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Who says South India does not have Gatimaan. It is called Vaigai Express. - Thamizh Maran

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Tue Jul 7 20:08:17 IST
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News Posts by GZB⭐️WAP5⭐️35006

Page#    Showing 1 to 5 of 1724 news entries  next>>
Yesterday (19:00) परतापुर के पास डिवाइडर से हटाए स्ट्रीट लाइट के पोल (m-jagran-com.cdn.ampproject.org)
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News Entry# 413233  Blog Entry# 4663306   
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Jul 06 2020 (19:00)
Station Tag: Partapur/PRTP added by GZB⭐️WAP5⭐️35006/1833693
Stations:  Partapur/PRTP  
मेरठ, जेएनएन। रैपिड रेल के लिए परतापुर के पास कुंडा गांव के सामने काम चल रहा है। यहां पर पिलर के लिए फाउंडेशन कार्य शुरू हो गया है। इस कार्य में बाधा बन रहे डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइटों के खंभों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। स्ट्रीट लाइट व विज्ञापन के पोल हट जाने से डिवाइडर को पूरी तरह से दोनों तरफ से घेर लिया जाएगा। रविवार को यहां पर करीब 40 पोल हटाए गए। स्ट्रीट लाइट के पोल हटाने के लिए नगर निगम से पिछले साल ही एनसीआरटीसी के बीच सहमति हो गई थी। इससे टिन वॉल का घेराव बढ़ा दिया गया। उधर, रोड चौड़ीकरण के लिए बाधा बन रहे पेड़ों को काटने के लिए भी वन विभाग की टीम पहुंच गई है। दरअसल, वन विभाग ने जिस एजेंसी को पेड़ काटने का जिम्मा दिया था उसने काम ही नहीं किया था। रविवार के अंक में...
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दैनिक जागरण ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया तब सुबह ही पेड़ काटने के लिए टीम भेज दी गई। अब परतापुर थाने की बाधा कौन दूर करेगा रैपिड रेल के लिए जहां-जहां बाधा उत्पन्न हो रही है उसको दूर करने के लिए प्रयास जारी है। सबसे बड़ा काम है रोड चौड़ीकरण है। इसके लिए सभी विभागों व संबंधित संस्थानों को पहले ही बताया जा चुका है फिर भी असहयोग हो रहा है। पहले वन विभाग ने पेड़ काटने में मनमानी की तो अब पुलिस विभाग मनमानी दिखा रहा है। परतापुर थाने के सामने दोनों तरफ बड़ी संख्या में कबाड़ वाहन पड़े हैं लेकिन इसे हटाया नहीं जा रहा है। यही नहीं थाने के सामने जो दुकानें हैं उसे भी पुलिस नहीं हटाने दे रही है। ऐसे में यहां पर चौड़ीकरण का कार्य नहीं हो पाया है। यदि यही रवैया रहा तो परतापुर में पिलर बनाने का लक्ष्य पिछड़ सकता है।
Yesterday (18:58) रैपिड रैल के लिए पिलर बनाने से पहले उड़ाया ड्रोन, हटेगा अतिक्रमण, मंदिर को बचाने की गुहार (www-amarujala-com.cdn.ampproject.org)
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News Entry# 413232  Blog Entry# 4663305   
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Jul 06 2020 (18:58)
Station Tag: Duhai Halt/DXH added by GZB⭐️WAP5⭐️35006/1833693
Stations:  Duhai Halt/DXH  
दुहाई से शताब्दीनगर तक होने वाले रैपिड रेल निर्माण कार्य से पहले ड्रोन से एलाइनमेंट लिया जा रहा है। इस 32 किलोमीटर के चरण में पूरा ट्रैक एलिवेटिड है। इसके मद्देनजर ड्रोन उड़ाया जा रहा है।
एनसीआरटीसी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम) की टीम ने शुक्रवार को भूड़बराल से लेकर मोदीनगर तक निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और ड्रोन से वीडियोग्राफी कराई। वहीं, परतापुर में बडे़ स्तर पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। परतापुर में मार्ग का चौड़ीकरण तेज कर दिया है। यहां कई स्थानों पर बिजली के खंभे एवं पेड़ बाधा बने हुए हैं। इस बाबत एनसीआरटीसी
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के इंजीनियरों का कहना है कि बिजली ठेकेदार की कमी के चलते कार्य में विलंब हो रहा है। कुंडा फाटक से आगे निर्माण कार्य प्रगति पर है। यहां मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित है। इसलिए यहां पिलर बनाने का कार्य तेज कर दिया है।वहीं, वासु ऑटोमोबाइल के सामने हाईटेंशन लाइन हटाने के बाद हुए गड्ढे को नहीं भरे जाने का विरोध शुरू हो गया है। भाजपा नेता गोपाल शर्मा ने एनसीआरटीसी अधिकारियों से आपत्ति जताई है।मंदिर को बचाने की गुहारपरतापुर तिराहे के समीप एनएचएआई द्वारा बनाए गए निर्माणाधीन ओवरब्रिज के निकट आ रहे मां संतोषी देवी के मंदिर को हटाने का विरोध शुरू हो गया है। इसकी देखरेख कर रहे प्रमोद ने सीएम एवं डीएम से गुहार लगाई है। ओवरब्रिज के समीप फौजी चयनपाल ने कई साल पहले मां संतोषी देवी का मंदिर बनवाया था। इस बीच यहां मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे का प्रोजेक्ट आ गया तो एनएचएआई ने निर्माण कार्य के बीच आ रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा था। इसके बाद यहां से काफी अतिक्रमण ध्वस्त किए गए परंतु मंदिर हटाने के लिए नोटिस जारी किया। जिसमें कहा कि मूर्तियां दूसरे मंदिर में स्थापित करा दी जाएंगी।नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करेंclick here
मेरठ, जेएनएन। Rapid Rail Project रैपिड रेल की प्रदेश स्तरीय हाईपावर कमेटी की बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि रैपिड रेल के कार्य के लिए सभी सरकारी विभाग और सरकारी एजेंसियां बिना विलंब किए जमीनें उपलब्ध करा दें। रैपिड के काम में सभी सहयोग करें। कोई भी अड़ंगा न लगाएं। जमीनों के बदले दी जाने वाली राशि अथवा जमीन के संबंध में जनपदों के डीएम और आवश्यक्ता पडऩे पर शासन स्तर से निर्णय लिया जाएगा। दस दिन बात मुख्य सचिव फिर से हाईपावर कमेटी की बैठक करेंगे।
प्रदेश स्तरीय हाईपावर कमेटी की बैठक
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रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए लखनऊ में बुधवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय हाईपावर कमेटी की बैठक में मुख्य सचिव राजेंद्र प्रसाद तिवारी नहीं आ सके। प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन दीपक कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए एनसीआर ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन को उपलब्ध कराई जाने वाली सरकारी विभागों और एजेंसियों की जमीनों पर चर्चा हुई। बैठक में प्रमुख सचिव ने कहा कि जमीनों के बदले सभी जनपदों से जिला प्रशासन और विभागों ने अपनी अपनी मर्जी से पैसा मांगा है। जबकि एनसीआरटीसी का कहना है कि जमीनों के लिए प्रदेश सरकार ने जो बजट निर्धारित किया है उसी के अंतर्गत जमीनें उपलब्ध कराई जाएं। ताकि प्रोजेक्ट का बजट न बिगड़े।

रैपिड के काम में अड़ंगा न लगाएं
कुछ विभाग तो रैपिड को दी जाने वाली भूमि पर अपना मालिकाना हक भी साबित नहीं कर पा रहे हैं। वे यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि उक्त भूमि उनके विभाग ने किससे और कब प्राप्त की। प्रमुख सचिव ने कहा कि विभाग रैपिड के काम में अड़ंगा न लगाएं। जमीनें तत्काल उपलब्ध कराएं। उनकी कीमत का निर्धारण डीएम अथवा शासन कर देगा। रोडवेज की भैंसाली वर्कशाप की जमीन पर भी रोडवेज मालिकाना हक साबित नहीं कर पा रहा है। जिला प्रशासन की सार्वजनिक उपयोग की भूमि के बदले आसपास के गांवों में भूमि आरक्षित करने का निर्देश प्रमुख सचिव ने दिया।

17 लाइनों में से 15 को शिफ्ट किया
बैठक में सामने आया कि रैपिड रेल के रास्ते में आ रही बिजली की हाईटेंशन की 17 लाइनों में से 15 को शिफ्ट किया जा चुका है। बची दो को भी जल्द शिफ्ट कर लिया जाएगा। बैठक में एनसीआरटीसी के साथ साथ सभी संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी शामिल रहे। मेरठ से अपर आयुक्त रजनीश राय और डीएम के प्रतिनिधि के रूप में एडीएम प्रशासन रामचंद्र शामिल रहे।

दस दिन बाद फिर होगी बैठक
अपर आयुक्त रजनीश राय ने बताया कि मुख्य सचिव आज मुख्यमंत्री के साथ व्यस्त थे। लिहाजा बैठक में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने दस दिन के भीतर फिर से हाईपावर कमेटी की बैठक बुलाने की घोषणा की है।
कमिश्नर भी जल्द करेंगी समीक्षा
कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने बताया कि मेरठ में मुख्यमंत्री 5 जुलाई का प्रस्तावित दौरा तथा कोरोना संक्रमण के चलते वे बुधवार की बैठक में शामिल नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव की बैठक से पहले वे रैपिड रेल प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा करेंगी। यह समीक्षा वह ऑनलाइन करेंगी।
Yesterday (18:55) रैपिड रेल : कल से शुरू होगा पिलर निर्माण कार्य (www-amarujala-com.cdn.ampproject.org)
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News Entry# 413230  Blog Entry# 4663301   
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मेरठ। रैपिड रेल का कार्य तेज गति से करने के लिए एनसीआरटीसी सभी प्रक्रिया में तेजी दिखा रही है। इसके बावजूद जिले के कई विभागों की कार्यशैली इसमें अवरोध उत्पन्न कर रही है। दुहाई से शताब्दीनगर तक होने वाले कार्य के लिए पेड़ों और यूनिपोल को हटाया जाना था। ये करीब एक सप्ताह बाद हटने शुरू हुए। इससे रैपिड रेल के पिलर खुदाई का कार्य देरी से शुरू हो पाया है। अब मंगलवार से पिलर बनाने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।दुहाई से शताब्दीनगर तक लगभग 32 किमी के निर्माण कार्य को एलएंडटी द्वारा किया जाना है। इससे पहले की सभी प्रक्रिया एनसीआरटीसी द्वारा की जा रही है। रविवार को दिल्ली रोड पर यूनिपोल हटने का कार्य किया गया। वहीं, होंडा शोरूम से संजय वन तक डिवाइडर के बीच खड़े विद्युत पोल हटने शुरू हो गए हैं। जिससे रैपिड रेल पिलर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। ऐसे में...
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अब एलएंडटी की तरफ से कास्टिंग यार्ड में अन्य कार्य शुरू कर दिया जाएगा। जिससे अब कार्य में देरी न हो सके।सभी मशीनें पहुंचींपिलर निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सभी मशीनें शताब्दीनगर कास्टिंग यार्ड में पहुंचा दी हैं। जैसे-जैसे पिलर निर्माण में मशीनों की जरूरत पड़ती रहेगी। उन्हें कास्टिंग यार्ड से लाया जाता रहेगा। वहीं, इंजीनियरों को साइट पर देखभाल करने के लिए बॉक्स बना दिए गए हैं। इनके अतिरिक्त अन्य कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था भी कास्टिंग यार्ड में कर दी जाएगी। अभी ड्रोन उड़ना बाकी इस चरण में अभी ड्रोन उड़ना बाकी है। बीते शुक्रवार को मोहिद्दीनपुर तक ही ड्रोन उड़ाया गया था। अभी संजय वन तक ड्रोन उड़ाकर एलाइनमेंट तैयार किया जाना है। यूनिपोल और बिजली के पोल के कारण ड्रोन नहीं उड़ाया गया था।
Yesterday (18:53) जून 2022 में दुहाई पहुंचेगी देश की पहली हाईस्पीड ट्रेन, 2023 से कर सकेंगे यात्रा (www.amarujala.com)
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News Entry# 413229  Blog Entry# 4663299   
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Jul 06 2020 (18:54)
Station Tag: Duhai Halt/DXH added by GZB⭐️WAP5⭐️35006/1833693

Jul 06 2020 (18:54)
Station Tag: Ghaziabad Junction/GZB added by GZB⭐️WAP5⭐️35006/1833693
देश की पहली हाईस्पीड ट्रेन जून 2022 तक तैयार होकर दुहाई (गाजियाबाद) पहुंच जाएगी। शुरुआत में ट्रायल रन के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को छह-छह बोगी वाली दो ट्रेन दी जाएगी। इसके बाद शेष ट्रेनों की आपूर्ति अप्रैल 2023 तक कर दी जाएगी। इस संबंध में एनसीआरटीसी और निर्माण कंपनी बॉम्बार्डियर के बीच बातचीत हो चुकी है। कुल 1650 करोड़ की लागत से दिल्ली मेरठ कॉरिडोर पर चलने वाली 30 ट्रेन और 10 मेट्रो ट्रेनों की आपूर्ति बॉम्बार्डियर इंडिया लिमिटेड की तरफ से की जानी है। उधर, एनसीआरटीसी ने भी रैपिड ट्रेन कारिडोर के निर्माण की गति को बढ़ा दिया है, जिससे अप्रैल 2023 में दुहाई से साहिबाबाद के बीच देश की पहली हाईस्पीड ट्रेन को शुरू किया जा सके। ट्रेन निर्माण को लेकर टेंडर बीते दिनों कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर को मिला है। टेंडर की शर्तों के तहत कंपनी गुजरात के सावली (बड़ौदा) प्लांट में ही पूरी ट्रेन का निर्माण...
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करेगी। मेक इन इंडिया के तहत पूरी ट्रेन का निर्माण गुजरात में ही होगा। यहां तक की अधिकांश कलपुर्जे भी इंडिया में ही तैयार किए जाएंगे। कंपनी इससे पहले दिल्ली मेट्रो के लिए बोगी तैयार कर चुकी है। इधर, अब एनसीआरटीसी का पूरा ध्यान निर्माण कार्य में गति लाने पर है। दुहाई से साहिबाबाद के बीच करीब 17 किलोमीटर में सबसे पहले ट्रेन को शुरू किया जाना है, जिसमें 1324 पिलर की पाइलिंग का काम पूरा हो चुका है। अगले एक महीने में इतने ही पिलर की पाइलिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। एनसीआरटीसी की कोशिश की है कि इस साल के अंत तक पिलर का काम पूरी तरह से पूरा कर लिया जाए। उसके बाद ऊपर का काम शुरू किया जाए। उधर, स्टेशन व डिपो निर्माण को लेकर भी प्रक्रिया तेज चल रही है। 
दो दिन पहले शासन में हुई बैठक में सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वो बिना किसी बाधा के एनसीआरटीसी को जमीन हस्तांतरित कर दें। कागजी कार्रवाई व फंड की व्यवस्था से जुड़ी प्रक्रिया चलती रहेगी। इसी बीच अब दुहाई में डिपो निर्माण को लेकर भी अगले एक से दो महीने में जमीन संबंधी विवाद को सुलझाने की तैयारी है। सरकार भी चाहती है कि किसी भी स्तर पर प्रोजेक्ट में देरी न हो। प्रधानमंत्री कार्यालय इस प्रोजेक्ट की स्वयं अपने स्तर पर निगरानी कर रही है। इसी का नतीजा है कि राज्य सरकार भी जमीन संबंधी मामलों को जल्द सुझाने में तत्परता दिखा रही है। 15 साल तक देखरेख करेगी बॉम्बार्डियर  टेंडर की शर्तों के हिसाब से बॉम्बार्डियर डिलीवरी की तिथि से अगले 15 वर्षों तक रखरखाव भी करेगी। मेरठ में तीन-तीन बोगी वाली मेट्रो चलाई जाएगी। जबकि शुरुआती चरण में हाईस्पीड ट्रेन में छह बोगी लगी होंगी। इस तरह से कंपनी 30 ट्रेनों की 180 बोगी देगी और 10 मेट्रो ट्रेन की 30 बोगी उपलब्ध कराएगी। हालांकि मेरठ में मेट्रो सर्विस का संचालन वर्ष 2025 तक शुरू किए जाएगा। क्योंकि उस रूट का निर्माण तीसरे चरण में किया जा रहा है, जिसमें अभी समय लगेगा। सीपीआरओ-एनसीआरटीसी सुधीर शर्मा ने बताया कि हाईस्पीड ट्रेन का काम तेजी से चल रहा है। ट्रेन निर्माण को लेकर टेंडर हो चुका है। पूरी तरह से ट्रेन का निर्माण गुजरात में होगा। पहली ट्रेन वर्ष 2022 में मिल जाएगी। इसके बाद करीब 10-11 महीने का ट्रायल चलेगा। उधर, प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में दुहाई से शताब्दीनगर के बीच कंस्ट्रक्शन का काम एलएंडटी कंपनी ने शुरू कर दिया है।
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