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May 24 2017 (20:37)  तीन दिन से चल रहा था ट्रैक का मेंटीनेंस, बिना कॉशन गुजारी एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, इमरजेंसी ब्रेक लगने से प्लेटफार्म पर टिक गए कोच (epaper.jagran.com)
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Major Accidents/DisruptionsNR/Northern  -  

News Entry# 303508     
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May 24 2017 (20:37)
Station Tag: Kanpur Central/CNB added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

May 24 2017 (20:37)
Station Tag: Unnao Junction/ON added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

May 24 2017 (20:37)
Station Tag: Lucknow Charbagh NR/LKO added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

May 24 2017 (20:37)
Train Tag: Mumbai LTT - Lucknow AC SF Express/22121 added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

Posted by: ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~  5677 news posts
लापरवाही ने जोखिम में डाली हजारों जिंदगियां
दोपहर में कानपुर से लगभग 55 मिनट विलंब से यह ट्रेन लखनऊ के लिए चली थी। गंगाघाट, मगरवारा रेलवे स्टेशन से रनथ्रू निकलने के बाद उन्नाव पश्चिमी केबिन के पहले सिग्नल न मिलने से रफ्तार धीमी हो गई। इसी बीच सिग्नल मिला तो लोको पायलट 30 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से उन्नाव स्टेशन की तरफ बढ़ा। इंजन के पीछे लगे लगेज यान व कोच बी-1 प्लेटफार्म के अंतिम छोर पर पहुंचने वाले ही थे तभी अचानक तेज धमाके की आवाज के साथ ट्रेन के लहराने से यात्री सहम गए। कुछ गड़बड़ होने के अंदेशे से लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लिया लेकिन तब तक इंजन और उसके पीछे के दो कोच को छोड़ पीछे की
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11 बोगियां पटरी से उतरकर प्लेटफार्म की दीवार से टकराते हुए उसी पर टिक गईं।1सबसे आखिरी कोच बी-11 और पेंट्रीकार वाले स्थान पर रेल पटरियां काफी क्षतिग्रस्त हो गईं लेकिन दोनों कोच पलटने से बच गए। हादसे को देखकर दूसरी ट्रेनों की प्रतीक्षा में खड़े यात्रियों में भगदड़ मच गई। इधर ट्रेन में रुकते ही उस पर सवार यात्री भी बाहर की तरफ भागे और कुछ ही मिनट में पूरी ट्रेन खाली हो गई। काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति रही। कुछ ही देर बाद राहत कार्य शुरू हुआ। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी तथा एडीआरएम एसके सपरा ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। उत्तर रेलवे के सीपीआरओ नीरज शर्मा ने बताया कि ट्रैक मेंटीनेंस के दौरान ट्रेन को कॉशन देकर निकाला जाना चाहिए था। ऐसा क्यों नहीं किया गया है, इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। ट्रैक बहाल करने को टीमें लगी हैं
नीलांचल का भी बढ़ा बवाल : लखनऊ मुंबई एसी एक्सप्रेस के निरस्त होने का बवाल अभी थमा भी न था कि रेलवे ने नई दिल्ली से आ रही नीलांचल एक्सप्रेस का रास्ता बदल दिया। ट्रेन को कानपुर से सीधे इलाहाबाद-वाराणसी रवाना कर दिया। ऐसे में इस ट्रेन से भुवनेश्वर जाने के लिए बड़ी संख्या में यात्री चारबाग स्टेशन पर इंतजार ही करते रह गए। पता चला तो उन्होंने भी हंगामा किया। इलाहाबाद या कानपुर पहुंचने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की। सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें भी टिकट रद कराना पड़ा। 1संडे मनाते रहे अफसर1हादसे के बाद स्टेशन पर स्थिति अनियंत्रित हो गयी। यात्रियों की सहायता के लिए मौके पर देर शाम तक कोई वरिष्ठ अफसर तक नहीं पहुंचा। अकेले उप स्टेशन वाणिज्य प्रबंधक और स्टेशन मास्टर पूरी स्थिति को किसी तरह संभालते रहे। 1हेल्पलाइन नंबर पर बजे फोन 1रेलवे ने हादसे के बाद हेल्पलाइन भी बनाई थी। उप स्टेशन वाणिज्य प्रबंधक एसके वैद्य ने यात्रियों के परिचितों को हेल्पलाइन नंबर पर जानकारियां मुहैया कराई। अधिकतर फोन ट्रेनों में यात्र करने वाले यात्रियों का हालचाल लेने के लिए आए। 1’>>घटना के कारण नहीं रवाना हुई लखनऊ एलटीटी सुपरफास्ट1’>>नीलांचल एक्स. को भी कानपुर से सीधे इलाहाबाद भेज दिया गया1जागरण संवाददाता, लखनऊ : कानपुर तक सब कुछ ठीक था। ट्रेन गंगा नदी पार हुई तो हम सब बाहर का नजारा देख रहे थे। पटरियों पर दौड़ती ट्रेन उन्नाव के प्लेटफार्म तक पहुंची ही थी कि तेज झटके लगने लगे। हम कुछ समझ पाते, इससे पहले ही इमरजेंसी ब्रेक लग गए। ट्रेन रुकते ही बाहर झांका। एक तरफ धुआं उठता दिखा जबकि दूसरी ओर धूल का गुबार था। फैजाबाद इंटरसिटी से लखनऊ पहुंचे यात्रियों ने कुछ इस तरह अपनी आपबीती सुनाई।ट्रेन की गति नियंत्रित थी। लेकिन जिस समय वह प्लेटफार्म से बार बार टकरा रही थी उससे तेज आवाज आ रही थी। पहले लगा कि मानो कोई पत्थर बरसा रहा हो। लेकिन ट्रेन रुकी तो बाहर का हाल देखकर कलेजा कांप गया।1हरिश्चंद्र, यात्रीघटना के बाद भी करीब एक घंटे तक कोई नहीं आया। हम लोग बोगियों में ही बैठे रहे। फिर रेलवे के कुछ अफसर आए और पीने के लिए पानी दिया। हम लोगों को दूसरी ट्रेन से भेजा। जबकि कई यात्रियों को बसों से लखनऊ भेजा।1रितुराज यादव, यात्रीप्लेटफार्म से बोगियां टकराने के बाद उसके बाहरी हिस्से में तेज रगड़ के कारण उसका हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। जिन्हें देखकर घबराहट होने लगी। यदि इसकी गति और तेज होती तो बहुत लोगों की जान तक जा सकती थी।1प्रदीप कुमार, यात्री
  
मंडल रेलवे नहीं करेगा जांच
केस
केस
लापरवाही
उन्नाव रेल हादसा : संरक्षा आयुक्त की अध्यक्षता में होगी पड़ताल, कल आएगी टीम
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किमी में सात जगह कमजोर है पटरी
पटरियों की गड़बड़ी रोकेंगे अफसर
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जासं, लखनऊ : उन्नाव रेलवे स्टेशन पर रविवार को हुए ट्रेन हादसे के बाद मंडल रेल प्रशासन की कमेटी अब जांच नहीं कर सकेगी। हादसे की जांच में रेल संरक्षा आयुक्त को शामिल कर लिया गया है। इसे एक बड़ी घटना और चूक के रूप में रेल मंत्रलय देख रहा है। इस कारण मंडल रेलवे प्रशासन से जांच छीनकर उत्तर रेलवे मुख्यालय की उच्च स्तरीय कमेटी को सौंप दी गई है। इस हादसे को लेकर रेल संरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक ने पारदर्शिता से जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का आदेश दिया है। यह कमेटी दो दिनों में अपनी जांच शुरू कर देगी। 1दरअसल, रविवार को एलटीटी से लखनऊ आ रही एसी एक्सप्रेस की 11 बोगियां उन्नाव स्टेशन पर पटरी से उतर गई थीं। प्रथम दृष्टया हादसे का कारण पटरी की गड़बड़ी बताया जा रहा है। जांच के लिए उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम सतीश कुमार को मंगलवार शाम तक जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड अफसरों की चार सदस्यीय कमेटी का गठन करना था। यह कमेटी जांच रिपोर्ट में हादसे के कारणों के महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी न कर दे, इसके लिए रेल संरक्षा आयुक्त ने उच्च स्तरीय कमेटी के गठन का आदेश दे दिया। इस कमेटी में उत्तर रेलवे मुख्यालय के चीफ ट्रैक इंजीनियर आलोक कंसल अध्यक्ष होंगे। जबकि उनके साथ चीफ रोलिंग स्टॉक इंजीनियर विकास पुरवार, एडिशनल चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर आरपीएफ एएन मिश्र होंगे। उनके साथ उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के एडीआरएम एसके सपरा को भी चार सदस्यीय कमेटी में शामिल किया गया है। अब यह कमेटी पटरियों की गड़बड़ी के साथ ही दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन की बोगियों की भी पड़ताल करेगी। इसकी रिपोर्ट रेल संरक्षा आयुक्त को सौंपेगी। जिसके बाद इस हादसे के दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं उच्च स्तरीय कमेटी के दो दिन बाद लखनऊ आने की सूचना मिलते ही रेलवे में खलबली मच गई है। रेलवे अफसरों ने उनके आने से पहले ही अपने रिकॉर्ड को बेहतर करने के आदेश दिए हैं। जांच अब रेलवे की उच्च स्तरीय कमेटी करेगी। यह टीम जल्द घटनास्थल जाएगी।जागरण संवाददाता, लखनऊ : चोरी छिपे मेंटीनेंस कराने का ताजा मामला उन्नाव स्टेशन पर सामने आया है। जहां रविवार को एलटीटी-लखनऊ एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस हादसे का शिकार होने से बच गई। यहां भी ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक का इस्तेमाल किया जिससे इसकी 11 बोगियां पटरी से उतर गईं।1एलएचबी बोगियों के नए रैक और प्लेटफार्म की लूप लाइन पर होने के कारण एसी एक्सप्रेस हादसे में रेलवे को 12 करोड़ रुपये की चपत लग गई। इन 11 एलएचबी बोगियों की लागत करीब 12 करोड़ रुपये थी, जो अब दोबारा पटरी पर नहीं दौड़ सकेंगी, क्योंकि मानकों को देखते हुए पटरी से उतरी बोगी और इंजन दोबारा इस्तेमाल नहीं किए जाते हैं। दरअसल, कागजों पर परिचालन रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए चोरी छिपे बिना ब्लॉक लेकर काम करवाने का चलन पिछले तीन साल में तेजी से बढ़ा है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो रेलवे बोर्ड परिचालन स्थिति को बेहतर करने पर अधिक दबाव दे रहा है। जिस मंडल की रिपोर्ट गड़बड़ होती है वहां के अफसरों को नाराजगी ङोलनी पड़ती है। यही कारण है कि रेलवे बोर्ड कई रूटों पर पटरियों की नियमित मरम्मत के लिए ब्लॉक नहीं देता है। इसलिए जिन रूटों पर एक ट्रेन के गुजरने के बाद और दूसरी ट्रेन के आने तक दो घंटे से अधिक समय का रहता है, वहां इंजीनियरिंग और सिग्नल अनुभाग के कर्मचारी लाइन मरम्मत में जुट जाते हैं। इसकी सूचना न तो वह स्टेशन मास्टर को देते हैं, न ही कंट्रोल रूम को पता रहता है। 1यहां फंसता है मामला1मानकनगर व अमौसी में बिना सूचना काम करने पर ट्रेन आ जाने के मामले में पता चला कि कर्मचारी तय समय के भीतर काम पूरा नहीं कर सके। एक बार लाइन को खोलने के बाद उसे छोड़ा नहीं जा सकता। इस काम की अनुमति नहीं ली जाती है इसके चलते काम पूरा होने की सूचना तक नहीं दी जाती है और खुली पटरी तक ट्रेन आने पर हादसे की आशंका रहतीे है।’>>आए दिन बिना ब्लॉक व सूचना के खोल दी जाती है रेल लाइन 1’>>दो महीने में तीन ट्रेनें दुर्घटना का शिकार होने से बची12बीती फरवरी में अमौसी के पास बिना सूचना के रेल लाइन खोल दी गई। चल रहे मरम्मत कार्य के बीच बरौनी मेल पहुंच गई। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी।मार्च में मानकनगर स्टेशन पर सिग्नल प्वाइंट की मरम्मत के लिए स्टेशन मास्टर को बिना सूचना दिए लाइन खोल दी गई। इस बीच एलटीटी गोरखपुर सुपरफास्ट आ गई। हालांकि ड्राइवर की सूझबूझ से हादसा टला।जिस पटरी पर रेलवे तेजस एक्सप्रेस जैसी सुपरफास्ट ट्रेन दौड़ाने की तैयारी कर रहा है, उस पर केवल 72 किलोमीटर के रेलखंड पर सात जगह ट्रेनों को कॉशन देकर धीमी गति से चलाना पड़ता है। इस रूट पर 55 और 60 किलो (एक मीटर पटरी का वजन) की पटरी कई स्थानों पर कमजोर है। 1जिस उन्नाव स्टेशन पर रविवार को रेल हादसा हुआ है वहां से भी शताब्दी एक्सप्रेस जैसी सुपरफास्ट ट्रेन को धीमी गति से चलाना पड़ रहा है। इस रूट पर शताब्दी एक्सप्रेस की औसत गति 50 किलोमीटर प्रतिघंटा से भी कम है। लखनऊ से कानपुर के बीच ट्रेन चलाने वाले ड्राइवरों को सबसे पहले अमौसी स्टेशन पार होते ही मोड़ पर आते ही गति धीमी करनी पड़ती है। यहां से ट्रेन की गति हरौनी और जैतीपुर के बीच फिर कम हो जाती है। अजगैन, सोनिक और उन्नाव स्टेशनों के बीच भी पटरियां कमजोर हो गई हैं। जिस वजह से तेज गति से ट्रेन नहीं निकाली जा सकती है।कमजोर हो रही पटरियों और उनकी गड़बड़ी के कारण आए दिन हो रहे हादसों को देखते हुए आखिरकार रेलवे ने बड़ा कदम उठा लिया। रेलवे मुख्यालय ने पूरे लखनऊ मंडल की पटरियों की जांच करने के आदेश दिए हैं। रेलवे अफसरों को खुद मौके पर जाना होगा और कई बिन्दुओं पर पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट देनी होगी।1दरअसल उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के अलग अलग हिस्सों में पटरियों की गड़बड़ी आए दिन सामने आ रही है। कानपुर और मगरवारा के बीच पटरी की गड़बड़ी से ही मालगाड़ी के 11 वैगन पटरी से उतरे थे। जबकि फैजाबाद सहित कई रेलखंडों पर पिछले एक साल में छह हादसे हो चुके हैं। इसे देखते हुए रेलवे मुख्यालय ने वरिष्ठ मंडल अभियंता, सहायक मंडल अभियंता और पर्यवेक्षकों को अधिक से अधिक समय पटरियों के निरीक्षण के लिए देने को कहा है। यह अधिकारी पटरियों के फिटनेस, उसकी फिटिंग, प्वाइंट और क्रासिंग की स्थिति, लेबल क्रासिंग गेट पर अपनाए जाने वाले संरक्षा के नियम के साथ नियमित पेट्रोलिंग भी करेंगे।
  
May 24 2017 (20:17)  Unnao railway station.: Panel to probe Lokmanya Tilak superfast express derailment (timesofindia.indiatimes.com)
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Major Accidents/DisruptionsNR/Northern  -  

News Entry# 303497     
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Posted by: rdb*^  129373 news posts
KANPUR: General manager, Northern Railway, RK Kulsheshtra has constituted a senior administrative grade (SAG) level committee to probe the May 21 train accident where 21 coaches of Lokmanya Tilak superfast express had derailed at platform number three of Unnao railway station. There was no casualty in the accident. Divisional railway manager, Lucknow division of Northern Railway said a four-member inquiry committee has been nominated by GM to probe the cause of derailment. The inquiry committee would be headed by chief track engineer Alok Kansal. The committee would record the statements of railway staff.
  
May 24 2017 (20:08)  लापरवाही से डीरेल हुई ट्रेन,उत्तर रेलवे के सीपीआरओ नीरज शर्मा ने बताया कि ट्रैक मेंटीनेंस के दौरान ट्रेन को कॉशन देकर निकाला जाना चाहिए था। ऐसा क्यों नहीं किया गया है, इसकी जांच के आदेश दे दिए गए (epaper.jagran.com)
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Major Accidents/DisruptionsNR/Northern  -  

News Entry# 303489     
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May 24 2017 (20:08)
Station Tag: Kanpur Central/CNB added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

May 24 2017 (20:08)
Station Tag: Lucknow Charbagh NR/LKO added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

May 24 2017 (20:08)
Train Tag: Mumbai LTT - Lucknow AC SF Express/22121 added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

Posted by: ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~  5677 news posts
असावधानी
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जागरण संवाददाता, उन्नाव : रविवार उन्नाव में को फिर रेल हादसा हो गया। मुंबई से लखनऊ आ रही 22121 डाउन लोकमान्य तिलक टर्मिनस एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (एलटीटी) ट्रेन की 11 बोगियां रविवार दोपहर करीब 1.35 बजे उन्नाव रेलवे स्टेशन पर पटरी से उतर गईं। अचानक तेज आवाज व झटका लगते ही लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दी। इससे पटरी से उतरी बोगियां प्लेटफार्म नंबर तीन से टकराकर उसी पर टिक गईं। हादसे के वक्त ट्रेन की रफ्तार कम थी वरना बड़ा हादसा हो सकता था। ट्रेन
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के रुकते ही यात्री भी कूदकर भागे। कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आईं। ट्रैक पर तीन दिन से मेंटीनेंस का काम चल रहा है लेकिन बिना कॉशन लिए ही टेन को गुजारा गया, जिसकी वजह से हादसा हुआ। बहरहाल घटना हादसा है या साजिश, इसकी जांच में रेलवे, पुलिस व राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) के अधिकारी जुटे हैं।1दोपहर में कानपुर से लगभग 55 मिनट विलंब से यह ट्रेन लखनऊ के लिए चली थी। गंगाघाट, मगरवारा रेलवे स्टेशन से रनथ्रू निकलने के बाद उन्नाव पश्चिमी केबिन के पहले सिग्नल न मिलने से रफ्तार धीमी हो गई। इसी बीच सिग्नल मिला तो लोको पायलट 30 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से उन्नाव स्टेशन की तरफ बढ़ा। इंजन के पीछे लगे लगेज यान व कोच बी-1 प्लेटफार्म के अंतिम छोर पर पहुंचने वाले ही थे तभी अचानक तेज धमाके की आवाज के साथ ट्रेन के लहराने से यात्री सहम गए। कुछ गड़बड़ होने के अंदेशे से लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लिया लेकिन तब तक इंजन और उसके पीछे के दो कोच को छोड़ पीछे की 11 बोगियां पटरी से उतरकर प्लेटफार्म की दीवार से टकराते हुए उसी पर टिक गईं। सबसे आखिरी कोच बी-11 और पेंट्रीकार वाले स्थान पर रेल पटरियां काफी क्षतिग्रस्त हो गईं लेकिन दोनों कोच पलटने से बच गए। हादसे को देखकर दूसरी ट्रेनों की प्रतीक्षा में खड़े यात्रियों में भगदड़ मच गई। इधर ट्रेन में रुकते ही उस पर सवार यात्री भी बाहर की तरफ भागे और कुछ ही मिनट में पूरी ट्रेन खाली हो गई। काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति रही। कुछ ही देर बाद राहत कार्य शुरू हुआ। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी तथा एडीआरएम एसके सपरा ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। उत्तर रेलवे के सीपीआरओ नीरज शर्मा ने बताया कि ट्रैक मेंटीनेंस के दौरान ट्रेन को कॉशन देकर निकाला जाना चाहिए था। ऐसा क्यों नहीं किया गया है, इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। ट्रैक बहाल करने को टीमें लगी हैं।1मेगा ब्लॉक के चलते कल होंगी कई ट्रेनें प्रभावित1जासं, हापुड़ : हापुड़-बाबूगढ़ सेक्शन के पुल संख्या-58 पर गार्डर लगाने का काम मंगलवार को होगा। इसके चलते पांच घंटे का मेगा ब्लाक लिया गया है। इस कारण एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग बदला जाएगा और कुछ पैसेंजर ट्रेनों को रोककर चलाया जाएगा।’>>लोको पायलट ने लगाई इमरजेंसी ब्रेक प्लेटफार्म नंबर-तीन पर टिके कोच1’ तीन दिन से चल रहा था ट्रैक मेंटीनेंस, बिना कॉशन गुजारी ट्रेन, 11 डिब्बे पटरी से उतरे
  
May 24 2017 (20:08)  Railway traffic towards Mumbai affected due to breakdown of Overhead Equipment near Surat (timesofindia.indiatimes.com)
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Major Accidents/DisruptionsWR/Western  -  

News Entry# 303488     
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Posted by: rdb*^  129373 news posts
SURAT: Railway traffic between Surat and Mumbai was affected following break down of the Overhead Equipment (OHE) between Udhana and Surat. Sources said that most of the super fast and long distance trains between Mumbai and Surat were running late by almost two hours and that the trains on the UP line were diverted to the Down line. The incident occurred in the morning hours between Udhana and Surat. The Overhead cable of the OHE broke down, thereby resulting in the railway traffic towards Mumbai coming to a grinding halt. Most of the trains like Baroda-Bhilad, Karnavati, Double-Dekkar, Shatabdi and Suryanagri Express were halted at Surat, Utran and Udhana stations due to the break down of the OHE. Only down line is running, which has resulted in the slowing down of the railway traffic between Surat and Mumbai. Official sources said that the railway staff is working continuously to restore the...
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break down of the OHE between Surat and Udhana.
  
May 24 2017 (19:52)  मालगाड़ी में आग से दो लाख का कोयला जला (epaper.navbharattimes.com)
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Major Accidents/DisruptionsNR/Northern  -  

News Entry# 303484     
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May 24 2017 (19:52)
Station Tag: Sultanpur Junction/SLN added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

May 24 2017 (19:52)
Station Tag: Haidergarh/HGH added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

Posted by: ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~  5677 news posts
nएनबीटी, त्रिवेदीगंजः लखनऊ-सुलतानपुर रेलमार्ग पर लोनीकटरा के छन्दरौली स्टेशन के पास रविवार को करीब सुबह करीब आठ बजे झारखंड से कोयला लादकर रोजा जा रही अप मालगाड़ी के डिब्बे मे आग लग गई। सूचना पर ट्रेन को छन्दरौली स्टेशन पर रोक लिया गया।
मौके पर पहुंचे फायर बिग्रेड कर्मियों ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। छन्दरौली स्टेशन मास्टर अनुराग शर्मा ने बताया कि रोजा जा रही मालगाड़ी में आगे से ग्यारहवें डिब्बे से धुंआ उठने की सूचना पर ट्रेन को यहां रोका गया था। करीब दो लाख का कोयला जल जाने का अंदेशा है। स्टेशन मास्टर अनुराग शर्मा ने बताया आग बुझाने के लिए बिजली सप्लाई बन्द की गई। इससे वाराणसी से कानपुर जाने वाली
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वरुणा एक्सप्रेस आधा घंटे अकबरगंज स्टेशन पर खड़ी रही। एक सप्ताह पहले भी कोयला लेकर जा रही मालगाडी की 25वीं बोगी मे आग लग जाने से यही पर रोक कर आग बुझाई गई थी।
  
May 24 2017 (19:50)  उन्नाव ट्रेन हादसे के बाद चारबाग में चरमरा गई व्यवस्था,अधिकारी उन्नाव चले गए, यात्री भटकते रहे (epaper.navbharattimes.com)
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Major Accidents/DisruptionsNR/Northern  -  

News Entry# 303483     
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May 24 2017 (19:51)
Station Tag: Kanpur Central/CNB added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

May 24 2017 (19:51)
Station Tag: Unnao Junction/ON added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

May 24 2017 (19:51)
Station Tag: Lucknow Charbagh NR/LKO added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

May 24 2017 (19:51)
Train Tag: Mumbai LTT - Lucknow AC SF Express/22121 added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

May 24 2017 (19:51)
Train Tag: Lucknow - Mumbai LTT AC SF Express/22122 added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

Posted by: ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~  5677 news posts
भीषण गर्मी में यात्रियों को घंटों नहीं मिला पानी
उन्नाव ट्रेन हादसे के बाद चारबाग में चरमरा गई व्यवस्था, सही जानकारी न मिलने पर यात्रियों ने किया हंगामा
अधिकारी उन्नाव चले गए, यात्री भटकते रहे
NBT•एनबीटी ब्यूरो, उन्नाव : लखनऊ-एलटीटी एक्सप्रेस डिरेल होने के बाद किसी तरह ट्रेन से जान बचाकर निकले यात्रियों को रेलवे की अव्यवस्था ने परेशान कर दिया। 42 डिग्री सेल्सियस
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तापमान में यात्री सिर छिपाने के लिए छांव की तलाश में भटकते रहे। कोई किसी पेड़ के तले तो कोई प्लेटफॉर्म के कोने में धूप से बचने की कोशिश में बैठा रहा। एक घंटे तक रेलवे कर्मचारी यात्रियों को पानी तक उपलब्ध नहीं करवा सके। लखनऊ पहुंचने के लिए कोई गाड़ी न मिलने पर कई यात्रियों ने अपने रिश्तेदारों को फोन कर बुलाया।
उन्नाव जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर कैसरबाग निवासी एक महिला बुरी तरह रो रही थीं। उनके बेटे आकिल ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे ऐसा लगा जैसे कोई धमाका हुआ हो। ट्रेन हिली और लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। किसी तरह सामान लेकर बाहर निकले, लेकिन रेलवे मदद के नाम पर पानी तक नहीं दे सका। लखनऊ से फैमिली के लोग गाड़ी लेकर आ रहे हैं।
पास बैठीं नाजिया परवीन को बस्ती जाना था। वह बी-3 कोच में सवार थीं। बकौल नाजिया, 'अचानक भूकंप जैसा महसूस हुआ। मैं अपनी मासूम बेटी को सीने से चिपकाए रही। रेलवे ने घर पहुंचाने का कोई इंतजाम नहीं किया है। पति बाहर गए हैं, ताकि कोई टैक्सी कर सकें'। प्लैटफॉर्म नंबर-1 पर परिवार के साथ बैठीं भारती राजसिंह ने बताया कि वह मुंबई से लखनऊ आ रही थीं। हादसे के बाद वह कोच से बाहर निकलने का प्रयास कर रही थीं, तब तक कुछ सिपाही आए और बाहर निकाला।
फैजाबाद एक्स.से गए यात्री
उन्नाव स्टेशन से करीब 150 यात्रियों को रेलवे ने कानपुर-फैजाबाद एक्सप्रेस से लखनऊ भेजा। इसके अलावा एक ट्रेन भी चलाई गई।
डिरेलमेंट के बाद रविवार को ट्रेनें कैंसल होने पर उन्नाव स्टेशन पर यात्री घंटों परेशान रहे।
रिफंड के लिए लंबी लाइन
लखनऊ-एलटीटी एक्सप्रेस रद होने के बाद टिकट का रिफंड लेने के लिए बुकिंग काउंटर पर यात्रियों की लाइन लग गई। सैकड़ों यात्रियों के एक साथ पहुंच जाने के कारण अफरातफरी मच गई। बाद में आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने लाइन व्यवस्थित करवाई।
हेल्पलाइन नंबर जारी
रेलवे ने चारबाग स्टेशन पर हेल्प डेस्क बनाने के साथ हेल्पलाइन नंबर 0522-2237677 और 9794630973 जारी किया है। हालांकि, हेल्पलाइन नंबर की जानकारी कई घंटे तक स्टेशन परिसर में चस्पा नहीं की गई।
कई ट्रेनों का संचालन रद
लंबे समय से कानपुर नहीं जा रही वरुणा एक्सप्रेस का संचालन रविवार को बहाल होना था, लेकिन हादसे के कारण यह ट्रेन कानपुर नहीं जा सकी। इसके अलावा 64236 कानपुर-बाराबंकी मेमू, 64235 बाराबंकी-कानपुर मेमू, 64274 लखनऊ-बाराबंकी मेमू, 64275 बाराबंकी-लखनऊ मेमू, 64213 लखनऊ-कानपुर मेमू, 642111 लखनऊ-कानपुर मेमू, 22122 लखनऊ-एलटीटी एक्सप्रेस निरस्त रही। कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी सहित कई ट्रेनें बदले रूट से चलाई गईं।
बस खड़ी, लेकिन बताने वाला कोई नहीं
उन्नाव स्टेशन के सिटी साइड पर यूपी रोडवेज की बस खड़ी थी, लेकिन यात्रियों को जानकारी देने के लिए कोई मौजूद नहीं था। फर्स्ट क्लास और जनरल वेटिंग रूम में काफी यात्री सामान लेकर परेशान हो रहे थे। फर्स्ट क्लास वेटिंग रूम में तो रोशनी तक का इंतजाम नहीं था।
उन्नाव में एलटीटी-लखनऊ जंक्शन एक्सप्रेस के डिरेल होने के बाद चारबाग स्टेशन पर भी व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। हादसे की सूचना पाकर रेलवे अधिकारी उन्नाव के लिए रवाना हो गए लेकिन लखनऊ में ट्रेन के इंतजार में बैठे यात्रियों की किसी ने कोई खबर नहीं ली। ट्रेन की सही जानकारी न मिलने पर यात्रियों ने हंगामा भी किया।
लखनऊ-एलटीटी एक्सप्रेस रद होने की जानकारी पाकर दर्जनों यात्री स्टेशन मास्टर के कमरे में पहुंच गए और दूसरी ट्रेन से मुम्बई भेजने की बात कही। स्टेशन मास्टर अरविंद बघेल ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन यात्री नहीं माने। करीब 45 मिनट तक चले हंगामे के बाद किसी ने जीआरपी और आरपीएफ को सूचना दी। इसके बाद जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों को समझाकर मामला शांत करवाया। इसके अलावा दर्जनों यात्री वरिष्ठ स्टेशन प्रबंधक और स्टेशन मास्टर के पास पहुंचे और एअरलाइंस की तर्ज पर उनके रहने, खानपान और मुंबई भेजने की व्यवस्था करने को कहा। हालांकि, अधिकारियों ने ऐसी की व्यवस्था से इनकार कर सभी को लौटा दिया।
  
30 घंटे बाद भी बहाल नहीं हो सका संचालन
संयुक्त रिपोर्ट में उजागर हुई सच्चाई, उन्नाव स्टेशन पर रविवार को हुआ था हादसा
•एनबीटी ब्यूरो, लखनऊ
उत्तर रेलवे के उन्नाव स्टेशन पर रविवार दोपहर लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के 11 डिब्बे डिरेल होने की असल वजह पटरियों की खराबी है। एक्सीडेंट स्थल पर एक जगह की पटरी में आधा दर्जन से भी अधिक जोड़ बताए
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जा रहे हैं, जबकि एक फिश प्लेट में चार की जगह एक ही बोल्ट लगा था। चंद कदमों की दूरी पर ऑर्डनरी व कम्पाउंड फिश प्लेट लगाया जाना भी अहम वजह है। इससे जाहिर है कि इंजीनियरिंग विभाग के अफसर पटरियों की मेंटेनेंस में किस कदर लापरवाही बरत रहे हैं।
लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस (22121) में सफर कर रहे पैसेंजर शौभाग्यशाली थे कि गाड़ी की स्पीड करीब 50 किमी प्रति घंटे तक सीमित थी। अगर वहां कॉशन न लगा होता तो स्पीड ज्यादा होती और फिर लोगों की जानमाल का भी नुकसान हो सकता था। रेलवे के भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो जिस वक्त मगरवारा व उन्नाव स्टेशन के मध्य पटरी पर अचानक एक मवेशी आ जाने से ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक का इस्तेमाल किया था। इसके बाद उन्नाव में डिरेलमेंट होने से पहले ट्रेन में बैठे यात्रियों के साथ ही लोको पायलट एसबी ओझा, असिस्टेंट लोको पायलट मोहम्मद जैद और गार्ड यूके यादव को भी झटके का आभास हुआ था। जब तक ड्राइवर ट्रेन रोकता तब तक गाड़ी के 11 कोच डिरेल हो चुके थे। एक्सीडेंट के बाद सोमवार को उन्नाव के स्टेशन अधीक्षक, चीफ लोको इंस्पेक्टर, एसएसई कोचिंग, एसएसई (पी-वे), एसएसई सिग्नल टेलिकॉम और यातायात निरीक्षक ने संयुक्त जांच रिपोर्ट तैयार की। इसमें पटरियों की खराबी उजागर हुई है। इतना ही नहीं 52 केजी व 60 केजी की पटरी के बीच हाईक्वॉलिटी जोड़ न होने की बात भी सामने आई है। लाइन बदलने की जगह लगाई गई चेकरेल में भी खराबी थी।
पटरियों की खराबी से डिरेल हुई LTT एक्सप्रेस
सोमवार रात तक चलता रहा मेंटेनेंस का काम
•एनबीटी ब्यूरो, लखनऊ : उत्तर रेलवे के उन्नाव स्टेशन पर रविवार दोपहर 13:35 बजे एलटीटी-लखनऊ एसी एक्सप्रेस के 11 कोच डिरेल होने के बाद से डाउन लाइन पर ठप हुआ ट्रेन संचालन 30 घंटे बाद भी बहाल नहीं हो सका। हालांकि सोमवार सुबह 11:30 बजे ट्रैक फिट हो गया था। उसके बाद खाली इंजन दौड़ाकर पटरी की मजबूती की टेस्टिंग भी की जा चुकी थी। दूसरी ओर संयुक्त रिपोर्ट तैयार कराने के बाद भी कई विभागों के अधिकारी रात तक उन्नाव में डेरा जमाए रहे।
रविवार जब एलटीटी एक्सप्रेस के 11 कोच डिरेल हुए थे। उम्मीद जताई जा रही थी कि सोमवार सुबह तक क्षतिग्रस्त हुई रेलवे लाइन दुरस्त कर ली जाएगी। हालांकि 30 घंटे बीतने के बावजूद इंजीनियरिंग विभाग ने ट्रेन संचालन नहीं शुरू कराया। ट्रेन संचालन शुरू न होने से कई अधिकारी मौके पर ही जमे रहे। उत्तर रेलवे के जीएम आरके कुलश्रेष्ठ ने रविवार रात मामले की जानकारी ली। सोमवार दोपहर तक उन्नाव में डेरा जमाए रहे। रविवार रात को दिल्ली से स्पेशल ट्रेन से मुख्य संरक्षा अधिकारी, सीआरएसई फ्रेट, सीओएम (जी) सहित कई अफसर भी उन्नाव पहुंचे थे।
रात नौ बजे तक टॉवर वैगन से हुआ मेंटेनेंस: एलटीटी एक्सप्रेस के डिरेलमेंट के बाद क्षतिग्रस्त लाइन की मेंटेनेंस का काम सोमवार रात 9 बजे तक चलता रहा। इंजन से ट्रायल के बाद इंजीनियरिंग विभाग ने ट्रैक मशीन के जरिए मेंटेनेंस का काम शुरू किया। देर रात तक ट्रेन संचालन बहाल कर दिया जाएगा।
चार सदस्यीय समिति करेगी जांच: रेल प्रशासन एलटीटी एक्सप्रेस के डिरेलमेंट मामले की संयुक्त रिपोर्ट मिलने के बाद इसकी जांच की जिम्मेदारी चार सदस्यीय कमिटी को सौंपी गई है। अफसरों के मुताबिक कमिटी में सीनियर डिविजनल इंजीनियर (II) विकास गोयल, सीनियर डिविजनल मेकेनिकल इंजीनियर कौस्तुभमणि त्रिपाठी, सीनियर डिविजनल सिग्नल एंड टेलिकॉम इंजीनियर अतुल सिंह और सीनियर डिविजनल ऑपरेटिंग ऑफिसर (जी) वाईपी त्रिपाठी शामिल हैं। हालांकि डीआरएम सतीश कुमार ने रात तक गठित कमिटी के प्रपोजल पर अपनी मुहर नहीं लगाई।
छुट्टी कैंसल कर वापस लौटे डीआरएम: एक्सीडेंट की सूचना पाकर छुट्टी पर अम्बाला गए डीआरएम सतीश कुमार रविवार को ही वापस चल दिए। सोमवार को वह चारबाग स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद सीधे उन्नाव रवाना हो गए। मौके पर पहुंचकर उन्होंने अफसरों से पूरे मामले की जानकारी ली। गोमती एक्सप्रेस, वरुणा एक्सप्रेस, दो मेमू ट्रेनें व प्रतापगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस कैंसल कर दी गईं। इससे यात्रियों ने काफी देर तक हंगामा किया।
एक्सीडेंट की असल वजह जांच के बाद ही पता चल सकेगी। डिरेलमेंट की जांच के लिए अभी कमिटी फाइनल नहीं हुई है। मंगलवार तक इन्क्वायरी कमिटी फाइनल होने की उम्मीद है।
- सतीश कुमार, डीआरएम, नॉर्दर्न रेलवे
एक जगह कम्पाउंड फिश प्लेट लगी थी तो दूसरी जगह ऑर्डनरी फिश प्लेट लगाई गई थी। कम्पाउंड की जगह ऑर्डनरी फिश प्लेट भी एक्सीडेंट की वजह बनी है।
हेड क्वॉर्टर करवा
सकता है जांच
अभी तक एलटीटी एक्सप्रेस के एक्सीडेंट की जांच मंडल स्तर से कराने के लिए चार सदस्यीय कमिटी गठित की गई है, लेकिन उस पर डीआरएम ने अपनी सहमति नहीं दी है। अफसरों की मानें तो जीएम आरके कुलश्रेष्ठ ने सोमवार को हेड क्वॉर्टर स्तर से जांच कराने के संकेत दिए हैं। अगर हेड क्वॉर्टर लेवल से जांच हुई तो फिर एक्सीडेंट के लिए जिम्मेदार कतई नहीं बच पाएंगे।

  
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May 24 2017 (19:50)
Akhlaq~   224 blog posts
Re# 2291171-1            Tags   Past Edits
Marre hue ghode mein haan daalne ki koshish ki jaa rahi hai

  
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May 24 2017 (19:54)
☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~   13437 blog posts   3052 correct pred (65% accurate)
Re# 2291171-2            Tags   Past Edits
kuch na hona ab aise accident ab common ho gaye hai ...bura haal h rly ka

  
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May 24 2017 (19:54)
NxtGen IRians*^~   45824 blog posts   18489 correct pred (69% accurate)
Re# 2291171-3            Tags   Past Edits
huge currption happened in lko nr. A detailed investigation should be done. Previous DRM AK lahoti ka karaya hua har kaam aisa hi bekar quality ka rha hai.
we also raises voice time to time for this section.

  
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May 24 2017 (19:59)
☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~   13437 blog posts   3052 correct pred (65% accurate)
Re# 2291171-4            Tags   Past Edits
:D ABHI kaun sa sudhar gaya bhai ? haal wahi h ,New drm bhi frst day active ho kar ab shant h ...

  
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May 24 2017 (20:04)
ranjitg370   2448 blog posts   1141 correct pred (74% accurate)
Re# 2291171-5            Tags   Past Edits
Tracks kharabi se train derailment huyi to woh kharab track ko replace karne kaun aayega ? Railway employees karega ya phir minister aake kharab track replace karenge. Yeh kuch laparwahi employees to bachne ka bahaana dhundte rehte hai.

  
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May 24 2017 (20:11)
☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~   13437 blog posts   3052 correct pred (65% accurate)
Re# 2291171-6            Tags   Past Edits
/news/post/303489
is news ko pado aap Rly staff caution lagana bhool gaya tha :D Isiliye huwa ye accident
  
May 24 2017 (19:35)  OHE लाइन टूटने से ठप रहा ट्रेन संचालन, सदर-दिलकुशा के बीच ट्रैक पर चल रही पेड़ों की छंटाई के दौरान मंगलवार को एक पेड़ टूट जाने से करीब साढ़े तीन घंटे तक ट्रेन संचालन बाधित रहा (epaper.navbharattimes.com)
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Major Accidents/DisruptionsNR/Northern  -  

News Entry# 303476     
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May 24 2017 (19:35)
Station Tag: Dilkusha Cabin/LBH added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

May 24 2017 (19:35)
Station Tag: Lucknow Charbagh NR/LKO added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

Posted by: ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~  5677 news posts
लखनऊ: सदर-दिलकुशा के बीच ट्रैक पर चल रही पेड़ों की छंटाई के दौरान मंगलवार को एक पेड़ टूट जाने से करीब साढ़े तीन घंटे तक ट्रेन संचालन बाधित रहा। ओवर हेड इलेक्ट्रिकल लाइन (ओएचई) टूट जाने से बाराबंकी, रायबरेली व सुलतानपुर की ओर जाने वाली ट्रेनें जहां तहां खड़ी हो गईं। दोपहर तीन बजे ठप हुआ संचानन शाम 6:30 बजे लाइन ठीक होने के बाद शुरू हो सका।
उत्तर रेलवे मंगलवार को सदर से दिलकुशा के बीच पटरी के किनारे के पेड़ों की छंटाई करवा रहा था। दोपहर करीत 3:00 बजे सदर में एक पेड़ टूटकर ओएचई लाइन पर गिर पड़ा। इस कारण इलेक्ट्रिक इंजन से चलने वाली ट्रेनों और व मेमू का संचालन ठप हो गया। रेलवे की टीआरडी टीम ने
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मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत शुरू की। इस दौरान त्रिवेणी एक्सप्रेस, गंगा-गोमती, गोरखपुर-यशवंतपुर, कानपुर-फैजाबाद इंटरसिटी, दून, हावड़ा-अमृतसर और कुंभ एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें जहां-तहां खड़ी हो गईं।
  
May 24 2017 (19:33)  उन्नाव में डैमेज लाइन ठीक होने में 3 दिन और,कानपुर रेलखंड पर कई जगह कॉशन (epaper.navbharattimes.com)
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Major Accidents/DisruptionsNR/Northern  -  

News Entry# 303474     
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May 24 2017 (19:33)
Station Tag: Unnao Junction/ON added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

May 24 2017 (19:33)
Station Tag: Kanpur Central/CNB added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

May 24 2017 (19:33)
Station Tag: Lucknow Charbagh NR/LKO added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

May 24 2017 (19:33)
Train Tag: Mumbai LTT - Lucknow AC SF Express/22121 added by ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~/206964

Posted by: ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~  5677 news posts
LTT एक्प्रसेस के उन्नाव में डिरेलमेंट का मामला, जीएम ने गठित की एसएजी लेवल जांच कमिटी
बताया कि क्षतिग्रस्त लाइन को पूरी तरह से मजबूत करने के लिए नए सिरे से कंक्रीट स्लीपर डाले जाएंगे। उसके बाद सिग्नलिंग काम कराकर उस लाइन पर संचालन बहाल किया जाएगा। इस मामले में सीनियर डीओएम अजीत सिन्हा लगातार नजर रख रहे हैं।
 चीफ ट्रैक इंजीनियर बने इन्क्वायरी कमिटी के चेयरमैन : डीआरएम सतीश कुमार ने बताया कि जीएम आरके कुलश्रेष्ठ ने मंगलवार को एसएजी लेबल की इन्क्वायरी कमिटी गठित कर दी है। जीएम ने चीफ ट्रैक
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इंजीनियर अशोक कंसल को कमिटी का चेयमरैन बनाया है। जबकि सीआरएसई विकास पुरवार, एडीआरएम एसके सपरा व अडिशनल सीएससी एएन मिश्र कमिटी के सदस्य होंगे। डीआरएम ने बताया कि अब हेड क्वार्टर की कमिटी ही एलटीटी डिरेलमेंट की जांच करेगी।
 काश! जीएम के निर्देशों पर गम्भीरता से किया होता अमल : उत्तर रेलवे के जीएम ने 21 अप्रैल से पांच मई तक स्पेशल सेफ्टी ड्राइव चलाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अफसरों व पर्यवेक्षकों को उस आदेश को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। अगर गम्भीरता से उस आदेश पर अमल किया गया होता तो उन्नाव में एलटीटी एक्सप्रेस के 11 कोचों के डिरेलमेंट होने जैसा हादसा न होता। जीएम ने पटरियों की फिटिंग्स व ट्रैक की फिटनेस के साथ ही पटरियों पर लगी फिटिंग्स में कहां-कहां जंग लगी है उस पर भी रिपोर्ट मांगी थी। इसके अलावा पॉइंट्स एवं क्रॉसिंग्स की हालत, लेबल क्रॉसिंग गेट्स के सेफ गार्ड्स और गेट मित्रों की तैनाती की जानकारी भी मांगी थी।
 कानपुर रेलखंड पर कई जगह कॉशन : ट्रेन ड्राइवर्स की मानें तो मानकनगर से कानपुर के मध्य पटरियों व सिग्नलों की हालत देखते हुए रेलवे ने कई जगहों पर कॉशन ऑर्डर दे रखे हैं। जिन जगहों से ट्रेन गुजरने के दौरान ड्राइवर्स को ट्रेनों की स्पीड धीमी करनी पड़ती है। जिस जगह एलटीटी एक्सप्रेस डिरेल हुई थी वहां पहले से ही कॉशन लगा था। फिलहाल अमौसी, हरौनी, जैतीपुर, अजगैन, सोनिक व उन्नाव में कॉशन लगाए गए हैं।•एनबीटी ब्यूरो, लखनऊ : उत्तर रेलवे के उन्नाव रेलखंड पर रविवार दोपहर एलटीटी एक्सप्रेस के डिरेलमेंट के बाद लाइन नंबर तीन पर तीसरे दिन भी संचालन बहाल नहीं हो सका। अफसरों के मुताबिक इस लाइन पर ट्रेन संचालन शुरू होने में अभी तीन दिन और लगेंगे। दूसरी ओर महाप्रबंधक आरके कुलश्रेष्ठ ने 11 कोचों के डिरेलमेंट के मामले में मंडल स्तर के बजाए मुख्यालय स्तर से जांच कराने का निर्णय किया है। आरके कुलश्रेष्ठ ने मंगलवार शाम सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (एसएजी) के अफसरों की चार सदस्यीय उच्च स्तरीय कमिटी गठित कर दी है।
उत्तर रेलवे के उन्नाव स्टेशन पर रविवार दोपहर 13.35 बजे एलटीटी-लखनऊ एसी एक्सप्रेस के 11 कोच डिरेल हो गए थे। इसके बाद लाइन नंबर तीन पर ठप हुआ ट्रेन संचालन शुक्रवार तक बहाल होने की उम्मीद है। क्षतिग्रस्त कंक्रीट स्लीपर्स बदलने के साथ ही उस लाइन का सिग्नलिंग सिस्टम भी ठीक किया जाना है। अब इंजीनियरिंग व सिग्नल एंड टेलिकॉम डिपार्टमेंट अगले तीन दिनों में यह काम कराएगा। नॉर्दर्न रेलवे के इतिहास में डिरेलमेंट के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा लाइन फेल्योर माना जा रहा है। सीनियर डीसीएम शिवेन्द्र शुक्ल ने
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