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News Entry# 289035
  
असुरक्षित खाली ट्रेनों में बढ़ा आरएसी कोटा
संजय सिंह, नई दिल्ली1इंदौर-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस हादसे के बाद लोग आइसीएफ कोच वाली ट्रेनों में चलने से डरने लगे हैं। परिणामस्वरूप ये ट्रेनें अब खाली रहने लगी हैं। इससे घबराई रेलवे ने इनके आरएसी कोटे में बढ़ोतरी का एलान किया है। यानी असुरक्षा के लिए प्रलोभन।1जी हां, एक हादसे ने रेलवे को अपने आरक्षण फामरूले में बदलाव के लिए विवश कर दिया। अब गैर-एलएचबी ट्रेनों में आरएसी कोटा डेढ़ से दो गुना अधिक होगा। नई व्यवस्था 16 जनवरी से लागू होगी। 1स्लीपर क्लास : इसमें अभी कुल पांच लोअर बर्थ आरएसी कोटे के तहत आवंटित होती हैं। इनके तहत 10 यात्रियों के बैठने की अनुमति होती है। नई व्यवस्था के तहत अब आरएसी में आवंटित
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होने वाली बर्थो की कुल संख्या 7 होगी और इनमें 14 यात्रियों को बैठकर यात्र करने का अधिकार मिलेगा।1थर्ड एसी : इस श्रेणी के तहत आरएसी के तहत अभी 2 साइड लोअर बर्थ 4 यात्रियों के बैठने के लिए दी जाती हैं। परंतु अब इनकी संख्या को बढ़ाकर चार कर दिया गया है, जिनमें आठ यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी।1सेकंड एसी : इसमें अभी केबिन की दो लोअर बर्थ चार यात्रियों के बैठने के लिए अलाट की जाती हैं। नई व्यवस्था के तहत आरएसी बर्थो की संख्या बढ़कर 3 हो जाएगी। परंतु इनमें से दो बर्थ ही सेकेंड एसी की होंगी। तीसरी बर्थ स्लीपर क्लास में मिलेगी। इस तरह कुल छह लोगों को बैठकर यात्र करने का अधिकार मिलेगा।1नई व्यवस्था केवल आइसीएफ कोच वाली ट्रेनों में लागू होगी। एलएचबी कोच वाली ट्रेनों में इसे लागू नहीं किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार आइसीएफ कोच (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई में बनी पुराने मॉडल की बोगी) को संरक्षा के लिहाज से काफी असुरक्षित माना जाता है। इसकी वजह है इनका पुराने डिजाइन का कपलर (बोगियों को एक-दूसरे से जोड़कर रखने वाला पुर्जा) जो ट्रेन के पटरी से उतरने या टकराने पर खुल जाता है। इससे ये बोगियां एक दूसरे पर चढ़ जाती हैं। परिणामस्वरूप जान-माल की भयानक क्षति होती है। इंदौर-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस में इन्हीं बोगियों के कारण लगभग डेढ़ सौ लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। दूसरी एलएचबी बोगियों को अपेक्षाकृत काफी सुरक्षित माना जाता है। क्योंकि इनमें बेहतर डिजाइन के कपलर लगे होते हैं जो हादसे की स्थिति में बोगियों को एक-दूसरे पर चढ़ने से रोकते हैं। परिणामस्वरूप दुर्घटना होने पर जान-माल की बहुत कम क्षति होती है। यही वजह है कि रेलवे ने अब केवल एलएचबी बोगियों के निर्माण का निर्णय लिया है। 1
नई व्यवस्था 16 जनवरी से16गैर-एलएचबी कोच वाली ट्रेनों का आरएसी कोटा डेढ़-दोगुना किया16पुखरायां हादसे के बाद आइसीएफ कोच में यात्र से कतरा रहे लोग

  
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Dec 19 2016 (14:35)
For Better Managed Indian Railways~   1933 blog posts
Re# 2096299-1            Tags   Past Edits
A media created news, which states that people are afraid of travelling in unsafe ICF coaches and trains with ICF coaches are running empty. 90% of coaches running on IR tracks are of ICF design, does the reporter say 90% of trains are running empty?
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