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Wed Mar 29, 2017 11:37:37 ISTHomeTrainsΣChainsAtlasPNRForumGalleryNewsFAQTripsLoginFeedback
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News Entry# 287731
  
रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने आज यानि 03 दिसंबर, 2016 महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में कोंकण रेलवे के सावंतवाडी रोड स्टेशन पर पायलट परियोजना का शुभारम्‍भ किया

स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने, महिलाओं को सशक्त बनाने और समावेशी विकास सुनिश्चित करने में एक महत्‍वपूर्ण कदम

ग्रामीण
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आय में वृद्धि के लिए एसएचजी द्वारा निर्मित उत्पादों का व्यापक ई-विपणन सुनिश्चित करने में नाबार्ड के साथ भागीदारी

ग्रामीण आबादी को बिना नगद लेनदेन प्रणाली के साथ एकीकृत कर उन्हें डिजिटल भारत पहल के दायरे में लाने में यह कदम महत्‍वपूर्ण

आईआरसीटीसी वाटर वेंडिंग मशीनों (डब्‍ल्‍यू वीएम) को लगाने और उनके संचालन में भी एसएचजी की मदद लेगी


स्‍वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को बढ़ावा देने के महत्‍वपूर्ण उपाय के तौर पर रेल मंत्रालय अपने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम भारतीय रेल खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के माध्‍यम से इन एसएचजी द्वारा बनाए जाने वाले क्षेत्रीय व्‍यंजन आईआरसीटीसी के ई-खानपान सेवा मंच पर यात्रियों के लिए उपलब्‍ध कराएगा। राष्‍ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से आईआरसीटीसी महिला आर्थिक विकास महामंडल और लुपिन मानव कल्‍याण अनुसंधान फाउंडेशन के साथ मिलकर कोंकण क्षेत्र में ‘फूड ऑन ट्रैक’ नाम से प्रसिद्ध अपनी लोकप्रिय ई-खानपान सेवा के जरिए रेल यात्रियों की सीट पर उन्‍हें कोंकणी व्‍यंजन उपलब्‍ध कराएगा। रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने इस पायलट परियोजना का आज यानि 3 दिसंबर, 2016, को महाराष्‍ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में कोंकण रेलवे के सावंतवाड़ी रोड स्‍टेशन पर शुभारंभ किया। यह कदम केन्‍द्रीय रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु के बजट घोषणा के अनुरूप उठाया गया है, जिसमें उन्‍होंने कहा था कि रेलवे मुख्‍य रूप से महिलाओं और युवाओं के स्‍वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्‍पादों को बढ़ावा देगा। इससे यात्रियो को न केवल घर पर बने स्‍थानीय स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक अलग-अलग व्‍यंजन प्राप्‍त होंगे, बल्कि इससे स्‍थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने, महिलाओं को सशक्‍त बनाने और समावेशी विकास सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। यह कदम कमजोर वर्ग के लोगों के लिए भी बड़े पैमाने पर सहायक होगा।
आईआरसीटीसी की नाबार्ड के साथ साझेदारी से एसएचजी द्वारा निर्मित उत्‍पादों का व्‍यापक ई-विपणन सुनिश्चित होगा, जिससे ग्रामीण आय बढ़ेगी।
पैनल में शामिल एचएचजी के मैन्‍यू और कीमतों की जानकारी ई-खानपान वेबसाइट www.ecatering.irctc.co.in. पर उपलब्‍ध कराई जाएगी, जिसे देखकर यात्री खाद्य सामग्री का चयन कर आर्डर दे सकते हैं। इससे एसएचजी के निरंतर विकास में मदद मिलेगी।
एसएचजी द्वारा निर्मित स्‍थानीय व्‍यंजन ई-खानपान प्रणाली पर उपलब्‍ध डोमिनोज, हल्‍दीराम, केएफसी और सर्वणा भवन जैसी लोकप्रिय खाद्य कंपनियों के व्‍यंजनों के अतिरिक्‍त होंगे।
ई-खानपान सेवा के जरिए ग्रामीण आबादी को बिना नगद लेनदेन प्रणाली के साथ एकीकृत करने में यह एक महत्‍वपूर्ण कदम है। इसके अंतर्गत इन एसएचजी की सेवाओं के लिए ऑनलाइन भुगतान के जरिए धन सीधे उनके खातों में डाल दिया जाएगा। यह न केवल यात्री अनुकूल प्रौद्योगिकी है, बल्कि इससे एसएचजी को भी भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के दायरे में लाया जा सकेगा।
आईआरसीटीसी की बाराबंकी (उत्‍तर प्रदेश) में भी ई-खानपान सेवा में एसएचजी को शामिल करने की इसी प्रकार की परियोजना के लिए नाबार्ड के साथ सहयोग करने की योजना है। यह योजना जनवरी, 2017 से शुरू हो जाएगी।
ई-खानपान प्रणाली के तहत यात्री अपने भोजन का भुगतान ऑनलाइन कर सकते हैं और उन्‍हें भारी नगद राशि अपने साथ रखने की आवश्‍यकता नहीं है। वे अपने क्रेडिट/डेबिट कार्ड के अलावा मोबिवीक और पेटीएम जैसे ई-वॉलेट से भी भुगतान कर सकते हैं। भोजन की ऑनलाइन बुकिंग एंड्रायड और आईओएस आधारित एप्लिकेशन के जरिए भी की जा सकती है।
महिला और बाल विकास मंत्रालय तथा नाबार्ड ने डी, ई और एफ श्रेणी के विभिन्‍न रेलवे स्‍टेशनों पर स्‍वयं सहायता समूहों की मदद से वाटर वेंडिंग मशीन (डब्‍ल्‍यूवीएम) लगाने और उनके संचालन के लिए भी आईआरसीटीसी के साथ कार्य करने पर सहमति व्‍यक्‍त की है।
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वीके/एमके/वाईबी- 5279
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