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Rail News
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New Facilities/Technology
SECR/South East Central
Nov 10 (12:51)   विकास कार्य:अटल नगर स्टेशन का नवा रायपुर में काम शुरू, अगले साल दिसंबर तक होगा तैयार

Saurabhdubey_86^~   2880 news posts
Entry# 4773607   News Entry# 424435         Tags   Past Edits
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रेलवे स्टेशन अटल नगर मंदिरहसौद से 2 किमी दूर नवा रायपुर की ओर बनेगा। इसका काम शुरू हो गया और रेलवे ने यही नाम अपने रिकार्ड में दर्ज भी कर लिया। यहां तक रेलवे लाइन बिछ चुकी है, इसलिए माना जा रहा है कि नवा रायपुर में तैयार होने वाला यही पहला रेलवे स्टेशन होगा। इसे जंक्शन के रूप में डेवलप किया जाएगा। दिसंबर 2021 में इस स्टेशन को चालू करने की तैयारी है।नवा रायपुर में रेललाइन बिछाने का काम लगभग तीन साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन सरकार बदलने और कोरोना की वजह से काम बुरी तरह प्रभावित हुआ। फिर भी, लगभग 5 किमी रेलवे लाइन बिछ चुकी है। इसमें पुल-पुलिए भी बन चुके हैं। जिस स्टेशन का नाम अटल नगर किया गया है, उसका नाम पहले नवा रायपुर था। लेकिन हाल में तय हुआ कि पहले स्टेशन का नाम ही अटल...
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पर रखा जाएगा। रायपुर जंक्शन से मंदिरहसौद तक जाकर जब ट्रेन नवा रायपुर की तरफ टर्न होगी, तब पहला स्टेशन अटल नगर ही पड़ेगा।
सरकार के बजट से ही स्टेशन : अटल नगर के अलावा उद्योग नगर और सीबीडी रेलवे स्टेशन बनाने का काम भी शुरू हो गया, लेकिन चौथे यानी मुक्तांगन स्टेशन का काम रोककर रखा गया है। इन स्टेशनों को बनाने का पूरा खर्च राज्य शासन व नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) को उठाना है। अर्थात, अटल नगर समेत चारों स्टेशन राज्य सरकार ही बनवाएगी। लेकिन नवा रायपुर का केंद्री स्टेशन रेलवे को बनवाना है। यह नवा रायपुर का अंतिम स्टेशन होगा, जहां से अभनपुर और राजिम होते ही धमतरी तक नैरो गेज की जगह ब्राड गेज रेलवे लाइन बनने वाली है।
शॉपिंग मॉल नहीं होंगे
एनआरडीए जिस डिजाइन पर पहले स्टेशन बनाने की तैयारी कर रहा था, उसमें बदलाव कर दिए गए हैं। अटल नगर समेत तीन-चार स्टेशनों में शापिंग माल बनाए जाने थे। डिजाइन में इसका उल्लेख है, लेकिन खर्च आधा (160 करोड़ से घटाकर 85 करोड़ रुपए) करने की वजह से एनआरडीए को माॅल हटाने पड़े। यानी, अब चारों स्टेशन माॅडल नहीं, बल्कि सामान्य होंगे। यहां केवल वही सुविधाएं रहेंगी, जो आम स्टेशनों में रहती हैं। स्टेशन के भवनों का साइज भी घटा दिया गया है।
तीस साल की प्लानिंग
पांच साल पहले शासन और रेलवे के बीच अनुबंध के तहत नवा रायपुर और सीबीडी को मॉडल स्टेशन के तौर पर डेवलप करने की योजना थी। तय अनुबंध के मुताबिक एनआरडीए को 27 करोड़ रुपए देना था, जिसका भुगतान रेलवे की ओर से कर दिया गया। स्टेशनों की प्लानिंग ऐसी थी कि ये 30 साल तक उपयोगी रहें। लेकिन अब एनआरडीए ने तय किया है कि अब सामान्य सुविधाओं के हिसाब से स्टेशन बनेंगे। भविष्य में जरूरत होगी तो इनका विस्तार कर लिया जाएगा।
रेल बजट में मिली राशि : रेलवे ने अपने बजट में नवा रायपुर लाइन समेत तीन प्रोजेक्ट के लिए 146 करोड़ रुपए का प्रावधान कर दिया गया है। यह काम बजट के अभाव में ही रुका था। अफसरों ने बताया कि इस राशि से नवा रायपुर की मंदिरहसौद-केंद्री रेललाइन का काम तेज होगा, जो एक साल लेट हो चुका है।
"नए स्टेशन का नाम अब अटल नगर होगा। पहले इसे नया रायपुर के नाम से प्रस्तावित किया गया था। लेकिन अब रेलवे के रिकॉर्ड में भी अटल नगर स्टेशन के नाम को शामिल कर लिया गया है।"-अनिल श्रीवास्तव, एसई, एनआरडीए

1 Public Posts - Tue Nov 10, 2020

Rail News
3221 views
Nov 10 (19:12)
akku
Desiincanada~   1264 blog posts
Re# 4773607-2            Tags   Past Edits
2025 se pahele Nai Banega.... BcoZ it's Chattisgarh
Rail News
SECR/South East Central
Sep 15 (00:09)   मंत्रालय से मिली हरी झंडी : 4021 करोड़ से बनेगी डोंगरगढ़-कटघोरा रेल लाइन

Chetan~   876 news posts
Entry# 4715774   News Entry# 418392         Tags   Past Edits
रायपुर। डोंगरगढ़ से कटघोरा के बीच बनने वाले रेल लाइन को रेल मंत्रालय ने अंतिम मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब कारीडोर का काम शुरू हो जाएगा। निर्माण एजेंसी छग रेल कार्पोरेशन लिमिटेड 4 हजार 21 करोड़ रुपए की लागत से काॅरीडोर को तैयार करेगी। 295 किमी. रेल लाइन को लेकर कई पेंच फंसे हुए थे। जिसे अब रेल मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी है। सांसद संतोष पांडेय ने बताया कि रेल कारीडोर को जल्द शुरू करने को लेकर उन्होंने संसद में मामला उठाया था, जिसके बाद रेल मंत्रालय ने उक्त रेल लाइन की मंजूरी पत्र मुख्य सचिव को प्रेषित कर दी है।स्वीकृति के बाद अब सीधे निर्माण कार्य शुरू होगाकाॅरीडोर के निर्माण को लेकर सभी तैयारी पूरी कर ली गई थी, जमीन अधिग्रहण से लेकर स्टेशन भी चिन्हित कर लिए गए हैं। लेकिन निर्माण एजेंसी छग रेल कार्पोरेशन को निर्माण शुरू करने की अंतिम अनुमति नहीं मिली थी।...
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लेकिन रेल मंत्रालय के इस स्वीकृति के बाद अब सीधे निर्माण कार्य शुरू होगा। इस रूट पर रेल की सुविधा बहाल किए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। अब निकट भविष्य में यह सपना साकार हो पाएगा।कुल 27 स्टेशन होंगे, मेन लाइन में ट्रैफिक कम होगाडोंगरगढ़ से कटघोरा रेल लाइन के लिए बीच कुल 27 स्टेशन बनेंगे। इसमें 12 स्टेशन राजनांदगांव जिले में और 15 स्टेशन कवर्धा से कटघोरा के बीच बनेंगे। खास बात यह है कि उक्त रेल लाइन के बनने के बाद नागपुर झारसुगुडा रेलमार्ग पर चलने वाले मालगाड़ियों का लोड कम होगा। इससे मालगाड़ियों की गति भी बढ़ेगी। इसी तरह 27 स्टेशन वाले हिस्सों में पहली बार रेल लाइन पहुंचेगी। लंबे समय से इस रूट में सुविधा की दरकार थी।नई रेलवे लाइन से रोजगार के अवसर अधिक मिलेंगेरेल लाइन निर्माण से न सिर्फ डोंगरगढ़ से कवर्धा होकर कोरबा यात्रियों को राहत मिलेगी वरन कोयला व अन्य खनिज के परिवहन से रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। रेल लाइन में डोंगरगढ़ से कवर्धा के मध्य लोहारा, गंडई, छुईखदान सहित 12 तथा कवर्धा से कटघोरा के मध्य पंडरिया, बेरला, मुंगेली, तखतपुर, काठाकोनी सहित 15 स्टेशन का निर्माण होना है। इससे यात्रियों को राहत मिलेगी।सांसद पांडेय ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त कियाकॉरीडोर के लिए रेल मंत्रालय की स्वीकृति पर सांसद संतोष पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रेल मंत्री पीयूष गोयल का आभार जताया है। पांडेय ने बताया कि परियोजना का सर्वाधिक लाभ जिले के डोंगरगढ़, कबीरधाम, को मिलेगा जहां स्वतंत्रता के बाद से ही रेल लाइन की कमी महसूस की जा रही थी। रेल लाइन निर्माण से न सिर्फ डोंगरगढ़ से कवर्धा होकर कोरबा यात्रियों को राहत मिलेगी।

Rail News
12613 views
Sep 15 (04:52)
akku
Desiincanada~   1264 blog posts
Re# 4715774-1            Tags   Past Edits
Shyad yr 4021 Tak ban jaaye...

BTW kisi me Himmat ho to katghora Sadak se chale jaaye... 20 Saal se to mai kharab halat me Dekh Raha hu, uske pahele kab bani/repair Hui thi Pata Nai...

4
...
more...
lane to chodo, 2 lane bhi gayab ho chuki hai ab to...Sadak me talab ban Chuka Hai katghora me... Uske upar se ye log railway track banayenge... Kuch bhi, saala Sab Hawa baazi Hai...

Pending projects in that region: Korba-pendra road, Korba-ambikapur, korba-dharmjagarh, korba-ranchi, and now THIS...
Rail News
10003 views
New Facilities/Technology
Sep 09 (10:13)   ट्रेनों के स्लीपर कोच बनेंगे इकोनॉमी एसी क्लास, पूरी तरह AC रेल चलाने की है तैयारी

SPSingh~   20 news posts
Entry# 4710316   News Entry# 417898         Tags   Past Edits
सूत्रों के मुताबिक, स्लीपर कोच को एसी कोच में बदलने की जिम्मेदारी कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री को दी गई है, जो कि पहले इसका प्रोटोटाइप तैयार करेगी।
भारतीय रेलवे अब आम नागरिकों को भी कम से कम खर्च पर एसी डिब्बों में सफर करने की सुविधा मुहैया कराना चाहता है। इसके लिए रेलवे ने स्लीपर और गैर-आरक्षित श्रेणी (अनरिजर्व्ड) के डिब्बों को एसी कोच में बदलने की योजना तैयार की है। रेलवे इसके जरिए देशभर में एसी ट्रेनों को लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जिससे यात्रियों की जेब पर बिना अतिरिक्त भार डाले उन्हें बेहतर सफर कराया जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, अपग्रेड किए हुए स्लीपर कोच को इकोनॉमिकल एसी 3-टियर कहा जाएगा।
सूत्रों
...
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के मुताबिक, रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला को स्लीपर कोच के एसी कोच में बदले रूप का प्रोटोटाइप तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। बताया गया है कि इकोनॉमिकल एसी 3-टियर में 72 बर्थों की जगह 83 बर्थ होंगी। शुरुआत में इन कोच को एसी-3 टियर टूरिस्ट क्लास भी कहा जाएगा। एक अफसर ने बताया कि यह एसी-3 टियर का ही सस्ता प्रारूप होगा। इससे पूरी एसी ट्रेन को यात्रियों के लिए वहन योग्य बनाया जा सकेगा।
पहले फेज में इस तरह के 230 डिब्बों का उत्पादन किया जाएगा। हर कोच को बनाने में 2.8 से 3 करोड़ रुपए तक का अनुमानित खर्चा आएगा, जो कि एसी 3-टियर को बनाने के खर्च से 10 फीसदी ज्यादा है। हालांकि, ज्यादा बर्थ और मांग के चलते रेलवे को इकोनॉमिकल एसी 3-टियर से अच्छी कमाई की उम्मीद है।
इसके अलावा अनआरक्षित जनरल क्लास के डिब्बों को भी 100 सीट के एसी डिब्बों में बदला जाएगा। इनके लिए डिजाइन को अंतिम प्रारूप दिया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआती डिजाइन में हर जनरल कोच में 105 सीटों के लिए जगह बनाई जा रही है।
बता दें कि आखिरी बार यूपीए-1 (2004-09) ने इकोनॉमिकल एसी 3-टियर क्लास डिब्बों को तैयार करने के बारे में योजना तैयार की थी। तब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। उनके नेतृत्व में गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेनें लॉन्च हुई थीं, जिन्हें एसी इकोनॉमी क्लास कहा गया। इसमें साइड मिडल बर्थ की भी शुरुआत की गई थी, जिससे डिब्बों की क्षमता और रेलवे की कमाई को भी बढ़ाया गया। हालांकि, यात्रियों ने इसमें सफर के दौरान परेशानी की बात कही। साथ ही ट्रेन में भीड़भाड़ की स्थिति भी पैदा होने लगी। बाद में इस तरह के कोच का उत्पादन बंद कर दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, नए डिब्बों में इलेक्ट्रिकल यूनिट्स को शिफ्ट किया जाएगा और कंबल-चादर रखने के कंपार्टमेंट को भी खत्म किया जाएगा, जिससे डिब्बे के अंदर ज्यादा जगह बनेगी। बता दें कि रेलवे पहले ही ट्रेनों में कंबल और अन्य सुविधाएं बंद करने का फैसला कर चुका है।

Rail News
9871 views
Sep 09 (10:21)
akku
Desiincanada~   1264 blog posts
Re# 4710316-1            Tags   Past Edits
Really good decision.....

Mai to Bolta hu SL class ka fare 30% increase Kar do, but Saari train ko AC me convert Kar do... Isse railway ka hi fayda Hoga, Aur especially maintenance karna easy padega economy of scale ki vaja se...

India
...
more...
jaisi hot country me jaruri bhi Hai passengers k liye
Rail News
Commentary/Human Interest
SECR/South East Central
Aug 29 (00:22)   सरगुजा मांगे रेल विस्तार मुहिम, दिल्ली व रायपुर तक सीधी रेल सुविधा की मांग

rhythmsofrail^~   693 news posts
Entry# 4698133   News Entry# 417137         Tags   Past Edits
नईदुनिया फोकस
अंबिकापुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। सरगुजा में इन दिनों सरगुजा मांगे रेल विस्तार मुहिम चलाई जा रही है। इस मुहिम के तहत वर्तमान रेल सुविधाओं को आधार बनाकर थोड़े प्रयास में बेहतर परिणाम के आह्वान के साथ जनांदोलन का रूप देने की कोशिश हो रही है। बरवाडीह रेल लाइन के बजाय अंबिकापुर से रेनुकूट और अंबिकापुर से कोरबा रेल लाइन निर्माण की मांग हो रही है। दोनों ही रेल लाइन के लिए वर्तमान में चल रही प्रक्रिया को जनता तक पहुंचाने की कोशिश हो रही है। रेनुकूट के लिए भटगांव तक कोल परिवहन के लिए बिछाई गई रेल लाइन से आगे निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। कोरबा के लिए अडानी द्वारा परसाकेते तक बिछाई गई रेल लाइन के आगे कम दूरी
...
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तक कम खर्चे में कार्य को पूर्ण करने की वकालत की जा रही है।
उत्तरी छत्तीसगढ़ रेल सुविधाओं के मामले में पिछड़ा हुआ है। अंबिकापुर तक आकर रेल लाइन बंद हो गई है। इसके आगे रेल लाइन विस्तार नहीं हो सका है। प्रदेश की राजधानी रायपुर और मध्यप्रदेश के जबलपुर तक सीधी ट्रेन सुविधा के अलावा रेल सुविधा के नाम पर कोशिश अधूरी ही रह गई है। ब्रिटिश शासनकाल में आरंभ किए गए बरवाडीह रेल लाइन को वर्तमान समय में सिर्फ एक मुद्दा बनाकर छोड़ दिया गया है। ऐसे में सरगुजा मांगे रेल विस्तार मुहिम के तहत अंबिकापुर से रेनुकूट और अंबिकापुर से कोरबा रेल लाइन के लिए प्रक्रिया आरंभ की गई है। उत्तर छत्तीसगढ़ में रेलवे विस्तार के लिए कई दिशाओं में सर्वेक्षण कार्य चल रहे हैं, जिसमे रेल मंत्रालय का सर्वाधिक जोर कोरबा से अंबिकापुर होते हुए रेनुकूट को जोड़ने पर है। इस रेलमार्ग से क्षेत्र की जनता एक साथ राज्य व प्रदेश की राजधानी से सीधे जुड़ जाएगी। अंबिकापुर को रेनुकूट से जोड़ने के लिए तीन सर्वेक्षण कार्य पूर्णता की ओर हैं।
यह है वर्तमान स्थिति
अंबिकापुर से बरवाडीह लगभग 182 किलोमीटर है जबकि भटगांव से म्योरपुर लगभग 100 किलोमीटर से भी कम दूरी है। अंबिकापुर से बरवाडीह को जोड़ने में लगभग तीन हजार करोड़ रुपये तक खर्च हो सकते हैं, जबकि भटगांव से म्योरपुर को जोड़ने में लगभग 1200-1400 करोड़ रुपये तक होने की संभावना है। दूसरी ओर परसाकेते से कटघोरा तक लगभग 70 किलोमीटर को जोड़ना बाकी है। ऐसे में कम व सटीक खर्च में उत्तर छत्तीसगढ़ यानि सरगुजा संभाग को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली व प्रदेश की राजधानी रायपुर तक से सीधे रेलवे मार्ग से जोड़ा जा सकता है ।
सर्वेक्षण को मिली है अनुमति-
0 भटगांव-प्रतापपुर-वाड्रफनगर-रेनुकूट के बीच नई रेल लाइन।
0 कोरबा से रेनुकूट व्हाया अंबिकापुर नई रेल लाइन।
0 अंबिकापुर से म्योरपुर-चोपन को दिल्ली मेन रेल लाइन से जोड़ने के लिए नई रेल लाइन।
रेलवे लाइन से फायदा-
अंबिकापुर से रेनुकूट-चोपन होते हुए प्रयागराज (इलाहबाद) व बनारस से उत्तर भारत व राजधानी दिल्ली के मुख्य मार्ग से जुड़ाव, साथ ही बनारस होते हुए पटना (बिहार) व पूर्वोत्तर भारत तथा रेनुकूट से गढ़वा (झारखंड) व सिंगरौली (मध्यप्रदेश) राज्य की ओर जाने वाली मुख्य मार्ग से सीधे पहुंच हो जाएगा। दूसरी ओर कोरबा होते हुए बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग मुख्य रेल मार्ग से ओडिशा, महाराष्ट्र व दक्षिण भारत तक सीधे पहुंच होगा। इस क्षेत्र में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या काफी ज्यादा है।

1 Public Posts - Sat Aug 29, 2020

Rail News
27079 views
Aug 29 (06:11)
akku
Desiincanada~   1264 blog posts
Re# 4698133-2            Tags   Past Edits
20-30 saal me shyad kuch ban jaayega, aur ek do memu mil jaayegi... Dilli abhi dor hai

1 Public Posts - Sat Aug 29, 2020
Rail News
14085 views
Aug 18 (18:06)   अब मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदला, हुआ बनारस स्टेशन

Vcpl Jbp   1610 news posts
Entry# 4690430   News Entry# 416618         Tags   Past Edits
नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तरप्रदेश में मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बनारस करने की मंजूरी दे दी है. यह जानकारी अधिकारियों ने दी. उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी जिले में रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के लिए आग्रह भेजा था.

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बनारस करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया है. गृह मंत्रालय नाम बदलने के लिए वर्तमान दिशा-निर्देशों के मुताबिक संबंधित एजेंसियों से विचार-विमर्श करता है. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि वह
...
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किसी भी स्थान का नाम बदलने के प्रस्ताव को रेल मंत्रालय, डाक विभाग और सर्वे ऑफ इंडिया से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के बाद ही मंजूरी देता है. अधिकारी ने बताया कि किसी गांव या शहर या नगर का नाम बदलने के लिए शासकीय आदेश की जरूरत होती है. किसी राज्य के नाम में बदलाव के लिए संसद में साधारण बहुमत से संविधान में संशोधन की जरूरत होती है.

मालूम हो कि गृह मंत्रालय नाम बदलने के प्रस्तावों पर संबंधित एजेंसियों के साथ विचार-विमर्श करके वर्तमान दिशा-निर्देशों के मुताबिक विचार करता है. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय किसी भी स्थान के नाम परिवर्तन के प्रस्ताव पर रेल मंत्रालय, भारतीय डाक और सर्वेक्षण विभाग से अनापत्ति हासिल करने के बाद अपनी मंजूरी प्रदान करता है.उन्होंने बताया कि गांव या कस्बे या शहर के नाम में परिवर्तन के लिए कार्यकारी आदेश की आवश्यकता होती है, जबकि राज्य का नाम बदलने के लिए संसद में साधारण बहुमत से संविधान संशोधन आवश्यक होता है.

बताया जा रहा है कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक बनारस का पुराना गौरव सहेजने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बनारस करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था. यूपी सरकार के इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए गृह मंत्रालय ने अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया है.इसके साथ ही मंडुआडीह स्टेशन का नाम बदलकर बनारस जंक्शन किए जाने का रास्ता अब साफ हो गया है.

बता दें कि मंडुआडीह से पहले भी उत्तर प्रदेश के मुगलसराय और इलाहाबाद जंक्शन रेलवे स्टेशनों के नाम भी बदले गए थे. मुगलसराय जंक्शन का नाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन और इलाहाबाद जंक्शन का नाम प्रयागराज जंक्शन कर दिया गया था. नाम बदले जाने को लेकर खूब सियासत भी हुई थी.

Rail News
9168 views
Aug 19 (01:02)
akku
Desiincanada~   1264 blog posts
Re# 4690430-1            Tags   Past Edits
Kisi din news aayegi k Rahul ka naam badal kar Ramdev rakh dia hai🙄
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ONLY COVID-19 Specials are running.
As Corona cases are increasing rapidly, Members are advised to TAKE extra CARE these days.
1. AVOID going outdoors even if lockdown is easing.
2. ALWAYS wear a MASK when OUTDOORS.
3. Wash hands frequently. Do NOT touch your face.


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    Nov 21 (02:51AM)


    We are unifying the Bookmark scheme for Blogs & PNRs. Previously, we had different systems of "Followed Blogs", "PNR History", "My PNR Posts", "My PNR Post Predictions", "Stamp Alerts", etc. which were somewhat confusing. Hereafter: For PNRs: 1. You may add ANY PNR to your bookmarks through the "Add Bookmark" link in the...
  • Entry# 4680754
    Aug 03 2020 (10:10PM)


    In the next few days, we shall introduce a "Personal Gallery". This will consist of your own personal pics - no restrictions. You can upload any number of pics to your personal gallery - with with or without trains. This personal gallery will be part of your Member Profile. Thanks.
  • Entry# 4671643
    Jul 18 2020 (11:53PM)


    As our Topics & Quiz section gains popularity, the following change will be made to Quizzes. Starting tomorrow, we shall not reveal the names of people who answered correctly/incorrectly. You will still know how many answered the quiz and the percentage of wrong/right responses. But ONLY the person who answered will know...
  • Entry# 4669324
    Jul 15 2020 (10:01AM)


    Today, we are introducing a new Topic called NEWS-CRITIC. These days, everyday, we are bombarded with spam news, exaggerated news, misleading news, fake news, useless celebrity news, click bait with misleading headlines, etc. Also, much of the news is copied and rewritten from other news outlets, instead of being written first-hand. Everyone...
  • Entry# 4665139
    Jul 09 2020 (12:37AM)


    Over the last few days, there have been concerns expressed by many members that politics are being discussed. Well, with 90% of the trains NOT running over the last 3 months, there is not much rail-fanning happening!!! People have to discuss something. Mature political discussions are allowed in the Topics section,...
  • Entry# 4658593
    Jun 28 2020 (12:39PM)


    To help with the issue of mass tagging of members, we shall soon be expanding the RF Club feature to Pvt Clubs: . 1. Any member will be able to create a Pvt Club and invite other members to join. Joining of any Club is voluntary - members cannot be forced to join...
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