Spotting
 Timeline
 Travel Tip
 Trip
 Race
 Social
 Greeting
 Poll
 Img
 PNR
 Pic
 Blog
 News
 Conf TL
 RF Club
 Convention
 Monitor
 Topic
 #
 Rating
 Correct
 Wrong
 Stamp
 PNR Ref
 PNR Req
 Blank PNRs
 HJ
 Vote
 Pred
 @
 FM Alert
 FM Approval
 Pvt
News Super Search
 ↓ 
×
Member:
Posting Date From:
Posting Date To:
Category:
Zone:
Language:
IR Press Release:

Search
  Go  
dark mode

RailFanning is a gift you give yourself. - Varun

Full Site Search
  Full Site Search  
FmT LIVE - Follow my Trip with me... LIVE
 
Thu Jan 27 15:28:57 IST
Home
Trains
ΣChains
Atlas
PNR
Forum
Quiz Feed
Topics
Gallery
News
FAQ
Trips
Login
Post PNRAdvanced Search

BRTN/Biratnagar
     बिराटनगर

Track: Construction - New Line

Show ALL Trains
Rangeli Rd, Biratnagar 56613
State:


Zone: ???/???   Division: ???

No Recent News for BRTN/Biratnagar
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: n/a
Number of Halting Trains: 0
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
0 Follows
Rating: NaN/5 (0 votes)
cleanliness - n/a (0)
porters/escalators - n/a (0)
food - n/a (0)
transportation - n/a (0)
lodging - n/a (0)
railfanning - n/a (0)
sightseeing - n/a (0)
safety - n/a (0)
Show ALL Trains

Station News

Page#    Showing 1 to 14 of 14 News Items  
Oct 16 2020 (09:39) पोखरा काठमांडू और विराटनगर तक पहुंची रेल भारत-नेपाल संबंधों के लिए मील का पत्थर साबित होगी (m.jagran.com)
Commentary/Human Interest
INT/International
0 Followers
43944 views

News Entry# 421570  Blog Entry# 4748231   
  Past Edits
Oct 16 2020 (09:44)
Station Tag: Janakpur Dham/JNKPE added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Oct 16 2020 (09:44)
Station Tag: Bardibas/NR-BRDS added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Oct 16 2020 (09:44)
Station Tag: Jaynagar/JYG added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Oct 16 2020 (09:43)
Station Tag: Biratnagar/BRTN added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Oct 16 2020 (09:40)
Station Tag: Raxaul Junction/RXL added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Oct 16 2020 (09:40)
Station Tag: Jogbani/JBN added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Oct 16 2020 (09:40)
Station Tag: New Jalpaiguri Junction/NJP added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Oct 16 2020 (09:40)
Station Tag: New Delhi/NDLS added by Anupam Enosh Sarkar/401739
नई दिल्‍ली, जेएनएन। India-Nepal Relation तिब्बत के रास्ते नेपाल तक रेललाइन बिछाने की चीन की योजना के पीछे उसकी मंशा नेपाल में परिवहन ढांचा को विकसित करने के साथ ही अपना तंत्र मजबूत करना भी है। नेपाल के अनेक आर्थिक विशेषज्ञ यह जानना चाहते हैं कि नेपाल आखिर चीन को क्या निर्यात करेगा? क्या नेपाल सरकार ने यह अध्ययन कराया है कि कोलकाता पोर्ट से आने वाली वस्तुओं और चीन से तिब्बत होकर सड़क और भविष्य के रेल से आने वाली वस्तुओं के दाम एक जैसे रह पाएंगे।
रेल मार्ग का निर्माण करना केरुंग काठमांडू से कहीं ज्यादा आसान : आशंका तो पूरी यही है कि चीन के रास्ते आने वाला सामान महंगा ही होगा। अगर चीन केवल व्यापारिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए
...
more...
भारतीय सीमा तक रेल चाहता है, तो उसे नाथुला दर्रा वाले मार्ग पर विचार करना चाहिए। यहां केवल 300 किमी की दूरी पूरी कर जलपाईगुड़ी से तिब्बत सीमा तक पहुंचा जा सकता है। यहां की ऊंचाई भी चार हजार मीटर है, जहां से रेल मार्ग का निर्माण करना केरुंग काठमांडू से कहीं ज्यादा आसान है और इस पथ का नेपाल को भी लाभ होगा।
चीन सामरिक कारणों से भी भारत पर दबाव बनाने के लिए ऐसा कर रहा : अगर भारतीय सहयोग से नेपाल के पूर्व पश्चिम कॉरिडोर या फिर न्यू जलपाईगुड़ी से काकरभिट्टा रेलवे ट्रैक बन जाता है तो वह नेपाल के हित में भी है। वहीं नेपाल के कई अन्य विशेषज्ञ यह भी कहते हैं अगर चीन नेपाल के रास्ते भारत की सीमा तक आता है तो वह केवल व्यापार के लिए नहीं, बल्कि सामरिक कारणों से भी भारत पर दबाव बनाने के लिए ऐसा कर रहा है। अत: नेपाल सरकार को ऐसी स्थिति से बचना चाहिए और यह नेपाल के हित में भी नहीं है।
इससे नेपाल के ऊपर एक बड़ा कर्ज बोझ हो जाएगा। साथ ही भारत से रिश्ते खराब होने की भी पूरी आशंका है। वहीं उपमहाद्वीप के कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि तिब्बत के प्राकृतिक संसाधनों के साथ ही नेपाल के संसाधनों का भी चीन दोहन करेगा। इससे हिमालय के प्राकृतिक चक्र को नुकसान पहुंचेगा। पोखरा के आगे नेपाल तिब्बत सीमा पर यूरेनियम का भंडार होने की संभावना है, चीन इसका भी दोहन करना चाहता है।
नेपाल को रेलवे के विकास में सहयोग करना चाहिए : वर्तमान में नेपाल के तीव्र गति विकास के लिए नेपाल भारत आपसी संबंधों के लिए और भारत के खुद के सामरिक आर्थिक हितों के लिए नेपाल को रेलवे के विकास में सहयोग करना चाहिए। जयनगर जनकपुर बर्दीवास रूट को पथलैया तक विस्तार देना और इसे रक्सौल बीरगंज हेठौड़ा काठमांडू के बनने वाले रूट से जोड़ देना चाहिए। ईटहरी को पथलैया से और धनगढ़ी को काठगोदाम से यदि जोड़ दिया जाए तो नेपाल के तराई के रास्ते यह दिल्ली और पूवरेत्तर भारत की दूरी को काफी हद तक कम कर सकता है। विराटनगर को धरान और ईटहरी को काकरभिट्टा से ऐसे ही उत्तर प्रदेश की सीमा नौतनवा से भैरहवा और वहां से पोखरा या फिर रूपईडीहा नेपालगंज रोड होते नेपालगंज तक ट्रेन जा सकती है।
पोखरा काठमांडू और विराटनगर तक पहुंची रेल : बिहार सीमा के बथनाहा जोगबनी होते हुए विराटनगर तक रेलवे सेवा को विस्तार दिया जा रहा है। पोखरा काठमांडू और विराटनगर तक पहुंची रेल नेपाल भारत संबंधों के लिए मील का पत्थर होगी। यदि अकेले नेपाल का ईस्ट वेस्ट रेलवे प्रोजेक्ट ही केवल भारत के माध्यम से पूर्ण हो जाए तो मेची से महाकाली नदी तक विस्तृत नेपाल में सफर सस्ता और सुगम ही नहीं होगा, बल्कि इससे यात्र अवधि भी बहुत कम हो जाएगी। इतना ही नहीं, यदि इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य हो तो उत्तर पश्चिमी भारतीय राज्यों से असम की ओर जाने का न केवल वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा, बल्कि इससे भारत नेपाल संबंधों को भी फिर से नई ऊंचाई पर ले जाया जा सकता है।
Jun 03 2020 (16:59) भारत नेपाल के बदलते रिश्तों में जयनगर जनकरपुर और बथनाहा विराटनगर रेल परियोजना अधर में लटकी, पढ़े रिपोर्ट (www.allindianewsservices.com)
New Facilities/Technology
INT/International
0 Followers
47115 views

News Entry# 410138  Blog Entry# 4643546   
  Past Edits
Jun 03 2020 (17:00)
Station Tag: Biratnagar/BRTN added by Jay K~/1814049

Jun 03 2020 (17:00)
Station Tag: Biratnagar Custom Yard/NR-BNGCY added by Jay K~/1814049

Jun 03 2020 (17:00)
Station Tag: Bathnaha/BTF added by Jay K~/1814049

Jun 03 2020 (17:00)
Station Tag: Bardibas/NR-BRDS added by Jay K~/1814049

Jun 03 2020 (17:00)
Station Tag: Janakpur Dham/JNKPE added by Jay K~/1814049

Jun 03 2020 (17:00)
Station Tag: Jaynagar/JYG added by Jay K~/1814049
भारत और नेपाल के बदलते रिश्तों के बीच दोनों देशों के बीच की रेल परियोजनाएं अधर में लटक गई है। भारत नेपाल के तराई क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए नेपाल से रोटी-बेटी का रिश्ता है। दो ऐसी परियोजनाएं जिसका इन्तजार लंबे समय से लोग कर रहे है। जयनगर जनकरपुर बर्दीवास रेल परियोजना के तहत जयनगर से जनकरपुर तक ट्रेन का इंतजार करते करते दो वर्ष बीत गए। जयनगर से जनकरपुर 34 किमी लंबे रेलखंड पर परियोजना दिसंबर 2018 में पूरी हो गई थी। पिछले साल बाढ़ में ट्रैक ध्वस्त होने के बाद मरम्मत कार्य भी पूरा कर लिया गया था। चेन्नई रेल फैक्ट्री से दो डेमू ट्रेनों की रैक पहुंच चुकी है लेकिन इस रेल परियोजना की शुरुवात कब होगी दोनों देशों के रेल अधिकारी भी कुछ कहने से बचते है। वही दूसरी रेल परियोजना बथनाहा विराटनगर रेल परियोजना भी अधर में लटकी है। इस परियोजना का शिलान्यास 2011...
more...
में किया गया था लेकिन 9 वर्ष बीतने के बाद भी एक किमी रेल नही चली। बथनाहा से नेपाल के बुधनगर तक रेल परियोजना 2018 में पूरी हो गयी थी। ट्रेनों का ट्रॉयल भी किया गया था। लेकिन 2 वर्ष बीतने के बाद भी ट्रेनों का परिचालन शुरू नही हो सका। अब देखना है कि दोनों रेल परियोजना दोनों देशों के बीच बदलते रिश्तों में कब तक लटकी रहेगी, दोनों देशों की सरकार इन दोनों रेल परियोनाओ को लेकर कब साथ आती है इसका इंतजार सभी को है।
Jul 31 2019 (03:15) India edges China out in Nepal railway gauge battle (www.tribuneindia.com)
Politics
INT/International
0 Followers
43586 views

News Entry# 387817  Blog Entry# 4391838   
  Past Edits
Jul 31 2019 (03:15)
Station Tag: Nepalganj Road/NPR added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jul 31 2019 (03:15)
Station Tag: ICD Birganj/IDBR added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jul 31 2019 (03:15)
Station Tag: Biratnagar/BRTN added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jul 31 2019 (03:15)
Station Tag: Jogbani/JBN added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jul 31 2019 (03:15)
Station Tag: Raxaul Junction/RXL added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948
Tribune News Service
New Delhi, July 29
Had China succeeded in building the railway line into Nepal before India, its smaller gauge would have ultimately come to the India-Nepal border. This would have shut out all future chances of connecting India and Nepal with the Indian Railways’ broad gauge (1,676 mm or 5 feet 6 inches).
Such an arrangement would have been anathema to
...
more...
India and a knock on its national pride had the narrower Chinese line reached the Indo-Nepal border.
Sources say India has decided to accelerate five railway links into Nepal — Panitanki-Kakarbitta, Jogbani-Biratnagar, Birgunj-Raxaul, Sunauli-Bhairwa and Rupaidiah-Kohalpur. More important, it has green lighted an electrified railway track that will be further extended from Raxaul to Kathmandu.
Though a Nepal minister caused a flutter recently by declaring that the Chinese gauge would be used nationwide, ground conditions indicate that India may be successful in extending its broad gauge to Kathmandu, thus paving the way for the introduction of its rolling stock – both coaches and locomotives – as well.
Experts admit that the narrower Chinese gauge is more suited for hilly terrain. The topography, however, will not be an impediment to India-built tracks as for the most part they will not run on undulating terrain.
China, however, has a double problem. The first is its railway line from Tibet will traverse through one of the world’s toughest terrain which means it will be time consuming to construct. China has already pushed back the timeline for extending the existing line from Shigatse in Tibet to Kerung on the Chinese side of the Sino-Nepal border. The second is the cost of constructing the line from Kerung to Kathmandu, currently estimated at around $6 billion.
Sources said there is no indication yet about the new deadline for extending the Chinese line into Nepal, leave alone the costs which Kathmandu would like the Chinese to foot.
On the other hand, India is ready to bear the cost of the considerably less expensive Raxaul-Kathmandu line, thus ensuring that the Sino-India geopolitical competition for railway gauges will not end in Chinese suzerainty. For Nepal, this will be a win-win situation since India will no longer be fixated with the Chinese project but concentrate on pushing its own plans.
Jan 10 2019 (12:46) बथनाहा - विराटनगर इंडो नेपाल रेल प्रोजेक्ट का किया निरीक्षण (www.jagran.com)
New Facilities/Technology
NFR/Northeast Frontier
0 Followers
26150 views

News Entry# 373595  Blog Entry# 4192638   
  Past Edits
Jan 10 2019 (12:46)
Station Tag: Biratnagar Custom Yard/NR-BNGCY added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jan 10 2019 (12:46)
Station Tag: Biratnagar/BRTN added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jan 10 2019 (12:46)
Station Tag: Bathnaha/BTF added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948
अररिया। बथनाहा- विराटनगर निर्माणाधीन रेल लाइन का काम अंतिम चरण में है। बुधवार को इरकॉन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर दीपक सबलोक ने बताया कि बथनाहा से नेपाल के कस्टम यार्ड बुधनगर तक ट्रॉली का सफल ट्रायल किया गया। रेल लाइन का फाइनल फिन¨शग चल रहा है जिसके लिए इरकॉन के कई अधिकारी व कर्मचारी दिन- रात काम कर रहे हैं। शुभारंभ में उन्होंने बताया कि बुधनगर से विराटनगर के बीच भूमि अधिग्रहण के मामले नेपाल के सुप्रीम कोर्ट में वाद चल रहा था जिसमें भूधारियों की जीत हुई हैं। उन्हें मुआवजे की राशि भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। नेपाल सरकार के द्वारा रेल मंत्रालय भारत सरकार को भूमि सौंपे जाने के पश्चात बुधनगर से विराटनगर के बीच भी रेल लाइन बिछाने का काम किया जाएगा । तय समय में प्रोजेक्ट का कार्य हुआ पूर्ण: एजीएम इरकॉन के एजीएम अश्विनी कुमार ने कहा कि हम लोग तय सीमा के अंदर सभी काम...
more...
को पूर्ण कर चुके हैं। इसकी सूचना विभागीय अधिकारियों को दी चुकी है। भारत सरकार के द्वारा उद्घाटन का समय निर्धारित के पश्चात भारत- नेपाल के बीच रेलवे सेवा का शुभारंभ होगा। उक्त मौके पर इरकॉन के जेजीएम प्रदीप कुमार, डीजेएम जीसी मंडल, इंजीनियर पीके गुप्ता, शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन के शिव शंकर ,अशोक शाह ,कन्हैया ¨सह ,राकेश कुमार , सूरज झा आदित्य झा सियाराम ¨सह र¨वद्र ¨सह मंटू ¨सह श्रीनिवास ¨सह आदि मौजूद थे ।
Dec 20 2018 (08:53) एकबार फिर जोर पकड़ती जा रही है कोसी रेल परियोजना की मांग (www.jagran.com)
New Facilities/Technology
ECR/East Central
0 Followers
25178 views

News Entry# 371963  Blog Entry# 4126309   
  Past Edits
Dec 20 2018 (08:54)
Station Tag: Biratnagar/BRTN added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Dec 20 2018 (08:54)
Station Tag: Bathnaha/BTF added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Dec 20 2018 (08:54)
Station Tag: Arariya/ARR added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948
Stations:  Arariya/ARR   Bathnaha/BTF   Biratnagar/BRTN  
अररिया। 1959 में बथनाहा स्टेशन से भीमनगर होते पूर्वी कोसी तटबंध के किनारे नेपाल के घोपा-धरान तक निर्मित सामरिक सुरक्षा एवं पर्यटन के ²ष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण कोसी रेल परियोजना काल के गाल में समा गई है। इधर, लोकसभा चुनाव 2019 निकट आते ही लोगों को इस रेल ट्रैक की याद आने लगी है। साथ ही चर्चा है कि बथनाहा से विराटनगर तक नई रेललाइन बिछा दी गई है जिसके उद्घाटन का अब लोगों को बेसब्री से इंतजार हैं। लेकिन बथनाहा से वाया भीमनगर नेपाल के घोपा धरान तक चलती रेल ट्रैक को लेकर नेपाल और भारतीय रेल द्वारा कोई पहल नहीं हो रही है। वहीं, सामरिक एवं पर्यटन की ²ष्टिकोण से महत्वपूर्ण 67 किमी लंबी अंतराष्टीय कोसी रेल परियोजना के पुर्नद्धार की मांग फिर से जोर पकड़ने लगी है। वीरपुर में बकायदा इसके निर्माण की मांग को लेकर सर्वदलीय संघर्ष समिति का गठन कर पिछले कई वर्षो से आंदोलन चलाया...
more...
जा रहा है। विगत मार्च महीने में भीमनगर से बथनाहा तक पैदल मार्च निकाला गया था जिसमें भाड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

इधर, नौ अक्टूबर को लोगों ने बथनाहा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को रोककर जानकारी दी थी कि हाजीपुर रेल मंडल के तहत सुपौल जिला के प्रतापगंज से भीमनगर होते बथनाहा तक कुल 57 किमी लंबी रेलखंड का वर्ष 2005 में स्वीकृत सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो चुका है लेकिन कार्य नहीं शुरू हुआ है। वहीं 42 माइल लंबी भीमनगर से नेपाल के घोपा-धरान तक चलने वाली कोसी रेल के पुर्नद्धार की मांगें दोनों देशों के प्राथमिकता में आज भी नहीं है। गौरतलब है कि इस परियोजना को दोबारा चालू करने के लिए स्थानीय स्तर पर नागरिकों द्वारा कई बार आवाज उठी। मगर सरकारी उदासीनता एवं उपेक्षा के कारण यह आवाज भी दब गई। गौरतलब है कि बिहार की शोक के नाम से प्रसिद्ध कोसी
नदी पर सन 1950 के दशक में बैराज एवं तटबंध का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ था। उस समय बैराज के निर्माण कार्य में लगने वाले सामग्रियों की ढ़ुलाई हेतु बथनाहा स्टेशन से भीमनगर होते नेपाल के घोपा-धरान तक इस रेल सेवा का परिचालन प्रारंभ हुआ था। मगर कालांतर में बैराज एवं तटबंधों के निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने के बाद सरकार को यह रेल परियोजना महत्वहीन लगने लगी। जिसके कारण इसकी उपेक्षा शुरू हो गई।
इलाके में 1987 में आई बाढ़ और 1988 के भूकंप ने रहा सहा कसर भी पूरा कर दिया। जिसमें दोनों प्रभाग में रेलवे लाइन को काफी नुकसान पहुंचा। इस तरह 80 का दशक बीतते-बीतते इस रेल परियोजना का परिचालन बिलकुल ठप पड़ गया।
Page#    Showing 1 to 14 of 14 News Items  

Scroll to Top
Scroll to Bottom
Go to Mobile site
Important Note: This website NEVER solicits for Money or Donations. Please beware of anyone requesting/demanding money on behalf of IRI. Thanks.
Disclaimer: This website has NO affiliation with the Government-run site of Indian Railways. This site does NOT claim 100% accuracy of fast-changing Rail Information. YOU are responsible for independently confirming the validity of information through other sources.
India Rail Info Privacy Policy