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शिव की जटाओं से बहती है शिव गंगा - Divyanshu

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Sun Sep 26 15:52:42 IST
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Entry# 1539932-0
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GEA/Ghatera (4 PFs)
घटेरा     घटेरा

Track: Double Electric-Line

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Bandakpur Rd, Village Ghatera, Katni - 483501
State: Madhya Pradesh


Zone: WCR/West Central   Division: Jabalpur

No Recent News for GEA/Ghatera
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: 4
Number of Halting Trains: 12
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Rating: NaN/5 (0 votes)
cleanliness - n/a (0)
porters/escalators - n/a (0)
food - n/a (0)
transportation - n/a (0)
lodging - n/a (0)
railfanning - n/a (0)
sightseeing - n/a (0)
safety - n/a (0)
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Station News

Page#    Showing 1 to 12 of 12 News Items  
Sep 14 (18:53) घटेरा में मान्यता, जटेरा बाबा को सलामी देते हुए गुजरती है ट्रेन (www.naidunia.com)
Commentary/Human Interest
WCR/West Central
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News Entry# 464814  Blog Entry# 5066211   
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Sep 14 2021 (18:53)
Station Tag: Ghatera/GEA added by Adittyaa Sharma/1421836
Stations:  Ghatera/GEA  
- कहा जाता है सुरक्षित सफर के लिए ऐसा करते हैं ट्रेन के चालक
घटेरा नईदुनिया प्रतिनिधि।
जबेरा ब्लॉक के एकमात्र रेलवे स्टेशन घटेरा से निकली व्यारमा नदी के बीच टापू पर अति प्राचीन धार्मिक स्थल है जिसे जटेरा बाबा धाम कहते हैं। इस चमत्कारी स्थल का एक अलग ही इतिहास भी है। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि जब यहां रेलवे लाईन नहीं थी तब भी जटेरा बाबा भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते थे और भक्तों का यहां तांता लगा रहता था। जटेरा बाबा का प्रताप
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इतना तेज है कि जब भी कोई भी ट्रेन यहां से गुजरती है तो उसका चालक बाबा को सलामी स्वरुप हार्न बजाकर निकलता है। सफर सुरक्षित हो और कि सी भी प्रकार की विघ्न बाधा ना आए इसके लिए चालक हर संभव प्रयास करते हैं और यही वजह है कि हर ट्रेन का चालक बाबा को सलामी देता हुआ यहां से निकलता है। लोगों की आस्था का प्रमुख कें द्र व्यारमा नदी में टापू पर बना जटेरा बाबा धाम कई चमत्कारों से भरा है। वर्ष 2005 में व्यारमा नदी में आई भीषण बाढ़ में सब कु छ डूब गया था, टापू व मंदिर सब कु छ नदी में समा गया था। यहां तक कि रेलवे ट्रैक पर पानी भरा होने के कारण रेल यातायात कु छ समय के लिए प्रभावित भी हुआ था। जब नदी का जलस्तर कम हुआ टापू बाहर आया तो लोग चकि त रह गए क्योंकि मंदिर ज्यों का त्यों खड़ा हुआ था। वहीं मंदिर के पास सूखा खड़ा विशाल पेड़ भी ज्यों का त्यों अपने स्थान पर था नदी का बहाव भी उसे बहा कर नहीं ले जा सका। उस वक्त जटेरा बाबा का चमत्कार बताते हैं। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि ब्रिटिश शासन काल में जब यहां से रेलवे ट्रैक डाला गया था उसके पूर्व ही नदी के बीचों-बीच जटेरा बाबा का सिद्ध स्थान बना हुआ था और लोग बड़ी आस्था और विश्वास के साथ यहां आते थे। बारिश के मौसम को छोड़कर बाकी महीनों में यहां भक्तों के द्वारा भंडारे कराए जाते हैं और भागवत कथा का आयोजन भी चलता रहता है। खास बात यह है कि हर वर्ष रेल प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों के द्वारा भी विशाल भंडारे का आयोजन कराया जाता है। जिसमें घटेरा सहित जबेरा ब्लॉक के कई गांव के लोग इस भंडारे में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करते हैं। गांव के बुजुर्ग सुल्तान सिंह, जगन्नाथ सिंह, पूर्व सरपंच राम सिंह पटेल, रुप सिंह लोधी, त्रिलोकी नारायण शर्मा, गुड्डा जैन आदि ने बताया कि मान्यता रही है कि रेल पुल से गुजरने वाली ट्रेनों के चालक जटेरा बाबा को हॉर्न बजाकर सलामी देकर मन में प्रार्थना करते हैं कि उनका सफर सुरक्षति और मंगलमय हो। घटेरा स्टेशन से डाउन रेलवे ट्रैक के करीब तीन कि मी चलने के बाद पहाड़ी के रास्ते घने जंगल में पत्थर की बड़ी-बड़ी चट्टानों के बीच गहरी खाई में चुड़का वाले सिद्ध बाबा का मंदिर भी लोगों के लिए विशेष आस्था और विश्वास का कें द्र रहा है।
इस संबंध में घटेरा रेलवे स्टेशन प्रबंधन कमलेश तिवारी का कहना है कि नदी के बीचों-बीच टापू पर जटेरा बाबा का मंदिर बना हुआ है जो क्षेत्र के लोगों के लिए आस्था व विश्वास का कें द्र रहा है। ब्रिज से गुजरने वाली ट्रेनों के चालक सुखमय और मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए हार्न बजाकर बाबा को सलामी देकर गुजरते हैं।
Aug 15 (11:07) पीपल का पेड़ दिलाता है देश की आजादी की याद:देश को आजादी मिलने की खुशी में 75 साल पहले रेलवे स्टेशन के पास, रोपा गया था पीपल का पौधा (www.bhaskar.com)
Commentary/Human Interest
WCR/West Central
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News Entry# 461937  Blog Entry# 5042039   
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Aug 15 2021 (11:07)
Station Tag: Damoh/DMO added by महाँकाल एक्सप्रेस/1084688

Aug 15 2021 (11:07)
Station Tag: Ghatera/GEA added by महाँकाल एक्सप्रेस/1084688
Stations:  Damoh/DMO   Ghatera/GEA  
आज पूरा देश 75वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मना रहा है और इसे अमृत महोत्सव के रूप में आयोजित किया जा रहा है। इस आजादी को याद कराने वाली कुछ ऐसी विरासते हैं जो आज भी कायम हैं और आजादी के उन पलों को याद दिलाती हैं। ऐसी ही एक विरासत दमोह जिले की जनपद पंचायत जबेरा की ग्राम पंचायत घटेरा में है। जहां 75 साल पहले देश को आजादी मिलने की खुशी में ग्रामीणों ने पीपल का पौधा रोपा था तो आज वही पीपल का पौधा वृक्ष बनकर खड़ा है और देश की आजादी की याद दिला रहा है। 15 अगस्त 1947 को जब देश को आजादी मिली, उसी दिन घटेरा रेलवे स्टेशन में आजादी का जश्न मनाते हुए पीपल का पौधा रोपकर तिरंगा फहराया गया था। उस दिन यहां पर पूरा गांव एकत्रित हुआ था और ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय गान गाया गया था। साल दर साल बीत गए...
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और यह पीपल का पौधा आज विराट रूप लिए खड़ा है। कटनी-दमोह रेल सेक्शन के रेलवे स्टेशन घटेरा के कार्यालय और व्यारमा नदी पर बने रेलवे पुल के बीच चंडी माता मंदिर के समीप 75 साल पहले इसी पीपल के पौधा को रोपकर, उसी पौधे के समीप एक लकड़ी को लगाया और उस पर तिरंगा फहराया था।
घटेरा में था अंग्रेजों का आशियाना1932 में जन्में ग्रामीण और रेलवे में कार्यरत रहे 90 वर्षीय सुल्तान सिंह ने बताया कि घटेरा में भी अंग्रेज रहा करते थे। जब देश आजाद हुआ तो वो यहां से चले गये और देश को आजादी मिलने की खुशी में ग्रामीणों ने पीपल का पौधा रोपा था। उन्होंने बताया कि आज लोग उस अविस्मरणीय पल को भूल गए हैं। गांव के अनेक उम्र दराज लोग बताते हैं कि आज भी उस दिन को याद कर आंख में आंसू छलक आते हैं, जब पहली बार देश की आन-बान-शान कहे जाने वाले तिरंगे झंडे को यहां फहराया गया था। आजादी के बाद यहां गणतंत्र दिवस व स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा झंडा फहराया जाता था, लेकिन आज इस ओर किसी का ध्यान ही नहीं है। 1935 में जन्मे गांव के बुजुर्ग जगन्नाथ सिंह लोधी ने बताया कि आजादी मिलने के बाद वह लोग स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण करने आते थे, लेकिन नई पीढ़ी में यह प्रथा बंद हो गई और अब सिर्फ यादें ही शेष हैं।
Jul 13 (05:52) पाथवे को छोड़कर जान जोखिम में डाल रेल पटरियों पर चलते हैं ग्रामीण (www.naidunia.com)
Commentary/Human Interest
WCR/West Central
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News Entry# 458990  Blog Entry# 5012783   
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Jul 13 2021 (05:52)
Station Tag: Bina Junction/BINA added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 13 2021 (05:52)
Station Tag: Katni Junction/KTE added by Adittyaa Sharma/1421836

Jul 13 2021 (05:52)
Station Tag: Ghatera/GEA added by Adittyaa Sharma/1421836
घटेरा। कटनी- बीना रेल सेक्शन के रेलवे स्टेशन घटेरा के समीप से ही व्यारमा नदी निकली हुई है। जिस पर रेलवे विभाग द्वारा ब्रिटिश शासन काल में दो पुल बनाए थे। इस पुल का उपयोग रेलवे कर्मचारियों सहित ग्रामीणों द्वारा बारिश के मौसम में अधिकतर कि या जाता है। ऐसे में हमेशा ग्रामीणों के साथ हादसे का डर बना रहता है। रेलवे द्वारा समस्याओं को देखते हुए रेलवे कर्मचारियों व ग्रामीणों को सुरक्षति पुल पार करने के लिए दोनों रेलवे पुल पर पाथवे बनाया गया है। जिससे ग्रामीण व रेलवे कर्मचारी बारिश के मौसम में पाथवे का उपयोग करते हुए नदी के एक तरफ से दूसरी तरफ पहुंच सुरक्षति पहुंच सके ।
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लेकि न इसके बाद भी ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर पाथवे से ना जाकर रेल पटरियों के बीच डली हुई लोहे के चद्दर से होकर आते, जाते हैं। ऐसे में कई बार दिल दहला देने वाली घटनाएं घटित हो चुकी हैं और कई ग्रामीणों की जान जा चुकी है। ठंड व गर्मियों के मौसम में नदी में पानी का बहाव कम होने की स्थिति में नदी के उस पार बसे गांव मोहली, मड़िया, खड़ेरा, टोरिया आदि गांव के लोग नदी से ही निकलकर घटेरा रेलवे स्टेशन तक आते जाते हैं, लेकि न बारिश के मौसम में व्यारमा नदी में पानी भरा होने से रेलवे पुल ही एकमात्र रास्ता है जिससे ग्रामीण निकलते हैं। व्यारमा नदी पर बने रेलवे पुल में पाथवे के साथ-साथ झूले भी बने हुए हैं यदि पुल पार करते समय ट्रेन आ जाए तो झूलों पर जाकर सुरक्षति खड़े हो सकते हैं। इतनी सुविधाएं होने के बाद भी ग्रामीण पुल पर पटरियों के बीच चलकर हादसे के शिकार होते हैं।
Jul 05 (06:58) रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाले स्लीपर से बने मार्ग में भरा पानी (www.naidunia.com)
Major Accidents/Disruptions
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News Entry# 458238  Blog Entry# 5004889   
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Jul 05 2021 (06:58)
Station Tag: Ghatera/GEA added by Adittyaa Sharma/1421836
Stations:  Ghatera/GEA  
घटेरा (नईदुनिया न्यूज)। बनवार से लेकर रेलवे स्टेशन घटेरा के पूर्व में बने रेलवे गेट तक सड़क मार्ग बना हुआ है। वहीं पुलिया अंडर ब्रिज से रेलवे कॉलोनी के सामने से होते हुए रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाला मार्ग बारिश के मौसम में राहगीरों व यात्रियों के लिए परेशानियों का सबब बना हुई है। इस मार्ग पर बारिश के पानी की निकासी के कोई इंतजाम न होने से राहगीरों व वाहन चालको के साथ रेलवे स्टेशन घटेरा से यात्रा करने वाले यात्रियों को रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे स्टेशन घटेरा से रेलवे कॉलोनी के सामने से होते हुए स्टेशन कार्यालय के पीछे और आगे तक कु छ वर्षों पूर्व रेलवे विभाग द्वारा रेल पटरी के नीचे बिछाए जाने वाले पुराने रिजल्ट स्लीपरों से पक्का और मजबूत मार्ग बनाया था, लेकि न यह मार्ग...
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अब बारिश के मौसम में राहगीरों व यात्रियों के लिए परेशानियों का कारण बना हुआ है। स्लीपर से मार्ग तो बना दिया गया, लेकि न बारिश के पानी की निकासी के लिए इस मार्ग पर कोई इंतजाम नहीं कि ए गए। जिससे बारिश के मौसम में बारिश होते ही स्लीपरों से बने मार्ग पर कई जगह पानी भर जाता है और आसपास की मिट्टी मार्ग पर आने से कीचड़ में तब्दील हो जाती है। ऐसी स्थिति में उन यात्रियों को भी मार्ग पर भरे पानी से होकर रेलवे स्टेशन तक पहुंचना पड़ता है जो यात्री ऑटो या मैजिक वाहनों से रेलवे स्टेशन से दूर उतर कर पैदल स्टेशन तक पहुंचते हैं।इस समस्या से घटेरा रेल पथ निरीक्षक पीडब्लूआइ खड़क सिंह को अवगत कराया तो उन्होंने बताया कि मार्ग पर पानी भरा रहता है पानी निकासी नहीं होती है। पानी निकासी की व्यवस्था करने संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया है। उसके बाद भी सुधार नहीं कराया जा रहा है वह क्या कर सकते हैं। उनके पास कर्मचारी नहीं है कि वह व्यवस्था करा सकें । जब इस संबंध में दमोह चीफ पीडब्ल्यू आई एसके मंडल से संपर्क किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
May 26 (21:34) घुटकुआं रपटे का अब तक नहीं हो पाया निर्माण (www.naidunia.com)
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WCR/West Central
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Stations:  Ghatera/GEA  
घटेरा नईदुनिया न्यूज।
जिले की जबेरा विधानसभा क्षेत्र के एकमात्र कटनी-बीना रेल सेक्शन के रेलवे स्टेशन घटेरा से बनवार, बम्होरी चौबीसा सहित आसपास के सैकड़ों गांव के लोगों को यदि रेल का सफर करना है तो उन्हें घटेरा स्टेशन से ही ट्रेन पकड़नी पड़ती है। यहां पहुंचने के लिए घटेरा- बनवार मुख्य सड़क मार्ग से आना होता है। गर्मी और ठंड के मौसम में घटेरा पहुंचना आसान है, लेकि न बारिश के दिनों में घटेरा पहुंचकर ट्रेन पकड़ना मुश्किल काम है। क्योंकि घटेरा- बनवार सड़क मार्ग पर घुटकु आं के रपटे की ऊंचाई काफी कम है और एक घंटे की बारिश में ही यह बाढ़ ग्रस्त हो जाता है जिससे आवागमन पूरी तरह
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बंद हो जाता है। ऐसी स्थिति में सैकड़ों गांव की जनता का घटेरा रेलवे स्टेशन से संपर्क टूट जाता है। क्षेत्र की जनता की मांग के बाद भी घुटकु आं रपटे का निर्माण नहीं कि या जा रहा है।
गौरतलब हो कि घटेरा- बनवार क्षेत्र के करीब 50 गांव की जनता के लिए जिला मुख्यालय तक जुड़ने के लिए बनवार से बांदकपुर होते हुए व बनवार से नोहटा होते हुए जाना होता है। बांदकपुर के पास करौंदी नाला ग्राम रोंड़ के आगे सड़क मार्ग पर महादेव घाट पुल व धुनगी नाले पर बारिश में बाढ़ ग्रस्त होने पर घटेरा, बनवार, बम्होरी, चौबीसा क्षेत्र की जनता का जिला मुख्यालय तक जाने वाले सभी रास्ते बंद हो जाते हैं। करीब एक वर्ष से करौंदी नाला, महादेव घाट पुल, धुनगी नाले पर पुल का निर्माण कार्य जारी है बीते वर्ष तक जिला मुख्यालय जाने के लिए बारिश के मौसम में सड़क मार्ग सुगम व सरल हो जाएगा। घटेरा सरपंच प्रतिनिधि राजू शर्मा, मनगवा सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र सिंह लोधी, हरदुआ सरपंच दुर्जन सिंह व बनवार सरपंच रामसिंह लोधी ने बताया कि ग्राम घुटकु आं के पास नाले पर ऊंचाई वाले रपटे का निर्माण होना आवश्यक है। जिसके लिए पंचायत स्तर से पत्र जारी कर सड़क निर्माण विभाग से घुटकु आं रपटे की ऊंचाई बढ़ाए जाने की मांग की जा रही है,लेकि न बनवार, बम्होरी चौबीसा सहित क्षेत्र के लोगों के लिए बारिश के मौसम में समस्या जस की तस बनी हुई है क्योंकि घटेरा, बनवार सड़क मार्ग के बीच घुटकु आं रपटे के निर्माण को लेकर सड़क निर्माण विभाग बेखबर बना हुआ है। जिससे बारिश के मौसम में घटेरा रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाला एकमात्र मार्ग बंद होने से क्षेत्रीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वहीं दूसरी ओर घटेरा, गढ़यिा, चंदपुरा, घुटकु आं, मनगवां, हरदुआ, गोला पट्टी सहित करीब दो दर्जन गांव का संपर्क बनवार मुख्य बाजार से भी टूट जाता है। इस संबंध में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जनरल मैनेजर आरके राजपूत से संपर्क करने का प्रयास कि या, लेकि न संपर्क नहीं हो सका।
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