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दूरी नही मंज़िल भारी, साथ हो जब मेट्रो हमारी - Mushfique Khalid

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News Posts by Piyush Srivastava😏

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जमशेदपुर : जलियांवाला बाग एक्सप्रेस एवं जम्मू तवी एक्सप्रेस को अविलंब चलाने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्षरत सिख समुदाय के लोगों ने आक्रमक रुख अख्तियार कर लिया है. पहले चरण में इन दोनों ट्रेनों को अविलंब चालू करने की मांग को लेकर इस समुदाय के लोगों ने मंगलवार को शांतिपूर्ण तरीके से कोरोना गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए मास्क लगाकर टाटानगर रेलवे स्टेशन पर एक दिवसीय धरना रख दिया. इसकी जानकारी देते हुए झारखंड प्रदेश गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार शैलेंद्र सिंह ने कहा कि अगर इसके बावजूद रेलवे ने इन दोनों गाड़ियों को चालू नहीं किया तो एक सप्ताह बाद रेल चक्का जाम किया जाएगा. उन्होंने धरना को टेलर की संज्ञा देते हुए कहा फिल्म अभी बाकी है, जो रेल चक्का जाम के दिन होगा.
चाकुलिया :  चाकुलिया स्टेशन को रेलवे विभाग द्वारा चाकुलिया स्टेशन का निर्माण मॉडल स्टेशन के रूप में किया जा रहा है. इसके लिए स्टेशन परिसर में लगाए गए झारखंडी कलाकृति लोगों को खुश आकर्षित कर रहा है. स्टेशन परिसर में अब लोगों के लिए सेल्फी जोन बनता जा रहा है. स्टेशन की दिवालों पर लगाए गए कलाकृति लोगों को खुब भा रही है. स्टेशन परिसर में लगी लाइटें शाम ढलते ही स्टेशन परिसर दुधिया रोशनी अनोखी छठा लोगों को खुब भा गई रही है दुनिया रोशनी से स्टेशन जगमगा उठती है.
स्टेशन परिसर में लगाए गए फाइबर के हाथी और बैलगाड़ी लोगों को अपनी और आकर्षित कर रहा है. हाथी और बैलगाड़ी के साथ लोग सेल्फी लिए बगैर अपने आप को रोक
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नहीं पा रहे हैं. शाम में बच्चे स्टेशन पहुंचकर हाथी और बैलगाड़ी के पास खड़े होकर सेल्फी लेने में मशगूल हो जाते हैं. हालांकि स्टेशन का निर्माण युद्ध स्तर पर विभाग द्वारा की जा रही है.  निर्माण कार्य पूर्ण होने पर चाकुलिया स्टेशन अपनी एक अलग पहचान कायम करेंगी.
Quick Watering System in Bareilly Junction भारतीय रेलवे ट्रेन की गति बढ़ाए बिना कम समय में यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रहा है। कुछ स्टेशनों को छोड़कर अधिकांश स्टेशनों पर ट्रेनों के स्टापेज के समय में कटौती करना शुरू कर दी गई है।
बरेली, जेएनएन। Quick Watering System in Bareilly Junction : भारतीय रेलवे ट्रेन की गति बढ़ाए बिना कम समय में यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रहा है। कुछ स्टेशनों को छोड़कर अधिकांश स्टेशनों पर ट्रेनों के स्टापेज के समय में कटौती करना शुरू कर दी गई है। लेकिन, जिन स्टेशनों पर कोच में पानी भरा जाता है, वहां 13 से 14 मिनट का समय लगता है। ऐसे स्टेशनों पर स्टापेज घटाकर
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छह से आठ मिनट करने की तैयारी है। बरेली में सराफा कारोबारियों से करोड़ों का सोना हड़पने में आठ पर मुकदमा यह भी पढ़ें सभी कोच में कम समय में पानी भर सके, इसके लिए पुरानी पाइप लाइन में सुधार कर क्विक वाटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। मुरादाबाद रेल मंडल के बरेली जंक्शन पर कई ट्रेनों में पानी भरा जाता है। क्विक वाटरिंग सिस्टम में पहले लगे हुए पाइप की जगह मोटे पाइप डाले गए हैं। पानी का प्रेशर बढ़ाने के लिए बीच-बीच में सिस्टम लगाए गए हैं। जिससे ट्रेन के सभी कोच में पांच से सात मिनट में पानी भर जाएगा। बुधवार को प्लेटफार्म नंबर एक पर ब्लाक लेकर कोच खड़े कर इसका ट्रायल लिया गया। जो सफल रहा। कुछ ऐसे काम करेगा आधुनिक सिस्टम क्विक वाटरिंग सिस्टम में करीब तीन पंप सीरीज में लगाए जाएंगे। कोच में पानी की जरूरत के अनुसार पंप चलेंगे। सुपरवाइजर के मोबाइल पर डिस्प्ले के साथ कंट्रोल रहेगा। त्वरित जल प्रणाली में तीन उच्च दबाव वाले पंप शामिल होता है, जो प्लेटफार्म पर हाइड्रेंट को पानी की आपूर्ति करता है। इस संयंत्र के संचालन के लिए इसमें अग्रिम स्वचालन और नियंत्रण प्रणाली भी है, जिसमें पंपों की क्रमिक शुरुआत के साथ-साथ प्रत्येक पंप के लिए परिवर्तनशील गति नियंत्रण शामिल होगा। इस सिस्टम का कंट्रोल रिमोट आपरेशन के लिए मोबाइल एप पर भी उपलब्ध है। पानी की बर्बादी पर लगेगी रोक जंक्शन पर फिलहाल सामान्य पाइप से ही ट्रेन के कोच में पानी भरा जाता है। इस प्रणाली के उपयोग से न केवल पानी की बर्बादी पर नियंत्रण किया जा सकेगा। इस तरह पानी की बर्बादी पर रोक लगने से जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकेगा। कोचों में महज पांच मिनट में भरेगा पानी जिसके प्रयोग से 24 कोचों की ट्रेन में मात्र पांच मिनट में पूरी ट्रेन में पानी भरा जा सकेगा। वर्तमान में ट्रेन के सभी कोचों में पानी भरने में 20 से 25 मिनट का समय लगता है। नई प्रणाली के लागू हो जाने के उपरांत इन स्टेशनों पर गाड़ियों के पांच मिनट के ठहराव के दौरान पूरी ट्रेन में पानी भरने का काम आसान हो जाएगा। CBSE Board : सीबीएसई बोर्ड ने लिया अहम फैसला, कल्चरल हैरिटेज क्लब से बढ़ाएगा छात्रों का कौशल यह भी पढ़ें क्विक वाटरिंग सिस्टम से पांच मिनट में 24 कोच के वाटर टैंक में पानी भरा जा सकेगा। इस सिस्टम के लगने से कोच में पानी की किल्लत नहीं होगी और यात्रियों को भी सहूलियत मिलेगी। - सुधीर सिंह, सीनियर डीसीएम मुरादाबाद रेल मंडल
बरेली, जेएनएन। Quick Watering System in Bareilly Junction : भारतीय रेलवे ट्रेन की गति बढ़ाए बिना कम समय में यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रहा है। कुछ स्टेशनों को छोड़कर अधिकांश स्टेशनों पर ट्रेनों के स्टापेज के समय में कटौती करना शुरू कर दी गई है। लेकिन, जिन स्टेशनों पर कोच में पानी भरा जाता है, वहां 13 से 14 मिनट का समय लगता है। ऐसे स्टेशनों पर स्टापेज घटाकर छह से आठ मिनट करने की तैयारी है।

सभी कोच में कम समय में पानी भर सके, इसके लिए पुरानी पाइप लाइन में सुधार कर क्विक वाटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। मुरादाबाद रेल मंडल के बरेली जंक्शन पर कई ट्रेनों में पानी भरा जाता है। क्विक वाटरिंग सिस्टम में पहले लगे हुए पाइप की जगह मोटे पाइप डाले गए हैं। पानी का प्रेशर बढ़ाने के लिए बीच-बीच में सिस्टम लगाए गए हैं। जिससे ट्रेन के सभी कोच में पांच से सात मिनट में पानी भर जाएगा। बुधवार को प्लेटफार्म नंबर एक पर ब्लाक लेकर कोच खड़े कर इसका ट्रायल लिया गया। जो सफल रहा।

कुछ ऐसे काम करेगा आधुनिक सिस्टम
क्विक वाटरिंग सिस्टम में करीब तीन पंप सीरीज में लगाए जाएंगे। कोच में पानी की जरूरत के अनुसार पंप चलेंगे। सुपरवाइजर के मोबाइल पर डिस्प्ले के साथ कंट्रोल रहेगा। त्वरित जल प्रणाली में तीन उच्च दबाव वाले पंप शामिल होता है, जो प्लेटफार्म पर हाइड्रेंट को पानी की आपूर्ति करता है। इस संयंत्र के संचालन के लिए इसमें अग्रिम स्वचालन और नियंत्रण प्रणाली भी है, जिसमें पंपों की क्रमिक शुरुआत के साथ-साथ प्रत्येक पंप के लिए परिवर्तनशील गति नियंत्रण शामिल होगा। इस सिस्टम का कंट्रोल रिमोट आपरेशन के लिए मोबाइल एप पर भी उपलब्ध है।

पानी की बर्बादी पर लगेगी रोक
जंक्शन पर फिलहाल सामान्य पाइप से ही ट्रेन के कोच में पानी भरा जाता है। इस प्रणाली के उपयोग से न केवल पानी की बर्बादी पर नियंत्रण किया जा सकेगा। इस तरह पानी की बर्बादी पर रोक लगने से जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकेगा।
कोचों में महज पांच मिनट में भरेगा पानी
जिसके प्रयोग से 24 कोचों की ट्रेन में मात्र पांच मिनट में पूरी ट्रेन में पानी भरा जा सकेगा। वर्तमान में ट्रेन के सभी कोचों में पानी भरने में 20 से 25 मिनट का समय लगता है। नई प्रणाली के लागू हो जाने के उपरांत इन स्टेशनों पर गाड़ियों के पांच मिनट के ठहराव के दौरान पूरी ट्रेन में पानी भरने का काम आसान हो जाएगा।

क्विक वाटरिंग सिस्टम से पांच मिनट में 24 कोच के वाटर टैंक में पानी भरा जा सकेगा। इस सिस्टम के लगने से कोच में पानी की किल्लत नहीं होगी और यात्रियों को भी सहूलियत मिलेगी। - सुधीर सिंह, सीनियर डीसीएम मुरादाबाद रेल मंडल
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर से बनकर चलने वाली 11 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों में विभिन्न तिथियों से शयनयान और साधारण की जगह वातानुकूलित कोच (एसी थर्ड) लगाए जाएंगे। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनों की रेक संरचना में बदलाव किया गया है।
गोरखपुर, जागरण संवाददाता। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर से बनकर चलने वाली 11 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों में विभिन्न तिथियों से शयनयान और साधारण की जगह वातानुकूलित कोच (एसी थर्ड) लगाए जाएंगे। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनों की रेक संरचना में बदलाव किया गया है। बेहतर होगी यात्री सुविधा  जानकारों के अनुसार यात्रियों की बढ़ती मांग को गंभीरता से लेते हुए रेलवे प्रशासन
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ने शयनयान व साधारण की जगह एसी कोच लगाने का निर्णय लिया है। इससे यात्री सुविधाएं तो बेहतर होंगी ही, रेलवे की कमाई भी बढ़ेगी। एसी थर्ड के टिकटों की वेटिंग भी समाप्त हो जाएगी। आने वाले दिनों में अधिकतम 22 कोच वाली ट्रेनों में एसी थर्ड कोचों की संख्या सर्वाधिक होगी। शयनयान व साधारण की जगह एसी थर्ड कोच ही लगाए जाएंगे। गोरखपुर रेलवे स्‍टेशन: व‍िश्‍व के सबसे बड़े प्‍लेटफार्म पर बंद है आरक्षण चार्ट डिस्प्ले बोर्ड यह भी पढ़ें इन ट्रेनों में लगेंगे एसी थर्ड कोच - 12555/12556 गोरखपुर-हिसार-गोरखपुर एक्सप्रेस में 27 अप्रैल से शयनयान श्रेणी एवं साधारण द्वितीय श्रेणी के एक-एक कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के दो। - 15003/15004 गोरखपुर-कानपुर अनवरगंज-गोरखपुर एक्सप्रेस में 25 अप्रैल से शयनयान श्रेणी एवं साधारण द्वितीय श्रेणी के एक-एक कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के दो। कहने को दो सौ बेड का सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक, डाक्टर के सिवा कुछ नहीं यह भी पढ़ें - 22537/22538 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस में 25 अप्रैल से शयनयान श्रेणी के एक कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी का एक। - 15017/15018 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस में 25 अप्रैल से शयनयान श्रेणी के एक कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी का एक। - 15065/15066 गोरखपुर-पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस में 25 अप्रैल से शयनयान श्रेणी के एक कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी का एक। - 15067/15068 गोरखपुर-बान्द्रा टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस में 27 अप्रैल से शयनयान श्रेणी के एक कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी का एक। - 15008/15007 लखनऊ जं.-वाराणसी सिटी-लखनऊ जं. एक्सप्रेस में 25 अप्रैल से द्वितीय श्रेणी के दो कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के कोच। - 15048/15047 गोरखपुर-कोलकाता-गोरखपुर एक्सप्रेस में 29 अप्रैल से शयनयान श्रेणी के दो कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के दो। भनवापुर की सड़कों पर जरा संभलकर चलें यह भी पढ़ें - 15050/15049 गोरखपुर-कोलकाता-गोरखपुर एक्सप्रेस में 27 अप्रैल से शयनयान श्रेणी के दो कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के दो। - 15052/15051 गोरखपुर-कोलकाता-गोरखपुर एक्सप्रेस में 28 अप्रैल से शयनयान श्रेणी के दो कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के दो। - 15009/15010 गोरखपुर-मैलानी-गोरखपुर एक्सप्रेस में 25 अप्रैल से शयनयान श्रेणी के दो कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के दो।
गोरखपुर, जागरण संवाददाता। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर से बनकर चलने वाली 11 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों में विभिन्न तिथियों से शयनयान और साधारण की जगह वातानुकूलित कोच (एसी थर्ड) लगाए जाएंगे। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनों की रेक संरचना में बदलाव किया गया है।
बेहतर होगी यात्री सुविधा 
जानकारों के अनुसार यात्रियों की बढ़ती मांग को गंभीरता से लेते हुए रेलवे प्रशासन ने शयनयान व साधारण की जगह एसी कोच लगाने का निर्णय लिया है। इससे यात्री सुविधाएं तो बेहतर होंगी ही, रेलवे की कमाई भी बढ़ेगी। एसी थर्ड के टिकटों की वेटिंग भी समाप्त हो जाएगी। आने वाले दिनों में अधिकतम 22 कोच वाली ट्रेनों में एसी थर्ड कोचों की संख्या सर्वाधिक होगी। शयनयान व साधारण की जगह एसी थर्ड कोच ही लगाए जाएंगे।

इन ट्रेनों में लगेंगे एसी थर्ड कोच
- 12555/12556 गोरखपुर-हिसार-गोरखपुर एक्सप्रेस में 27 अप्रैल से शयनयान श्रेणी एवं साधारण द्वितीय श्रेणी के एक-एक कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के दो।
- 15003/15004 गोरखपुर-कानपुर अनवरगंज-गोरखपुर एक्सप्रेस में 25 अप्रैल से शयनयान श्रेणी एवं साधारण द्वितीय श्रेणी के एक-एक कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के दो।

- 22537/22538 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस में 25 अप्रैल से शयनयान श्रेणी के एक कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी का एक।
- 15017/15018 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस में 25 अप्रैल से शयनयान श्रेणी के एक कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी का एक।
- 15065/15066 गोरखपुर-पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस में 25 अप्रैल से शयनयान श्रेणी के एक कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी का एक।

- 15067/15068 गोरखपुर-बान्द्रा टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस में 27 अप्रैल से शयनयान श्रेणी के एक कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी का एक।
- 15008/15007 लखनऊ जं.-वाराणसी सिटी-लखनऊ जं. एक्सप्रेस में 25 अप्रैल से द्वितीय श्रेणी के दो कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के कोच।
- 15048/15047 गोरखपुर-कोलकाता-गोरखपुर एक्सप्रेस में 29 अप्रैल से शयनयान श्रेणी के दो कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के दो।

- 15050/15049 गोरखपुर-कोलकाता-गोरखपुर एक्सप्रेस में 27 अप्रैल से शयनयान श्रेणी के दो कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के दो।
- 15052/15051 गोरखपुर-कोलकाता-गोरखपुर एक्सप्रेस में 28 अप्रैल से शयनयान श्रेणी के दो कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के दो।
- 15009/15010 गोरखपुर-मैलानी-गोरखपुर एक्सप्रेस में 25 अप्रैल से शयनयान श्रेणी के दो कोच के स्थान पर वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के दो।
World Largest Platform गोरखपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक दो और नौ पर बोर्ड लगे हैं। लाकडाउन से ही सभी बोर्ड बंद पड़े हैं। यह तब है जब सभी नियमित ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। रोजाना लगभग 80 हजार से एक लाख यात्री आवागमन करने लगे हैं।
गोरखपुर, जागरण संवाददाता। अवध एक्सप्रेस की शयनयान श्रेणी में बांद्रा तक की यात्रा करने वाले वरिष्ठ नागरिक राज शेखर और वेद प्रकाश को ट्रेन छूटने तक अपने टिकट की अपडेट जानकारी नहीं थी। हाथ में टिकट लेकर प्लेटफार्म पर लगे आरक्षण चार्ट डिस्प्ले बोर्ड के पास पहुंचे तो निराशा ही हाथ लगी। बोर्ड बंद था। एक युवा के पास पहुंचे तो पीएनआर की जानकारी मिली। बताने लगे, पहले प्लेटफार्मों और ट्रेनों पर
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चार्ट टंग जाते थे। रेलवे ने आनलाइन व्यवस्था कर दी है। लेकिन वह भी दुरुस्त होनी चाहिए। ताकि लोगों को सहूलियत मिल सके। आनलाइन सिस्टम भी ध्वस्त, मोबाइल का प्रयोग नहीं करने वाले यात्री परेशान राजशेखर और वेद प्रकाश ही नहीं मोबाइल का प्रयोग नहीं करने वाले व अन्य यात्रियों को भी प्लेटफार्म पर पहुंचकर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। वे आरक्षण चार्ट खोजते हैं या अन्य यात्रियों से आरक्षण की जानकारी लेते हैं, जिससे निर्धारित सीट या बर्थ पर पहुंच सकें। हालांकि ट्रेनों का आरक्षण चार्ट तैयार होते ही यात्रियों के निर्धारित मोबाइल पर टिकट की अपडेट जानकारी मिल जाती है। लेकिन अक्सर यात्रियों के मोबाइल पर समय से मैसेज नहीं पहुंच पाता। कहने को दो सौ बेड का सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक, डाक्टर के सिवा कुछ नहीं यह भी पढ़ें मोबाइल का नेटवर्क भी काम नहीं करता। ऐसी परिस्थिति में यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे बोर्ड ने प्लेटफार्मों पर आरक्षण चार्ट डिस्प्ले बार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की है। यात्री प्लेटफार्म पर पहुंचकर भी पीएनआर की अपडेट जानकारी हासिल कर सकें। गोरखपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक, दो और नौ पर बोर्ड लगे हैं। जानकारों के अनुसार लाकडाउन से ही सभी बोर्ड बंद पड़े हैं। यह तब है जब सभी नियमित ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। रोजाना लगभग 80 हजार से एक लाख तक यात्री आवागमन करने लगे हैं। प्लेटफार्मों पर लगे आरक्षण चार्ट डिस्प्ले बोर्ड को दोबारा शुरू करने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया है। यात्रियों को जल्द ही इसकी सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। - आशुतोष गुप्ता, स्टेशन डायरेक्टर- गोरखपुर।
गोरखपुर, जागरण संवाददाता। अवध एक्सप्रेस की शयनयान श्रेणी में बांद्रा तक की यात्रा करने वाले वरिष्ठ नागरिक राज शेखर और वेद प्रकाश को ट्रेन छूटने तक अपने टिकट की अपडेट जानकारी नहीं थी। हाथ में टिकट लेकर प्लेटफार्म पर लगे आरक्षण चार्ट डिस्प्ले बोर्ड के पास पहुंचे तो निराशा ही हाथ लगी। बोर्ड बंद था। एक युवा के पास पहुंचे तो पीएनआर की जानकारी मिली। बताने लगे, पहले प्लेटफार्मों और ट्रेनों पर चार्ट टंग जाते थे। रेलवे ने आनलाइन व्यवस्था कर दी है। लेकिन वह भी दुरुस्त होनी चाहिए। ताकि लोगों को सहूलियत मिल सके।
आनलाइन सिस्टम भी ध्वस्त, मोबाइल का प्रयोग नहीं करने वाले यात्री परेशान
राजशेखर और वेद प्रकाश ही नहीं मोबाइल का प्रयोग नहीं करने वाले व अन्य यात्रियों को भी प्लेटफार्म पर पहुंचकर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। वे आरक्षण चार्ट खोजते हैं या अन्य यात्रियों से आरक्षण की जानकारी लेते हैं, जिससे निर्धारित सीट या बर्थ पर पहुंच सकें। हालांकि ट्रेनों का आरक्षण चार्ट तैयार होते ही यात्रियों के निर्धारित मोबाइल पर टिकट की अपडेट जानकारी मिल जाती है। लेकिन अक्सर यात्रियों के मोबाइल पर समय से मैसेज नहीं पहुंच पाता।

मोबाइल का नेटवर्क भी काम नहीं करता। ऐसी परिस्थिति में यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे बोर्ड ने प्लेटफार्मों पर आरक्षण चार्ट डिस्प्ले बार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की है। यात्री प्लेटफार्म पर पहुंचकर भी पीएनआर की अपडेट जानकारी हासिल कर सकें। गोरखपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक, दो और नौ पर बोर्ड लगे हैं। जानकारों के अनुसार लाकडाउन से ही सभी बोर्ड बंद पड़े हैं। यह तब है जब सभी नियमित ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। रोजाना लगभग 80 हजार से एक लाख तक यात्री आवागमन करने लगे हैं।

प्लेटफार्मों पर लगे आरक्षण चार्ट डिस्प्ले बोर्ड को दोबारा शुरू करने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया है। यात्रियों को जल्द ही इसकी सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। - आशुतोष गुप्ता, स्टेशन डायरेक्टर- गोरखपुर।
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