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News Entry# 288945
  
देश के सभी नागरिकों/वर्गों से नव प्रवर्तक विचार आमंत्रित करने के लिए रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने 2016-17 की अपनी बजट घोषणा के अनुरूप रेल भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय रेल के लिए नव प्रवर्तन चुनौतियां’ नामक एक अभियान की शुरूआत की। इस अवसर पर रेल राज्‍य मंत्री श्री राजेन गोहेन भी विशेष रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष श्री ए.के. मित्‍तल, रेलवे बोर्ड के मेम्‍बर ट्रैफिक मोहम्‍मद जमशेद, रेलवे बोर्ड के अन्‍य सदस्‍य तथा वरिष्‍ठ अधिकारी भी रेल भवन में उपस्थित थे।
इस अवसर पर रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने कहा कि बदलाव के लिए विचार एक अनुलाभ है और नव प्रवर्तक विचार किसी के भी दिमाग में आ सकता
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है, चाहे वह एक हितधारक हो, रेल का उपयोगकर्ता हो या कोई अन्‍य व्‍यक्ति विशेष हो। उन्‍होंने कहा कि आज की पीढ़ी बहुत नव प्रवर्तक और प्रौद्योगिकी की जानकार है और आने वाला समय पूरी तरह डिजिटलाइज हो जाएगा। इसलिए अगर सभी नागरिकों से नव प्रवर्तक विचारों को आमंत्रित किया जाता है और उसे रेल के लाभ के लिए कार्यान्वित किया जाता है, तो इससे रेल को लाभ हासिल हो सकता है। उन्‍होंने कहा कि हाल ही में आयोजित रेल विकास शिविर के लिए केवल रेल कर्मचारियों से विचार आमंत्रित किये गये थे, लेकिन यह अभियान किसी एक विशेष वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें देश के सभी नागरिक शामिल हैं। उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि देश की जनता इस अभियान में उत्‍साहपूर्वक भाग लेगी।
इस अवसर पर रेल राज्‍य मंत्री श्री राजेन गोहेन ने कहा कि यह अभियान सभी लोगों के लिए एक प्रकार का विचार मंथन है। उन्‍होंने कहा कि देश के प्रत्‍येक नागरिक के पास काफी क्षमता है और वह देश के विकास में एक महान भूमिका अदा कर सकता है। उन्‍होंने कहा कि यह अभियान एक अनूठे प्रकार का मंच है, जो देश के सभी नागरिकों को भारतीय रेल के कामकाज को बेहतर बनाने में सक्षम बनाएगा, जिसे देश की जीवन रेखा के नाम से जाना जाता है। उन्‍होंने कहा कि देश के प्रत्‍येक नागरिक का रेल के साथ एक व्‍यक्तिगत अनुभव है, क्‍योंकि रेल यात्रा सबको आकर्षित करती है। इसलिए, उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि देश का प्रत्‍येक नागरिक इस अभियान में पूरे जोश और उत्‍साह से भाग लेगा।

नव प्रवर्तन चुनौती के लिए अभियान
माननीय प्रधानमंत्री ने 20.11.2016 को सूरजकुंड में आयोजित रेल विकास शिविर में नव प्रवर्तन चुनौती अभियान की शुरूआत की थी। यह चुनौती भारत में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों एवं कंपनियों/संस्‍थानों के लिए खुली हुई है। इन चुनौ‍तियों की घोषणा माननीय रेल मंत्री द्वारा रेल बजट 2016 में ‘कर्मचारियों, स्‍टार्टअप्‍स और लघु व्‍यवसायों को नव प्रवर्तन अनुदानों’ की स्‍थापना के लिए ’नव रचना’ पहल के अंतर्गत की गई थी।
निम्नलिखित पांच चुनौतियों का लक्ष्‍य भारतीय रेल द्वारा सामना की जा रही विशिष्ट समस्याओं पर ध्यान केंद्रित कर हमारे देश में नवाचार को बढ़ावा देना है:

1. ‘नई वस्तुओं की कुशल ढुलाई एवं परिवहन के लिए वैगनों की डिजाइन’ हेतु अभिनव चुनौती।

2. 'निचली सतह के प्लेटफार्म से रेलगाडि़यों तक आसान पहुंच' के लिए अभिनव चुनौती ।

3. भारतीय रेलवे की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए नवीन विचार/सुझाव हेतु अभिनव चुनौती ।
4. 'भारतीय रेल के डिब्बों की यात्री उठाने की क्षमता को बढ़ाने के लिए अभिनव चुनौती ।

5. भारतीय रेल के 'स्टेशनों पर नई डिजिटल क्षमताओं के विकास के लिए अभिनव चुनौती।

छह पुरस्कार प्रत्येक अभिनव चुनौती के फाइनल में प्रवेश करने वालों को दिए जाएंगे, जैसाकि विवरण नीचे दिया गया है :
पहला पुरस्कार : 06 लाख (अधिकतम)
दूसरा पुरस्कार : 03 लाख (अधिकतम)
तीसरा पुरस्कार: 02 लाख (अधिकतम)
तीन सांत्वना पुरस्कार (अधिकतम) : 01 लाख प्रत्येक (अधिकतम)

भागीदारी प्रक्रिया, नियम व शर्तों, पात्रता, दिशा निर्देश आदि जैसी अभिनव चुनौती के विवरण वेबसाइट 'click here पर उपलब्ध हैं। ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20.02.2017 शाम छह बजे तक है।

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वीके/एसकेजे/वाईबी- 5421
(Release ID 56656)
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