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News Entry# 287879
  
बढ़ी सतर्कता
’ कोहरे में ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए रेलवे की सतर्कता
’ रिपोर्ट मिलने पर लापरवाह कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई
केवल संकेत देती हैं फॉग सेफ डिवाइस
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समय से पहले ही कोहरे ने ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनें भी कई घंटे देरी से चल रही हैं। ऐसे मौसम में रेलवे ने अपने कर्मचारियों को अलर्ट रखने के नया फंडा अपनाया है। अब कोहरे में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की खैर नहीं है। रेलवे अलर्टनेस चेक करने के लिए एलआईयू चेकिंग लगाई जा रही है। इस टीम में रेलवे कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल किये गये हैं। ठंड की मार से रेलवे की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं। कोहरे के चलते अधिकांश ट्रेनें अपने नियत समय से लगभग 6 से 8 घंटे देरी से चल रही हैं। कोहरे में रेल दुर्घटनायें बढ़ जाती हैं, इसी स्थिति से निपटने के लिए रेलवे की नई टीम अपने कर्मचारियों की अलर्टनेस चेक करती है। रेलवे की यह एलआईयू की टीम ट्रैक पर सेफ्टी मूवमेंट और क्रासिंग के साथ ही अनमैन क्रासिंग के पास भी कर्मचारियों की अलर्टनेस चेक करती है। खासकर रात में पेट्रोलिंग कर सर्वाधिक दुर्घटना संभावी जगहों पर औचक चेकिंग की जाती है। जिसमें मौके पर तैनात कर्मचारियों के कार्यो का निरीक्षण किया होता है। इसके साथ ही रात में कोहरे के दौरान कुछ अधिकारियों की ट्रेनों में भी कर्मचारियों का मूवमेंट चेक करने के लिए लगाया जाता है। सीनियर डीएमई एके दीक्षित ने बताया कि इस दौरान मिले लापरवाह कर्मचारियों की रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को सौंपी जायेगी और ऐसे लापरवाहों पर विभागीय कार्रवाई होगी।
गोण्डा दिवाकर सिंह
कोहरे के दौरान ट्रेनों में ड़ाइवरों को फॉग सेफ डिवाइस दी जाती है। सीनियर डीएमई एके दीक्षित के मुताबिक फॉग सेफ डिवाइस केवल स्टेशन और क्रासिंग आदि का संकेत देती है। यह डिवाइस दुर्घटना रोकने का काम नहीं करती है। इसके लिए ड्राइवर को स्वयं एलर्ट रहने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि फाग सेफ डिवाइस जीपीएस प्रणाली पर कार्य करती है और दुर्घटनाओं से निपटने के लिए ड्राईवर को जरूरी निर्देश दिये गये हैं। वे कोहरे को देखते हुए ही ट्रेनों की स्पीड का स्वयं निर्धारण करेंगे। लेकिन कोहरे के दौरान ट्रेनों को 60 किमी प्रति घंटा से अधिक नहीं चलाने को कहा गया है।
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