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News Entry# 287501
  
Dec 02 2016 (22:35)  .और 320 की रफ्तार से 'दौड़ाई' बुलेट ट्रेन (epaper.navbharattimes.com)
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IR AffairsNR/Northern  -  

News Entry# 287501     
   Tags   Past Edits
Dec 02 2016 (10:35PM)
Station Tag: Lucknow Charbagh NR/LKO added by ☆अलविदा गोंडा मीटरगेज■☆*^~/206964

Posted by: ☆गोंडा इलेक्ट्रिक शेङ ■☆*^~  6179 news posts
आरडीएसओ की इनो रेल प्रदर्शनी में लोगों ने सिमुलेटर पर लिया ट्रेन चलाने का अनुभव• 15 देशों की 200 कम्पनियों ने स्टॉल लगाकर पेश की तकनीक
आरडीएसओ स्टेडियम में शुरू हुई इनो प्रदर्शनी।•एनबीटी ब्यूरो, लखनऊ
अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन (आरडीएसओ) के स्टेडियम में गुरुवार को लगी इनो रेल प्रदर्शनी में जापानी बुलेट ट्रेन छाई रही। बुलेट ट्रेन के कॉकपिट के सिमुलेटर में बैठकर लोगों ने 320 किमी की स्पीड से ट्रेन चलाने का अनुभव भी किया। उधर, 15 देशों की बड़ी कम्पनियों ने भारतीय रेल को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए
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200 स्टॉल्स लगाकर प्रदर्शनी को नया आयाम दिया है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने दिल्ली से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदर्शनी का उद्‌घाटन किया।
आरडीएसओ के डीजी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि अब हर दो साल बाद लखनऊ में इंटरनैशनल प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इससे हम दूसरे देशों में उपयोग की जाने वाली तकनीकों से रू-ब-रू हो सकेंगे। प्रदर्शनी में भारत के साथ जापान, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, चीन, फ्रांस, इटली, कोरिया, रूस, स्पेन, स्विट्जरलैंड, ताइवान, यूक्रेन और यूएसए सहित 15 देशों की 200 कम्पनियों ने अपने-अपने उत्पाद और तकनीकों का प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि 2018 में 6 से 8 दिसंबर तक प्रदर्शनी का आयोजन
किया जाएगा, जिसमें 300 से अधिक कम्पनियों को बुलाने की योजना है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा 50 कम्पनियां जापान की हैं।
दो महीने बाद मिलेगा मेट्रो को सर्टिफिकेट : लखनऊ मेट्रो के सुरक्षित संचालन के लिए आरडीएसओ उसे अपने मानकों की कसौटी पर कसेगा। इसमें करीब दो महीने लग
सकते हैं। उन्होंने बताया कि लखनऊ मेट्रो को आरडीएसओ लगातार तकनीकी सुझाव और मार्गदर्शन दे रहा है। उधर, प्रदर्शनी में भारतीय ट्रेनों में उपयोग किए जाने वाले इलेक्ट्रिक उपकरण, कोच, पटरियां और मैकेनिकल सामान बनाने वाली कम्पनियों के स्टॉल आकर्षण का केन्द्र बने हैं। आरडीएसओ की एंटी कॉलिजन डिवाइस पर विदेशी कम्पनियों के प्रतिनिधि भी नजर लगाए हुए दिखे।
जापान अपनी तकनीक देने को तैयार : डीजी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदर्शनी में 40 से अधिक विदेशी कंपनियां मौजूद हैं। इनमें सबसे ज्यादा जापानी कंपनियां है। जापानी कंपनियां भारत के साथ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए तैयार हैं और डिजिटल इंडिया अभियान के तहत भारत में ही टेक्नोलॉजी का निर्माण करेंगी। वर्ष 2019 तक भारतीय रेल की तस्वीर बदल जाएगी।
कोहरे में निर्बाध संचालन
डीजी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि तीन साल बाद देश के ए रेलरूट वाले रेलखंडों पर कोहरे में भी ट्रेनें फुल स्पीड से दौड़ सकेंगी। उन्होंने बताया कि आरडीएसओ की एंटी कॉलिजन डिवाइस ट्रेनों की आमने-सामने की टक्कर रोकने के साथ ड्राइवर को कैब में सिग्नल दिखाने में सहायक साबित होगी। इसके अलावा नॉन एसी मेमू ट्रेनों की जगह जल्द एसी ईएमयू ट्रेनें चलाने की तैयारी है। मुम्बई में ये ट्रेनें चलाई जा रही हैं। देश के अन्य हिस्सों में यह सुविधा देने के लिए भारतीय रेल प्रयासरत है।
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