News Super Search
 ♦ 
×
Member:
Posting Date From:
Posting Date To:
Category:
Zone:
Language:
IR Press Release:

Search
  Go  
Full Site Search
  Search  
 
Wed Jun 28, 2017 21:15:08 ISTHomeTrainsΣChainsAtlasPNRForumGalleryNewsFAQTripsLoginFeedback
Wed Jun 28, 2017 21:15:08 IST
Advanced Search
Trains in the News    Stations in the News   
<<prev entry    next entry>>
News Entry# 287359
  
Dec 01 2016 (20:07)  कानपुर आएंगी नोटों से भरी ट्रेनें आरबीआई की रणनीति (epaper.livehindustan.com)
back to top
New/Special TrainsNCR/North Central  -  

News Entry# 287359     
   Tags   Past Edits
Dec 01 2016 (8:07PM)
Station Tag: Kanpur Central/CNB added by ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~/206964

Posted by: ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~  5920 news posts
बैंकों में कैश के संकट से निपटने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने किए खास इंतजाम
’ कम होगा दिसंबर के पहले हफ्ते में वेतन का दबाव, 7200 करोड़ की नई करेंसी पहुंची
’ नकदी पहुंचाने के लिए 3 विशेष ट्रेनें, आपत स्थिति में सेना के दो हेलीकॉप्टर मंगाए जाएंगे
अबतक 7200 करोड़ की करेंसी बैंकों तक पहुंची
कानपुर।
...
more...
प्रमुख संवाददाता बैंकों में कैश खत्म होने के बाद पैदा हुए गंभीर संकट से निपटने के रिजर्व बैंक ने खास इंतजाम किए हैं। इसके तहत ट्रेनों से नोट मंगाने का फैसला किया गया है। मैसूर, नासिक और देवास के मिंट से सीधे कैश सप्लाई के लिए तीन विशेष ट्रेनें कानपुर आएंगी तो दूसरी तरफ आपात स्थिति में सेना के दो हेलीकॉप्टरों से भी कैश मंगाने की व्यवस्था फाइनल हो गई है। आईबीआई के मुताबिक दिसंबर के पहले हफ्ते में वेतन का दबाव बैंकों में कम करने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां की गई हैं।देश में चार बैंक नोट प्रेस और चार टकसाल हैं। नोट देवास (मध्य प्रदेश), नासिक (महाराष्ट्र), सालबोनी (पश्चिम बंगाल)और मैसूर (कर्नाटक) के मिंट में छापे जाते हैं। आरबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक देवास में 20, 50, 100, 500 रुपए के नोट छपते हैं। नासिक में 10, 50, 100 के नोट छापे जाते हैं। मैसूर में 1000 के नोट छापे जाते थे लेकिन इसके बंद होने के बाद वहां 2000 के नोट छापे जा रहे हैं। उनके मुताबिक एक से दस दिसम्बर तक वेतन और पेंशन का बैंकों पर जबर्दस्त दबाव रहेगा। इससे निपटने के लिए आम दिनों की तुलना में बीस फीसदी ज्यादा कैश की जरूरत होगी। साथ ही कैश फ्लो भी मेनटेन रखना होगा। इसे लेकर मुम्बई स्थित सेंट्रल ऑफिस को लगातार फीडबैक दिया जा रहा था। इस समस्या से निपटने के लिए रिजर्व बैंक ने पहले से ही डिप्टी गवर्नर एसएस मुंद्रा के नेतृत्व में क्रैक टीम गठित कर दी थी। कानपुर की रिपोर्ट भी उन्हीं के पास भेजी जा रही थी। चूंकि यूपी के आधे हिस्से और उत्तराखंड को मुद्रा की सप्लाई कानपुर से ही होती है इसलिए सेंट्रल ऑफिस ने यहां करेंसी सप्लाई के लिए खास बंदोबस्त किए हैं। आरबीआई कानपुर में सात दिन के अंदर नकदी पहुंचाने के लिए मैसूर और नासिक से स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। जरूरत पड़ने पर तीसरी ट्रेन देवास से नोट लेकर आएगी। इन ट्रेनों की बोगियों को हाईटेक सिस्टम से लैस किया गया है। पटना आरबीआई में सोमवार को हेलीकॉप्टरों से कैश पहुंचाया जा चुका है। क्रैक टीम ने तैयार की ओवरलोड रिपोर्टडिप्टी गवर्नर मुंद्रा के नेतृत्व में गठित टीम ने सात दिसम्बर तक के वेतन पर फोकस किया है। टीम की रिपोर्ट के मुताबिक सात तारीख तक नकदी की मांग 80 फीसदी तक बढ़ेगी। इस तरह से शहरों और ग्रामीण इलाकों की कैटेगरी तैयार की गई है। इन इलाकों की बीते छह महीने के ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड के आधार पर उन्हें सीमित मात्र में अतिरिक्त कैश भेजने का प्लान तैयार किया गया है। बैंकों को डिजिटल बैंकिंग प्रचार के निर्देश रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि अपने ग्राहकों को भुगतान करने के लिए ज्यादा से ज्यादा डिजिटल पेमेंट के बारे में बताएं। इसके लिए बैंकों को फोन सेवाएं, एसएएस सेवाएं और काउंटर सेवाएं और प्रचार करने के लिए कहा गया है। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि रातों-रात नोटों की संख्या नहीं बढ़ाई जा सकती है।
आरबीआई कानपुर से अभी तक आधे यूपी और उत्तराखंड में करीब 7200 करोड़ रुपए की करेंसी सप्लाई की गई है। दस दिसम्बर तक वेतन और पेंशन की मांग को देखते हुए कम से कम अतिरिक्त 1100 करोड़ की जरूरत पड़ेगी। यह रकम चौबीस हजार की सीमा तय होने के बाद है। इतना ही नहीं बैंकों से पैसा पब्लिक तक पहुंचाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने मानीटरिंग टीम गठित की है। इस टीम के अधिकारी शाखाओं का औचक निरीक्षण कर करेंसी चेस्ट, बैंक और काउंटर की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
Scroll to Top
Scroll to Bottom


Go to Mobile site
Disclaimer: This website has NO affiliation with the Government-run site of Indian Railways. This site does NOT claim 100% accuracy of fast-changing Rail Information. YOU are responsible for independently confirming the validity of information through other sources.