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Tue Jan 24, 2017 04:50:35 ISTHomeTrainsΣChainsAtlasPNRForumGalleryNewsFAQTripsLoginFeedback
Tue Jan 24, 2017 04:50:35 IST
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News Entry# 287883
  
• नई दिल्ली : मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का प्लान फाइनल करने के बाद अब रेलवे ने मैग्लेव ट्रेन प्रोजेक्ट (मैग्नेटिक ट्रेन) को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए बनाने की प्लानिंग शुरू कर दी है। इस बारे में रेलवे के फाइनेंस विभाग को लिंग स्टॉक विभाग से प्रस्ताव मिला है। इसके साथ ही अब इस प्रोजेक्ट के लिए राइट्स को डीपीआर बनाने का काम सौंपने की तैयारी की जा रही है।
इंडियन रेलवे के एक सीनियर अफसर ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि रेलवे के फाइनेंस डिपार्टमेंट को इस बारे में औपचारिक प्रस्ताव मिला है। प्रस्ताव में कहा गया है कि देश में मैग्लेव ट्रेन चलाने के लिए मोटी रकम खर्च होगी और इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) से
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बनाया जा सकता है। इससे रेलवे को प्रोजेक्ट पर मोटी रकम खर्च करने की जरूरत नहीं होगी, पर रेलवे इसके लिए कुछ रकम और जमीन आदि जरूर उपलब्ध करा सकता है।
क्या है मैग्लेव ट्रेन
मैग्नेटिक ट्रेन संक्षेप में मैग्लेव ट्रेन को कहा जाता है। ऐसी ट्रेनें 500 किमी से अधिक की स्पीड पर चलती है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के प्रोजेक्ट पर भारी भरकम खर्च आता है, इसलिए आने वाले वक्त में ऐसी कोई संभावना नहीं है कि रेलवे अपने पैसे से ऐसा कोई प्रोजेक्ट बनाए। पर यदि देश में पांच सौ किमी की स्पीड वाली ट्रेनें चलानी हैं तो पीपीपी के जरिए ही एकमात्र रास्ता बचता है। चूंकि यह पूरा प्रोजेक्ट रेलवे के कामकाज से अलग होगा, ऐसे में इस पर रेलवे कर्मचारियों की ओर से भी विरोध नहीं होगा। अगर इस प्रोजेक्ट पर अमल होता है तो दिल्ली से मुंबई का सफर तीन घंटे और पटना तक का सफर दो से ढाई घंटे में किया
जा सकेगा।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक पीपीपी का पूरा रोडमैप राइट्स से बनवाया जाएगा। वही डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करेगा। इसमें यह बताया जाएगा कि अगर पीपीपी पर काम होता है तो किस रूट पर इसे बनाया जाएगा और उस पर कितना खर्च आएगा। उसके बाद यात्री संख्या के अनुमान के आधार पर अगर किसी रूट पर प्राइवेट कंपनी को नुकसान की स्थिति बनती है तो उस सूरत में रेलवे एकमुश्त वायबिल्टी गैप फंडिंग (वीजीएफ) कर सकता है।
इसके अलावा यह भी हो सकता है कि इस प्रोजेक्ट के लिए रेलवे अपनी जमीन दे या फिर उसमें सिविल कार्य भी रेलवे
करे। यह सब कुछ प्रोजेक्ट की लागत पर निर्भर करेगा।सूत्रों ने कहा इस तरह के प्रोजेक्ट का निर्माण लंबी दूरी के लिए ही किया जाएगा।

2 posts - Wed Dec 07, 2016 - are hidden. Click to open.

  
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Dec 08 2016 (17:10)
☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~   11676 blog posts   3038 correct pred (65% accurate)
Re# 2082917-3            Tags   Past Edits
Hahah...
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