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नई दिल्ली।। मेट्रो के लेडीज कोच में महिला सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने की सीआईएसएफ की पहल काफी असरदार साबित हो रही है। खुद सीआईएसएफ के अधिकारी भी हैरान हैं कि इनकी तैनाती के बाद से हर दिन बड़ी तादाद में न केवल लेडीज कोच में सफर कर रहे लोगों को पकड़ा जा रहा है, बल्कि कई लोगों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। सीआईएसएफ ने ऐसे मेट्रो स्टेशनों की पहचान भी की है, जहां बड़ी तादाद में लोग लेडीज कोच में दाखिल हो जाते हैं। ऐसे स्टेशनों पर खासतौर से चेकिंग की जा रही है। एनबीटी ने उठाया था मुद्दा दरअसल, पिछले महीने की शुरुआत में एनबीटी ने मेट्रो ट्रेनों के अंदर महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था, जिसके बाद 7 जुलाई को सीआईएसएफ के डायरेक्टर जनरल राजीव ने एनबीटी... Read more...
को दिए इंटरव्यू में भरोसा दिलाया था कि महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए, खासतौर से रात के वक्त, सीआईएसएफ मेट्रो ट्रेनों के लेडीज कोच में सुरक्षाकर्मियों को तैनात करेगी। इसके लिए डीआईजी (डीएमआरसी) को खासतौर से निर्देश भी दिए गए थे, जिसके बाद 13 जुलाई से सीआईएसएफ ने मेट्रो के लेडीज कोच में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती शुरू की थी।अधिकारियों के मुताबिक, तब से लेकर 2 अगस्त तक महज 21 दिनों में ही 2,329 लोगों को लेडीज कोच से उतारा गया, जबकि 731 लोगों को उतारने के साथ उन पर 250 रुपये का जुर्माना भी लगाया। ये वो लोग थे, जो निर्देश देने के बावजूद लेडीज कोच से हटने में आनाकानी कर रहे थे या बहस कर रहे थे। ज्यादातर लोग या तो ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में या अपने परिवार की महिलाओं के साथ जाने के चक्कर में या फिर अनजाने में लेडीज कोच में सवार हो जाते हैं। हालांकि कई लोग जानबूझकर भी ऐसा करते हैं। रेड लाइन पर सबसे ज्यादा केस अधिकारियों ने बताया कि नोएडा सिटी सेंटर से नोएडा सेक्टर-15 के बीच, दिलशाद गार्डन से वेलकम के बीच, जंगपुरा से कैलाश कॉलोनी के बीच, हूडा सिटी सेंटर से महरौली के बीच, राजीव चौक से करोल बाग के बीच लेडीज कोच में पुरुषों के सवार होने की घटनाएं ज्यादा होती हैं। साथ ही यह भी पता चला कि दिलशाद गार्डन से रिठाला के बीच की रेड लाइन पर इस तरह के सबसे ज्यादा मामले देखने को मिलते हैं।