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News Entry# 287924
  
Dec 07 2016 (21:55)  रेलवे को नहीं मिला ‘त्रिनेत्र’ का साथ (epaper.jagran.com)
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New Facilities/TechnologySER/South Eastern  -  

News Entry# 287924     
   Tags   Past Edits
Dec 07 2016 (9:55PM)
Station Tag: Bokaro Steel City/BKSC added by Divert ShalimarGorakhpur Express via BKSC*^/55092

Posted by: Divert ShalimarGorakhpur Express via BKSC*^  118 news posts
बोकारो : ट्रेन के सबसे बड़े दुश्मन कोहरे से लड़ने के लिए भारतीय रेल ने त्रिनेत्र सिस्टम से सभी ट्रेनों को लैस करने की योजना बनाई थी। त्रिनेत्र सिस्टम से ट्रेनों को कोहरे की मार से सौ फीसद तक रोका जा सकता है, साथ ही सिग्नल की अनदेखी से होनेवाली दुर्घटना को भी रोका जा सकता है। दक्षिण पूर्व रेलवे में इसी साल इसे लगाने की योजना थी, लेकिन योजना धरी की धरी रह गई। अभी तक इसका ट्रायल ही चल रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो दक्षिण पूर्व रेलवे में अभी यह सिस्टम दूर की कौड़ी है। कोहरे की मार की वजह से प्रतिदिन कई ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है तो कई ट्रेनों को रद करना पड़ रहा है। राजधानी सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनें चौबीस घंटे विलंब से चल रही हैं। उत्तर भारत की लगभग सभी ट्रेनें अपने निर्धारित समय से विलंब से चल...
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रही हैं या उनके परिचालन समय में बदलाव किया गया है।1क्या है यह सिस्टम 1रेलवे ने त्रिनेत्र नामक डिवाइस बनाया है। तीन डिवाइस के मिलकर काम करने की वजह से इसका नाम त्रिनेत्र रखा गया है। इसमें इंजन के आगे हाई रेज्यूलेशन वीडियो कैमरा, हाई सेंसेटिव इंफ्रा रेड कैमरा एवं रडार आधारित मै¨पग सिस्टम लगाया जाएगा। भारी बारिश, कोहरा और किसी भी तरह का पटरी पर अवरोध का वीडियो ड्राइवर को इंजन में लगे मॉनीटर पर आ जाएगा। इससे ड्राइवर ट्रेन की गति को सुविधा के अनुसार धीरे या रोक सकता है। 1इस सिस्टम में वीडियो कैमरा और मौ¨पग सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस सिस्टम की वजह से ड्राइवर को किसी भी परिस्थिति में सिग्नल देखने में दिक्कत नहीं होगी। दरअसल, कोहरे के कारण ड्राइवर को सिग्नल देखने में दिक्कत होती है। सिग्नल ग्रीन है या रेड ये देखने के ड्राइवर को ट्रेन धीमी करनी पड़ती है।जासं, बोकारो : ट्रेन के सबसे बड़े दुश्मन कोहरे से लड़ने के लिए भारतीय रेल ने त्रिनेत्र सिस्टम से सभी ट्रेनों को लैस करने की योजना बनाई थी। त्रिनेत्र सिस्टम से ट्रेनों को कोहरे की मार से सौ फीसद तक रोका जा सकता है, साथ ही सिग्नल की अनदेखी से होनेवाली दुर्घटना को भी रोका जा सकता है। दक्षिण पूर्व रेलवे में इसी साल इसे लगाने की योजना थी, लेकिन योजना धरी की धरी रह गई। अभी तक इसका ट्रायल ही चल रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो दक्षिण पूर्व रेलवे में अभी यह सिस्टम दूर की कौड़ी है। कोहरे की मार की वजह से प्रतिदिन कई ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है तो कई ट्रेनों को रद करना पड़ रहा है। राजधानी सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनें चौबीस घंटे विलंब से चल रही हैं। उत्तर भारत की लगभग सभी ट्रेनें अपने निर्धारित समय से विलंब से चल रही हैं या उनके परिचालन समय में बदलाव किया गया है।1क्या है यह सिस्टम 1रेलवे ने त्रिनेत्र नामक डिवाइस बनाया है। तीन डिवाइस के मिलकर काम करने की वजह से इसका नाम त्रिनेत्र रखा गया है। इसमें इंजन के आगे हाई रेज्यूलेशन वीडियो कैमरा, हाई सेंसेटिव इंफ्रा रेड कैमरा एवं रडार आधारित मै¨पग सिस्टम लगाया जाएगा। भारी बारिश, कोहरा और किसी भी तरह का पटरी पर अवरोध का वीडियो ड्राइवर को इंजन में लगे मॉनीटर पर आ जाएगा। इससे ड्राइवर ट्रेन की गति को सुविधा के अनुसार धीरे या रोक सकता है। 1इस सिस्टम में वीडियो कैमरा और मौ¨पग सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस सिस्टम की वजह से ड्राइवर को किसी भी परिस्थिति में सिग्नल देखने में दिक्कत नहीं होगी। दरअसल, कोहरे के कारण ड्राइवर को सिग्नल देखने में दिक्कत होती है। सिग्नल ग्रीन है या रेड ये देखने के ड्राइवर को ट्रेन धीमी करनी पड़ती है।
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