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Ammi Jaan kahti thi Railfanning se bada koi dharm nhi hota or koi Railfan chhota nhi hota - Shanzil Kabir

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Mon May 10 14:37:17 IST
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Entry# 3458092-0

SAO/Sagoni (3 PFs)
     सगोनी

Track: Double Electric-Line

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Ghatera
State: Madhya Pradesh


Zone: WCR/West Central   Division: Jabalpur

No Recent News for SAO/Sagoni
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: 3
Number of Halting Trains: 10
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Rating: NaN/5 (0 votes)
cleanliness - n/a (0)
porters/escalators - n/a (0)
food - n/a (0)
transportation - n/a (0)
lodging - n/a (0)
railfanning - n/a (0)
sightseeing - n/a (0)
safety - n/a (0)
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Station News

Page#    Showing 1 to 5 of 5 News Items  
Apr 14 (17:42) Jabalpur Railway News: रेल लाइन पर लगा प्रतिबंध हटते ही 110 किमी की रफ्तार से दौडेंगी यात्री ट्रेनें (www.naidunia.com)
IR Affairs
WCR/West Central
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News Entry# 448634  Blog Entry# 4939127   
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Apr 14 2021 (17:43)
Station Tag: Sagoni/SAO added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 14 2021 (17:43)
Station Tag: Ratangaon/RTGN added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 14 2021 (17:42)
Station Tag: Kota Junction/KOTA added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 14 2021 (17:42)
Station Tag: Bhopal Junction/BPL added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 14 2021 (17:42)
Station Tag: Jabalpur Junction/JBP added by Adittyaa Sharma/1421836
जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रेलवे इन दिनों ट्रेनों में यात्री सुविधा के साथ ट्रेनों की रफ्तार बढाने में भी जुटा है। इस काम में पश्चिम मध्य रेलवे को बड़ी सफलता मिली है। इसका फायदा जबलपुर, भोपाल और कोटा सीमा से गुजरने वाली यात्री ट्रेनों को मिलना शुरू हो गया है। दरअसल पमरे ने सुरक्षा मानकों को देखते हुए कई रेल लाइन के कुछ हिस्सों पर परमानेंट स्पीड रिस्ट्रिक्शन यानि स्थाई गति प्रतिबंध लगाए थे, जिसे हटा दिया गया है, जिसके बाद ट्रेनें 110 किलोमीटर की हाई स्पीड से दौड़ने लगी हैं।
15 साल से लगे थे प्रतिबंध: ट्रेनों की रफ्तार और संचालन के लिए पमरे ने पीएसआइ को इन गतिरोध को हटाने कहा था, जिसकी वजह से पिछले 10 से 15 वर्षों
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से पमरे के रेल खंडों पर ट्रेन संचालन की गतिशीलता प्रभावित हो रही थी। स्थाई गति प्रतिबंध के हटते ही जबलपुर रेल मंडल के बीना कटनी खंड में 40 किलोमीटर प्रति घंटे का प्रतिबंध हटा दिया गया। वहीं रतनगांव-सगोनी घाट खंड के बीच प्रतिबंध हटाने से ट्रेनों की स्पीड बढ़कर 110 किलोमीटर प्रतिघंटा हो गई है।
यहां भी मिला फायदा :
जबलपुर- पमरे ने 12 गतिरोध को रेलवे ट्रैक से हटाया है, जिसके बाद जबलपुर रेल मंडल की सीमा में आने वाले झकेही-कैमोर खंड के नानवारा और मेहगांव स्टेशनों की यार्ड रीमॉडलिंग वर्क को पूरा कर 15 किमी प्रतिघंटा की गति प्रतिबंध को हटा दिया गया है।
भोपाल- भोपाल रेल मंडल की बात करें तो डिवीजन के बीना खंड और गुना-ग्वालियर खंड में क्रमश: 110 किलोमीटर प्रति घंटे और 100 किमी प्रति घंटे की गति से प्रतिबंध हटा को दिया गया है, जिससे इस खंड पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ी।
90 प्रतिबंध, 12 हटाए : पश्चिम मध्य रेलवे के सीपीआरओ राहुल जयपुरिया ने बताया कि जबलपुर, भोपाल और कोटा रेल मंडल की सीमा में ऐसे तकरीबन 90 प्रतिबंध हैं। रेलवे बोर्ड ने हर साल 4 से 5 प्रतिबंध हटाने कहा था, लेकिन पमरे ने इस साल 12 प्रतिबंध हटा दिए हैं। यह काम गैर-इंटरलॉकिंग कार्य करने, मेगा-ब्लाक के सफल निष्पादन के बाद संभव हो सका। इन प्रतिबंध को हटाने से ट्रेनों की रफ्तार और ट्रैक की क्षमता बढ़ी है, जिससे ट्रेन के सफर का समय कम होगा।

Rail News
Apr 15 (17:15)
Knight Rider~   2730 blog posts
Re# 4939127-1            Tags   Past Edits
1 compliments
अद्भुत ज्ञान है🙏
Waah beta waah kya likha 110 Kmph is high speed rail?
लॉकडाउन के बाद दमोह रेलवे स्टेशन से धीरे-धीरे एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन पैसेंजर ट्रेनों न चलने की वजह से यात्रियों को खासी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे रेलवे स्टेशन व उनसे जुड़े आसपास के सैकड़ों गांव के लोगों को हो रही है, जहां पर 25 मार्च के लॉकडाउन के बाद लगातार 10 माह बीतने के बाद भी कोई ट्रेन नहीं रूकी है। ऐसे में छोटे रेलवे स्टेशनों से सफर करने वाले यात्रियों को 6 से 7 गुना अधिक किराया देकर आवागमन करना पड़ रहा है।
असलाना, पथरिया, करैया भदौली, बांदकपुर, घटेरा, गोलापट्‌टी, रतनगांव, सगौनी व सलैया स्टेशन पर बीते 10 माह से सन्नाटा छाया हुआ है। जबकि लॉकडाउन के पहले प्रत्येक स्टेशनों
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पर आसपास के 40 से 50 गांव के दो हजार से अधिक यात्री नियमित सफर करते थे, लेकिन अब इन गांव के लोगों को बस या निजी वाहनों से कई गुना अधिक खर्च करके आना पड़ रहा है। गौरतलब है कि लॉकडाउन के पहले तक इन स्टेशनों पर भोपाल-बिलासपुर एवं बीना-कटनी पैंसेजर ट्रेन आवागमन का प्रमुख साधन थीं। कम किराया होने की वजह से अप-डाउन करने वाले कर्मचारी, व्यापारी, स्कूल कॉलेज एवं अन्य लोग भी इन्हीं पैसेंजर ट्रेनों से प्रतिदिन आवाजाही करते थे, लेकिन यह ट्रेनों बंद होने से लोग खासे परेशान हैं। हालांकि ट्रेनें बंद होने से रेलवे को भी राजस्व का घाटा हो रहा है।
ट्रेन में 10 रुपए में दमोह आते थे, अब बस में लग रहे 70 रुपए
कुम्हारी पटेरिया निवासी राजेश राय, शैलेंद्र ठाकुर, विजय ठाकुर, प्रिया, रागिनी लोधी ने बताया कि हम लोग पहले सगौनी रेलवे स्टेशन से पैसेंजर ट्रेन में 10 रूपए में दमोह कॉलेज पढ़ने आते थे, लेकिन पैसेंजर ट्रेन बंद होने की वजह से बस में 70 रूपए लगते हैं। इस तरह दमोह से आने-जाने में कुल 140 रूपए खर्च करना पड़ते हैं, इसलिए हम लोग कॉलेज नहीं जा पा रहे हैं। इसी तरह कोई व्यक्ति बीमार हो जाए तो उसे भी अब दमोह तक बस या निजी वाहन से आने में कई काफी पैसे खर्च करना पड़ते हैं, जिसकी वजह से लोग स्थानीय झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने मजबूर हैं। पैसेंजर बंद होने से दूध बेचने वालों लोगों का धंधा भी चौपट हो गया है। अब उन्हें कम दामों पर गांव में ही दूध की बेचना पड़ रहा है। इसी तरह अपडाउन करने वाले लोग भी परेशान हैं।
राज्यरानी एक्सप्रेस की मांग ठंडे बस्ते में
रेलवे द्वारा दमोह से चलने वाले 39 नियमित व सप्ताहिक ट्रेनों में से 14 ट्रेनों का संचालन तो शुरू कर दिया गया है, लेकिन दमोह से चलने वाली सबसे महत्वपूर्ण राज्यरानी एक्सप्रेस को शुरू करने के लिए अब तक कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि दो बार डीआरएम व एक बार जीएम के आगमन के दौरान स्थानीय लोगों द्वारा इस मांग को उठाया जा चुका है। रेल संघर्ष समिति के प्रांजल चौहान, सुरेंद्र दबे ने बताया कि हम लोग राजरानी एक्सप्रेस को चालू कराने रेल मंत्री को भी पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया। जबकि सतना, जबलपुर, इटारसी रूट पर लगातार ट्रेनों की संख्या बढ़ रही है।
ट्रेनों में मिलने वाली छूट अभी भी बंद
रेलवे द्वारा सीनियर सिटीजन, दिव्यांग व कैंसर व अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित यात्रियों के लिए रेलवे किराया में विशेष छूट दी जाती थी, लेकिन वर्तमान में जो एक्सप्रेस ट्रेनें चल रहीं हैं, उसमें किसी भी तरह की छूट यात्रियों को नहीं मिल रहीं हैं।
मार्च के बाद हो सकता है विचार
मार्च माह तक पैंसेजर ट्रेन चालू होने की उम्मीद नहीं हैं। वैक्सीनेशन होने से कोराना संक्रमण कोरोना संक्रमण में कमी आती है, इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- संजय विश्वास, डीआरएम
मैं बात करता हूं
राज्यरानी ट्रेन चालू कराने के लिए मैं रेलवे अधिकारियों से बात करता हूं।
- प्रहलाद पटेल, दमोह सांसद केंद्रीय राज्यमंत्री
Dec 12 2019 (07:25) नई लाइन बनाने ब्लॉस्ट कर तोड़ रहे चट्टान, तार टूटने से रुकीं ट्रेनें (naidunia.jagran.com)
Major Accidents/Disruptions
WCR/West Central
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News Entry# 396544  Blog Entry# 4511725   
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Dec 12 2019 (07:26)
Station Tag: Sagoni/SAO added by Adittyaa Sharma^~/1421836

Dec 12 2019 (07:26)
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जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधिजबलपुर रेल मंडल के कटनी से बीना रेल रूट पर थर्ड लाइन बनाने का काम किया जा रहा है। यहां मुख्य लाइन के पास ही तीसरी लाइन भी डाली जा रही है। इसके लिए रास्ते में आने वाले पत्थरों को हटाने के लिए ब्लॉस्ट किया जा रहा है, जिससे मुख्य लाइन पर दौड़ने वाले ट्रेनों की सुरक्षा और संरक्षा पर खतरा पैदा हो गया है। 10 दिनों में 2 घटनाएं हो चुकी हैं। विगत दिनों जबलपुर-निजामुद्दीन के बीच चलने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस भी इस वजह से दुर्घटना होने से बाल-बाल बची। ब्लॉस्ट की वजह से सलैया-सगोनी के पास ओएचई तार टूटकर पटरी पर जा गिरा और यहीं से गोंडवाना एक्सप्रेस को गुजरना था। हालांकि ड्राइवर ने तत्काल ट्रेन को रोक लिया। गोंडवाना और उदयपुर एक्सप्रेस को तकरीबन साढ़े 4 घंटे तक रोकना पड़ा। ओएचई सुधारने के बाद ट्रेनों को निकाला गया। वर्जन-निर्माण विभाग निजी कर्मचारियों से यह काम कर...
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रहा है। यदि संरक्षा में किसी तरह की लापरवाही हो रही है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। -प्रियंका दीक्षित, सीपीआरओ, पमरेPosted By: Nai Dunia News Network #jabalpur news
जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि
जबलपुर रेल मंडल के कटनी से बीना रेल रूट पर थर्ड लाइन बनाने का काम किया जा रहा है। यहां मुख्य लाइन के पास ही तीसरी लाइन भी डाली जा रही है। इसके लिए रास्ते में आने वाले पत्थरों को हटाने के लिए ब्लॉस्ट किया जा रहा है, जिससे मुख्य लाइन पर दौड़ने वाले ट्रेनों की सुरक्षा और संरक्षा पर खतरा पैदा हो गया है। 10 दिनों में 2 घटनाएं हो चुकी हैं। विगत दिनों जबलपुर-निजामुद्दीन के बीच चलने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस भी इस वजह से दुर्घटना होने से बाल-बाल बची। ब्लॉस्ट की वजह से सलैया-सगोनी के पास ओएचई तार टूटकर पटरी पर जा गिरा और यहीं से गोंडवाना एक्सप्रेस को गुजरना था। हालांकि ड्राइवर ने तत्काल ट्रेन को रोक लिया। गोंडवाना और उदयपुर एक्सप्रेस को तकरीबन साढ़े 4 घंटे तक रोकना पड़ा। ओएचई सुधारने के बाद ट्रेनों को निकाला गया।
वर्जन-
निर्माण विभाग निजी कर्मचारियों से यह काम कर रहा है। यदि संरक्षा में किसी तरह की लापरवाही हो रही है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।
-प्रियंका दीक्षित, सीपीआरओ, पमरे
Dec 24 2018 (14:40) सगौनी स्टेशन पर 500 मीटर बढ़ेगा प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज बनेगा (www.bhaskar.com)
New Facilities/Technology
WCR/West Central
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News Entry# 372344  Blog Entry# 4147053   
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Dec 24 2018 (14:40)
Station Tag: Sagoni/SAO added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948
Stations:  Sagoni/SAO  
दमोह-कटनी रेलखंड के बीच सगौनी रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को अब आगामी समय में एक साथ कई सुविधाएं मिलेगी। जहां हाइलेबल प्लेटफार्म के साथ नया स्टेशन भवन, टिकट काउंटर, यात्री प्रतीक्षालय बनाया जाएगा। इसके साथ ही एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर आने-जाने के लिए फुट ओवर ब्रिज भी बनाया जाएगा।
यात्री सुविधाएं बढ़ने से आसपास के सौ से अधिक गांव के हजारों लोगों को राहत मिलेगी। सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि 40 साल पुरानी जर्जर बिल्डिंग की जगह यात्रियों को सर्वसुविधायुक्त नए स्टेशन भवन बनेगा। जिसकी शुरूआत भी हो गई है। एजेंसी द्वारा पिलर बनाए जा रहे हैं।
दरअसल
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रेलवे द्वारा सगौनी रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन का दर्जा दिया गया है। जिसके चलते यात्री सुविधाआंें में विस्तार किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन के दोनों प्लेटफार्म की लंबाई भी 500 मीटर बढ़ाई जाएगी।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यात्रियों को एक प्लेटफार्म से लेकर दूसरे प्लेटफार्म आने-जाने के लिए फुट ओवर ब्रिज भी बनेगा। जिसकी मांग कई वर्षों से चल रही है। गौरतलब है कि इस स्टेशन पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने की मांग करीब 30 साल से चल रही है, लेकिन रेलवे द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा था। यात्रियों की इस प्रमुख समस्या को लेकर भास्कर द्वारा बीते साल प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की गई थी। जिसके कारण रेलवे द्वारा इस दमोह-कटनी रेलखंड के सगौनी व सलैया रेलवे स्टेशन काे मॉडल स्टेशन का दर्जा दिया गया था। साथ ही दोनों स्टेशनों के कायाकल्प के लिए 10 करोड़ की राशि भी स्वीकृत की थी। जिसका काम अब चालू हो गया है।
फुट ओवर ब्रिज बनने से हादसों पर लगेगा अंकुश
सगौनी रेलवे स्टेशन पर दो प्लेटफार्म हैं, जिन्हें जिन्हें जोड़ने के लिए ओवरब्रिज नहीं है। ऐसे में यात्रियों को मजबूरी रेलवे पटरियां पार कर एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर आना-जाना पड़ता है। जबकि इस इस रेलखंड पर हर एक घंटे में 5 से 8 मालगाड़ी निकलतीं हैं। ऐसे में यहां पर यात्रियों की जान को हर समय खतरा बना रहता है। इसके साथ आए दिन दोनों प्लेटफार्म के बीच में कोई मालगाड़ी आकर खड़ी हो जाती है तो यात्रियों को ट्रेन के नीचे से होकर निकलना पड़ता है। इसके साथ ही फुट ओवर ब्रिज न होने से एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए पटरियां पार करनी पड़ती हैं। जिससे यहां पर आए दिन हादसे भी घटित होते रहते हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को पटरियों से के उपर से आने-जाने में होती है। साथ ही यदि कोई ट्रेन अचानक आ जाती है तो हादसों की आशंका भी बनी रहती है। अपडाउन करने वाले यात्री दीपक पटेल, हेमराज ठाकुर ने बताया कि वह प्रतिदिन अपने व्यापार से दमोह कटनी आते-जाते हैं।
कई लोग हो चुके हैं हादसों का शिकार
कई बार स्टेशन पर पहंुचते ही प्लेटफार्म नंबर दो पर ट्रेन आकर खड़ी हो जाती है। जिससे जल्दबाजी में पटरी पार करने से हादसे का शिकार हो चुके हैं।
स्टेशन प्रबंधक महेश मीणा ने कहा मॉडल स्टेशन का काम शुरू हो गया है। काम पूरा होते ही यात्रियों को अच्छी से अच्छी सुविधाएं मिलने लगेंगी।
26 कोच की ट्रेन खड़़ी हो सकेगी
सगौनी स्टेशन पर हाइेबल प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। जिनकी लंबाई 500-500 मीटर रहेगी। इतनी ही लंबाई प्लेटफार्म नंबर 2 पर भी रहेगी। जिससे दोनों स्टेशनों पर 26 कोच की ट्रेन खड़ी हो सकेंगी। प्लेटफार्म की ऊंचाई बढ़ने से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने व उतरने में असानी होगी। अभी तक यात्रियों को जमीन में ही खड़े होकर ट्रेन में चढ़ना-उतरना पड़ता है। कई बार भीड़ अधिक होने के कारण यात्री ट्रेन में चढ़ नहीं पाते या फिर उतर नहीं पाते। सबसे ज्यादा महिला यात्रियों को बोगी में चढ़ने व उतरने में परेशानी होती है। बीते साल ट्रेन से उतरते समय एक गर्भवती महिला भी नीचे गिर गई थी। जिसकी जान बाल-बाल बची थी। इसके पूर्व भी कई हादसे हो चुके हैं।
Oct 28 2018 (13:53) सगौनी में पैसेंजर ट्रेन का आना बंद (www.bhaskar.com)
Commentary/Human Interest
WCR/West Central
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News Entry# 366979  Blog Entry# 3946173   
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Oct 28 2018 (13:53)
Station Tag: Sagoni/SAO added by Anupam Enosh Sarkar*^~/401739
Stations:  Sagoni/SAO  
भास्कर संवाददाता | कुम्हारी
बीते एक पखवाड़ा से सगौनी रेलवे स्टेशन से यात्री गाड़ियों का आना-जाना बंद है। कटनी से दमोह की ओर मात्र एक पैसेंजर ट्रेन चल रही है। दमोह से कटनी की ओर जाने वाली लगभी सभी ट्रेनें बंद हैं। ऐसे में सगौनी, कुम्हारी अंचल के 50 से अधिक गांव के लोगों को खासी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा गरीब वर्ग के लोग परेशान
गाड़ियां
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बंद होने के कारण सबसे ज्यादा आम आदमी व गरीब वर्ग की मुसीबतें बढ़ गई हैं। क्योंकि ट्रेनें बंद होने के कारण क्षेत्र के सैकड़ों लोगों का जिला मुख्यालय आने-जाने का संपर्क कट गया है। सगौनी, कुम्हारी अंचल के सैकड़ों लोग ट्रेनों के माध्यम से ही रोजाना मजदूरी करने के अलावा छोटे-मोटी रोजगार के लिए दमोह व कटनी आते-जाते हैं। लेकिन रेलवे प्रशासन की मनमानी से गरीबों की रोजी-रोटी छिन गई है।
दूसरी ट्रेनों को क्यों नहीं किया जाता बंद
ग्रामीण विजय प्रताप, विक्रम सिंह, शैलेंद्र सिंह ने बताया कि रेलवे द्वारा छोटे-मोटे कार्य का बहानाकर अक्सर ही पैसेंजर ट्रेनों को बंद कर दिया जाता है। यदि कहीं पर काम चल रहा है तो फिर एक्सप्रेस व मालगाड़ियों को क्यों नहीं रोका जाता। ग्रामीण अंचलों से ज्यादातर लोग पैसेंजर गाड़ियों से ही यात्रा करते हैं, लेकिन इन्हीं गाड़ियों को बंद कर दिया गया है। यह समस्या हल करने की मांग लोागें ने की है।
तीन गुना किराया देकर आने-जाने के लिए मजबूर
कुम्हारी अंचल से रोजाना सैकड़ों लोग दूध व सब्जी बेचने के लिए जिला मुख्यालय पर आते-जाते हैं, लेकिन ट्रेनें बंद होने के कारण दूध का व्यवसाय ठप पड़ा है। हालांकि बस से आने-जाने का रास्ता है, लेकिन बसों से यात्रियों को तीन गुना किराया लगाने के साथ ही लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। जिससे कोई भी सब्जी व दूध विक्रेता दमोह नहीं जा पा रहा है। इसके अलावा सगौनी अंचल से रोजाना सैकड़ों लकड़ी विक्रेता जो जंगल से सूखी लकड़ी बीनकर दमोह में ले जाकर बेचती थीं, उनका व्यापार भी ठप है। ग्रामीण दिनेश राय, विजय ठाकुर, दीपराज पटेल, हेमराज ठाकुर ने बताया कि रेलवे की मनमानी से आम आदमी से लेकर गरीब वर्ग के लोग खासे परेशान हैं
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