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News Entry# 286879
  
Nov 26 2016 (22:03)  जो मिला उसे ही पकड़ा दी ट्रेन! जो मिले उसे लो’ का विकल्प अपना यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे (epaper.jagran.com)
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IR AffairsNR/Northern  -  

News Entry# 286879     
   Tags   Past Edits
Nov 26 2016 (10:03PM)
Station Tag: New Delhi/NDLS added by ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~/206964

Nov 26 2016 (10:03PM)
Station Tag: Lucknow Charbagh NR/LKO added by ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~/206964

Posted by: ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~  5256 news posts
जो मिले उसे लो’ का विकल्प अपना यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे1
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संजय सिंह, नई दिल्ली1रथी की कुशलता बहुत कुछ सारथी पर निर्भर करती है। यदि सारथी कुशल है तो भीषण खतरे में भी रथी को सुरक्षित बचा लेता है। लेकिन रेलवे में कुशल सारथी की कोई गारंटी नहीं। क्योंकि यहां नियमों की अनदेखी कर अक्सर
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ऐसे लोको पायलटों को ट्रेन की कमान थमा दी जाती है जो इस लायक नहीं होते। खुद रेलवे बोर्ड ने यह बात स्वीकार की है। 1रेलवे में किसी ट्रेन के लिए चालक दल (क्रू) के बारे में निर्णय क्रू मैनेजमेंट सिस्टम से होता है। क्रिस द्वारा तैयार इस व्यवस्था में क्रू चयन के दो विकल्प हैं। एक-फेच क्रू ऑल यानी जो मिले ले लो और दूसरा-फेज क्रू ऐज पर रूल। यानी नियमानुसार लो। लेकिन इस व्यवस्था का जमकर दुरुपयोग हो रहा है। ज्यादातर जोन फेच ऐज पर रूल के अनुसार क्रू का चयन कर रहे हैं।1इसका पता रेलवे बोर्ड की समीक्षा से चला है। यह समीक्षा इस साल जून में क्रू मैनेजमेंट सिस्टम के कार्यान्वयन की स्थिति का पता लगाने के लिए की गई थी। इसमें पाया गया कि ज्यादातर जोनों (16 में से 13 जोन) ने अधिकांश मौकों 36-97 फीसद तक, औसतन 67 फीसद) फेच आल विकल्प के तहत क्रू का चयन किया। यानी जो ड्राइवर मौके पर मिले उन्हें ही ट्रेन की कमान सौंप दी गई। बिना जांचे-परखे कि उन्हें उस ट्रेन और रूट की पूरी समझ है भी या नहीं। इस मामले में केवल दक्षिण-मध्य रेलवे अपवाद है जिसने 95.61 फीसद मौकों पर फेच ऐज पर रूल का पालन किया। क्या यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ का इससे बड़ा प्रमाण मिल सकता है? 1समीक्षा में कमोबेश यही रुख मालगाड़ियों के मामले में भी दिखाई दिया है। हालांकि मालगाड़ियों की कमान अनुपयुक्त लोको पायलट के हाथ होने से अभी उतना खतरा नहीं दिखाई देता, जितना यात्री गाड़ियों के मामले में दिखता है।16‘जो मिले उसे लो’ का विकल्प अपना यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे
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