: Inappropriate behaviour.
  
Today (07:44)  55 मिनट विलंब से चली थी एलटीटी एक्सप्रेस (epaper.jagran.com)
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Major Accidents/Disruptions

News Entry# 303220     
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May 22 2017 (07:44)
Station Tag: Unnao Junction/ON added by TATA ROU JAT Exp Till Katra As Lauh Shakti Exp😊^~/1421836

May 22 2017 (07:44)
Train Tag: Lucknow - Mumbai LTT AC SF Express/22122 added by TATA ROU JAT Exp Till Katra As Lauh Shakti Exp😊^~/1421836

Posted by: TATA ROU JAT Exp Till Katra As Lauh Shakti Exp😊^~  471 news posts
प्रतापगढ़ इंटरसिटी व शटल आज निरस्त 1प्रतापगढ़ : उन्नाव रेल दुर्घटना के कारण प्रतापगढ़ आने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस व शटल ट्रेन को रविवार को निरस्त कर दिया गया। ऐसे में सोमवार को इंटरसिटी कानपुर और शटल ट्रेन लखनऊ नहीं जाएगी। नई दिल्ली से पुरी जाने वाली नीलांचल को बदले रूट कानपुर से वाया इलाहाबाद चलाया गया।1एटीएस टीम छानबीन में जुटी1लखनऊ : मुंबई से लखनऊ आ रही लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के उन्नाव में पटरी से उतर जाने के वजहों की छानबीन एटीएस टीम कर रही है। पुलिस मुख्यालय ने इस घटना में किसी भी यात्री के घायल न होने का दावा किया है।
Click here to enlarge image
जागरण
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संवाददाता, उन्नाव : दोपहर में कानपुर से लगभग 55 मिनट विलंब से यह ट्रेन लखनऊ के लिए चली थी। गंगाघाट, मगरवारा रेलवे स्टेशन से रनथ्रू निकलने के बाद उन्नाव पश्चिमी केबिन के पहले सिग्नल न मिलने से रफ्तार धीमी हो गई। इसी बीच सिग्नल मिला तो लोको पायलट 30 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से उन्नाव स्टेशन की तरफ बढ़ा। 1इंजन के पीछे लगे लगेज यान व कोच बी-1 प्लेटफार्म के अंतिम छोर पर पहुंचने वाले ही थे तभी अचानक तेज धमाके की आवाज के साथ ट्रेन के लहराने से यात्री सहम गए। कुछ गड़बड़ होने के अंदेशे से लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लिया लेकिन तब तक इंजन और उसके पीछे के दो कोच को छोड़ पीछे की 11 बोगियां पटरी से उतरकर प्लेटफार्म की दीवार से टकराते हुए उसी पर टिक गईं। हादसे को देखकर दूसरी ट्रेनों की प्रतीक्षा में खड़े यात्रियों में भगदड़ मच गई। 1इधर ट्रेन में रुकते ही उस पर सवार यात्री भी बाहर की तरफ भागे और कुछ ही मिनट में पूरी ट्रेन खाली हो गई। काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति रही। कुछ ही देर बाद राहत कार्य शुरू हुआ। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी तथा एडीआरएम एसके सपरा ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। उत्तर रेलवे के सीपीआरओ नीरज शर्मा ने बताया कि ट्रैक मेंटीनेंस के दौरान ट्रेन को कॉशन देकर निकाला जाना चाहिए था। ऐसा क्यों नहीं किया गया है, इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। ट्रैक बहाल करने को टीमें लगी हैं।1उन्नाव में लोकमान्य तिलक टर्मिनल ट्रेन डिरेल होने के बाद कुछ इस तरह से तोड़ा प्लेटफार्म।
  
Today (07:42)  एसी में कूलिंग कम ट्रेन आधा घंटा लेट (epaper.jagran.com)
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Major Accidents/DisruptionsNCR/North Central  -  

News Entry# 303219     
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May 22 2017 (07:42)
Station Tag: Allahabad Junction/ALD added by TATA ROU JAT Exp Till Katra As Lauh Shakti Exp😊^~/1421836

Posted by: TATA ROU JAT Exp Till Katra As Lauh Shakti Exp😊^~  471 news posts
जासं, इलाहाबाद : गोरखपुर से मुंबई जाने वाली गोरखपुर-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस (15018) में एसी के कूलिंग कम करने पर ट्रेन 30 मिनट तक इलाहाबाद जंक्शन पर खड़ी रही। ट्रेन करीब दो घंटे लेट प्लेट प्लेटफार्म नंबर नौ पर शाम को 6.23 मिनट पर पहुंची। ट्रेन पहुंचने पर रेलवे की तकनीकी टीम ने एस को चेक किया। वह कूलिंग कम कर रहा था। ट्रेन का ठहराव आधे घंटे था। एसी ठीक करने के कारण ट्रेन आधा घंटे अतिरिक्त स्टेशन पर खड़ी रही। 7.25 मिनट पर ट्रेन अपने गंतव्य के लिए रवाना होगी।1मुर्गा-मीट की अवैध दुकान की शिकायत: पूरा मनोहरदास, अकबरपुर में रहने वाली राहिला बेगम ने पुलिस अधिकारियों और नगर आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की है कि उनके मकान की एक दुकान में अवैध रूप से मुर्गा और मीट की बिक्री की जा रही है। इससे किसी भी दिन हंगामा हो सकता है। गयासुद्दीन की प}ी राहिला का कहना है...
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कि मुर्गे का कटा हुआ मांस फेंके जाने से घर के सभी लोग बीमार हो रहे हैं। राहिला का आरोप है कि काजी सरवत हुसैन से दुकान हटाने को कहा गया तो वह धमकी दे रहा है।1पांच से चलेगी कार्यशाला : प्रयाग संगीत समिति में ग्रीष्मकालीन कार्यशाला पांच जून से शुरू होगी।जासं, इलाहाबाद : गोरखपुर से मुंबई जाने वाली गोरखपुर-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस (15018) में एसी के कूलिंग कम करने पर ट्रेन 30 मिनट तक इलाहाबाद जंक्शन पर खड़ी रही। ट्रेन करीब दो घंटे लेट प्लेट प्लेटफार्म नंबर नौ पर शाम को 6.23 मिनट पर पहुंची। ट्रेन पहुंचने पर रेलवे की तकनीकी टीम ने एस को चेक किया। वह कूलिंग कम कर रहा था। ट्रेन का ठहराव आधे घंटे था। एसी ठीक करने के कारण ट्रेन आधा घंटे अतिरिक्त स्टेशन पर खड़ी रही। 7.25 मिनट पर ट्रेन अपने गंतव्य के लिए रवाना होगी।1मुर्गा-मीट की अवैध दुकान की शिकायत: पूरा मनोहरदास, अकबरपुर में रहने वाली राहिला बेगम ने पुलिस अधिकारियों और नगर आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की है कि उनके मकान की एक दुकान में अवैध रूप से मुर्गा और मीट की बिक्री की जा रही है। इससे किसी भी दिन हंगामा हो सकता है। गयासुद्दीन की प}ी राहिला का कहना है कि मुर्गे का कटा हुआ मांस फेंके जाने से घर के सभी लोग बीमार हो रहे हैं। राहिला का आरोप है कि काजी सरवत हुसैन से दुकान हटाने को कहा गया तो वह धमकी दे रहा है।1पांच से चलेगी कार्यशाला : प्रयाग संगीत समिति में ग्रीष्मकालीन कार्यशाला पांच जून से शुरू होगी।
  
Today (07:38)  पहले सफर से पहले ही तेजस के शीशे तोड़े (epaper.jagran.com)
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IR AffairsCR/Central  -  

News Entry# 303218     
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May 22 2017 (07:38)
Station Tag: New Delhi/NDLS added by TATA ROU JAT Exp Till Katra As Lauh Shakti Exp😊^~/1421836

Posted by: TATA ROU JAT Exp Till Katra As Lauh Shakti Exp😊^~  471 news posts
जेएनएन, नई दिल्ली1देश की पहली तेजस एक्सप्रेस के मुंबई से गोवा के बीच चलने से पहले ही उसके कोचों की खिड़कियों के शीशे लोगों ने तोड़ दिए। ट्रेन के कोचों को किन लोगों ने पहुंचाया, यह फिलहाल साफ नहीं है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु सोमवार को हरी झंडी दिखाकर इसे मुंबई से रवाना करेंगे।1तेजस एक्सप्रेस के रैक को पहली यात्र के लिए शनिवार को दिल्ली से मुंबई के लिए रवाना किया गया था। लेकिन, इस दौरान लोगों ने उसके कोचों के शीशे क्षतिग्रस्त कर दिए। हालांकि, इस घटना को मध्य रेलवे के महाप्रबंधक डीके शर्मा ज्यादा गंभीर नहीं मानते। उनका कहना है पहली औपचारिक यात्र से पहले इसे ठीक कर लिया जाएगा। बता दें कि इस ट्रेन को चलाने की घोषणा बजट में की गई थी और इसे जल्द ही दिल्ली-चंडीगढ़ और दिल्ली-लखनऊ मार्ग पर भी चलाया जाएगा।1ट्रेन में सुविधाएं : कपूरथला कोच फैक्ट्री में निर्मित इस ट्रेन के कोच अत्याधुनिक...
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सुविधाओं से लैस हैं। पूरी तरह वातानुकूलित इस ट्रेन की हर सीट पर मनोरंजन के लिए एलसीडी स्क्रीन्स दी गई हैं। इन पर यात्री पैसेंजर लिस्ट के अलावा फिल्में भी देख सकेंगे। इसमें स्वचालित दरवाजे (ऑटोमैटिक डोर) और पूरी तरह बंद गैंगवे (डिब्बों को जोड़ने वाला रास्ता) होंगे। टेन में रोशनी के लिए ऊर्जा की बचत करने वाली एईडी का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा ट्रेन में सेंसर वाला पानी का टैप दिया गया है। 19 कोचों वाली इस ट्रेन में सीसीटीवी कैमरे, बायो वैक्यूम टॉयलेट, स्मोक एंड फायर डिटेक्शन सिस्टम और जीपीएस आधारित इन्फॉरमेशन डिस्प्ले सिस्टम भी लगाए गए हैं। ट्रेन की सीटों को भी विमान की बिजनेस क्लास सीटों की तरह बनाया गया है। सीटें काफी आरामदेह हैं। इसके अलावा ट्रेन में कर्मचारी को बुलाने के लिए बटन की सुविधा भी होगी। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने पहले कहा भी था कि तेजस भारत में रेल यात्र के अनुभव को पुन:परिभाषित करेगी।1हर कोच में वेडिंग मशीन : ट्रेन में खान-पान की व्यवस्था का जिम्मा इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन को दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रत्येक कोच में चाय और कॉफी की वेंडिंग मशीनों के अलावा जलपान की मेज की भी व्यवस्था की गई है।1मुंबई से रविवार को दिल्ली पहुंची नई तेजस एक्सप्रेस के टूटे मिले शीशे।
  
Today (07:35)  मेगा ब्लॉक के चलते कल कई ट्रेनें होंगी प्रभावित (epaper.jagran.com)
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Major Accidents/DisruptionsNR/Northern  -  

News Entry# 303217     
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May 22 2017 (07:35)
Station Tag: Babugarh/BBO added by TATA ROU JAT Exp Till Katra As Lauh Shakti Exp😊^~/1421836

May 22 2017 (07:35)
Station Tag: Hapur Junction/HPU added by TATA ROU JAT Exp Till Katra As Lauh Shakti Exp😊^~/1421836

Posted by: TATA ROU JAT Exp Till Katra As Lauh Shakti Exp😊^~  471 news posts
जासं, हापुड़ : हापुड़-बाबूगढ़ सेक्शन के पुल संख्या-58 पर गार्डर लगाने का काम मंगलवार को होगा। यह काम पांच घंटे तक बंद रखा जाएगा। रेलवे अफसरों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेगा ब्लॉक (कई घंटे रेलवे मार्ग बाधित रहना) के चलते एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग बदला जाएगा और कुछ पैसेंजर ट्रेनों को रोककर चलाया जाएगा। ऐसे में यात्रियों को बेहद कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है।1रेल पटरियों पर हो रहे हादसों को रोकने के लिए रेलवे द्वारा पटरियों की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा रेलवे के पुलों की भी मरम्मत की जा रही है। इस काम के तहत मंगलवार को मुरादाबाद मंडल के हापुड़-बाबूगढ़ सेक्शन के बीच स्थित पुल संख्या-58 पर गार्डर लगाने का काम किया जाएगा। इस काम को सफल बनाने के लिए पांच घंटे तक ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। ट्रेनों का संचालन प्रभावित होने के कारण यात्रियों को...
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परेशानी का सामना भी करना पड़ेगा। 1पांच घंटे मार्ग बंद होने के कारण काठगोदाम से चलकर दिल्ली की ओर जाने वाली उत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को मुरादाबाद से वाया टपरी के रास्ते गाजियाबाद भेजा जाएगा। इसके अलावा मुरादाबाद-दिल्ली पैसेंजर को भी करीब आधा घंटा तक मुरादाबाद और गढ़मुक्तेश्वर के बीच रोककर चलाया जाएगा। ऐसे में इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को कठिनाई हो सकती है। इसके अलावा इंटरसिटी एक्सप्रेस, फैजाबाद एक्सप्रेस, शहीद एक्सप्रेस को थोड़ी देर के लिए मुरादाबाद से हापुड़ के बीच रोककर चलाया जाएगा। स्टेशन अधीक्षक एमआर मीणा ने बताया कि शनिवार को भी पुल संख्या-58 पर मेगा ब्लॉक लिया गया था। इसके चलते अवध-असम एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तन किया गया।जासं, हापुड़ : हापुड़-बाबूगढ़ सेक्शन के पुल संख्या-58 पर गार्डर लगाने का काम मंगलवार को होगा। यह काम पांच घंटे तक बंद रखा जाएगा। रेलवे अफसरों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेगा ब्लॉक (कई घंटे रेलवे मार्ग बाधित रहना) के चलते एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग बदला जाएगा और कुछ पैसेंजर ट्रेनों को रोककर चलाया जाएगा। ऐसे में यात्रियों को बेहद कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है।1रेल पटरियों पर हो रहे हादसों को रोकने के लिए रेलवे द्वारा पटरियों की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा रेलवे के पुलों की भी मरम्मत की जा रही है। इस काम के तहत मंगलवार को मुरादाबाद मंडल के हापुड़-बाबूगढ़ सेक्शन के बीच स्थित पुल संख्या-58 पर गार्डर लगाने का काम किया जाएगा। इस काम को सफल बनाने के लिए पांच घंटे तक ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। ट्रेनों का संचालन प्रभावित होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना भी करना पड़ेगा। 1पांच घंटे मार्ग बंद होने के कारण काठगोदाम से चलकर दिल्ली की ओर जाने वाली उत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को मुरादाबाद से वाया टपरी के रास्ते गाजियाबाद भेजा जाएगा। इसके अलावा मुरादाबाद-दिल्ली पैसेंजर को भी करीब आधा घंटा तक मुरादाबाद और गढ़मुक्तेश्वर के बीच रोककर चलाया जाएगा। ऐसे में इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को कठिनाई हो सकती है। इसके अलावा इंटरसिटी एक्सप्रेस, फैजाबाद एक्सप्रेस, शहीद एक्सप्रेस को थोड़ी देर के लिए मुरादाबाद से हापुड़ के बीच रोककर चलाया जाएगा। स्टेशन अधीक्षक एमआर मीणा ने बताया कि शनिवार को भी पुल संख्या-58 पर मेगा ब्लॉक लिया गया था। इसके चलते अवध-असम एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तन किया गया।
  
Today (07:32)  आइटीओ से कश्मीरी गेट के बीच जल्द रफ्तार भरेगी मेट्रो (epaper.jagran.com)
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New Facilities/TechnologyDMRC/Delhi Metro  -  

News Entry# 303216   Blog Entry# 2287149     
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May 22 2017 (07:32)
Station Tag: New Delhi/NDLS added by TATA ROU JAT Exp Till Katra As Lauh Shakti Exp😊^~/1421836

Posted by: TATA ROU JAT Exp Till Katra As Lauh Shakti Exp😊^~  471 news posts
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली: हेरिटेज लाइन (केंद्रीय सचिवालय से कश्मीरी गेट) पर आइटीओ से कश्मीरी गेट के बीच अब जल्द मेट्रो का परिचालन शुरू होगा। सोमवार को मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त इस नवनिर्मित मेट्रो लाइन की सुरक्षा मानकों की तकनीकी जांच करेंगे। सब कुछ ठीक रहा तो तकनीकी जांच के बाद मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त से जल्द ही दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) को अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल जाएगा। उम्मीद है कि इस महीने ही आइटीओ से कश्मीरी गेट के बीच मेट्रो ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा। 1यह मेट्रो लाइन 9.37 किलोमीटर लंबी हेरिटेज लाइन का हिस्सा है। हेरिटेज लाइन पर केंद्रीय सचिवालय से आइटीओ के बीच पहले ही मेट्रो का परिचालन शुरू हो चुका है। आइटीओ से कश्मीरी गेट के बीच पिछले साल नौ अगस्त को मेट्रो का ट्रायल शुरू किया गया था। तब 2016 के अंत तक इस पर परिचालन शुरू करने के लिए डीएमआरसी ने समय सीमा...
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तय की थी। लेकिन स्टेशनों के निर्माण में देरी के चलते परिचालन शुरू नहीं किया जा सका। हालांकि यह मेट्रो लाइन अप्रैल महीने में बनकर पूरी तरह तैयार हो गई। लेकिन नगर निगम चुनाव के मद्देनजर चुनाव आचार संहिता के कारण मेट्रो परिचालन शुरू करने में और देरी हुई। मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त सोमवार व मंगलवार को इस मेट्रो लाइन के सिग्नल सिस्टम, स्टेशनों आदि की तकनीकी जांच करेंगे। इसके बाद मेट्रो का परिचालन शुरू करने का रास्ता साफ हो जाएगा। 1मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे ऐतिहासिक स्थल : इस नवनिर्मित मेट्रो लाइन पर चार स्टेशन हैं। जिसमें दिल्ली गेट, जामा मस्जिद, लाल किला और कश्मीरी गेट शामिल हैं। आइटीओ से कश्मीरी गेट के बीच मेट्रो का परिचालन शुरू होने से दिल्ली गेट, जामा मस्जिद व लाल किला जैसे ऐतिहासिक स्थल मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। इस मेट्रो लाइन पर परिचालन शुरू होने से दिलशाद गार्डेन, रोहिणी व जहांगीरपुरी की तरफ से आइटीओ पहुंचना आसान हो जाएगा। क्योंकि वर्तमान समय में दिलशाद गार्डेन व रोहिणी की ओर से आइटीओ पहुंचने वाले लोगों को पहले कश्मीरी गेट और फिर केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन बदलनी पड़ती है। इसी तरह जहांगीरपुरी की ओर से आइटीओ पहुंचने वाले लोगों को केंद्रीय सचिवालय से ट्रेन बदलनी पड़ती है। हेरिटेज लाइन पर मेट्रो का परिचालन शुरू होने पर यात्री कश्मीरी गेट से जल्दी आइटीओ पहुंच सकेंगे।’>>इस नवनिर्मित मेट्रो लाइन पर सुरक्षा मानकों की जांच आज से 1’>>परिचालन को मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त से स्वीकृति का इंतजारजासं, पश्चिमी दिल्ली : द्वारका मेट्रो स्टेशन की रेलिंग से छलांग लगा रही युवती को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) और वहां मौजूद यात्रियों की सतर्कता से बचा लिया गया। घटना शनिवार की करीब साढ़े ग्यारह बजे दिन की है। स्टेशन पर मौजूद पुलिसकर्मियों को यात्री ने बताया कि एक युवती रेलिंग से छलांग लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिसकर्मी जब प्लेटफॉर्म पर पहुंचे तो देखा कि युवती को दो यात्री छलांग लगाने से रोकने में जुटे हैं। पुलिस ने युवती को काबू किया और उसकी काउंसिलिंगके बाद परिजनों को जानकारी दी।

  
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Today (10:26)
chandankumarsingh64~   626 blog posts
Re# 2287149-1            Tags   Past Edits
good news
  
Today (07:24)  Indian Railways: Darbhanga, New Delhi among dirtiest, busiest stations (www.business-standard.com)
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Commentary/Human Interest

News Entry# 303215     
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Posted by: rdb*^  129253 news posts
The survey was carried out by Quality Council of India. Similar survey will be done for 200 trains
The Visakhapatnam railway station is the cleanest, followed by Secunderabad, among the 75 most busy stations in the country.
According to a survey, the report of which was released by Railway Minister Suresh Prabhu in New Delhi on Wednesday, the Jammu railway station occupied the third spot, while the New Delhi station was ranked at 39 among the busiest stations.
The
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survey was carried out by the Quality Council of India.
The Darbhanga railway station in Bihar was the dirtiest among the busiest stations.
Clean toilets at platforms, clean tracks, and dustbins at stations were some of the criteria for judging railway stations for cleanliness.
This was the third survey on cleanliness done by the railways to keep a tab on rail premises as part of its 'Swachh Rail' campaign.
"We want all stations to be clean. There are many stations which have improved their cleanliness ranking from last time," Prabhu said after releasing the survey report.
The Anand Vihar railway station was ranked at the 5th position, while Nizamuddin and Old Delhi stations were placed at 23th and 24th position.
The railway station in Varanasi, the Lok Sabha constituency of Prime Minister Narendra Modi, was ranked at 14th position.
The survey was carried out for total 407 stations, out of which 75 are in the A-1 category or most busy stations and 332 are in the A category.
The Beas railway station was the cleanest, followed by Khammam, in the A category. Ahmednagar station was ranked at 3rd position.
While the Darbhanga railway station was at the 75th position in the A-1 category, Jogbani was the dirtiest in the A category.
The railways has about 8,000 stations which are classified into seven categories — A1, A, B, C, D, E and F based on their annual passenger revenue.
The stations which contribute more than Rs 50 crore a year in passenger revenue are considered to be A-1 stations. The A category stations contribute between Rs 6 crore and Rs 50 crore as annual passenger revenue.
All suburban stations are in C category, while all halts are in F category.The railways will now carry out a survey of 200 trains on cleanliness.
  
Today (07:23)  Watch: Why has railway travel become so dangerous recently in India? (video.scroll.in)
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Commentary/Human Interest

News Entry# 303214   Blog Entry# 2287475     
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Posted by: rdb*^  129253 news posts
Despite the cries of ‘sabotage’, the fault lies in over-using the system and under-investing in safety measures.
Here’s a shocking statistic. According to a 2012 government safety panel report, Indian Railways is involved in the deaths of nearly 15,000 people every year. By any standards, that’s a “massacre”.
Indian Railways takes pride in being the largest network in the world with 12,000 trains ferrying two crore people every day.
The
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majority of these deaths are caused either when people cross the railway tracks and are run over, or when trains collide or derail. Blame an inherent lack of safety concerns, negligence, chronic under-investment, and systemic factors.
In India, as much as 40% of the railway divisions currently run above the line capacity, according to a paper issued by the Ministry of Railways. Line capacity is the number of trains a track can handle in 24 hours. Naturally, this compromises safety.

Between 1950 and 2016, there was acute under-investment in rail infrastructure, according to a Ministry of Railways report on “Safety and Security in Railways”. The passenger and freight traffic increased by 1,344% and 1,642%, respectively, against a meagre 23% expansion of route.
Another paper in the Physica journal stated that rail traffic in the Gangetic plains was so excessive that “if all trains were to travel in accordance with their schedule, then the present infrastructure would not be able to handle the resultant traffic flow.” This is cited as the reason for frequent delays and increase in collisions.
Indian Railways has upgraded its technology and adopted new methods of welding and testing its rails over the past few years, yet the traffic and congestion on the rails is too high to implement this technology properly.
Following the three disastrous railroad accidents depicted in the video (above), Finance Minister Arun Jaitley focused on reform and safety of the Indian Railways in this year’s Union budget. He announced the creation of a Rashtriya Rail Samraksha Kosh (Rail Safety Fund) with a five-year corpus of Rs 1 lakh crore, of which Rs 20,000 crore will be spent annually on safety-related work on the railways, including track renewal and signal upgrades.

  
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Today (13:02)
a2z~   789 blog posts
Re# 2287475-1            Tags   Past Edits
Some of the reasons for rly travel have become dangerous due to occurance of accidents & deaths:
(1) Too many trains jostling on limited tracks for green signal as not enough new tracks have been added to network. Between 1950-2016, Route was expanded by 23% only, where as increase in pax. & Freight traffic is 1344%, 1642%.
(2) Over burden on Rly employees as the train traffic has gone beyond the levels of manual handling. This lead to human errors.
(3) Over
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crowding in trains as not enough new trains have been introduced. Paxs fall from running trains & during boarding/alighting.
(4) Not using latest signaling systems with provision of warning and auto application of brakes
(5) Delayed and improper adoption of new technologies to improve safety, reliability & capacity
(6) Poor law and order situation & lack of safety awareness among people in many parts of our country.
(7) The sabotageous activities by Naxalites/ foreign-terrorists is also a menace
(8) Misplaced priorities of IR where investment in safety/capacity augmentation takes back seat and populism prevails.
  
Today (07:22)  Suresh Prabhu targets Rs 2 lakh crore revenue for railways in 2 years (economictimes.indiatimes.com)
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Commentary/Human Interest

News Entry# 303213   Blog Entry# 2287534     
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Posted by: rdb*^  129253 news posts
NEW DELHI: Railways Minister Suresh Prabhu is putting in place a short-term plan to increase rail revenue to Rs 2 lakh crore in next two years.
The target looks like a tall order given that currently railways has an annual revenue of Rs 1.7 lakh crore and growth in passenger and freight segments have been tepid.
However, the rail board and the minister are hopeful that it could be achieved by detailed planning and a more focused market approach. If achieved, the increased revenue will bring down the railway operation ratio
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to healthier levels of 90-91%.
“We have already brought down freight rates so that we can increase market shares,” a top rail official said. “Also, with our new and improved passenger train services, we could gradually be preferred mode for India's rising middle class for short and medium distances of travel.”
As per the roadmap, the national transporter will launch more super premium trains on high traction routes. The fares of these trains are going to be more than those of Rajdhani and Shatabdi, the official said. The target is to take the passenger revenue to Rs 56,000 crore from Rs 50,000 crore in the next two years, the person said. The railways also plans to increase the number of air-conditioned coaches on existing trains as the demand for the third AC class is rising.
Railway wants its trains to be profitable sector wise, just like airlines, and hence is focusing on ramping up capacity in sectors where there is demand and where passengers are willing to pay surge prices during the peak season, the official said. The national transporter also wants to wipe out the huge passenger subsidy burden gradually and has been pushing for more funds from the finance ministry.
Another target that minister Prabhu has set is to boost non-fare revenues that basically include revenues from advertising and monetisation of rail assets. The target is to get more than 10% of total revenue from this segment, the official said.
With its newly launched non fare policy, which includes private brands and ecommerce firms tying up to use railways’ assets for advertising and other commercial exploitation, railways expects to get more than Rs 20,000 crore annually.
It also plans to expand its freight basket to boost revenues. “The focus will be to reduce reliance on coal, which is currently almost 45% of total revenue,” the official said.
“We want to tap the auto transportation market. We are already designing new rakes for auto sector which would improve our service and capacity,” the official said. “The demand for iron ore and steel is picking up. I think for the next two years, we'll see a lot of revenue from these segments,” the person said.
The railway is also banking on the two dedicated freight corridors — eastern and western — being built at an investment of Rs 80,000-crore, which will add 3,300 km of fresh capacity to the rail network and will take away almost 70% of freight traffic from the existing network.
“These freight corridors will decongest the existing network, after which we'll be able to run semi-high speed trains on corridors such as Delhi-Mumbai and Delhi-Howrah,” an official from railway traffic services said. “It could lead to a huge boost in passenger revenue,” the person said.

  
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Today (13:32)
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Re# 2287534-1            Tags   Past Edits
ADDITIONAL REVENUE GENERATION:- AN UPHILL TASK FOR IR
(1) IR is trying to collect more revenue from pax (50000Cr to 56000Cr in 2 years) by introducing more premium trains with higher fares like Tejas, is not likely to be successful. Success of these trains is possible if the surcharge is kept within reasonable limits.
(2) Proposal of attaching more and more ACIII coaches in existing trains which are in very high in demand and give maximum profits to IR is commendable.
(3) Boosting
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non-fare revenues (advertising and monetisation of rail assets) is the grey area with huge potential, but IR has so far achieved limited success in this area. Innovative Marketing skills are required to tap this highly potent source.
(4) With revenue prospects from bulk coal transport (the main stay of IR revenue) getting dried up, introduction of RORO, Rail-Roader on a large scale is necessary to tap high value unconventional freight.
(5) Long term plan to rationalize non ac fare step by step like raising fare by 1.5-2% per month for next few years so that the subsidy goes down to a manageable level. Such increment has been done previously by Govt. in price of Diesel/Petrol. Similarly such step by step proce rise could be affected in AC classes to take care of inflation and to ensure reasonable profits from these classes.
(6) Prioritisation & quick commissioning of profitable projects, and going slow on loss making ones, is necessary to boost revenue of IR in coming years.
  
Today (07:22)  Assam: Two derailments, 1 shutdown after Railways ignored safety warning (indianexpress.com)
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Major Accidents/DisruptionsNFR/Northeast Frontier  -  

News Entry# 303212   Blog Entry# 2287548     
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Posted by: rdb*^  129253 news posts
Assam line in operation after corrective steps taken: Railways
WARNING OF “catastrophic disaster”, the Commissioner of Railway Safety (CRS) concluded in the middle of 2015 that the Lumding-Silchar broad-gauge link in Assam, a key arterial track in the Northeast, posed a “danger to travelling public”.
This was the first red flag. Documents examined by The Indian Express show that at least three other senior Railway officials cited the safety warning to raise objections over the line. But the Railway Ministry opened the line to passenger trains in November that year. Just four months
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later, the line had to be shut for three months following two back-to-back derailments of passenger trains amid landslides and rainfall — there were no casualties.
The line was re-opened in August 2016, after some corrective measures were taken, and the track has been in operation since then.
When contacted, H K Jaggi, general manager, Northeast Frontier Railway Construction Organisation (NFRCO), which built the line, said, “There were derailments due to slippage in the ghat section, which is common. The line has been functioning without any incident for over a year now. Now we have identified 14 locations for patrolling… instrumentation in many places has also been done.”
The link has 79 major and 340 minor bridges, and 21 tunnels. In his report, submitted in July 2015, S Nayak, the CRS, wrote: “Having inspected the Broad Gauge line…and having various technical discussions with Railway officials including detailed correspondences made with Railway Administration, I am of the opinion that the newly converted BG single line between New Haflong-Ditokcherra-Badarpur-Silchar can’t be opened for passenger traffic without danger to travelling public…”
The clearance by CRS, a statutory safety regulator under the Civil Aviation Ministry, is mandatory for opening any line for passenger operations.
On April 19, 2016, eight months after the CRS report, the Chief Bridge Engineer shut the line for two days for passenger trains, citing safety issues. On April 23, the Poorvottar Sampark Kranti Express from New Delhi to Silchar derailed between Ditokcherra and Banderkhal. On April 26, the train, on its return leg, derailed between Mahur and Phiding.
The 210-km section provides subsequent connectivity to Manipur on one side and Mizoram on the other. Lumding and Silchar were originally connected by a metre gauge line. The broad gauge project started around 1997, as part of a Rs 3,500-crore National Project. However, around 52 km of the new line was diverted through a geologically challenging stretch in the hills of the Indo-Burma range.
Stressing that any corrective measure would only bring “limited relief”, Nayak’s report stated: “The stability of the formation, tunnels, bridges, need to be holistically reviewed by a team of experts in geo-technology and structural engineering both in-house and from outside to formulate Action Plan for immediate short term and long term satisfactory performance… any failure in the critical section [New Haflong-Ditokcherra hill section] has potential for a catastrophic disaster, Railway Administration is urged to consider every possible risk and systematically address its mitigation.”
Following the CRS verdict, the NFRCO sent a letter to the Railway Board claiming that Nayak’s observations had been complied with. But this letter, sent within a week after the CRS report was received, did not include the consent of two key officials concerned — the Chief Bridge Engineer and the Chief Track Engineer.
On July 29, 2015, records show, the Railway Board sanctioned the opening of the line by “condoning” some of the relatively minor issues flagged by the CRS, such as non-standard length of sleeper and non-provision of “catch-siding and slip siding”.
Then came the second and third red flags. The then general manager of Northeast Frontier Railway, R S Virdi, refused to open the line stating that the CRS stipulations had not been fully complied with. R K Gupta, who succeeded Virdi, refused to move on the line, too, citing the same reason.
Following Gupta’s departure in October, the line was opened after a safety certificate was obtained from the new zonal general manager, based on a report from the NFRCO, which asserted that stipulations laid down by the CRS had been complied with.
However, within a few months, a fourth red flag came up, this time from the Chief Bridge Engineer of the Northeast Frontier Railway, Alok Kumar Verma.
In January 2016, in an internal note to the general manager, Verma wrote: “…the conditions for stability are most unfavourable and there is a serious threat to the safety of trains from the instability of the bridges, tunnels and high cuttings/embankments which together comprise 90 per cent of the route length… Unfortunately, geology has been cursorily dealt with in deciding the location and alignment….”
Officials told The Indian Express that the old meter gauge line was on the Meghalaya Plateau, where the tracks had “a solid footing”. Parts of the new “diverted alignment”, between New Haflong and Ditokcherra, is on an area mainly formed of shale, the soft sedimentary rock formed from consolidated mud or clay, they said.
When contacted, V K Gupta, the then Railway Board Member (Engineering), who is credited with completing the gauge conversion, denied that safety issues were overlooked.
“It never happens that the CRS says the line is unsafe and the Railways overrules it. The CRS might make certain observations, but they are complied with following which the lines are opened,” he said.
“The general manager signs the safety certificate and it carries signatures of at least 25 other senior officials of the zonal railways. If point A has to be connected with point B, many things can come in the way, be it folds, be it faults,” said Gupta.
“The area in question sees rainfall for six months during which time there might be landslides and other things. But there is a difference between a line being structurally unsafe and routine maintenance issues. The old meter gauge line used to be shut for months,” he said.
Official sources claimed that the Railway Ministry was “in a hurry” to open the line because the Assam assembly elections were due in April 2016, but Gupta denied this charge. Incidentally, after his retirement from service in 2016, Gupta was appointed as an advisor to Railway Minister Suresh Prabhu.
Speaking to The Indian Express, Aditya Kumar Mittal, who succeeded Gupta as Railway Board Member (Engineering), said, “The matter you are referring to happened much before I took charge, but I can tell you generally that the Himalayas have an unpredictable geology and there can be surprises. But that’s a natural phenomenon everywhere. Now if you see, the line is functional without any problems.”

  
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a2z~   789 blog posts
Re# 2287548-1            Tags   Past Edits
There can never be any compromise with the quality of work (Construction, Operation as well as maintenance) in IR. Any compromise means accident, loss of lives, breakdown of services, huge financial losses etc.
Lumding-Silchar G/C, Kashmir valley Rly project etc are the burning examples which speak loudly of the losses of undue hurry normally shown to complete projects as soon as possible.
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