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News Entry# 393698
  
Oct 21 (22:31) धुआं उगलने वाले पुराने रेल इंजन बनेंगे हेरीटेज (m-jagran-com.cdn.ampproject.org)
IR Affairs
NFR/Northeast Frontier
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News Entry# 393698  Blog Entry# 4465229   
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Oct 21 2019 (22:31)
Station Tag: KishanGanj/KNE added by Sp Sharma^~/1833693
Stations:  KishanGanj/KNE  
किशनगंज। रेल की पटरियों पर धुंआ उगलने वाले पुराने इंजन अब नहीं दिखेंगे। रेलवे ने 31 साल पुराने रेल इंजनों को हटाने का फैसला किया है। पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की खपत को कम करने के लिए रेलवे बोर्ड ने यह निर्णय लिया है। पुराने इंजनों का इस्तेमाल हेरीटेज के रूप में रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण कार्य में किया जाएगा।
दरअसल इंधन की खपत को कम कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए रेलवे 31 साल पुराने सारे डीजल इंजनों को कार्य से हटाने का निर्णय लिया है। रेल मुख्यालय के द्वारा इसे लेकर सभी मंडलों को दिशा निर्देश जारी किया गया है। रेलवे सूत्रों के अनुसार पुराने डीजल इंजन में इंधन की खपत ज्यादा होती है। इससे निकलने वाले
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धुएं से पर्यावरण को नुकसान भी पहुंचता है।ऐसे इंजन को हटाए जाने से इंधन की खपत तो कम होगी ही साथ ही ट्रेनों के रफ्तार में भी वृद्धि हो जाएगी। इसके अलावा रेलवे के द्वारा संरचना में सुधार के लिए विद्युतीकरण पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। इसके लिए रेलवे ने 2022 तक 100 फीसदी विद्युतीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। पूरे रेल नेटवर्क को विद्युत लाइन से जोड़ देने के बाद डीजल इंजन चलना स्वत: बंद हो जाएगा। जिससे प्रदूषण कम होने के साथ साथ ट्रेनों की गति में भी तेजी आएगी। हालांकि पहाड़ी इलाकों में ट्रेन परिचालन के लिए डीजल इंजन का ही सहारा लिया जाएगा। इसके लिए सीमावर्ती इलाकों में बैकअप के तौर पर कुछ डीजल इंजन रिजर्व रखा जाएगा। ताकि आपातकालीन स्थिति में इनका इस्तेमाल किया जा सके। वर्तमान में भारतीय रेल के पास डीजल और इलेक्ट्रिक इंजन मिलाकर करीब 12 हजार रेल इंजन उपलब्ध है। जिनमें 6 हजार से ज्यादा डीजल इंजन शामिल हैं। इनमें 31 साल से ज्यादा पुराने पड़ चुके इंजनों की संख्या करीब 350-400 के बीच है। आमतौर पर रेलवे के एक इंजन की औसत उम्र 18 वर्ष होती है। हालांकि मरम्मती के उपरांत इसे 35 साल तक चलाया जाता है।

  
Rail News
567 views
Oct 22 (21:15)
sanjay07~   224 blog posts
Re# 4465229-1            Tags   Past Edits
Good step by Railway.
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