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News Entry# 288239
  
Dec 10 2016 (19:09)  ग्रिड फेल होने पर भी नहीं कटेगी बिजली,मेट्रो चलती रहेगी (epaper.livehindustan.com)
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EmploymentNER/North Eastern  -  

News Entry# 288239     
   Tags   Past Edits
Dec 10 2016 (7:09PM)
Station Tag: Lucknow Charbagh NR/LKO added by ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~/206964

Posted by: ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~  4752 news posts
मेट्रो को निर्बाध चालू रखने के लिए एलएमआरसी ने की बिजली सप्लाई की दोहरी व्यवस्था, ज्यादा बजट खर्चकिया गया
लखनऊ में
मेट्रो
मेट्रो
स्टेशन, डिपो व सिग्नल सिस्टम में भी दोहरी व्यवस्था
मेट्रो
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के एक कन्ट्रोल सेन्टर में खराबी आयी तो दूसरा चालू। बिजली की एक लाइन में फाल्ट आया तो दूसरे से सप्लाई शुरू। एक ट्रांसफार्मर खराब हुआ तो दूसरे से काम शुरू। मेट्रो ट्रेन को बिना रुके चलाने के लिए एलएमआरसी ने दोहरी व्यवस्था बनायी है। भले ही इस व्यवस्था में ज्यादा बजट खर्च हुआ है लेकिन इससे मेट्रो की सवारी करने वालों के सामने कभी दिक्कतें नहीं आएंगी। पावर कारपोरेशन की ग्रिड फेल होने पर ही ट्रेनें खड़ी होंगी। एलएमआरसी ने पावर सप्लाई से लेकर मेट्रो के संचालन तक के लिए सभी जरूरी मशीनरी की दोहरी व्यवस्था बनायी है। मेट्रो को बिना किसी व्यवधान के चालने के लिए एलएमआरसी ने काफी मजबूत तैयारी की है। हालांकि, इससे मेट्रो के निर्माण पर खासा बजट खर्च हुआ है लेकिन जनता को इसका फायदा आने वाले कई वर्षों तक मिलेगा। मेट्रो का ट्रांसपोर्टनगर डिपो हो या फिर अमौसी से मुंशीपुलिया तक के सभी 22 स्टेशन। इन स्टेशनों के बीच के सिग्नल सिस्टम। यह सभी एक बार फेल भी हो जाएंगे तब भी ट्रेन नहीं रुकेगी। दोहरी व्यवस्था से उसी तरह ट्रेन चलती रहेगी। 132 केवी सब स्टेशन के लिए अमौसी से लायी गयी एक की जगह दो सर्किट : मेट्रो को 24 घंटे बिजली के लिए सरोजनीनगर ट्रांसमिशन से एलएमआरसी के ट्रांसपोर्टनगर डिपो तक बिजली के लिए अण्डरग्राउण्ड दो सर्किट बिछाई गयी है। डिपो में 132 केवी का सब स्टेशन बनाया गया है। सरोजनीनगर ट्रांसमिशन से डिपो की दूरी छह किलोमीटर है। दो लाइनें बिछाने से दोगुना खर्च आया है। लेकिन इसका फायदा यह होगा अगर एक लाइन में कभी फाल्ट आया तो दूसरी से बिजली मिलेगी। 132 केवी के सब स्टेशन में भी दोहरी व्यवस्था की गयी है।
लखनऊ प्रमुख संवाददाता
लखनऊ प्रमुख संवाददाता
मेट्रो के डिपो में भी वर्कशाप से लेकर आपरेशन कन्ट्रोल सेन्टर तक में दोहरी व्यवस्था की गयी है। स्टेशनों की लाइटिंग, ट्रेन को बिजली देने तथा सिग्नल सिस्टम तक में दोहरी व्यवस्था है। एक सिस्टम के फेल होने पर दूसरा काम करना शुरू कर देगा। इससे मेट्रो ज्यादा देर तक खड़ी नहीं होगी। कहीं फाल्ट आता है तो उसे आधुनिक मशीनों से तुरन्त ढूंढ लिया जाएगा। इसके लिए विदेशों से मशीन मंगायी गयी है।
स्टेशन, डिपो व सिग्नल सिस्टम में भी दोहरी व्यवस्था मेट्रो के डिपो में भी वर्कशाप से लेकर आपरेशन कन्ट्रोल सेन्टर तक में दोहरी व्यवस्था की गयी है। स्टेशनों की लाइटिंग, ट्रेन को बिजली देने तथा सिग्नल सिस्टम तक में दोहरी व्यवस्था है। एक सिस्टम के फेल होने पर दूसरा काम करना शुरू कर देगा। इससे मेट्रो ज्यादा देर तक खड़ी नहीं होगी। कहीं फाल्ट आता है तो उसे आधुनिक मशीनों से तुरन्त ढूंढ लिया जाएगा। इसके लिए विदेशों से मशीन मंगायी गयी है।
मेट्रो का संचालन कभी रुके न इसके लिए बैकअप की व्यवस्था की गयी है। सरोजनीनगर से इसीलिए 132 केवी की दो सर्किट लायी गयी हैं। लखनऊ में सरोजनी नगर ट्रांसमिशन कई ग्रिड से जुड़ा है। इसीलिए यहां से बिजली की सप्लाई ली गयी है। ग्रिड के ठप होने पर ही मेट्रो रुकेगी। सुशील कुमार, जीएम, आपरेशन, एलएमआरसी
मेट्रो का संचालन कभी रुके न इसके लिए बैकअप की व्यवस्था की गयी है। सरोजनीनगर से इसीलिए 132 केवी की दो सर्किट लायी गयी हैं। लखनऊ में सरोजनी नगर ट्रांसमिशन कई ग्रिड से जुड़ा है। इसीलिए यहां से बिजली की सप्लाई ली गयी है। ग्रिड के ठप होने पर ही मेट्रो रुकेगी। सुशील कुमार, जीएम, आपरेशन, एलएमआरसी
बिजली बकाया वसूलने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 116 बड़े बकाएदारों की बिजली काटने की औपचारिकताएं भी पूरी नहीं की गईं। 14 दिसम्बर तक बकाया जमा करने के आश्वासन के बाद टीम वापस लौट गई। सरकारी, अर्धसरकारी, पुलिस, पीएसी, अस्पताल, बेसिक शिक्षा, ब्लाक कार्यालय, स्कूल, पशुपालन विभाग, कान्हा उपवन, नगर निगम, आरटीओ एवं पीडब्ल्यूडी कार्यालय शामिल हैं।
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