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CC/Chauri Chaura (2 PFs)
چوری چورا     चौरी चौरा

Track: Double Electric-Line

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Gorakhpur- Deoria Highway, Chauri Choura, Gorakhpur- PinCode:- 273201
State: Uttar Pradesh

Elevation: 86 m above sea level
Zone: NER/North Eastern   Division: Varanasi

No Recent News for CC/Chauri Chaura
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: 2
Number of Halting Trains: 24
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Rating: NaN/5 (0 votes)
cleanliness - n/a (0)
porters/escalators - n/a (0)
food - n/a (0)
transportation - n/a (0)
lodging - n/a (0)
railfanning - n/a (0)
sightseeing - n/a (0)
safety - n/a (0)
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Station News

Page#    Showing 1 to 18 of 18 News Items  
Feb 04 (21:02) चौरीचौरा स्टेशन व क्रासिंग पर मुस्तैद रहेगी आरपीएफ, जीआरपी (www.inextlive.com)
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News Entry# 437087  Blog Entry# 4867100   
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Feb 04 2021 (21:02)
Station Tag: Chauri Chaura/CC added by Anupam Enosh Sarkar/401739
Stations:  Chauri Chaura/CC  
GORAKHPUR: चौरीचौरा शताब्दी समारोह को देखते हुए रेल प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। आरपीएफ और जीआरपी ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। चौरीचौरा रेलवे स्टेशन और रेलवे क्रासिंग पर अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है। एसपी रेलवे डॉ। बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि चौरीचौरा शताब्दी समारोह में आने वाले यात्रियों की सुरक्षा एवं भीड़भाड़ को नियंत्रण रखने के लिए थाने पर तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा तीन उप निरीक्षक, 19 कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल और तीन महिला कांस्टेबल की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है। वहीं आरपीएफ के असिस्टेंड कमांडेंट आरवी सिंह ने बताया कि सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। गोरखपुर जंक्शन से आरपीएफ और आरपीएसएफ के करीब 40 जवान लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त वाराणसी मंडल से भी अतिरिक्त फोर्स आएगी। सभी जवान स्टेशन के अलावा रेल लाइन पर निगरानी रखेंगे। आरपीएफ और आरपीएसएफ का बैंड पार्टी भी मौजूद रहेगी।
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रेलवे लाइन के किनारे न खड़े हों
एनई रेलवे प्रशासन ने चौरीचौरा में शताब्दी समारोह को लेकर कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया है। इस मौके पर चौरीचौरा रेलवे स्टेशन के निकट शहीद स्मारक आने वाले पर्यटकों और यात्री से रेलवे प्रशासन ने अपील है कि रेल लाइन पर और उसके किनारे न खड़े हों तथा एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए पैदल उपरिगामी पुल का प्रयोग करें। लेवल क्रासिंग से ही सावधानी पूर्वक रेल लाइन पार करें।
Feb 04 (08:11) चौरीचौरा शताब्‍दी महोत्‍सव : 29 जुलाई 1990 को पहली बार चली थी चौरीचौरा एक्सप्रेस (www.jagran.com)
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News Entry# 436924  Blog Entry# 4866325   
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Feb 04 2021 (08:11)
Station Tag: Chauri Chaura/CC added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Feb 04 2021 (08:11)
Station Tag: Gorakhpur Junction/GKP added by Anupam Enosh Sarkar/401739
गोरखपुर, प्रेम नारायण द्विवेदी। चौरीचौरा घटना की याद में 29 जुलाई 1990 को पहली बार चौरीचौरा एक्सप्रेस चली थी। यह ट्रेन इसी दिन पहली बार बड़ी लाइन पर वाराणसी के रास्ते गोरखपुर से इलाहाबाद जंक्शन तक चली थी। चौरीचौरा के बलिदानियों की याद में तीस साल से अधिक समय से यह ट्रेन आज भी निर्बाध गति से चल रही है। इस ट्रेन का मार्ग विस्तार कानपुर अनवरगंज तक हो गया, लेकिन नंबर 05003-05004 नहीं बदला। ट्रेनों का नंबर पांच अंक का हो जाने के बाद रेलवे प्रशासन आवश्यकतानुसार ट्रेन नंबर के आगे 1 या 0 लगाता रहता है।
बड़ी लाइन पर गोरखपुर से इलाहाबाद तक चलने वाली पहली ट्रेन बनी थी चौरीचौरा
जानकारों
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के अनुसार 29 जुलाई 1990 को वाराणसी में आयोजित समारोह में प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और तत्कालीन रेलमंत्री जार्ज फर्नांडीज ने आमान परिवर्तन (छोटी से बड़ी रेल लाइन) का लोकार्पण किया था। उनके कार्यक्रम के लिए प्रकाशित रेलवे के ब्रोसर में मुख्यमंत्री और रेलमंत्री के शुभकामना संदेश और इस ट्रेन को संचालित करने का उल्लेख है। बोसर के मुताबिक बड़ी लाइन पर चौरीचौरा के अलावा गोरखपुर से कृषक और दादर एक्सप्रेस का भी संचालन शुरू हुआ था। रेलवे का ब्रोसर आज भी पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर स्थित धरोहर कक्ष में सुरक्षित है। हालांकि, इस ब्रोसर के अलावा चौरीचौरा एक्सप्रेस को लेकर रेलवे के पास कोई दूसरा साक्ष्य उपलब्ध नहीं है।
तीस साल से अधिक समय से बलिदानियों की याद में चल रही चौरीचौरा एक्सप्रेस
दरअसल, पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य मार्ग बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा-बरौनी का आमान परिवर्तन वर्ष 1981 में ही पूरा हो गया था। इस रेलमार्ग पर बड़ी लाइन वाली एक्सप्रेस ट्रेनें चलने लगीं। लेकिन भटनी-वाराणसी रेलमार्ग पर छोटी रेललाइन ही थी।
वाराणसी और इलाहाबाद जाने वाले गोरखपुर के यात्रियों को भटनी में ट्रेन बदलनी पड़ती थी। तब भटनी-वाराणसी तक 161 किमी रूट पर छोटी लाइन की त्रिवेणी एक्सप्रेस चलती थी। हालांकि, 5 अप्रैल 1980 को भटनी-वाराणसी 161 किमी रेल लाइन का आमान परिवर्तन के लिए शिलान्यास हो गया था। 20 मई 1990 को आमान परिवर्तन का कार्य पूरा हो गया। यहां जान लें कि चौरीचौरा की घटना और बलिदानियों की याद में चौरीचौरा जनक्रांति शताब्दी समारोह वर्ष मनाया जा रहा है।
Feb 04 (07:29) शहीदों की याद में 30 साल पहले चली थी चौरीचौरा एक्सप्रेस, तत्कालीन सीएम मुलायम सिंह ने किया था शुभारंभ (www.amarujala.com)
Commentary/Human Interest
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News Entry# 436892  Blog Entry# 4866265   
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Feb 04 2021 (07:29)
Station Tag: Chauri Chaura/CC added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Feb 04 2021 (07:29)
Station Tag: Gorakhpur Junction/GKP added by Anupam Enosh Sarkar/401739
चौरीचौरा रेलवे स्टेशन।1 of 5
चौरीचौरा की ऐतिहासिक घटना को यादगार बनाने के लिए रेलवे ने 30 साल पहले 29 जुलाई 1990 को चौरीचौरा एक्सप्रेस ट्रेन चलाई थी। उस वक्त ट्रेन का स्टॉपेज चौरीचौरा स्टेशन पर पांच मिनट का था, जिसे अब दो मिनट कर दिया गया है। यह ट्रेन गोरखपुर से रोजाना इलाहाबाद (अब प्रयागराज) तक जाती थी। अब यह कानपुर अनवरगंज तक चल रही है।
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चौरी-चौरा
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: एक पुनरावलोकन2 of 5
पूर्वोत्तर रेलवे के दस्तावेज में छपा हुआ एक ब्रोशर मिला है, जिसमें अमान परिवर्तन के बाद ट्रेनों को चलाने का जिक्र है। जानकारों के मुताबिक चौरीचौरा आंदोलनकारियों और शहीदों की याद में रेलवे से स्थानीय लोगों ने एक ट्रेन चलाने की मांग की थी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में भटनी से वाराणसी तक बड़ी लाइन सेवा का उद्घाटन 29 जुलाई 1990 को किया गया। इसी समय ट्रेन चलाई गई। समारोह की अध्यक्षता तत्कालीन रेलमंत्री जार्ज फर्नांडीज ने की थी और प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने बड़ी रेल लाइन सेवा का शुभारंभ किया था।
चौरीचौरा एक्सप्रेस।3 of 5
तीन एक्सप्रेस ट्रेनें चली थीं
बड़ी लाइन पर गोरखपुर से तीन एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई गईं थीं। गोरखपुर से प्रयागराज तक चौरीचौरा एक्सप्रेस और वाराणसी से गोरखपुर होकर लखनऊ तक कृषक एक्सप्रेस रोजाना। इसके अलावा गोरखपुर से दादर, मुंबई के लिए वाराणसी होकर काशी एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन चली।
चौरीचौरा रेलवे स्टेशन।4 of 5
चौरीचौरा स्टेशन से रोजाना 1800 यात्री करते थे सफर
चौरीचौरा स्टेशन के बारे में रेलवे के दस्तावेज में मौजूद आंकड़ों के मुताबिक 1990 में करीब 1800 यात्री रोजाना विभिन्न ट्रेनों से सफर करते थे। इसमें चौरीचौरा एक्सप्रेस से सफर करने वालों की संख्या ज्यादा थी।
चौरीचौरा रेलवे स्टेशन।5 of 5
रात 8:15 बजे गोरखपुर से चलती थी ट्रेन
चौरीचौरा एक्सप्रेस (15004) गोरखपुर स्टेशन से पहले रात 8:15 बजे चलती थी। चौरीचौरा में इसका स्टॉपेज पांच मिनट का था। यह ट्रेन सुबह छह बजे प्रयागराज पहुंचती थी। अब इसके समय में संशोधन किया गया है। यह ट्रेन रोजाना रात 11:20 बजे रवाना होती है। चौरीचौरा स्टेशन पर दो मिनट रुककर 11:57 बजे रवाना होकर कानपुर अनवरगंज दोपहर 12:20 बजे पहुंचती है। इसी तरह शुरुआती दिनों में ट्रेन (15003) प्रयागराज से रात 8:45 बजे छूटती थी और गोरखपुर स्टेशन पर सुबह 6:35 बजे पहुंचती थी।
चौरीचौरा कांड के शताब्दी वर्ष में जहां प्रदेश सरकार शताब्दी महोत्सव मनाकर पूरे देश में एक संदेश देने की कोशिश में है वहीं रेलवे प्रशासन भी इसे यादगार बनाने जा रहा है। चौरीचौरा स्टेशन को देश स्तर की सुविधाएं मुहैया कराने के लिए आदर्श स्टेशन के रूप में चुना गया है। इसके साथ ही चौरीचौरा एक्सप्रेस में चार फरवरी को अत्याधुनिक सुविधाओं वाला लिंक हाफमैन बुश (एलएचबी) कोच लगाकर गोरखपुर से रवाना किया जाएगा। आजादी के बाद से अब तक चौरीचौरा रेलवे स्टेशन उपेक्षा का शिकार रहा है। स्टेशन पर अभी सिर्फ दो प्लेटफॉर्म और एक छोटा वेटिंग हाल है। जबकि इस रूट से वर्तमान समय में 40 से ज्यादा ट्रेनें संचालित हो रही हैं। अब रेलवे प्रशासन ने आदर्श स्टेशन के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके बाद रेलवे स्टेशन की खूबसूरती तो बढ़ेगी ही यात्रियों से संबंधित सुविधाएं बढ़ जाएंगी।
भवनों
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का भी कायाकल्प किया जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने कुल 53 स्टेशनों को आदर्श स्टेशन के लिए चुना है, इनमें चौरीचौरा स्टेशन भी है। अब यहां सुविधाओं को लेकर योजनाएं बन रहीं हैं, जिन्हें जल्द ही मूर्तरूप दिया जाएगा।
स्टेशन पर ये सुविधाएं होंगी
लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ियां, अत्याधुनिक शौचालय, विश्रामालय, बैठने के लिए ज्यादा बेंच और कुर्सियां, पेयजल, वाहनों के आवागमन की सुविधा आदि। 
चौरीचौरा एक्सप्रेस में होंगे 22 कोच
गोरखपुर से कानपुर अनवरगंज तक जाने वाली चौरीचौरा एक्सप्रेस (15003/15004) अभी स्पेशल के रूप में चल रही (05003/05004) ट्रेन में आरक्षित श्रेणी के दो कोच अब बढ़ जाएंगे। 20 की जगह 22 कोच लगाकर चलाई जाएगी। इससे सीटें भी बढ़ेंगी। 
522 किमी यात्रा में ट्रेन के 31 स्टॉपेज
चौरीचौरा एक्सप्रेस कुल 552 किमी की यात्रा तय करती है। यह ट्रेन गोरखपुर से कानपुर अनवरगंज के बीच 31 स्टेशनों पर रुकती है। इसकी अधिकतम गति 110 किमी प्रति घंटा है और स्टॉपेज लेकर 40.27 किमी प्रति घंटे की गति से चलती है।
ये हैं एलएचबी कोच की खूबियां
दुर्घटना की दृष्टि से काफी सुरक्षित होती है।
काफी संख्या व अच्छी क्वालिटी के स्प्रिंग व शॉकर लगे हैं जिससे जरा सा भी झटका महसूस नहीं होता है।सामान्य कोच की तुलना में वातानुकूलन ज्यादा बढ़िया होता है।
कोच के बाहर की बॉडी स्टील तथा अंदर की एल्युमीनियम की बनी होती है।
आग से भी पूरी तरह से होती है सुरक्षित (फायर प्रूफ कोच)सामान्य कोच से दो मीटर लंबे होते हैं ये कोच।
स्लीपर में 72 की जगह 80 सीटें होती हैं।
सामान्य व एलएचबी कोच की तुलना
विशेषता           सामान्य कोच (स्लीपर)    एलएचबी कोच (स्लीपर)
चलने पर आवाज    100 डेसीबल           60 डेसीबल
कोच की लंबाई      21.5 मीटर             23.54 मीटर
अग्नि सुरक्षा          कुछ नहीं                फायर प्रूफ कोच
गोरखपुर, जेएनएन। चौरीचौरा जनक्रांति शताब्दी समारोह वर्ष की तैयारी में पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन भी जुट गया है। इसके तहत वाराणसी और प्रयागराज के रास्ते गोरखपुर से कानपुर अनवरगंज के बीच चलने वाली चौरीचौरा एक्सप्रेस को स्पेशल के रूप में चलाने की योजना तैयार की जा रही है। चौरीचौरा की ऐतिहासिक घटना के 100 वर्ष पूरा होने पर चार फरवरी से चौरीचौरा एक्सप्रेस के यात्रियों को झटके नहीं लगेंगे। यात्रा आरामदायक होगी। इसके लिए नए अति आधुनिक लिंक हाफमैनबुश (एलएचबी) कोच लगाए जाएंगे। रेलवे प्रशासन ने चौरीचौरा एक्सप्रेस की रेक में एलएचबी कोच लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। नए कोचों में यात्रियों को अतिरिक्त सुविधाएं मिलेंगी। सीटें चौड़ी और गद्दीदार होंगी। कोच के अंदर का वातावरण और खिड़कियां बेहतर होंगी। बिजली और पंखों की बेहतर सुविधा होगी। दरअसल, इस ट्रेन की रेक में अभी तक परंपरागत (पुराने वाले) कोच ही लगते हैं। यात्री हिचकोले खाने को मजबूर हैं। यहां जान...
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लें कि चौरीचौरा की ऐतिहासिक घटना की याद में वर्ष 1990-91 से चौरीचौरा एक्सप्रेस चलाई जा रही है। 
लगाए जाएंगे एलएचबी के 22 कोच
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार 05003/05004 चौरीचौरा एक्सप्रेस की रेक में गोरखपुर और कानपुर अनवरगंज से 4 और 5 फरवरी से एलएचबी के कुल 22 कोच लगने शुरू हो जाएंगे। रेक में साधारण द्वितीय श्रेणी के 07, शयनयान श्रेणी के 08, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी का 01, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के तीन तथा प्रथम श्रेणी सह द्वितीय श्रेणी के 01कोच लगेंगे।
पहली से कानपुर अनवरगंज तक चलेगी चौरीचौरा
कोहरा के चलते आंशिक रूप से निरस्त चल रही चौरीचौरा एक्सप्रेस एक फरवरी से गोरखपुर से कानपुर अनवरगंज तक चलाई जाएगी। यह जानकारी मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने दी। चौरीचौरा रेलवे स्टेशन का होगा कायाकल्प चौरीचौरा जनक्रांति शताब्दी समारोह वर्ष में चौरीचौरा रेलवे स्टेशन का कायाकल्प हो जाएगा। स्टेशन भवन और परिसर के विकास को लेकर जिला प्रशासन से लगायत पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। स्टेशन का विकास ऐसा होगा कि पहुंचने वाले यात्रियों को चौरीचौरा घटना से जुड़ी स्मृतियां और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से संबंधित यादें ताजा हो सकें। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन की कवायद के बीच जिला प्रशासन की योजना भी परवान चढऩे लगी है। कमिश्नर जयन्त नार्लिकर ने चौरीचौरा रेलवे स्टेशन भवन और परिसर को पूर्ण रूप से विकसित करने के लिए रेलवे प्रशासन को पत्र भी लिखा है। पत्र के माध्यम से कमिश्नर ने कहा है कि चौरीचौरा शहीद स्मारक स्थल के सामने रेलवे की भूमि काफी नीचे है, ऐसे में वहा जलजमाव की समस्या बनी रहती है। इस भूमि को विकसित कर पार्क और पार्किंग की व्यवस्था की जा सकती है। कमिश्नर ने शहीद स्मारक के पास स्थित चौरीचौरा और गोरखपुर रेलवे स्टेशन की दीवारों पर महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्र उकेरे जाएं। चौरीचौरा स्टेशन पर महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से संबंधित ऐसे स्टाल लगाए जाएं जिससे पर्यटकों को इस क्षेत्र के विकास के बारे में जानकारी मिल सके। कमिश्नर ने रेलवे प्रशासन को आश्वस्त किया है कि इस विकास कार्य में जिला प्रशासन के अलावा पर्यटन और संस्कृति विभाग भी सहयोग के लिए तत्पर रहेंगे। यहां जान लें कि चौरीचौरा पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल का डी श्रेणी का स्टेशन है।
मुख्यमंत्री ने किया है निर्देशित
चौरीचौरा रेलवे स्टेशन को विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देशित किया है। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर स्टेशन के कायाकल्प की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 
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