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Tue Jul 25, 2017 14:21:02 ISTHomeTrainsΣChainsAtlasPNRForumGalleryNewsFAQTripsLoginFeedback
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News Entry# 287466
  
पॉयलट परियोजना का शुभारंभ कल अर्थात 03 दिसंबर, 2016 को महाराष्‍ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में कोंकण रेलवे के सावंतवाड़ी रोड स्‍टेशन पर होगा

इस कदम से स्‍थानीय रोजगार सृजित होने, महिलाओं के सशक्तिकरण और समावेशी विकास सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी

नाबार्ड
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के साथ साझेदारी से एसएचजी द्वारा उत्‍पादित उत्‍पादों की विस्‍तृत ई-मार्केटिंग सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आमदनी बढ़ेगी

यह कदम इसलिए भी महत्‍वपूर्ण है क्‍योंकि इससे ग्रामीण आबादी को अपेक्षित नकद रहित लेन-देन प्रणाली से एकीकृत करना और उन्‍हें डिजिटल इंडिया पहल के दायरे में लाना संभव हो पायेगा

आईआरसीटीसी वाटर वेंडिंग मशीनों (डब्‍ल्‍यूवीएम) को लगाने एवं उनके परिचालन में भी एसएचजी की सेवाएं लेगा


स्‍वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को बढ़ावा देने संबंधी महत्‍वपूर्ण कदम के तहत रेल मंत्रालय ने अपने सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (पीएसयू) इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के जरिये स्‍वयं सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा तैयार किये जाने वाले क्षेत्रीय व्‍यंजन उत्‍पादों को आईआरसीटीसी के ई-केटरिंग सेवा प्‍लेटफॉर्म पर यात्रियों को उपलब्‍ध कराने के लिए एसएचजी की सेवाएं लेने का निर्णय लिया है। राष्‍ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से आईआरसीटीसी ने कोंकण क्षेत्र में मैविम अर्थात महिला आर्थिक विकास महामंडल और ल्‍यूपिन मानव कल्‍याण शोध फाउंडेशन द्वारा गठित किये गये एसएचजी से हाथ मिलाया है, ताकि उसकी ई-केटरिंग सेवा, जो ‘फूड ऑन ट्रैक’ के नाम से जानी जाती है, के जरिए ट्रेन यात्रियों की सीट पर ही स्‍वादिष्‍ट कोंकणी व्‍यंजन सुलभ कराये जा सकें। इस पॉयलट परियोजना का शुभारंभ कल अर्थात 03 दिसंबर, 2016 को महाराष्‍ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में कोंकण रेलवे के सामंतवाड़ी रोड स्‍टेशन पर होगा। यह कदम केंद्रीय रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु की बजट घोषणा के अनुरूप है, जिसमें यह कहा गया था कि रेलवे उन स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों को बढ़ावा देगी, जिनमें मुख्य रूप से महिलाएं एवं युवा शामिल होते हैं। इससे न केवल यात्रियों को घरों में तैयार किये जाने वाले तरह-तरह के स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजन सुलभ हो पाएंगे, बल्कि इससे स्थानीय रोजगार सृजित करने, महिलाओं के सशक्तिकरण और समावेशी विकास सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इस कदम से समाज के कमजोर तबकों के लोगों की व्यापक सहायता करने में भी मदद मिलेगी।

आवश्यक सहायता के लिए नाबार्ड के साथ की गई साझेदारी और आईआरसीटीसी की वेबसाइट तक सहज पहुंच से एसएचजी द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों की विस्तृत ई-मार्केटिंग सुनिश्चित होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आमदनी बढ़ेगी।

पैनल में शामिल एसएचजी के नामों को ई-केटरिंग वेबसाइट www.ecatering.irctc.co.in पर मेन्यू एवं उनकी कीमतो के साथ दर्शाया जाएगा। यात्रीगण एसएचजी द्वारा पेशकश किए जाने वाले भोजन अथवा खाद्य पदार्थों का चयन करने के बाद इस बारे में ऑर्डर दे सकते हैं। इससे एसएचजी के सतत विकास में मदद मिलेगी।

यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे ग्रामीण आबादी का एकीकरण ई-केटरिंग सेवा के जरिये नकद रहित (कैशलेस) लेन-देन प्रणाली से संभव हो पाएगा, जिसके तहत इन एसएचजी की सेवाओं के लिए किए जाने वाले भुगतान को सीधे उनके खातों में ऑनलाइन भुगतान के जरिये डाला जा सकेगा। यह न केवल प्रौद्योगिकी के जरिये उपलब्ध कराई जाने वाली एक यात्री अनुकूल कदम है, बल्कि इससे एसएचजी को भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के दायरे में लाने में मदद मिलेगी।

आईआरसीटीसी ई-केटरिंग में एसएचजी को शामिल करते हुए बाराबंकी (उत्तर प्रदेश) में इसी तरह की परियोजना शुरू करने के लिए भी नाबार्ड के साथ गठबंधन करने पर विचार कर रहा है। इस परियोजना के जनवरी, 2017 में कार्यरत हो जाने की उम्मीद है।

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आरआरएस/सीएस- 5244
(Release ID 56406)
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