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SU/Surapur
     सुरापुर

Track: Single Electric-Line

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Old Surapur Railway Station, National Highway 232
State: Uttar Pradesh

Elevation: 93 m above sea level
Zone: NR/Northern   Division: Lucknow Charbagh NR

No Recent News for SU/Surapur
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: n/a
Number of Halting Trains: 0
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
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Rating: NaN/5 (0 votes)
cleanliness - n/a (0)
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transportation - n/a (0)
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Station News

Page#    Showing 1 to 9 of 9 News Items  
Oct 25 2020 (06:43) माननीयों ने ट्रैफिक लाइन का बना दिया कामर्शियल ट्रैक (m.livehindustan.com)
Commentary/Human Interest
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News Entry# 422678  Blog Entry# 4757856   
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Oct 25 2020 (06:45)
Station Tag: Surapur/SU added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Oct 25 2020 (06:43)
Station Tag: Tanda/TD added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Oct 25 2020 (06:43)
Station Tag: Akbarpur Junction/ABP added by Anupam Enosh Sarkar/401739
Stations:  Akbarpur Junction/ABP   Surapur/SU   Tanda/TD  
अम्बेडकरनगर। ब्रिटिश सरकार ने टांडा के वस्त्र उद्योग को शिखर पर पहुंचाने और सुलभ आवागमन के लिए रेल लाइन बिछवाई थी। अकबरपुर-टांडा रेलखंड पर पर यात्री ट्रेन चलवाई थी। ब्रिटिश सरकार के ट्रैफिक रेल लाइन को देश के संसद में जनता से चुनकर पहुंचे माननीयों ने कॉमर्शियल ट्रैक बना दिया है।देश को आजाद हुए 73 से अधिक का समय बीत चुका है। देश में 17वीं लोकसभा का एक साल पहले ही गठन हो चुका है। दो तिहाई के प्रचंड बहुमत की नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र की सरकार चल रही है। सरकार के पास इतनी बहुमत है कि विपक्ष के नेता तक का पद ही रिक्त है। सरकार की इतनी व्यापकता के बावजूद देश में आज भी अंग्रेजों के समय के तमाम कानून यथावत हैं। राजस्व महकमें के अभिलेखों में दर्ज होने शब्द और पुलिस महकमे की जीडी, चार्जशीट तक की शब्दावली तक नहीं बदली गई है। वहीं अंग्रेजों के...
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समय चल रही यात्री ट्रेन को अवश्य बदल दिया गया है। अंग्रेजी सरकार के ट्रैफिक ट्रैक को कामर्शियल ट्रैक में अवश्य बदल दिया गया है। अकबरपुर टांडा रेलखंड पर अंग्रेजों के समय से चलने वाली यात्री ट्रेन को देश की लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार ने बंद कर दिया है। ट्रेन को उस सरकार ने 10 फरवरी 1993 को पूरी तरह से बंद किया जिसने आज तक अंग्रेजों के बनाए तमाम कानून को यथावत रखा है। माननीयों की इस निर्णय को अकबरपुर टांडा रेलखंड ही नहीं पूरे जिले की उपेक्षा का सबसे बड़ा प्रमाण कहा जा सकता है। अंग्रेजों के समय समय की दो बोगियों की ट्रेन अकबरपुर टांडा के बीच दिन में तीन बार चलती थी। एक एक कर तीनों फेरा बंद किया गया। 1993 से ट्रेन का संचालन पूरी तरह से बंद है। इसमें संसद में बैठे देश के पांच सैकड़ा सांसदों के साथ स्थानीय लोकसभा के प्रतिनिधि की भी मौन स्वीकृति रही है। माननीयों की उपेक्षा और स्थानीय सांसद की मौन स्वीकृति का कारण है कि 27 साल पहले बंद हुई अकबरपुर टांडा पैसेंजर ट्रेन का संचालन फिर से होने की संभावना ही नहीं नजर नहीं आ रही है। कारण पूर्व के जनप्रतिनिधियों की तरह वर्तमान के जनप्रतिनिधि भी मौन साधे हुए हैं।माननीयों का मौन रहना रेलवे को दे रहा है बल :संसद में बैठने वाले जनप्रतिनिधियों के मौन रहने के कारण ही अकबरपुर टांडा यात्री रेलवे लाइन पूरी तरह से मालगाड़ी रेल लाइन बन कर रह गई है। यह रेल लाइन ठीक उसी तरह की रेल लाइन हो गई है जैसे तमाम बड़ी रेल लाइनों के समानांतर स्पेशल कमर्शियल लाइन होती है। अब अकबरपुर टांडा रेल लाइन पर केवल माल गाड़ी चलती है। माल गाड़ी भी केवल एनटीपीसी के लिए कोयला और सीमेंट फैक्ट्री के लिए क्लिंकर लाने का काम करती है। रेलवे ऐसा केवल माननीयों के मौन रहने के कारण ही कर पा रहा है। माननीय अगर आवाज बुलंद करते तो रेल लाइन पर यात्री ट्रेन भी चल सकती है। माननीयों के मौन रहने के कारण ही रेलवे को बल मिल रहा है और रेल मंत्रालय अकबरपुर टांडा यात्री ट्रेन का संचालन फिर से नहीं कर रहा है।
Oct 23 2020 (07:26) यात्री ट्रेन बंद करने वाली कांग्रेस का जिले से साफ हुआ सूपड़ा (m.livehindustan.com)
Commentary/Human Interest
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News Entry# 422441  Blog Entry# 4756051   
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Oct 25 2020 (06:45)
Station Tag: Surapur/SU added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Oct 23 2020 (07:26)
Station Tag: Tanda/TD added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Oct 23 2020 (07:26)
Station Tag: Akbarpur Junction/ABP added by Anupam Enosh Sarkar/401739
Stations:  Akbarpur Junction/ABP   Surapur/SU   Tanda/TD  
अम्बेडकरनगर। अकबरपुर टांडा के बीच चलने वाली यात्री ट्रेन को बंद किए जाने पर भले ही जिले की जनता ने कभी हल्ला गुल्ला न किया हो मगर ट्रेन बंद करने वालों को आईना अवश्य दिखाया है। ट्रेन बंद करने वाले दल कांग्रेस को जनता ने पूरी तरह से नकार दिया है। इसका प्रमाण ट्रेन बंदी के बाद कभी भी स्थानीय (पहले के अकबरपुर और वर्तमान में अम्बेडकरनगर लोकसभा) संसदीय सीट पर कांग्रेस का चुनाव न जीत पाना है। आजादी के बाद से ही सत्ता के शिखर पर रहने वाली अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 1984 के बाद से कभी भी जिले में खाता नहीं खुला है। जिले की जनता ने भले ही कभी टांडा यात्री ट्रेन को बंद करने का गंभीर होकर मुद्दा ना बनाया हो लेकिन यात्री ट्रेन बंद करने वाली कांग्रेस का फिर से प्रतिनिधि नहीं चुना है। 1984 में अंतिम बार उसके सांसद रामप्यारे सुमन चुने गए थे।...
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10 फरवरी 1993 को जब अकबरपुर टांडा पैसेंजर ट्रेन का परिचालन बंद किया गया था तब केंद्र में कांग्रेस की पीवी नरसिम्हा राव की अगुवाई वाली सरकार थी। तब से आज तक पूर्व के अकबरपुर सुरक्षित और वर्तमान के अम्बेडकरनगर संसदीय सीट पर कांग्रेस का प्रतिनिधि नहीं चुना गया है। ट्रेन को पीवी नरसिम्हा राव की सरकार ने बंद की थी। इस लोकसभा सीट पर चुनाव की शुरुआत वर्ष 1952 में हुई थी। तब के अकबरपुर सुरक्षित सीट पर हुए पहले चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर पन्नालाल चुनाव जीते थे। कांग्रेस के ही टिकट पर पन्नालाल 1957 और 1962 में भी सांसद चुन लिए गए। कांग्रेस पार्टी को 1967 व 1971 में भी इस सीट पर कांग्रेस के ही रामजी राम ने जीत दर्ज की थी। 1977 के चुनाव में कांग्रेस विरोधी लहर में जनता पार्टी के टिकट पर मंगलदेव विशारद सांसद चुने गए थे। 1980 में हुए चुनाव में कांग्रेस को हरा कर जनता पार्टी सेकुलर के टिकट पर रामअवध सांसद चुने गए थे। दो चुनाव बाद वर्ष 1984 में कांग्रेस को फिर कामयाबी मिली और रामपियारे सुमन सांसद चुने गए थे। इसके बाद फिर कांग्रेस को कामयाबी नहीं मिली। दिग्गज भी कांग्रेस को नहीं दिला सके जीत : ट्रेन जब 1993 में बन्द हुई तो केंद्र में पीवी नरसिम्हा राव की अगुवाई वाली कांग्रेस की सरकार थी और स्थानीय सांसद राम अवध थे। ट्रेन बन्द करने से जिले के लोग इतना नाराज हुए कि 1975 में लगे आपातकाल के बाद 1977 के कांग्रेस विरोधी लहर में मिले मतों के आंकड़े को भी अब तक कांग्रेस नहीं छू सकी। अकबरपुर टांडा यात्री ट्रेन को बंद करने वाली कांग्रेस ने फिर से संसदीय सीट पर भरसक कब्जे का प्रयास किया, मगर जनता ने नकार दिया। इसके लिए कांग्रेस पार्टी ने हर तरह के दांव आजमाए, लेकिन सफलता नहीं मिली। कांग्रेस की इस दुर्गति से उसके दिग्गज भी नहीं उबार सके। कांग्रेस ने कई दिग्गजों मसलन राज्यपाल रह चुके माताप्रसाद पर, प्रदेश अध्यक्ष रहे राजबहादुर पर, बहुचर्चित फूलनदेवी के पति उमेद निषाद तक को मैदान में उतार कर सीट पर फिर से कब्जे का प्रयास किया मगर जनता ने नकार दिया। कद्दावर नेताओं के बूते भी पार्टी यहां जीत दर्ज नहीं कर पाई। वर्ष 2009 में अकबरपुर सीट अम्बेडकरनगर में तब्दील हो गई। सुरक्षित की बजाए यह सीट सामान्य श्रेणी की कर दी गई। इस परिवर्तन का भी कोई लाभ कांग्रेस के लिए सामने नहीं आ सका। ऐसे में करीब चार दशक से पार्टी को सफलता का इंतजार बना हुआ है।अन्य दलों को भी जनता ने दिखाया आईना :ट्रेन बंद करने से नाराज जनता ने फिर से कांग्रेस के प्रतिनिधि को जहां लोकसभा में नहीं भेजा वहीं अन्य दलों को भी आईना दिखाने का काम किया है। अपवाद स्वरूप जीत कर सीट छोड़ देने वाली बसपा मुखिया मायावती ही दोबारा चुनाव जीत सकी हैं। मायावती के अलावा किसी भी दल के प्रत्याशी को मतदाताओं ने दोबारा मौका नहीं दिया है। जनता ने जीत कर संसद में पहुंच कर बंद ट्रेन के बाबत चर्चा तक न करने और ट्रेन के फिर से फिर से परिचालन करने की मांग न करने के प्रतिकार में फिर से किसी को दोबारा अपना प्रतिनिधि नहीं चुना है।कहीं कांग्रेस की ही तरह भाजपा का न हो जाए हाल :अगर जल्द ही ट्रेन का संचालन शुरू नहीं हुआ तो जिले की खासकर टांडा की जनता भाजपा को भी कांग्रेस की तरह आईना दिखाने का काम करेगी। कांग्रेस की ही तरह भाजपा का भी सूपड़ा साफ कर देगी। कांग्रेस की ही तरह भाजपा भी संसद में फिर से पहुंचने के लिए तरस जाएगी।
Oct 21 2020 (08:01) माननीयों की उपेक्षा बना यात्री ट्रेन की बंदी कारण (m.livehindustan.com)
Commentary/Human Interest
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News Entry# 422153  Blog Entry# 4753818   
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Oct 25 2020 (06:45)
Station Tag: Surapur/SU added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Oct 21 2020 (08:01)
Station Tag: Tanda/TD added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Oct 21 2020 (08:01)
Station Tag: Akbarpur Junction/ABP added by Anupam Enosh Sarkar/401739
Stations:  Akbarpur Junction/ABP   Surapur/SU   Tanda/TD  
अम्बेडकरनगर। 27 साल पहले जिस यात्री ट्रेन को बंद कर दिया गया था उसके लिए रेलवे को जिम्मेदार माना जा रहा है। हालांकि वास्तविक सच इसके इतर है। सच यह है कि अगर माननीयों ने इच्छाशक्ति दिखाई होती और आवाज बुलंद किया होता तो अकबरपुर-टांडा यात्री ट्रेन बंद नहीं हुई होती। जन प्रतिनिधियों की उपेक्षा और उदासीनता के ही चलते रेलवे यात्री ट्रेन का संचालन बंद कर सका था और इसी के चलते रेलवे फिर से यात्री ट्रेन का फिर से परिचालन नहीं कर रहा है।कड़वा सच यही है कि आजाद देश भारत में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार और उसके जनप्रतिनिधियों ने उस टांडा की उपेक्षा की जिसे ब्रिटिश सरकार ने भरपूर सम्मान दिया था। विकास के लिए अकबरपुर से टांडा तक रेल लाइन बिछवाई थी। टांडा के कपड़ों को देश के कोने कोने तक पहुंचाने की व्यवस्था दी थी। देश के किसी भी कोने से टांडा तक रेल...
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मार्ग से पहुंचने की सुविधा प्रदान की थी। यह विडम्बना ही है कि देश को गुलाम बनाने वालों ने टांडा को विकास के शिखर पर ले जाने के लिए रेल लाइन, रेलवे स्टेशन और रेल सुविधा दी थी और आजाद देश की सरकार और उसके नुमाइंदों ने सुविधा और व्यवस्था सब कुछ खत्म कर दिया। जनता का वोट लेकर संसद में पहुंचने वाले दिवंगत राम अवध, राम पियारे सुमन से लेकर धनश्याम चन्द्र खरवार, त्रिभुवन दत्त, राकेश पांडेय, हरिओम पांडेय में से किसी ने भी बंद ट्रेन के फिर से परिचालन के बाबत संसद में आवाज नहीं उठाई। वर्तमान संसद रितेश पांडेय ने संवाद में तो बंद ट्रेन का मुद्दा रेल भवन, रेल मंत्री और संसद तक ले जाने का दम तो भरा मगर चन्द रोज पहले रेल भवन में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से मिलने के बाद भी बंद ट्रेन का मुद्दा नहीं उठाया। अन्य कई मामलों से सम्बंधित मांग पत्र तो दिया मगर पूर्व सांसदों की ही तरह टांडा की उपेक्षा करते हुए बंद ट्रेन के फिर से परिचालन के बाबत मांग पत्र में उल्लेख तक नहीं किया।न जनता ने किया सवाल, न उठा मुद्दा :यह भी बहुत अहम है कि टांडा की जनता भी समय के साथ चलने को कभी तत्पर नहीं हुई। इसी कारण न माननीयों ने तवज्जों दिया और न बंद रेलवे क्रॉसिंग को खोलने के लिए महीनों आंदोलन चलाने वाले एवं रेलवे के खिलाफ संघर्ष समिति बना कर मोर्चा खोलने वाले ने ही बंद ट्रेन को मुद्दे पर कभी आंदोलन ही किया।
Oct 19 2020 (06:47) रेल लाइन का विस्तार बन गया रेलखंड का अभिशाप (m.livehindustan.com)
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News Entry# 421889  Blog Entry# 4751675   
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Oct 25 2020 (06:45)
Station Tag: Surapur/SU added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Oct 19 2020 (06:47)
Station Tag: Tanda/TD added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Oct 19 2020 (06:47)
Station Tag: Akbarpur Junction/ABP added by Anupam Enosh Sarkar/401739
Stations:  Akbarpur Junction/ABP   Surapur/SU   Tanda/TD  
अम्बेडकरनगर। ब्रिटिश सरकार ने अकबरपुर टांडा रेलखंड रेल लाइन बिछवाई थी। अकबरपुर और टांडा के बीच सवारी गाड़ी का परिचालन कराया था। मंशा टांडा में बने कपड़ों को पूरे देश तक पहुंचाने की थी। 70 के दशक में टांडा में एनटीपीसी की स्थापना हुआ था। देश की लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार ने एनटीपीसी तक रेल लाइन का विस्तार किया था। रेल लाइन के विस्तार के साथ ही अंग्रेजों के शासन काल से रेल पटरी पर दौड़ने वाली यात्री ट्रेन के बंद होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई थी। परिणाम यह है कि 27 साल से यात्री ट्रेन का संचालन नहीं हो रहा है।दो बोगियों की तीन फेरा लगाने वाली अकबरपुर टांडा (एटी) पैसेंजर ट्रेन का पहले एक फेरा और फिर दो फेरा बंद किया गया था। अंत में 10 फरवरी 1993 को यात्री ट्रेन का परिचालन पूरी तरह से ही बंद कर दिया गया। अंग्रेजों ने जिस...
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मंशा से रेल लाइन बिछवाई थी और ट्रेनों का संचालन किया था उस मंशा पर देश की चुनी सरकारों ने कुठाराघात कर दिया। इससे टांडा के बुनकर उद्योग की कमर ही टूट गई। बीते 27 सालों से बंद यात्री ट्रेन को चलाने के बाबत निरन्तर मांग तो होती रही, मगर कभी भी कोई भी आंदोलन नहीं हुआ। टांडा के बुनकरों के साथ पूरे जिले के लोगों की यात्री ट्रेन चलाने की मांग नक्कारखाने में तूती बनकर रह गई है। पूर्ववर्ती सरकारों के कई फैसले बदलने वाली वर्तमान भाजपा की सरकार ने भी अकबरपुर टांडा रेल लाइन पर यात्री ट्रेन का फिर से परिचालन करने के बाबत कोई निर्णय नहीं किया है। नहीं उठाई वस्त्र उद्योग के उत्थान की आवाज :यह भी विडम्बना है कि केंद्र सरकार ने जहां यात्री ट्रेन का संचालन बंद करके टांडा के उत्पाद के आयात-निर्यात को प्रभावी कर दिया है वहीं प्रदेश सरकार ने बुनकर उद्योग के उत्थान के बाबत कोई पहल नहीं की है। और तो टांडा के किसी भी प्रतिनिधि ने भी कभी भी कोई पहल नहीं की है। पहली बार मौके पर केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है और टांडा की विधायक भी भाजपा की संजू देवी है। बावजूद इसके यात्री ट्रेन का संचालन करने और टांडा के जिले के शान कपड़ा उद्योग के उत्थान के बाबत कोई पहल नहीं हुई है।
Oct 13 2020 (06:41) सुविधाओं में इजाफे के साथ ही बढ़ती गईं दुश्वारियां (m.livehindustan.com)
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News Entry# 421208  Blog Entry# 4744042   
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Oct 25 2020 (06:46)
Station Tag: Surapur/SU added by Anupam Enosh Sarkar/401739
Stations:  Akbarpur Junction/ABP   Surapur/SU   Tanda/TD  
अम्बेडकरनगर। ब्रिटिश शासन ने रेलवे लाइन बिछाई थी। 17 किमी लम्बा अकबरपुर-टांडा रेल खंड तैयार करवाया था। रेलवे स्टेशन बनाया था। यात्री ट्रेन का संचालन शुरू किया था। टांडा में तैयार कपड़ों को पूरे देश में पहुंचाने की व्यवस्था की थी। देश आजाद हुआ और फिर लोकतांत्रिक तरीकों से चुनी सरकारों का दौर आया था। 70 के दशक में थर्मल पावर प्रोजेक्ट की स्थापना हुई थी। एनटीपीसी की स्थापना के साथ ही अकबरपुर-टांडा रेल खंड पर चल रही यात्री ट्रेन के बंद होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई थी। परिणीति अब अकबरपुर-टांडा रेल खंड देश का ऐसा पहला रेल खंड हो गया है जिस पर यात्री ट्रेन नहीं चलती है।अकबरपुर टांडा रेल खंड का सच यही है। इस रेल खंड की यात्री ट्रेन का अस्तित्व खत्म होने की हकीकत यही है कि एनटीपीसी के अस्तित्व में आने के साथ ही अकबरपुर टांडा पैसेंजर (एटी सवारी गाड़ी) का अस्तित्व खत्म होने...
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लगा था। एनटीपीसी स्थापित हुआ तो टांडा से एनटीपीसी तक रेल लाइन का विस्तार हुआ। विस्तार हुआ तो यात्री ट्रेन का एक फेरा बन्द हुआ। एनटीपीसी में विद्युत उत्पादन करने वाली इकाई बढ़ी तो कोयले की खपत बढ़ी। इस रेल खंड पर मालगाड़ियों का दबाव बढ़ा तो यात्री ट्रेन का दूसरा फेरा बन्द कर दिया गया। फिर जब एनटीपीसी का विस्तारीकरण शुरू हुआ तो 10 फरवरी 1993 को अकबरपुर-टांडा रेल खंड पर यात्री ट्रेन का संचालन पूरी तरह से ही बंद कर दिया गया। फिर जब विस्तार हुआ तो साइडिंग और पार्सल बंद हुआ और जब हाल के वर्षों में रेल खंड का विधुतीकरण हुआ तो अकबरपुर के अंग्रेजों के शासनकाल में बने मालगोदाम के अस्तित्व को ही खत्म कर दिया गया। अब स्थिति यह है कि ब्रिटिश हुकूमत की न तो यात्री ट्रेन का और न पार्सल सेवा का ही अस्तित्व रह गया है। रह गया है तो यात्रियों का मुंह चिढ़ाती रेल लाइन ही रह गई है। यात्री ट्रेन संचालन शुरू कराने को सांसद ने की पहल: अकबरपुर टांडा रेल खंड पर फिर से यात्री ट्रेन चलाने की मांग तेज होने के साथ ही सांसद रितेश पांडेय ने प्रबल इच्छाशक्ति दिखाई है। सांसद ने कहा कि बुनकरों और बुनकर नगरी के साथ बुनकर उद्योग के उत्थान के लिए टांडा से यात्री ट्रेन का संचालन होना अति आवश्यक है। इसके लिए वे सब कुछ करने को तत्पर हैं। सांसद रितेश पांडेय ने हिन्दुस्तान से बताया कि जल्द ही दिल्ली में रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर इस मुद्दे पर वार्ता करेंगे।
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