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News Posts by MFP ke trains par sirf JYG ka hak hai we want all

Page#    Showing 1 to 2 of 2 news entries  
Feb 07 (20:05) कानपुर में बनेगा एक और रेलवे स्टेशन, सेंट्रल का लोड होगा कम, जानिए- और क्या-क्या होंगे फायदे (m.jagran.com)
NCR/North Central
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News Entry# 437677  Blog Entry# 4869826   
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Feb 09 2021 (07:51)
Station Tag: Kanpur Goods Marshalling Yard/GMC added by Prakhar Yadav/622971

Feb 07 2021 (20:05)
Station Tag: Juhi Outer Cabin/CNJO added by MFP ke trains par sirf JYG ka hak hai we want all/2012001

Feb 07 2021 (20:05)
Station Tag: Govindpuri Junction/GOY added by MFP ke trains par sirf JYG ka hak hai we want all/2012001

Feb 07 2021 (20:05)
Station Tag: Kanpur Central/CNB added by MFP ke trains par sirf JYG ka hak hai we want all/2012001
Kanpur Central ट्रेनों का सामान्य संचालन शुरू होते ही भेजी जाएगी सर्वे रिपोर्ट। कोरोना के चलते वर्ष 2020 में नहीं हो पाया प्रोजेक्ट पर काम। जहां गोविंदपुरी को टर्मिनल के तौर पर विकसित किया जा रहा है वहीं अब जूही को भी स्टेशन बनाने की कवायद शुरू की गई है।
कानपुर, जेएनएन। Kanpur Central सेंट्रल स्टेशन का भार कम करने के लिए जूही में नया रेलवे स्टेशन बनेगा जिसे न्यू कानपुर स्टेशन का नाम दिया जाएगा। इस योजना पर सहमति तो काफी पहले बन गई थी, लेकिन कोरोना के चलते काम शुरू नहीं हो सका। अब एक बार फिर मंडल स्तर पर इसके लिए कवायद शुरू हो चुकी है। ट्रेनों का संचालन सामान्य होने के बाद इसकी सर्वे रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी
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जाएगी। इस स्टेशन के बनने के बाद एक साथ सेंट्रल आ रही कई गैर महत्वपूर्ण ट्रेनों को गोविंदपुरी से सुजातगंज होते प्रयागराज के लिए निकाल दिया जाएगा। ट्रेनों को सेंट्रल स्टेशन आने की जरूरत नहीं होगी। 
सामान्य दिनों में सेंट्रल स्टेशन पर ज्यादा संख्या के कारण ट्रेनों का भार अधिक रहता है। चूंकि अभी ट्रेनें कम चल रही हैं। इसलिए ज्यादा समस्या नहीं है। पूरी क्षमता के साथ ट्रेनों का आवागमन शुरू होते ही आउटर पर घंटों ट्रेनों को खड़ा रखने जैसी समस्याएं फिर शुरू हो जाएंगी। इसे खत्म करने के लिए जहां गोविंदपुरी को टर्मिनल के तौर पर विकसित किया जा रहा है वहीं अब जूही को भी स्टेशन बनाने की कवायद शुरू की गई है। अधिकारी बताते हैं जल्द ही सर्वे कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।

2019 में बनी थी सहमति
जूही में न्यू कानपुर स्टेशन बनाने की सहमति अक्टूबर 2019 में बनी थी। प्रयागराज मुख्यालय में हुई बैठक में रेलवे अधिकारियों ने इसका प्रस्ताव दिया था जिस पर मुख्यालय के अफसरों ने सहमति देते हुए सर्वे रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट भेजी जाती, उससे पहले कोरोना के चलते सर्वे ही नहीं हो पाया। 
यह होगा फायदा 
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेनों का लोड इसकी क्षमता से डेढ़ गुना अधिक है। जूही यार्ड सेंट्रल और गोविंदपुरी स्टेशन के बीच में है। यहां से दो लाइनें चंदारी स्टेशन की तरफ जाती हैं। वर्तमान में यहां से गुड्स ट्रेनों को पास कराया जाता है। न्यू कानपुर स्टेशन बनने के बाद ऐसी ट्रेनों को, जिसमें सेंट्रल स्टेशन से गिने चुने यात्री जाते हैं, इस स्टेशन से पास कराया जाएगा। इससे सेंट्रल पर ट्रेनों के साथ ही यात्रियों का लोड कम हो जाएगा। तब ट्रेनें गोविंदपुरी से न्यू कानपुर स्टेशन होते हुए सीधे चंदारी होते हुए प्रयागराज निकल जाएंगी। 

वीआइपी ट्रेनों को मिल सकता अलग रूट 
न्यू कानपुर स्टेशन बनने के बाद राजधानी, गरीब रथ, दूरंतो जैसी कई वीआइपी ट्रेनों को अलग रूट मिल सकता है। हालांकि इस पर निर्णय मुख्यालय से लिया जाएगा। रेल अधिकारियों के मुताबिक वीआइपी ट्रेनों को न्यू कानपुर स्टेशन से चलाया जाएगा। इससे इन ट्रेनों का समय भी सुधरेगा और आउटर जैसी समस्या से भी नहीं गुजरना होगा। यात्रियों को भी आसानी होगी। 

सामान्य दिनों में सेंट्रल का लोड
इनका ये है कहना 
अक्सर एक साथ कई ट्रेनें आ जाती हैं। इनमें कई ऐसी होती हैं जिनमें सेंट्रल स्टेशन से कम यात्री चढ़ते हैं। नए स्टेशन बनने के बाद तब ऐसी ट्रेनों को वहां से गुजारा जाएगा। इसका प्रस्ताव है। सर्वे कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजनी है। -हिमांशु कुमार उपाध्याय, डिप्टी सीटीएम कानपुर सेंट्रल
बिहार से नेपाल के बीच जल्द ट्रेन सेवा शुरू हो जाएगी। मधुबनी के जयनगर से नेपाल के कुर्था के बीच रेलवे ट्रैक के आमान परिवर्तन का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। अब इस पर ट्रेन चलाने के लिए मानक संचालन प्रणाली (एसओपी) तैयार हो गई है। बिहार से नेपाल के बीच ट्रेन चलाने के लिए नेपाल सरकार ने कोंकण रेलवे से दो डेमू ट्रेन की खरीदारी की है।
शुक्रवार को राज्यसभा में भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी की ओर से पूछे एक सवाल के जवाब में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस परियोजना पर विस्तार से जानकारी दी। रेल मंत्री ने सदन में बताया कि जयनगर (भारत) और कुर्था (नेपाल) के बीच आमान परिवर्तन परियोजना का कार्य 548 करोड़ की
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लागत से अक्टूबर, 2018 में ही पूरा हो चुका है। इस खंड पर परिचालन के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया तैयार कर ली गई है। आमान परिवर्तन परियोजना के तहत भारत के जयनगर और नेपाल के कुर्था खंड का कार्य अक्टूबर, 2018 में पूरा होने के बाद नेपाल सरकार द्वारा कोंकण रेलवे निगम लिमिटेड से 1600 एचपी के डीजल-इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट डेमू रैक के 2 सेट खरीदे गए हैं। रेल मंत्री ने सदन को बताया कि परिचालन के लिए एसओपी तैयार कर ली गई है। नेपाल सरकार से टिप्पणी प्राप्त होने के बाद इस खंड पर गाड़ी परिचालन की तिथि तय कर ली जाएगी।
बथनाहा-विराटनगर रेललाइन का भी पहला चरण पूराएक अन्य प्रश्न के उत्तर में रेल मंत्री ने बताया कि 422 करोड़ की लागत से बन रहे जोगबनी-विराटनगर 18.6 किमी लंबी रेललाइन परियोजना को 2010-11 में स्वीकृति दी गई थी। जोगबनी की जगह बथनाहा से दो चरणों में शुरू हुआ। इसके पहला चरण का काम 2018 में पूरा कर लिया गया और इस मद में 286 करोड़ खर्च किए गए। बथनाहा- विराटनगर खंड में पहले चरण में बथनाहा से नेपाल कस्टम यार्ड (8 किमी ) पर रेललाइन का कार्य नवम्बर 18 में पूरा हो चुका है। 
बथनाहा कस्टम यार्ड और नेपाल कस्टम यार्ड में माल संबंधी सुविधाओं का विकास कार्य शुरू किया गया है। अब दूसरे चरण में नेपाल कस्टम यार्ड से विराटनगर (10.6 किमी) में कार्य शुरू हो गया है। फिलहाल, विराटनगर यार्ड के 1.8 किमी लम्बाई के लिए 59.34 एकड़ भूमि नवम्बर, 2019 में ही नेपाल सरकार को सौंप दी गई है। नेपाल सरकार की ओर से 11 ओवरहेड विद्युत लाइनों को अभी शिफ्ट किया जाना बाकी है। इस परियोजना को शीघ्र पूरा करने के लिए सरकार के स्तर पर सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
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