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Sun Sep 24, 2017 16:06:01 ISTHomeTrainsΣChainsAtlasPNRForumGalleryNewsFAQTripsLoginFeedback
Sun Sep 24, 2017 16:06:01 IST
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Aug 13 2017 (09:52)  दिल्ली-रेवाड़ी रेल सेक्शन के इलेक्ट्रिफिकेशन का काम शुरू (www.bhaskar.com)
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Rail BudgetNR/Northern  -  

News Entry# 311591     
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Aug 13 2017 (09:52)
Station Tag: Rewari Junction/RE added by LK Sharma/346804

Aug 13 2017 (09:52)
Station Tag: Gurgaon/GGN added by LK Sharma/346804

Aug 13 2017 (09:52)
Station Tag: Delhi Sarai Rohilla/DEE added by LK Sharma/346804

Aug 13 2017 (09:52)
Station Tag: Jaipur Junction/JP added by LK Sharma/346804
Posted by: LK Sharma  9 news posts
 
 
गुड़गांव। दिल्ली-रेवाड़ीरेल सेक्शन के इलेक्ट्रिफिकेशन की यात्रियों की वर्षों पुरानी मांग जल्द पूरी होने जा रही है। शनिवार को केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 78 किलोमीटर के इस मार्ग के इलेक्ट्रिफिकेशन के काम की आधारशिला रखी। यह काम एक साल में पूरा हो जाएगा। साथ ही इस मार्ग पर लंबी दूरी की ट्रेनों के चलने की आशा बढ़ जाएगी। मंत्रालय ने इसका ठेका एलएनटी कंपनी को दिया है। इसे लेकर गुड़गांव रेलवे स्टेशन पर आधारशिला कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह मौजूद रहे। इस अवसर पर इंद्रजीत ने गुड़गांव रेलवे स्टेशन पर बनने वाले फुटओवर ब्रिज का भी शिलान्यास किया।
इलेक्ट्रिफिकेशन की लंबे अर्से से हो रही थी मांग
भले
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ही गुड़गांव ने मिलेनियम सिटी के तौर पर पहचान बना रखी हो, मगर रेलवे सेवाओं में गुड़गांववासी सालों से उपेक्षा के शिकार हो रहे हैं। गुड़गांव से जुड़ी एक मात्र रेलवे लाइन दिल्ली-रेवाड़ी लाइन का हरियाणा में आज तक विद्युतीकरण नहीं हो सका। यही कारण है कि इस मार्ग से दूर की ट्रेनें अपेक्षाकृत कम चल रही हैं। इसे लेकर काफी लंबे अर्से से लोग आवाज उठा रहे हैं। क्षेत्र के सांसद और विधायकों ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। शुक्रवार को शिलान्यास अवसर पर गुड़गांव विधायक उमेश अग्रवाल ने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह पिछले 25 साल से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वे क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। अब इन्होंने रेलवे के माध्यम से गुड़गांव की व्यवस्था को सुधारने का बीड़ा उठाया है, जो निश्चित तौर पर पूरा होगा।
कार्यक्रमके दौरान ये रहे मौजूद
शनिवारको गुड़गांव रेलवे स्टेशन पर शिलान्यास कार्यक्रम में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी राज्यमंत्री डॉ. बनवारी लाल, विधायक उमेश अग्रवाल, विधायक बिमला चौधरी, गुड़गांव के निवर्तमान मेयर बिमल यादव, उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आरके कुलश्रेष्ठ मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री, बोले स्मार्ट सिटी के अनुरूप होगा गुड़गांव स्टेशन
शनिवार को केंद्रीय मंत्री इंद्रजीत ने कहा कि गुड़गांव एनसीआर क्षेत्र में सरकार को सबसे ज्यादा रेवेन्यू देता है और यहां के रेलवे स्टेशन को स्मार्ट सिटी के अनुरूप ही होना चाहिए। गुड़गांव का रेलवे स्टेशन वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा, जहां यात्रियों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही अच्छी सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होंने यह काम महज दो साल में पूरा करने का दावा किया। उन्होंने कहा कि गुड़गांव रेलवे स्टेशन साल 2019 तक वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन बनाकर आम जनता को समर्पित किया जाएगा।
प्रदेश के मंत्री बोले, अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनेगा धनकोट स्टेशन
इधर प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर सिंह गुड़गांव रेलवे स्टेशन से 3 किलोमीटर आगे धनकोट रेलवे स्टेशन को अंतरराष्ट्रीय बनाने का दावा कर रहे हैं। पिछले दिनों एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि गुरुग्राम जिला विश्वस्तर पर अपनी पहचान बना चुका है, लेकिन यहां रेलवे स्टेशन उतना भव्य नहीं है। जमीन के अभाव में रेलवे स्टेशन का विस्तार नहीं हो पाया। गुरुग्राम रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण तो होगा ही, साथ ही धनकोट रेलवे स्टेशन को अपग्रेड कर उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
इन दिनों गुड़गांव में विकास कार्यों से संबंधित दावों की होड़ लगी हुई है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह गुड़गांव स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने का दावा कर रहे हैं तो प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर सिंह धनकोट स्टेशन को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की तर्ज पर बनाने का दावा कर रहे हैं।
फर्रुखनगर में रुकना शुरू हुई सुपरफास्ट चेतक
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने बताया कि लंबे समय से मांग उठ रही थी कि फर्रुखनगर में सुपरफास्ट ट्रेन का ठहराव किया जाए। दैनिक रेल यात्रियों की इस मांग के मद्देनजर इसे पूरा किया गया। इसके चलते एक जुलाई से सुपरफास्ट ट्रेन चेतक का ठहराव फर्रुखनगर में करा दिया गया है। अब यहां के लोग इसका भरपूर लाभ उठा रहे हैं। इस ट्रेन के चलते लोगों को आवागमन में काफी सुविधा हो गई है।
शनिवार को गुड़गांव रेलवे स्टेशन पर बनने वाले फुटओवर ब्रिज का भी शिलान्यास किया गया। यहां फुटओवर ब्रिज की लंबे समय से मांग थी। रेलवे रोड की तरफ से पैदल आने वाले लोगों को रेलवे लाइन की दूसरी तरफ राजेंद्रा पार्क क्षेत्र में जाने के लिए कोई विकल्प नहीं है। मजबूरन लोग रेलवे लाइन क्रॉस कर एक तरफ से दूसरी तरफ जाते हैं। इसमें दुर्घटना की आशंका रहती है। लोग रेलवे लाइन पार करने के लिए फुटओवर ब्रिज बनाने की मांग कर रहे थे।
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Aug 08 2017 (07:06)  किऊल-गया दोहरीकरण का काम रुका (m.livehindustan.com)
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Rail BudgetECR/East Central  -  

News Entry# 311063   Blog Entry# 2373988     
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Aug 08 2017 (07:06)
Station Tag: Luckeesarai Junction/LKR added by 💖💓Apna Munger💓💖~/1480955

Aug 08 2017 (07:06)
Station Tag: Gaya Junction/GAYA added by 💖💓Apna Munger💓💖~/1480955

Aug 08 2017 (07:06)
Station Tag: Kiul Junction/KIUL added by 💖💓Apna Munger💓💖~/1480955
 
 
हिन्दुस्तान टीम, लखीसराय
Updated: 7 अगस्त, 2017 10:24 PM
अ+ अ-
बारिश से हुए जलजमाव ने किऊल- गया सेक्शन के दोहरीकरण का काम रोक दिया है। रेललाइन की दोहरीकरण के लिए लखीसराय से आगे के लिए तेजी से मिट्टी भराई का काम शुरू किया गया था। लगातार हो रही बारिश एवं रेललाइन के किनारे जलजमाव ने काम पर ब्रेक लगा दिया है। जलजमाव के
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कारण मिट्टी भराई कार्य मे लगी कई जेसीबी मशीने फंसी हुई है। मिट्टी भरने का काम में लगे लोगों ने बताया कि बारिश में काम करना संभव नहीं है। बरसात के बाद पानी समाप्त होने पर काम शुरू किया जा सकेगा। उस क्षेत्र के गांव एवं खेतों में पानी भरा है। ऐसे में एक तो मिट्टी का अभाव है दूसरा रेल लाइन तक वाहन एवं जेसीबी मशीन मशीनों का पुहंचना संभव नहीं हा पा रहा है। किऊल- गया रेल सेक्शन के 130 किलोमीटर दोहरीकरण काम 2020 तक पूरा किया जाना है। जलजमाव से रास्ता बंद, काम प्रभावित : किऊल-गया सेक्शन में लखीसराय से आगे पतनेर, भेनौड़ा सहित अन्य जगहों पर रेल पटरी के किनारे बरसात का पानी जमा हो गया है। मिट्टी भराई कार्य में उपयोग करने वाले जेसीबी एवं हाईवा जैसे बडे़ वाहनों को रास्ता चारों ओर से बंद हो गया है। कई जेसीबी जलजमाव के चलते साईट पर फंसी हुई है। मिट्टी ले जाने वाले रास्ते बंद होने के कारण दोहरीकरण काम में लगे ठेकेदार ने तत्काल काम को रोक दिया है। मिट्टी काम कर रहे लोगों ने कहा कि बरसात के बाद भी फिर से काम चालू किया जाएगा।

  
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Aug 08 2017 (08:02)
Anand Mohan Mishra~   442 blog posts   41 correct pred (82% accurate)
Re# 2373988-1            Tags   Past Edits
थोडा आराम काम करने वाले को मिल गया.
  
Aug 03 2017 (20:43)  जमीन अवाप्ति की प्रक्रिया में िढलाई, देरी पर रुक सकता है अहमदाबाद आमान परिवर्तन का काम (m.bhaskar.com)
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Rail BudgetNWR/North Western  -  

News Entry# 310596     
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Aug 03 2017 (20:43)
Station Tag: Himmatnagar Junction/HMT added by LK Sharma/346804

Aug 03 2017 (20:43)
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Aug 03 2017 (20:43)
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Aug 03 2017 (20:43)
Station Tag: Chittaurgarh Junction/COR added by LK Sharma/346804

Aug 03 2017 (20:43)
Station Tag: Jaipur Junction/JP added by LK Sharma/346804

Aug 03 2017 (20:43)
Station Tag: Ajmer Junction/AII added by LK Sharma/346804

Aug 03 2017 (20:43)
Station Tag: Udaipur City/UDZ added by LK Sharma/346804
Posted by: LK Sharma  9 news posts
 
 
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जमीन अवाप्ति की प्रक्रिया में िढलाई, देरी पर रुक सकता है अहमदाबाद आमान परिवर्तन का काम
Aug 03,2017 08:30:03 AM IST
जावरा स्टेशन के मोचिया और बलारिया माइंस के बीच रूट बदलने का काम होगा
2018 तक ब्राॅडगेज करने का लक्ष्य घोषित किया है
उदयपुर-अहमदाबादरेल लाइन आमान परिवर्तन के काम जमीन के अभाव में अटक सकते हैं। जावर माइंस क्षेत्र में जमीन अवाप्ति के लिए रेलवे ने दो साल पहले प्रस्ताव बनाकर जिला प्रशासन को दिया था, लेकिन जिला प्रशासन ने इसमें गंभीरता नहीं दिखाई है। जमीन अवाप्ति की प्रक्रिया में देरी के कारण रेल लाइन का काम अटकने का अंदेशा जताया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने उदयपुर-अहमदाबाद के बीच 300 किमी में मीटर गेज लाइन काे ब्रॉडगेज में बदलने का लक्ष्य दिसंबर 2018 तक घोषित किया है। किसी प्रकार की तकनीकी खामी आने पर मार्च 2019 तक आमान परिवर्तन का काम पूरा कर ट्रेनों का संचालन शुरू करने की उम्मीद जताई जा रही है। रेलवे आमान परिवर्तन के लक्ष्य की घोषणा पिंक बुक में कर चुका है। रेल मंत्रालय को उत्तर पश्चिम रेलवे ने लक्ष्य से अवगत करा दिया है। लक्ष्य घोषित करने के बाद रेल प्रबंधक भूमि अवाप्ति को लेकर उलझ गए हैं।
खारवास्टेशन के पास 800 मीटर लंबी सुरंग बनानी है : खारवास्टेशन के पास 800 मीटर लंबी सुरंग बनाने का काम जमीन अवाप्ति के अभाव में रुका हुआ है। यहां मीटर गेज लाइन की सुरंग को रेल अभियंताओं ने बड़ी लाइन की ट्रेनें चलाने के लिए उपयुक्त नहीं माना था। नई सुरंग बनाना प्रस्तावित है, लेकिन वहां अधिकांश जमीनें वन विभाग की हैं।
जावरस्टेशन के नए भवन के लिए चाहिए जमीन : ब्रॉडगेजलाइन के प्लान में जावर स्टेशन की जगह बदली जाएगी। वर्तमान वाले रेलवे स्टेशन से एक किमी दूर जावर माइंस की अशोकनगर कॉलोनी के पास नया स्टेशन बनेगा। स्टेशन बनाने के लिए जमीन माइंस प्रबंधन से अवाप्त की जाएगी।
जावर स्टेशन के पास स्थित मोचिया माइंस और बलारिया माइंस के बीच स्थित रेलवे ट्रैक को ब्राॅडगेज के लिए सर्वे में असुरक्षित माना गया था। मीटर गेज रेल लाइन के नीचे माइंस की खुदाई से जमीन खोखली हो चुकी है। ब्रॉडगेज की ट्रेनों की स्पीड और भार नहीं सह पाने के कारण ट्रेन का रूट बदलने का निर्णय लिया था। जावर माइंस स्टेशन के पास सात किमी लंबा नया रेलमार्ग बनाया जाएगा। नए रेल मार्ग की 60 फीसदी जमीनें वन विभाग और 40 फीसदी जमीनें निजी खातेदारों की हैं। निजी जमीनें अवाप्त हो चुकी हैं, लेकिन वन विभाग ने जमीनों का आबंटन नहीं किया है।
जमीनें शीघ्र मिलने की उम्मीद है : डीआरएम
अजमेरडीआरएम पुनीत चावला का कहना है कि उदयपुर-अहमदाबाद रेल लाइन आमान परिवर्तन केवल मेवाड़ के रेल यात्रियों के लिए फायदेमंद है, बल्कि दिल्ली से मुंबई जैसी लंबी दूरी की कई ट्रेनें इस रूट से होकर गुजरेंगी। मिनरल्स के परिवहन में भी यह रेलमार्ग महत्वपूर्ण साबित होगा। वन विभाग की जमीनों के अवाप्ति की औपचारिक कार्रवाई पूरी हो चुकी हैं। शीघ्र ही जमीनें रेलवे को मिलने की उम्मीद है। टारगेट अवधि में आमान परिवर्तन पूरा करना हमारा लक्ष्य है।
वन विभाग से भूमि अवाप्ति के प्रयास
रेलवेके निर्माण खंड के सीईआे अभियंता वन विभाग की जमीनें दिलाने के लिए कई बार संभागीय आयुक्त और कलेक्टर से आग्रह कर चुके हैं। पूर्व मंडल रेल प्रबंधक नरेश सालेचा ने भूमि अवाप्ति को लेकर संभागीय आयुक्त भवानी सिंह देथा और पूर्व कलेक्टर रोहित गुप्ता के साथ बैठकों में चर्चा की थी। वर्तमान मंडल प्रबंधक पुनीत चावला भी संभागीय आयुक्त और कलेक्टर अवाप्ति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करवाने की मांग कर चुके हैं।
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Jul 25 2017 (15:00)  Financial Bids for Mumbai Metro Line-3 rolling-stock by Aug-end (www.railnews.in)
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Rail BudgetMMOPL/Mumbai Metro  -  

News Entry# 309429     
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MUMBAI: Having already received six pre- qualification bids for the rolling stocks, Mumbai Metro Rail Corporation (MMRC) is hopeful of opening financial bids for the same by the end of next month for the Line 3 that connects the city’s southern tip to the airport and beyond.
The Rs 23,136-crore, 33.5-km-long Line 3 connects Colaba in the southern tip of the island city with Bandra- Seepz in the north via the international airport and is the biggest infra project that the city has ever seen.
Also, on completion by 2022, the Line 3
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will be the fifth largest underground metro in the world.
“We are hopeful of opening the financial bids for rolling stock for the Line 3 by the end of August. We’ve already received good pre-qualification bids from as many as six domestic and global consortia,” said MMRC managing director Ashwini Bhide.
The consortia are Alstom Transport India-Alstom Transport France; CRRC Nanjing-CRRC Changchun-CRRC International Corp of China, Kawasaki Heavy Industries of Japan; CAF of Spain, Hitachi from Japan, and a consortium of Bhel-Mitsubishi Corp, she said.
Of these, CAF, Hitachi and Mitsubishi are independent bids, Bhide.
After evaluating these bids, MMRC will invite financial tenders from shortlisted companies in consultation with the Japan International Cooperation Agency, which is funding 57.2 per cent of the project cost at a soft loan for 30 years.
Bhide said the winning consortium will have to manufacture 75 per cent of coaches locally though not necessarily in Maharashtra itself.
The state-of-the-art eight-coach cars will be driver- less trains, said MMRC director (projects) S K Gupta.
MMRC will procure 31 cars of eight coaches each, or 248 coaches in total, in the first phase. Each car will be 22.6-metre-long and 3.2-metre-wide with four gates per car.
The contract will include design, manufacture, supply, installation, testing and commissioning of the rolling stock.
Describing the Line 3 as the biggest infra project in the megapolis, Bhide said the thus far the biggest such venture here, the Bandra-Worli Sea Link – has cost only Rs 1,600 crore, while the Line 3 is 14 times larger.
The other key infra projects – the Eastern Freeway (Rs 1,200 crore) and monorail (Rs 2,600 crore) all pale in front of the Colaba-Seepz metro line. The 11.8-km Metro One (being operated by the Anil Ambani group) has cost only Rs 2,400 crore, she noted.
The Line 3, on completion by FY22, will reduce daily fuel demand by around 4 lakh liters, or close to 10,000 tonne of green house gas emissions per year, as it will take at least 4.5 lakh vehicles off road daily.
The city is building five more metro lines of which civil work on the Line 2A and Line 7 have already started.
These six line new metro lines will cost close to Rs 1 trillion and are being implemented by the nodal development agency MMRDA.
Executive director (planning) at MMRC R Ramana said the Line 3 will need 17 tunnel boring machines (TBMs) which will arrive by end-August and the tunnelling will start from October from the proposed Naya Nagar station in the Dharavi slum area in central Mumbai.
Gupta said the Line 3, which will have just one of the 27 stations on-ground, needs 78.67 hectares land, of which only 3.45 hectares are private land.
Of the total government land of 74.22 hectares, 64 hectares have already been acquired and of this 30 hectares are at the Arey Colony where the metro will have the casting yard and depot. Out of the 30, 5 hectares will be untouched and will remain a natural green cover, Bhide said.
She ruled out building commercial space at the stations, saying it isn’t commercially viable to build large space at the stations, though each of them may have some urgent utilities like ATM and snacks bars.
“Out of the total project cost of Rs 23,136 crore, over Rs 18,000 crore are only for tunnelling and stations.
Effectively, cost works out to be Rs 2 lakh per sq ft and we cannot charge so much from a tenant. Each station will have a built up space of 240-250 sq meter space only,” she said.
Asked whether the project is on time despite many legal hassles it had to face, Bhide said, “very much”.
No there is no uncertainty over the project. The metro will be a reality on time, and that is by 2022, she concluded.
  
Jul 24 2017 (10:12)  రాబడి మార్గంలో వెనుకంజ (www.eenadu.net)
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Rail BudgetSCR/South Central  -  

News Entry# 309357   Blog Entry# 2367987     
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Jul 24 2017 (10:12)
Station Tag: Guntur Junction/GNT added by You Cant Lick Your ElboW~/1757335

Jul 24 2017 (10:12)
Station Tag: Vijayawada Junction/BZA added by You Cant Lick Your ElboW~/1757335

Jul 24 2017 (10:12)
Station Tag: Visakhapatnam Junction/VSKP added by You Cant Lick Your ElboW~/1757335

Jul 24 2017 (10:12)
Station Tag: Secunderabad Junction/SC added by You Cant Lick Your ElboW~/1757335
 
 
నాలుగేళ్లుగా ఆదాయపరంగా దూసుకెళ్తున్న దక్షిణమధ్యరైల్వే 2016-17లో ప్రతికూల పరిస్థితిని ఎదుర్కొంది. ఏకంగా రూ. వెయ్యి కోట్ల ఆదాయాన్ని కోల్పోయింది. 2015-16లో రూ. 13,212 కోట్ల రాబడి సాధించగా.. 2016-17లో రూ. 12,410 కోట్లకే పరిమితమైంది. ఆదాయ వనరుల్లో కీలకమైన సరుకురవాణా భారీగా తగ్గిపోవడం జోన్‌ ఆదాయంపై ప్రభావం చూపింది. ప్రతి ఏటా 106 మిలియన్‌ టన్నులకు పైగా చేసే సరుకురవాణా ఈసారి 96.84 మిలియన్‌ రవాణాకు పడిపోయింది. గతేడాదితో పోలిస్తే ప్రయాణికుల సంఖ్య కొంత పెరిగినా.. నాలుగైదేళ్లక్రితంతో పోలిస్తే మాత్రం వృద్ధి లేదు.
తరిగిపోతున్న లాభాలు..
ఆరు డివిజన్లు, ఆరు రాష్ట్రాల్లో విస్తరించిన దక్షిణమధ్య రైల్వే 6,028 కిలోమీటర్ల పరిధిలో ఉంది. నిత్యం 736 రైళ్లు నడుపుతుంది. ఆదాయపరంగా ఇతర జోన్ల కంటే మంచి రికార్డు ఉంది. ప్రయాణికుల టికెట్ల నుంచి, సరుకు రవాణా నుంచి భారీగా ఆదాయం వస్తుంది.
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ఆదాయం రూపాయి వస్తే.. ఖర్చు 79 పైసలు ఉండేది. ఖర్చు ఇప్పుడు 86 పైసలు దాటింది. ప్రస్తుత ఏడాదిలో ఆ ఖర్చు 100 పైసల ఆదాయం వస్తే ఖర్చు 108 పైసలకు (ఏప్రిల్‌ ఫలితాల ఆధారంగా) పెరుగుతుందన్న అంచనాలు నమోదవుతున్నాయి. అదే జరిగితే దక్షిణమధ్య రైల్వే లాభాల నుంచి నష్టాల్లోకి వెళ్లే ప్రమాదముంది. కొత్త రైళ్లలో చాలావరకు సువిధ, ప్రీమియం పేర్లతో ప్రవేశపెట్టడం, వాటిలో అధికరేట్లు నిర్ణయించడం, కొన్నింట్లో అయితే విమానఛార్జీలకంటే అధికంగా ఉండటంతో ప్రయాణికులు ప్రత్యామ్నాయ రవాణా వైపు వెళ్తున్నారని నిపుణులు అభిప్రాయపడుతున్నారు.మరోవైపు సరుకు ఆదాయం తగ్గడంతో దక్షిణమధ్యరైల్వే దిద్దుబాటు చర్యలకు శ్రీకారం చుట్టింది. సిమెంటు కంపెనీల యజమానులతో జనరల్‌ మేనేజర్‌ ఇటీవల సమావేశమయ్యారు. సిమెంటు రవాణాకు సంబంధించి రైల్వేశాఖ పరంగా సహకారం అందిస్తామని హామీ ఇస్తూనే సరుకురవాణాలో తాము అందించే రాయితీలను ఉపయోగించుకోవాలని కోరారు.

  
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Aug 01 2017 (14:55)
trulychaitu   81 blog posts   1 correct pred (29% accurate)
Re# 2367987-1            Tags   Past Edits
Then again why converting only passenger to Hyderabad from Andhra Pradesh.
Train No. 57620/57619 Kacheguda-Repalle-Secunderabad Passenger is converted into Express Service and speeded up by more than o­ne hour.
Accordingly, Train No. 57620 Kacheguda-Repalle Passenger will be renumbered as Train No. 17625 Kacheguda-Repalle Express and Train No. 57619 Repalle-Secunderabad Passenger will be renumbered as Train No. 17626 Repalle-Secunderabad Express with effect from 19th October, 2017.
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