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DC Line - ये आग का दरिया पार कर पाना नहीं था आसान ...पर धनबादवासियों के इरादे हैं चट्टान.... चलाकर रहेंगे इसपर रेल गाड़ी महान... - Niket Karan

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Tue May 17 06:16:30 IST
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Large Station Board;
Entry# 396561-0
Close-up; Entrance Hall - Inside; Large Station Board;
Entry# 2218237-0
Medium; Large Station Board;
Entry# 5258719-0

FDN/Faridabad New Town (5 PFs)
فریدآباد نیو ٹاؤن     फरीदाबाद न्यू टाउन

Track: Quadruple Electric-Line

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Rajiv Gandhi Colony, New Industrial Town, Faridabad, PIN 121001
State: Haryana

Elevation: 204 m above sea level
Zone: NR/Northern   Division: Delhi

No Recent News for FDN/Faridabad New Town
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: 5
Number of Halting Trains: 9
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
0 Follows
Rating: 2.5/5 (9 votes)
cleanliness - average (1)
porters/escalators - poor (1)
food - average (1)
transportation - average (1)
lodging - poor (1)
railfanning - good (2)
sightseeing - average (1)
safety - average (1)
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Station News

Page#    Showing 1 to 20 of 27 News Items  next>>
Jan 16 (22:43) कार्रवाई:सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 60 साल पुरानी कब्जाई रेलवे की जमीन कराई खाली (www.bhaskar.com)
Commentary/Human Interest
NR/Northern
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News Entry# 475051  Blog Entry# 5191888   
  Past Edits
Jan 16 2022 (22:43)
Station Tag: Faridabad New Town/FDN added by Saurabh®/1294142
Stations:  Faridabad New Town/FDN  
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रेलवे ने शनिवार को अभियान चलाकर न्यू टाउन रेलवे स्टेशन के पास कब्जा की गई जमीन को मुक्त करा लिया। इस पर लाेग करीब साठ साल से बसे थे। हैरानी की बात ये है कि नगर निगम ने यहां सीवरेज, पानी की सप्लाई व बिजली बाेर्ड ने बिजली कनेक्शन भी दे रखा था। जमीन को खाली कराने के लिए फरीदाबाद के अलावा अंबाला, करनाल, हिसार , रोहतक व अन्य जिलों से अतिरिक्त जीआरपी बुलानी पड़ी। ताकि तोड़फोड़ के दौरान कहीं किसी तरह का उपद्रव न हो जाए।
बता दें कि न्यूटाउन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के ठीक बगल में रेलवे की बेसकीमती जमीन है। साठ साल से रेल अधिकारियों की लापरवाही से यहां अवैध निर्माण
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हाेते गए। संजय नगर के नाम से पूरी कॉलोनी बस गयी। वर्तमान में यहां करीब 16 हजार स्क्वायर मीटर जमीन पर कब्जा था। इसके पहले नवंबर माह में अभियान चलाकर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई थी।स्टेशन अधीक्षकसंजय राघव ने बताया कि रेलवे की जमीन पर 700 से अधिक कच्चे पक्के मकान बने थे। नोटिस देकर उन सभी को तोड़ दिया गया। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई करते हुए रेलवे की जमीन मुक्त कराने को कहा था। शनिवार को पूरा कब्जा मुक्त करा लिया गया।
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अरावली के वादियों में सरकारी जमीन पर बसाई गई खोरी कॉलोनी की तर्ज पर ही न्यूटाउन रेलवे स्टेशन के पास 16 हजार स्क्वायर मीटर रेलवे की जमीन भूमाफिया बेचकर कॉलोनी बसाते रहे और रेलवे अधिकारी सोते रहे। भूमाफियाओं ने यूपी, बिहार व राजस्थान के गरीब मजदूरों को एक लाख से चार लाख रुपए प्लाट की दर से जमीन बेच 720 मकानों की पूरी कॉलोनी बसा दी।
नगर निगम और बिजली विभाग ने यहां कनेक्शन देकर सीवर लाइन और गली तक बना दी। लेकिन रेलवे अधिकारियों ने भी इस ओर देखने का प्रयास नहीं किया। जानकर हैरानी होगी कि पचास साल पहले कॉलोनी बसनी शुरू हुई और रेलवे अधिकारी अपना समय काटकर जाते रहे। अधिकारियों को अब अपनी जमीन पर कब्जे की याद
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आयी। इसके बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कराई। सोमवार को दूसरे चरण में अभियान चलाकर करीब 240 मकान तोड़ दिए गए।
80 से 90 करोड़ कीमत की है जमीन
बता दें कि न्यूटाउन रेलवे स्टेशन के पास में ही झलानी कंपनी की जमीन है। ये जमीन अभी खाली पड़ी है। कंपनी ने अपनी दीवार बना रखी है। इस दीवार के बाद ही रेलवे की जमीन है। रेल अधिकारियों की मानें तो रेलवे की जिस 16000 स्क्वायर मीटर जमीन पर संजय नगर कॉलोनी में बसी थी आज उसकी कीमत 80 से 90 करोड़ की है। न्यूटाउन एरिया का प्राइम लोकेशन माना जाता है।
सन् 1971 से बसनी शुरू हुई थी कॉलोनी
स्थानीयवासी पुष्पा, तारा, कैलाशी, माया देवी, सावित्री आदि ने बताया कि दिनेश और उसके साथी भूमाफियाओं ने इस जमीन को अपनी बताकर गरीबों को एक लाख से चार लाख प्रति प्लाट की दर से बेचे थे। उक्त लोगों ने बताया कि कॉलोनी वर्ष 1971-72 से बसनी शुरू हुई थी। यहां लोगों की दूसरी-तीसरी पीढ़ी रह रही थी। नगर निगम ने सीवरलाइन और पक्की गलियां तक बनाई थी। 20 से 60 वर्ग गज तक के मकान बने थे। उन्होंने सवाल किया कि जब भूमाफिया रेलवे की जमीन बेच रहे थे और कॉलोनी बस रही थी तब अधिकारी कहां सो रहे थे। इसका जवाब रेलवे अधिकारियों के पास नहीं है।
चार घंटे में तोड़ दिए 240 मकान
सोमवार को इस केस की सुनवाई पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में शुरू हुई। रेल अधिकारियांे ने बताया कि सुबह 10.30 बजे हाईकोर्ट ने राहत देने से इंकार कर दिया। इसके बाद आरपीएफ, जीआरपी व 250 सिविल पुलिस की मौजूदगी में 11 बजे से पांच जेसीबी मशीन लगाकर बाकी बचे 240 मकानों को तोड़ दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक करीब 6000 स्क्वायर मीटर जमीन खाली कराई गई। जिसकी कीमत करीब 30 करोड़ आंकी जा रही है। इसके पहले 29 सितंबर को अभियान चलाकर 480 मकान तोड़े गए थे। उस दिन एक हजार स्क्वायर मीटर जमीन खाली कराई गयी थी।
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न्यूटाउन रेलवे स्टेशन के पास रेलवे की बेशकीमती जमीन पर करीब पचास साल से बसी संजय नगर कॉलोनी में तोड़फोड़ का मामला एक बार फिर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। सोमवार को इस केस की सुनवाई होगी। वहीं दूसरी ओर रेलवे ने सोमवार को बाकी बचे अवैध निर्माण तोड़ने की तैयारी कर ली है। इसके लिए डीसी ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त कर दिए हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ उन लोगों के मकान में यथस्थिति बनाए रखने काे कहा है जिन्होंने याचिका दायर की है। सुप्रीम काेर्ट में कुल 18 लोगों ने याचिका दायर की है। इनमें से 11 याचिकाकर्ताओं के मकान कोर्ट के आदेश से पहले ही तोड़े जा चुके हैं। सात याचिकाकर्ताओं के मकान अभी बचे हुए हैं।
29
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सितंबर को 480 तोड़ दिए गए
बता दें कि रेलवे ने 29 सितंबर को सुबह दस बजे से तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू करके दोपहर तक 480 मकान तोड़ दिए थे। जबकि मजदूर आवास संघर्ष समिति संजय नगर इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था। सुप्रीम कोर्ट का दोपहर बाद आदेश अधिकारियों के पास पहुंचा जिसमें यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया गया था। इसके बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई रोक दी गई थी।
सोमवार को फिर से शुरू होगी तोड़फोड़
संजय नगर काॅलोनी में अभी करीब छह हजार स्क्वायर मीटर में अवैध मकान बने हैं। इन्हें सोमवार को तोड़ने की तैयारी है। डीसी जितेंद्र यादव ने रेलवे के असिस्टेंट डिवीजनल इंजीनियर विनय प्रकाश शर्मा की सिफारिश पर बड़खल के नायब तहसीलदार यसवंत काे ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जीआरपी व आरपीएफ को भी आदेश दिया है। रेलवे ने ये निर्णय सुप्रीम कोर्ट की आदेश के बाद लिया है। इसके पहले रेलवे अधिकारियों ने याचिककर्ताओं के मकानों का सर्वे कर उसकी रिपोर्ट कोर्ट को भेज दी है। जिसमें कहा गया है कि कुल 18 याचिकाकर्ताओं में से 11 के मकान तोड़े जा चुके हैं।
हाईकोर्ट में दोबारा होगी सुनवाई
मजदूर आवास संघर्ष समिति संजय नगर, की एडवोकेट नीलम राय, रजनी, गुड्डी देवी, जीतू, दीपक शर्मा, ओमप्रकाश, सतीश, विजय ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में तोड़फोड़ से राहत के लिए दोबारा याचिका दायर की गई है। कोर्ट सोमवार को इस मामले में सुनवाई करेगी। समिति के राष्ट्रीय कन्वीनर निर्मल गोराना ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को स्टे दे रखा है। संजय नगर बस्ती के कई परिवार सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार फिर से पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट पहुंचे हैं। ऐसे में रेलवे प्रशासन को हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार करना चाहिए। गोराना ने मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार को पत्र भेजकर बेदखल हुए परिवारों को अस्थाई रूप से आश्रय प्रदान करने के लिए पुनर्वास की मांग की।
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रेलवे की जमीन पर बसे संजय नगर में बुधवार को बड़ी तोड़फोड़ की गयी। तमाम विरोध के बावजूद रेलवे ने आठ जेसीबी मशीन लगाकर यहां बनाए गए करीब 480 मकानों पर बुल्डोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। करीब दस हजार स्क्वायर मीटर जमीन खाली करा ली गई। इस दौरान लोगों ने जमकर हंगामा भी किया। यहां तक कि कुछ लोग जेसीबी मशीन पर चढ़ गए। उन्हें बड़ी मुश्किल से उतारकर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई। खास बात ये है कि जब तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की गई थी तो उस वक्त मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था। कोर्ट से जब तक यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश आता करीब 70 फीसदी कब्जा खाली करा लिया गया। मुक्त कराई गयी जमीन की कीमत करीब 50 करोड़ तक बताई जा रही है।
कॉलोनी
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का ये है पूरा मामला
बता दें कि न्यूटाउन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के पीछे रेलवे की बेशकीमती जमीन है। बताया जाता है कि यहां करीब 50 साल से लोगों ने अवैध कब्जा कर अपने छोटे छोटे मकान बना लिए थे। इसे संजय नगर कॉलोनी का नाम दिया गया है। नगर निगम ने यहां सीवरेज, वाटर सप्लाई व बारात घर तक की सुविधा दे रखी थी। संजय नगर की आबादी करीब 3500 है।
साढे़ तीन घंटे में 480 मकान तोड़े
बुधवार सुबह दस बजे रेलवे अधिकारी भारी आरपीएफ, जीआरपी और सिविल पुलिस फोर्स के साथ न्यूटाउन रेलवे स्टेशन पहुंचे और तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। लेकिन लोग जेसीबी के सामने खड़े होकर विरोध करने लगे। कई लोग जेसीबी मशीन पर चढ़ गए। मौके पर मौजूद पुलिस फोर्स ने उसे जेसीबी से उतारकर कार्रवाई शुरू की। स्टेशन अधीक्षक संजय राघव ने बताया कि करीब डेढ़ बजे तक 480 मकान तोड़कर दस हजार स्क्वायर जमीन खाली करा दी गई। कोर्ट का आदेश आने के बाद डेढ़ बजे कार्रवाई रोक दी गई। कार्रवाई के दौरान रेलवे के सहायक मंडल अभियंता विजय प्रकाश शर्मा, एरिया मैनेजर भावना जैन, ट्रैफिक इंस्पेक्टर कुमार घनश्याम, आईओडब्ल्यू एके गुप्ता, सीपीडब्ल्यूआई देवेंद्र बघेल, समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कोर्ट के निर्देश पर रुकी तोड़फोड़
तोड़फोड़ रुकवाने के लिए मंगलवार को मजदूर आवास संघर्ष समिति ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए रोक लगाने से इंकार करयाचिका खारिज कर दी। इसके बाद समिित देररात सुप्रीम कोर्ट पहुंची। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट जब तक याचिका पर सुनवाई करती, तोड़फोड़ शुरू हो गयी। कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश देते हुए 30 सितंबर को सुनवाई करने का फैसला किया है। दोपहर करीब डेढ़ बजे समिति के वकील आदेश लेकर पहुंचे उसके बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई रोक दी गई।
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न्यू टाउन रेलवे स्टेशन के पास रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से बसे संजय नगर का मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट में याचिका दायर कर होने वाली तोड़फोड़ की कार्रवाई को रोकने की मांग की है।
मजदूर आवास संघर्ष समिति के सदस्य एवं बस्ती निवासी दीपक शर्मा ने बताया कि संजय नगर में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर जैसे घरेलू कामगार, निर्माण मजदूर, हॉकर्स, फैक्ट्री मजदूर जिनके लगभग 500 से ज्यादा परिवार पिछले 50 वर्षों से रह रहे हैं। करीब 3000 की जनसंख्या वाले संजय नगर में 575 से ज्यादा गर्भवती एवं धात्री महिलाएं हैं। दो आंगनवाड़ी केंद्र और एक सामुदायिक केंद्र भी बना है। अब यहां के लोगों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
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है। समिति के सदस्य दीपक शर्मा ने हाईकोर्ट में रिट डालकर स्टे एवं पुनर्वास की गुहार लगाई है। मजदूर आवास संघर्ष समिति के नेशनल कन्वीनर निर्मल गोराना ने बताया कि वैश्विक महामारी में रेलवे द्वारा बेदखली के नोटिस जारी करना असंवेदनशील एवं अमानवीयता का परिचय देता है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रिट को स्वीकार कर लिया है। यह मामला सुनवाई के लिए 28 सितंबर को रखा गया है।
कई अन्य केस में मिल चुका है स्टे
गोराना ने बताया कि ओल्गा टेलिस बनाम मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन 1985, सुदामा सिंह बनाम दिल्ली सरकार 2010, अजय माकन एंड अदर्स बनाम भारत सरकार 2019 सहित कई मामलों में मजदूर परिवारों को आवास के मुद्दे पर राहत मिली है। कई अदालतों ने लाखों घरों को इन आदेशों के आधार पर स्टे दिया हुआ है। उन्होंने कहा कि हाल ही में रेलवे प्रशासन द्वारा इंदिरा नगर की 200 झुग्गियों को बिना पुनर्वास के बेदखल कर दिया, जो अमानवीय कृत्य है। अब न्यू टाउन रेलवे स्टेशन के पास में बसी संजय नगर की झुग्गियों को उत्तर रेलवे प्रशासन द्वारा 14 सितंबर को नोटिस दिया गया। जिसके कारण मजदूर परिवार अत्यंत भयभीत हैं।

Rail News
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Sep 29 2021 (19:24)
Tourister
eXplorerDKG^~   114244 blog posts
Re# 5079549-1            Tags   Past Edits
Pure dilli se remove krna chahiye.. inke chkkr me trains b Delay hoti aur chori chakari b..
Khne ko ye slums h.. majority of them have good earning.. bahar se juggad jhopdi.. andar ac milega..
2 wheelers.milega..
Kl live dekha h patel nagar pe

15665 views
Sep 29 2021 (19:31)
Saurabh®
Saurabhdubey_86^~   27388 blog posts
Re# 5079549-2            Tags   Past Edits
kehna to nahi chaahiye...magar haramkhori ki hadd hai. Itne saal free mein rah liye ab sarkar muft mein permanantly ye zameen inke naam kar dein. Inko muft ka vikas chahiye...
Doosre aam log jo 10k per month tak deke 1 bhk flat mein kiraye se reh rahe hain wo bewakoof hain.

16032 views
Sep 29 2021 (19:56)
Tourister
eXplorerDKG^~   114244 blog posts
Re# 5079549-3            Tags   Past Edits
Mujhe sure nhi h bur shayad azadpur pe railway khud apartment banwa k inko shift krega.. azadpur wale side jitne slums h..
AK ne unhe legal kr dia.. metrez pani ka connection kr dia tha.. 19 election se phle..

13527 views
Sep 29 2021 (20:42)
Saurabh®
Saurabhdubey_86^~   27388 blog posts
Re# 5079549-4            Tags   Past Edits
AAP ne Delhi ke robust budget declaration and revenue collection system ka misuse vote bank appeasement ke liye hi to kiya hai ab tak ke tenure mein. Global class city development mein ab tak kuch bhi nahi ho paya hai 4 saal mein.
As a result, Delhi World' largest refugee asylum national capital ban ke rah gaya hai aaj ke date mein.

14875 views
Sep 29 2021 (20:47)
Tourister
eXplorerDKG^~   114244 blog posts
Re# 5079549-5            Tags   Past Edits
obviously .. the way he came,, the way he work is totally opposite. i was literally thinking that if he will really gets 3rd tenure what he will show in his report card for infrastructure upgrade. METRO, RRTS all these are by him only. i remember the sheila dixit time,, she was corrupted may be (not say as completely as allegations) but surely she did a lot for Delhi
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