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ठाकुरगंज : भारतीय रेलवे के पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे द्वारा बिहार के इस पिछड़े इलाके की लगातार उपेक्षा लोगों के बीच आक्रोश पनप रहा है. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे द्वारा क्षेत्र में चल रही रेल परियोजना के राजनैतिक दवाब में उपेक्षा किये जाने का आरोप भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा के नेताओं ने लगाया है. मोर्चा नेता शिवशंकर महतो, अमित सिन्हा, उमाशंकर प्रसाद, महेश दास, विजय शर्मा, आदि ने पूरे मामले में प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर चिकेन नेक के नाम से मशहूर इस सीमावर्ती क्षेत्र की उपेक्षा बंद करने की मांग की है. मोर्चा नेताओं ने बताया कि क्षेत्र की तकदीर बदलने की क्षमता रखने वाली अररिया-गलगलिया रेल लाइन के निर्माण को शिथिल कर पश्चिम बंगाल में उन परियोजनाओं को महत्व दिया जा रहा है, जो केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है. ... Read more...
जबकि अररिया-गलगलि रेल लाइन के निर्माण से पूर्वोत्तर को दिल्ली से जोड़ने का एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध हो जायेगा, जो विषम परिस्थितियों में काफी सहायक सिद्ध हो सकता है. कई आंकड़ों के जरिए युवा मोर्चा नेताओं ने अपनी बात साबित करते दिखे. इसमें बालूरघाट से हिली रेलखंड की बात की गई है, जिसकी घोषणा 2010-11 के रेल बजट में की गई थी.