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दक्षिण पूर्व रेलवे के विभिन्न मंडलों में परिचालन करने वाली ट्रेनों की साफ-सफाई का काम कराने वाली कंपनी का ठेका खत्म होने से बेरोजगार हुए 600 सफाईकर्मियों ने इसके खिलाफ धरना दिया। संतरागाछी रेलवे कारशेड में काम करने वाले इन कर्मचारियों ने धरना दिया। सफाई कर्मियों के सुपरवाइजर अमित जाना, शेख नजरुद्दीन और दीपक के साथ भारी संख्या में सफाईकर्मी धरने पर बैठे है। अमित जाना का कहना है कि हमारे लोग 2008 से दक्षिण पूर्व रेलवे में सफाई का काम कर रहे हैं। हमारे लोग 17 ट्रेनों में सफाई करते हैं। आज अचानक जब हमारे लोग सुबह काम पर आये तो संतरागाछी रेलवे कार्यालय में एक नोटिस झूलता पाया, जिसमें ठेका की अवधि खत्म होने की सूचना दी गई थी। नोटिस देखकर सफाईकर्मियों में खलबली मच गई। यह खबर आग की तरह फैली। देखते ही देखती सफाई कर्मियों की भीड़ इक्कठा हो गई और सभी धरने पर बैठ गए।... Read more...
अमित जाना का आरोप है कि रेलवे के इस फैसले से हम दुर्गापूजा के समय सड़कों पर आ गए हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2008 यूरेका फोर्ब्स ने दक्षिण पूर्व रेलवे के संतरागाछी कार शेड में आने वाली गाड़ियों के साथ कोरोमंडल एक्सप्रेस, चेन्नई मेल, अमृतसर मेल, जसवंतपुर एक्सप्रेस, पुरी एक्सप्रेस, अहमदाबाद एक्सप्रेस, आजाद हिंद एक्सप्रेस, चक्रधरपुर एक्सप्रेस, जनशताब्दी एक्सप्रेस, फलकनामा एक्सप्रेस, इस्पात एक्सप्रेस, दीघा एक्सप्रेस, रुपसी बांग्ला एक्सप्रेस और गरीब रथ एक्सप्रेस की सफाई इसी कंपनी के जिम्मे में था। ठेका अवधि एकाएक समाप्त करने का कारण पूछने पर दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि कंपनी को दक्षिण पूर्व रेलवे की गाड़ियों की साफ-सफाई का ठेका दिया गया था, जो आज समाप्त हो गया लिहाजा उक्त कंपनी का हटा दिया गया। अब दोबारा टेंडर जारी किया जाएगा। यह सात-आठ दिनों में हो जाएगा। इस दौरान रेलवे के सफाई कर्मी ट्रेनों में साफ-सफाई करेंगे। उन्होंने कहा कि कौन धरना दे रहा है उससे उन्हें कोई मतलब नहीं है क्योंकि वे रेलवे के कर्मचारी नहीं हैं।