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News Entry# 380940
  
Apr 20 (21:07) रेल मंत्रालय से सवाल, कैसे हो सकती है इतनी बड़ी चूक (mnaidunia.jagran.com)
IR Affairs
SECR/South East Central
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News Entry# 380940  Blog Entry# 4296857   
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Apr 20 2019 (21:08)
Station Tag: Bilaspur Junction/BSP added by Adittyaa Sharma^~/1421836
बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि
स्टापेज के बाद भी 08062 जयपुर- शालीमार एक्सप्रेस चांपा रेलवे स्टेशन में नहीं रुकने का मामला रेल मंत्रालय तक पहुंच गया है। एक बुजुर्ग महिला यात्री के बेटे ने ट्विटर व फेसबुक पर लापरवाही की शिकायत करते हुए मंत्रालय से जवाब मांगा है कि इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई है। इस गड़बड़ी के कारण उनकी मां को भारी भरकम लगेज लेकर एक किमी दौड़ना पड़ा। इस दौरान यदि वह घायल हो जाती या फिर उन्हें कुछ हो जाता तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होता। जिसने यह गलती की है वह दोषी है और उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
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ट्रेन समर स्पेशल है। इस रूट की नियमित ट्रेनों में भीड़ कम और यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर इसका परिचालन किया जा रहा है। इस ट्रेन को लेकर बेहद रिस्पांस है। यही वजह है कि जिन- जिन स्टेशनों में इसका स्टापेज है वहां बड़ी संख्या में यात्री रिजर्वेशन कराकर सफर कर रहे हैं। रेलवे ने चांपा रेलवे स्टेशन में भी स्टापेज दिया है। गुरुवार को लगभग 25 यात्रियों का इस स्टेशन से रिजर्वेशन था। सभी ट्रेन के इंतजार में खड़े थे। लेकिन ट्रेन स्टेशन में रूकने के बजाय सीधे गुजर गई। जिसके चलते कई यात्री सफर से वंचित हो गई। जिन यात्रियों को चांपा उतरना था। उन्होंने चेन पुलिंग की। जिस पर स्टेशन से करीब एक किमी दूर जाकर ट्रेन रुकी। इससे वे उतर गए। इधर ट्रेन रुकने की जानकारी मिलने के बाद स्टेशन में खड़े कुछ यात्री पटरी के किनारे-किनारे दौड़ने लगे। इनमें झारसुगुड़ा की 50 वर्षीय नंदिता दीक्षित भी शामिल है। जब ट्रेन नहीं रुकी तो उन्होंने इसकी जानकारी परिजनों को दी। जिससे परिजन भी हड़बड़ गए। वह बाद में दौड़ते- भागते एक किमी दूर खड़ी ट्रेन तक पहुंची। इधर परेशान परिजन पल- पल उनसे संपर्क साधे हुए जानकारी लेते रहे। रेलवे की लापरवाही से जिस तरह बुजुर्ग महिला को तकलीफ हुई। उनके परिजन बौखला गए। बेटे प्रतीक दीक्षित ने पहले फेसबुक इसके बाद अन्य सदस्यों ट्विटर पर पूरे मामले की शिकायत रेल मंत्रालय को की। उन्होंने ध्यान देने के साथ जवाब मांगा कि यदि भाग दौड़ में यदि उन्हें चोट आ जाती तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होता। रेलवे बेवजह सुरक्षित परिचालन करने का ढकोसला करती है। असलियत कुछ और है, जो गुरुवार को सामने आई। घटना की सूचना के बाद रेल मंत्रालय में हड़कंप मचा हुआ है। ट्विटर की इस शिकायत पर उन्होंने जवाब दिया कि यह क्षेत्र बिलासपुर रेल मंडल में आता है। वहां के डीआरएम को तत्काल पूरे मामले की छानबीन करने का आदेश दिया गया है। थोड़ी देर बाद डीआरएम आर राजगोपाल ने लिखा कि मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराई जा रही है।
एसी टिकट, पर करनी पड़ी जनरल में यात्रा
शिकायत में प्रतीक ने मांग के पास एसी-3 का रिजर्वेशन था। किसी तरह दौड़ते- भागते हुए ट्रेन तक पहुंची। कही वह छूट न जाए इसलिए सबसे पीछे के कोच में चढ़ गई है। जो एसी कोच नहीं था। इसी में किसी तरह उन्हें यात्रा करनी पड़ी। ट्रेन स्टॉफ को उनकी मदद करनी चाहिए थी। लेकिन किसी ने सहयोग नहीं किया।
10 यात्रियों को दूसरी ट्रेन से भेजा, एक को रिफंड
चांपा रेलवे स्टेशन से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 23 यात्रियों का यहां से रिजर्वेशन था। जिनमें से 11 यात्रियों पहुंचे और उन्होंने समस्या बताई। लापरवाही रेलवे की थी। इसलिए यात्रियों को जानकारी दी गई कि इसमें पूरा रिफंड मिलेगा। पर 10 यात्रियों ने कहा कि उन्हें रिफंड नहीं चाहिए। बल्कि किसी दूसरी ट्रेन से उनके गंतव्य तक जाने की व्यवस्था करें। उन्हें दूसरी ट्रेन से भेजा भी गया। वहीं एक को रिफंड दिया गया। अन्य यात्रियों की स्पष्ट जानकारी नहीं है। माना जा रहा है कि या तो वे ट्रेन तक पहुंचकर यात्रा किए हैं या फिर घर लौट गए। अभी तक रिफंड के लिए किसी ने अप्लाई नहीं किया है। यह माना जा सकता है कि यह यात्री ऑनलाइन रिजर्वेशन वाले होंगे। इस तरह के टिकट में काउंटर से रिफंड का प्रावधान नहीं है। हालांकि रेल प्रशासन का कहना है कि इस तरह के मामले में क्रिस से संपर्क कर रिफंड कराया जा सकता है। यदि कोई यात्री पहुंचता है तो उन्हें पूरा रिफंड होगा।
छुट्टी रद कर की गई पूछताछ
इस मामले के बाद रेलवे में हड़कंप मच गया है। सीनियर डीसीएम विकास कश्यप ने बताया कि ऑपरेटिंग से लेकर कमर्शियल स्टॉफ जिनकी ड्यूटी में यह लापरवाही हुई है। उनकी अवकाश रद कर पूछताछ के लिए बुलाया गया। दिनभर पर उनका बयान हुआ है। इंक्वायरी लगभग पूरी भी हो चुकी है। जांच टीम रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद दोषी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया में रेलवे की किरकिरी, जानिए लोगों ने क्या कहा- इसे ट्विटर पर पोस्ट करें और मंत्रालय को तुरंत लिखें।
- तुरंत आप आपरेटर के खिलाफ शिकायत दर्ज करें और किसी भी रेलवे स्टेशन के शिकायत बॉक्स में डाल दें। कार्रवाई होनी चाहिए।
- यह एक गंभीर गलती है। निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।
- सुपरफास्ट केवल उन मासूम यात्रियों से पैसे निकालने के लिए टैग है जिनके पास कोई अन्य रास्ता या विकल्प नहीं है।
- भारतीय रेलवे की सेवा सबसे घटिया है। पिछले दिनों मैं भुगत चुका हूं।
- चिंता मत करो हमने रेल मंत्रालय, पीयूष गोयल इतने सारे ट्वीट और मैसेज भेजे हैं कि वे इस मामले को देखने के लिए बाध्य हैं।
- यदि आप अपनी नौकरी के लिए देर कर रहे हैं तो कड़ी कार्रवाई की जाती है। अगर ट्रेन देर हो गई जो आम बात है तो किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाता। ट्रेन बिलासपुर में 30 मिनट लेट थी। लेकिन झारसुगुड़ा लगभग पांच घंटे देरी से पहुंची। क्या भारतीय रेलवे को शर्म नहीं है। मै शर्त लगा सकता हूं यह कभी नहीं सुधरने वाली।
- जहां भी चाहों पोस्ट करो लेकिन भारतीय रेलवे कभी मुद्दों के बारे में बात नहीं करती। मैंने कई बार ट्वीट किया है। सब व्यर्थ में चला जाता है।
- शर्म करो शर्म
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