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Poorabiya Express: कोसी की शान से दिल्ली महान तक - Md Rashid Alam

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Sat Sep 19 14:58:52 IST
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News Posts by Pankaj

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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे जल्द ही रेलवे स्टेशनों पर रेल भाड़े के एक हिस्से के रूप में यात्रियों से उपयोगकर्ता शुल्क वसूलेगा। यह शुल्क उन स्टेशनों पर लिया जाएगा जहां भीड़भाड़ रहती है या जिन स्टेशनों को पुनर्विकसित किया जा रहा है। रेलवे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राजस्व जुटाने के उद्देश्य से यह शुल्क लगाएगा। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
एक बार जब यह प्रभावी हो जाएगा, तो यह पहली बार होगा, जब इस तरह का शुल्क रेल यात्रियों से लिया जाएगा। यादव ने कहा कि यह शुल्क काफी कम होगा और यह देश भर के 7,000 रेलवे स्टेशनों में से करीब 10 से 15 फीसद पर लिया जाएगा। यादव ने
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कहा, 'हम उपयोगकर्ता शुल्क के लिए बहुत छोटी राशि रखने जा रहे हैं। हम सभी रेलवे स्टेशनों पर उपयोगकर्ता शुल्क के बारे में सूचना जारी करेंगे। इनमें वे स्टेशन भी शामिल हैं, जो पुनर्विकसित हो गए हैं और वे भी जो हो रहे हैं।
यादव ने आगे कहा, 'रेलवे स्टेशनों को पुनर्विकसित करने का कार्य पूरा हो जाने के बाद उपयोगकर्ता शुल्क की रकम से टिकट रिरायत से होने वाले घाटे की भरपाई की जाएगी। उपयोगकर्ता शुल्क इसलिए आवश्यक है, क्योंकि भारतीय रेलवे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधा मुहैया कराने पर काम कर रहा है।'
यादव ने आगे कहा, 'रेलवे सभी सात हजार स्टेशनों पर उपयोगकर्ता शुल्क नहीं वसूलेगा, लेकिन उन सभी बड़े स्टेशनों पर यह वसूला जाएगा जहां अगले पांच साल में यात्रियों की भीड़भाड़ अधिक हो जाएगी। हम 10 से 15 फीसद स्टेशनों पर यह शुल्क वसूलेंगे, जहां हमको लगेगा कि वहां यात्रियों की भीड़भाड़ बढ़ने की उम्मीद है।
Yesterday (20:44) महज 24 घंटे में 52 किलोमीटर OHE वायरिंग बिछाई, मुरादाबाद रेल मंडल ने रचा इतिहास (www.google.co.in)
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News Entry# 418850  Blog Entry# 4719532   
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Sep 18 2020 (20:44)
Station Tag: Unnao Junction/ON added by Pankaj/1718748

Sep 18 2020 (20:44)
Station Tag: Sitapur City Junction/SPC added by Pankaj/1718748

Sep 18 2020 (20:44)
Station Tag: Sitapur Junction/STP added by Pankaj/1718748

Sep 18 2020 (20:44)
Station Tag: Balamau Junction/BLM added by Pankaj/1718748

Sep 18 2020 (20:44)
Station Tag: Moradabad Junction/MB added by Pankaj/1718748
मुरादाबाद रेल मंडल ने बिजली लाइन बिछाने के मामले में अपना पुराना रेकॉर्ड तोड़ दिया है। लखनऊ परियोजना इकाई ने मुरादाबाद रेल मंडल में महज 24 घंटे में ही 52 ट्रैक किलोमीटर ओवरहेड बिजली लाइन (OHE Wiring) बिछा दी है। इसके साथ ही इस लाइन पर दूसरे सभी काम भी तय समय सीमा में पूरे हो गए। इस उपलब्धि के साथ ही मुरादाबाद रेल मंडल ने इतिहास रच दिया है।
डिवेलपमेंट के मामले में इसे एक मिसाल माना जा रहा है। इस काम के लिए मुरादाबाद रेल मंडल को विशेष सपॉर्ट दिया गया। इस दौरान ट्रैक पर 24 घंटे के लिए कोई ट्रेन पास नहीं की गई। साथ ही तकनीकी सहायता भी दी गई। तेजी से टेक्निकल काम को पूरा कर लेने
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से विभाग के अधिकारी भी काफी मोटिवेटेड हैं। अकसर सरकारी विभागों की छवि लेट-लतीफी की ही बन जाती है। लेकिन मुरादाबाद मंडल में रेलवे इन दिनों जो कर रहा है, उससे देश भर के रेलवे सिस्टम में मिसाल बन रही है।
क्या होगा फायदा
उन्नाव से लेकर बालामऊ और वहां से सीतापुर रूट को जोड़ते हुए विद्युतीकरण का काम दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद इलेक्ट्रिक इंजन से लैस ट्रेनों का संचालन यहां भी शुरू हो जाएगा।
वेस्ट सेंट्रल रल्वे ब्लैक आउट 19/10/2020
जबलपुर से दिलीप सिंह रघुवंशी की रिपोर्ट : -  जबलपुर वेस्ट सेंट्रल रेल्वे एम्पलाईज यूनियन की आम जनता से रेलवे बचाओ - देश बचाओ - जन आंदोलन वेस्ट सेंट्रल रल्वे ब्लैक आउट 19 सितम्बर 2020 शनिवार रात 08:00 से 08:10 बजे तक घर की लाईट बंद कर केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के मनमाने फैसलों के खिलाफ जन आन्दोलन करने के लिए आम जनता से अपील ।
भारतीय रेलवे एशिया का नम्बर एवं  दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है भारतीय रेलवे 22000  यात्री ट्रेनों मे प्रतिदिन दो करोड़ से ज्यादा लोगो को भारत
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से एक कोने से दूसरे कोने में पहुंचाने का कार्य सुगमता से करती है भारतीय रेल दुनिया की सबसे सस्ती रेल सेवा एवं देश की लाइफ लाइन है भारत की रीढ़ की हड्डी कही जाने वाली भारतीय रेल पर पूंजीपतियों की गिद्द  नजर काफी समय से लगी हुई है।
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी शुक्रवार, 18 सितंबर को दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऐतिहासिक कोसी रेल महासेतु राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी इसके अलावा बिहार के रेल यात्रियों की सुविधाओं के लिए 12 रेल परियोजनाओं का शुभारंभ भी करेंगे। इसमें किउल नदी पर एक नया रेल पुल, दो नई रेल लाइनें, 5 विद्युतीकरण परियोजनाएं, एक विद्युत लोकोमोटिव शेड और बाढ़-बख्तियारपुर के बीच तीसरी नई लाइन परियोजना शामिल हैं।

कोसी रेल महासेतु को जनता को समर्पित किया जाना न सिर्फ बिहार के इतिहास में बल्कि पूर्वोत्तर क्षेत्र से संपर्क के
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लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा। वर्ष 1887 में निर्मली और भापतियाही (सरायगढ़) के बीच एक मीटर गेज लाइन शुरू की गई थी। लेकिन वर्ष 1934 में आई भयानक बाढ़ और भारत-नेपाल में आए भूकंप के चलते यह लाइन तबाह हो गई थी। कोसी नदी की प्रकृति के चलते लंबे समय तक इस रेल मार्ग को शुरू किए जाने का कोई प्रयास नहीं किया गया।

कोसी महासेतु परियोजना के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने 2003-04 में मंजूरी दे दी थी। कोसी महासेतु की लंबाई 1.9 किलोमीटर है और इसके निर्माण में 516 करोड़ रूपये की लागत आई है। भारत-नेपाल सीमा के करीब होने के चलते इस पुल का रणनीतिक महत्व भी है। यह परियोजना कोविड महामारी के दौरान पूरी हुई जिसके निर्माण में घर वापसी करने वाले प्रवासी मजदूरों ने भी भाग लिया।

इस परियोजना को जनता को समर्पित किए जाने से क्षेत्र के लोगों का 86 वर्ष पुराना स्वप्न साकार हो रहा है और लंबी प्रतीक्षा पूरी हो रही है। प्रधानमंत्री इस महासेतु को समर्पित करने के साथ ही सुपौल स्टेशन से सहरसा-आसनपुर कुफा डेमो ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस मार्ग पर जब रेलगाड़ियों का जनता के लिए परिचालन शुरू हो जाएगा तब सुपौल, अररिया और सहरसा जिलों के लोगों के लिए यह मार्ग बेहद लाभकारी सिद्ध होगा। इससे क्षेत्र के लोगों को कोलकाता, दिल्ली और मुंबई जैसे लंबी दूरी वाले स्थानों तक जाना और आना सुलभ हो जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी दो नई लाइन परियोजनाओं हाजीपुर-घोसवार-वैशाली और इस्लामपुर-नातेशर का भी उदघाटन करेंगे। श्री मोदी करनौती-बख्तियारपुर संपर्क बाइपास और बाढ़-बख्तियारपुर के बीच तीसरी लाइन का भी उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी, कटिहार-नई जलपाईगुड़ी, समस्तीपुर-दरभंगा-जयनगर, समस्तीपुर-खगड़िया, भागलपुर-शिवनरायणपुर खंडों के विद्युतीकरण से जुड़ी परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे।
हाजीपुर-सुगौली नई रेल लाइन परियोजना के पहले चरण में नवनिर्मित रेल लाइन पर हाजीपुर से वैशाली तक 18 सितंबर से ट्रेनें दौड़ने लगेगी। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ट्रेन परिचालन का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड पर विद्युतीकरण कार्य का भी उद्घाटन करेंगे। वहीं कोसी महासेतु समेत पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत 12 बड़ी परियोजनाओं का भी लोकार्पण पीएम मोदी करेंगे।
पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि मुजफ्फरपुर से हाजीपुर के बीच नवनिर्मित रेल लाइन पर पहली ट्रेन पीएम मोदी के उद्घाटन के साथ ही दौड़ने लगेगी। इसको लेकर हाजीपुर में मेमू ट्रेन सज-धज कर तैयार है। लाइन के निर्माण पर 450 की लागत आई है। वहीं, मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड पर 265 करोड़
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की लागत से नवनिर्मित विद्युतीकरण कार्य का भी लोकार्पण पीएम करेंगे। हाल ही में इस रेलखंड पर सीआरएस ने विद्युत इंजन से ट्रेन चलाने की हरी झंडी दी थी।
हाजीपुर-सुगौली रेल परियोजना का 2004 में हुआ था शिलान्यास
हाजीपुर-सुगौली नई रेल लाइन की 171 किमी परियोजना 2004 में शुरू हुई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इसकी आधारशिला रखी थी। उस समय नीतीश कुमार रेल मंत्री थे। परियोजना लंबे समय तक ठंडे बस्ते में रही। 16 वर्षों में परियोजना का आधा काम भी पूरा नहीं हो सका है। मार्च 2017 तक वैशाली तक परिचालन शुरू करने का लक्ष्य था। लेकिन, जमीन अधिग्रहण नहीं हो पाने के कारण परिचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। दूसरे चरण में वैशाली से साहेबगंज तक परिचालन शुरू करने का टारगेट रखा गया है।
हाजीपुर से वैशाली तक मेमू ट्रेन का किराया 10 रुपए होगा
सोनपुर मंडल ने ट्रेन परिचालन की तिथि निर्धारित होने के बाद तैयारियां शुरू कर दी है। सीनियर डीसीएम चंद्रशेखर प्रसाद ने बताया कि हाजीपुर-वैशाली के बीच 10 रुपए किराया निर्धारित किया गया है। एक ही मेमू ट्रेन दो बार आएगी और जाएगी। ट्रेन परिचालन शुरू हो जाने से वैशाली में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
सुगौली तक कुल 16 स्टेशन प्रस्तावित हाजीपुर-वैशाली के बीच 5 स्टेशन
हाजीपुर-सुगौली के बीच कुल 16 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसमें वैशाली तक पांच स्टेशन हैं। हाजीपुर-वैशाली के बीच सभी 5 स्टेशनों का निर्माण पूरा हो चुका है। ये स्टेशन हैं प्रस्तावित| हाजीपुर, घोसवर, लालगंज, दाउदनगर, वैशाली, सरैया, बखरा, पारू, हुसेपुर, साहेबगंज, केसरिया, राजपुर, संग्रामपुर, अरेराज, हरसिद्धि, सुगौली स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस रेलखंड में 171 पुल-पुलिया में 6 बड़े पुल हैं।
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