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News Entry# 288702
  
Dec 15 2016 (13:24)  राजधानी की राह पर प्रयागराज (inextlive.jagran.com)
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Commentary/Human InterestNCR/North Central  -  

News Entry# 288702     
   Tags   Past Edits
This is a new feature showing past edits to this News Post.

Posted by: Saurabh*^~  3090 news posts
ALLAHABAD: राजधानी एक्सप्रेस जैसी सुविधाएं तो अभी नहीं मिलेंगी लेकिन प्रयागराज एक्सप्रेस से सफर करना भी राजधानी एक्सप्रेस में सफर करने जैसा फील कराएगा। 18 दिसंबर से इस ट्रेन के कोच को अपग्रेड किया जा रहा है। इससे ट्रेन से दो कोच हट जाएंगे लेकिन स्पीड राजधानी एक्सप्रेस के लगभग बराबर हो जाएगी। इससे दिल्ली तक की यात्रा में लगने वाला समय कम हो जाएगा। रेलवे ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली है.
--18 के बाद कभी भी घोषणा संभव--
इलाहाबाद से दिल्ली और दिल्ली से इलाहाबाद की दूरी तो 635 किलोमीटर ही
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रहेगी। लेकिन, इस दूरी को तय करने में लगने वाला समय जल्द ही कम होने वाला है। क्योंकि इस दूरी को तय करने वाली इलाहाबाद की वीआईपी ट्रेन 'प्रयागराज एक्सप्रेस' की स्पीड बढ़ने वाली है। जिसकी तैयारी रेलवे ने शुरू कर दी है। 18 दिसंबर से प्रयाग राज एक्सप्रेस में एलएचबी कोच लगा दिए जाएंगे। जिसके बाद रेल मंत्रालय की ओर से कभी भी स्पीड बढ़ाने का ट्रायल कराने के साथ ही घोषणा भी की जा सकती है.
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--झटके नहीं खाएगी प्रयागराज एक्सप्रेस--
130 व 140 की स्पीड से दौड़ने वाली राजधानी, जनशताब्दी के साथ ही अन्य वीआईपी ट्रेनों में एलएचबी कोच यानि लिंक हॉफमैन बुश कोच लगाए जाते हैं। ताकि फुल स्पीड में दौड़ाने पर ट्रेन झटके न खाए। एलएचबी कोचों को रेलवे में सबसे बेस्ट कोच माना जाता है। जिसे विशेष तौर पर तैयार कराया जाता है। एलएचबी कोच लगने के बाद ट्रेन की स्पीड बढ़ने पर पैसेंजर को झटके नहीं लगेंगे.
स्लीपर कोच की संख्या घटेगी
प्रयागराज एक्सप्रेस में अभी तक कुल 24 कोच लगते हैं। जिसमें एक कोच एसी- 1, तीन कोच सेकेंड एसी के, चार कोच एसी- 3 के, 12 स्लीपर कोच, दो जनरल कोच और दो एसएलआर कोच समेत कुल 22 कोच लगते हैं। 18 दिसंबर को एलएचबी कोच लगने के बाद स्लीपर कोच की संख्या 12 से दस ही रह जाएगी। जिससे ट्रेन में सीटों की संख्या कम हो जाएगी। बता दें कि वर्तमान समय में ट्रेन के साथ लगने वाले स्लीपर कोच में 72 सीटें होती हैं जबकि एलएसबी स्लीपर कोच में 80 सीटें होती हैं। यानी 12 स्लीपर कोच लगने पर इसमें 864 सीटें उपलब्ध होती हैं। एलएसबी स्लीपर कोच लगने के बाद दस कोच ही स्लीपर क्लास के ट्रेन के साथ लगेंगे। यानी अधिकतम 800 यात्री ही इससे यात्रा कर सकेंगे। इसका इम्पैक्ट 18 दिसंबर से बनने वाले चार्ट पर भी पड़ेगा। इसलिए रिजर्वेशन स्टेटस चेक करने के बाद ही यात्रा करना बेहतर होगा। नहीं तो परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
अब तक सिर्फ एक बार दुर्घटना
इलाहाबाद से दिल्ली के बीच चलने वाली प्रयागराज को बेस्ट ट्रेन माना जाता है। इसका कारण दिल्ली तक के सफर में लगने वाला कम समय तो है ही। एक और महत्वपूर्ण कारण है इस ट्रेन की पंक्चुएलिटी। अभी तक यह ट्रेन सिर्फ एक बार दुर्घटना की शिकार हुई है। प्रयाग राज एक्सप्रेस दो जनवरी 2010 में कोहरे की वजह से पनकी रेलवे स्टेशन के पास गोरखधाम एक्सप्रेस से टकरा गई थी। इस दुर्घटना में दस यात्रियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ गया था। 51 पैसेंजर्स घायल हुए थे। इसके अलावा प्रयागराज एक्सप्रेस में कभी कोई हादसा नहीं हुआ।
प्रयागराज एक्सप्रेस
इलाहाबाद से दिल्ली की 635 किलोमीटर की जर्नी 9.30 घंटा में पूरी करती है प्रयागराज एक्सप्रेस
वर्तमान समय में प्रयागराज एक्सप्रेस की टॉप स्पीड 110 किलोमीटर प्रति घंटा है
66 किलोमीटर प्रति घंटा है एवरेज स्पीड
राजधानी एक्सप्रेस की तुलना में दो घंटे ज्यादा लेती है वर्तमान समय में प्रयागराज एक्सप्रेस
इसे आईएसओ 9000 सर्टिफिकेट भी मिल चुका है
एलएचबी कोच में 72 की जगह 80 सीटें होंगी। जिसका असर 18 दिसंबर से बनने वाले चार्ट पर भी पड़ेगा। इसलिए रिजर्वेशन स्टेटस चेक करने के बाद ही यात्रा करना बेहतर होगा.
सुनील कुमार गुप्ता
पीआरओ, डीआरएम ऑफिस
फैक्ट फाइल
135 किलोमीटर की स्पीड से चलती है राजधानी एक्सप्रेस
130 किलोमीटर प्रतिघंटे होगी प्रयागराज एक्सप्रेस की स्पीड
18 दिसंबर से हो जाएगी बदली व्यवस्था की शुरुआत
22 कोच ही अब लगेंगे प्रयागराज एक्सप्रेस में
64 सीटें कम हो जाएंगी ट्रेन में रिजर्वेशन कोटे की
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