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PRGR/Pinargaria (2 PFs)
পিনরগড়িয়া     पिनरगड़िया

Track: Single Electric-Line

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Pinargaria, Dist - Birbhum
State: West Bengal


Zone: ER/Eastern   Division: Howrah

No Recent News for PRGR/Pinargaria
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: 2
Number of Halting Trains: 6
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Rating: 2.5/5 (8 votes)
cleanliness - average (1)
porters/escalators - average (1)
food - poor (1)
transportation - average (1)
lodging - average (1)
railfanning - average (1)
sightseeing - good (1)
safety - average (1)
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Station News

Page#    Showing 1 to 8 of 8 News Items  
Feb 18 (06:48) दुमका में बिना सीटीओ के हो रही पत्थरों की रैक लोडिंग (www.livehindustan.com)
Commentary/Human Interest
ER/Eastern
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News Entry# 439713  Blog Entry# 4880874   
  Past Edits
Feb 18 2021 (06:48)
Station Tag: Pinargaria/PRGR added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Feb 18 2021 (06:48)
Station Tag: Harinsing/HRNS added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Feb 18 2021 (06:48)
Station Tag: Dumka/DUMK added by Anupam Enosh Sarkar/401739
Stations:  Dumka/DUMK   Pinargaria/PRGR   Harinsing/HRNS  
दुमका में बिना सीटीओ के हो रहा पत्थरों का रैक लोडिंगदुमका। वरीय संवाददातादुमका जिला के किसी भी रेलवे साइडिंग से पत्थरों के रैक लोडिंग के लिए रेलवे को झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से कंसेंट टू ऑपरेट(संचालन सहमति) नहीं मिला है। दुमका रेलवे स्टेशन के अलावा दुमका-रामपुरहाट रेलखंड पर हरिणसिंगा और पिनरगड़िया में रेलवे साइडिंग है जहां से नियमित रुप से मालगाड़ी रैक से पत्थर लोड कर दूसरे राज्यों में भेजा जाता है। रैक लोडिंग के लिए रेलवे को झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से सीटीओ(कंसेंट टू ऑपरेट) लेना पड़ता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। पता चला है कि कि दुमका सहित जिले की सभी तीन रेलवे साइडिंग पर पत्थरों की रैक लोडिंग के लिए रेलवे ने झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद में आवेदन किया है। पर अभी सीटीओ नहीं मिला है। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के क्षेत्रीय कार्यालय दुमका में क्षेत्रीय पदाधिकारी ई.कमलाकांत पाठक ने इसकी...
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पुष्टि करते हुए बताया कि यह मामला अभी प्रक्रियाधीन है। सीटीओ निर्गत करने से पहले झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद रेलवे साइडिंग की जांच कर यह देखती है कि पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए रेलवे साइडिंग पर क्या व्यवस्था है। इसके लिए निर्धारित मापदंडों का पालन हो रहा है कि नहीं।प्रदूषण रोकने के लिए सुरक्षा मापदंडों का नहीं हो रहा पालनदुमका जिला के किसी रेलवे साइडिंग के रैक प्वाइंट पर प्रदूषण रोकने के लिए सुरक्षा मापदंडों का पालन नहीं हो रहा है। रेलवे साइडिंग पर चहारदिवारी नहीं है। डस्ट से बचाव के लिए दुमका रेलवे साइडिंग पर पहले वाटर स्प्रींकलर लगाया गया था पर वह भी इन दिनों कतिपय कारणों से काम नहीं कर कर रहा है। रैक लोडिंग के दौरान उड़ते धूलकणों से वायु प्रदूषण हो रहा है। रेलवे स्टेशन पर ही रैक प्वाइंट भी है। यहां आसपास मुहल्ला है जहां के लोग रेलवे साइडिंग पर पत्थर लोडिंग के दौरान होने वाले प्रदूषण से लोग परेशान हैं। रेलवे साइडिंग को घनी आबादी से दूर ले जाने की मांग भी हो रही है।हर माह रेलवे को हो रही औसत 2 करोड़ की आमदनीदुमका रेलवे स्टेशन के रेलवे साइडिंग से प्रति माह करीब 15 से 17 रैक पत्थर लोड कर बिहार और दूसरे राज्यों में भेजा जाता है। यहां से बंगालादेश तक रैक भेजा जा चुका है। केवल दुमका रेलवे साइडिंग से पत्थरों का दूसरे राज्यों में ढुलाई से रेलवे को औसत करीब 2 करोड़ रुपए की आय होती है। आने वाले दिनों में रैक से पत्थर के साथ ही कोयला भी भेजा जाना है। इसके लिए अलग कोल रैक प्वाइंट बनाया जा रहा है। कोल रैक प्वाइंट चालू हो जाने के बाद दुमका में रेलवे की आमदनी और बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।
Jul 13 2019 (23:00) ईंजन हुआ फेल तो चोरों ने किया खेल, मालगाड़ी से उड़ाये सैंकड़ों क्विंटल चावल (hindi.news18.com)
Other News
ER/Eastern
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News Entry# 386683  Blog Entry# 4377340   
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Jul 13 2019 (23:10)
Station Tag: Pinargaria/PRGR removed by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jul 13 2019 (23:02)
Station Tag: Pinargaria/PRGR added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Jul 13 2019 (23:01)
Station Tag: Ambajora Shikaripara/SKIP added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948
Stations:  Ambajora Shikaripara/SKIP  
दुमका के शिकारीपाड़ा थानाक्षेत्र के चायपानी गांव के पास मालगाड़ी की तीन बोगियों से सैंकड़ों बोरी चावल की चोरी कर ली गई. चोरी को गेट का लॉक तोड़कर अंजाम दिया गया. घटना गुरुवार रात की है. पुलिस ने सर्च अभियान चलाकर 125 बोरी चावल बरामद किया.तीन बोगियों से चावल की चोरीपश्चिम बंगाल के रामपुर हाट स्टेशन से मालगाड़ी चावल लेकर दुमका के लिए रवाना हुई. लेकिन चायपानी जंगल के समीप ट्रेन का ईंजन फेल हो गया. इस कारण ट्रेन को रात भर वहीं खड़ा रहना पड़ा. असामाजिक तत्वों को इस बात की भनक लग गई. उन्होंने तीन बोगियों के गेट का लॉक तोड़कर सैंकड़ों बोरी चावल उठा लिये. चोरी की जांच करती पुलिसचोरी गई 125 बोरी चावल बरामदशुक्रवार सुबह रेलवे ने इसकी सूचना शिकारीपाड़ा थाने को दी. सूचना मिलते ही पुलिस दल- बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची. और आस- पास के जंगल व चायपानी गांव में सर्च अभियान चलाया. इस...
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दौरान पुलिस ने 125 बोरी चावल बरामद किये. उधर, दूसरा ईंजन मंगवाकर ट्रेन को दुमका के लिए रवाना किया गया.एफसीआई का था चावलLoading... चावल एफसीआई का था. आरपीएफ तथा एफसीआई के अधिकारी चोरी गयी बोरियों की जानकारी जुटाने में जुटे हैं. गिनती के बाद पता चलेगा कि कितनी बोरियों गायब हुईं. कोई अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुए.
भागलपुर के साथ साथ सम्पूर्ण अंग क्षेत्र के लोगों केलिए खुशखबरी है।
नवनिर्मित भागलपुर-मंदारहिल-रामपुरहाट रेल लाइन होकर भागलपुर से हावड़ा के लिए दो ट्रेनें मिल सकती हैं।
जोनल मुख्यालय ने बाकायदा इसके लिए रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भी दे दिया है, जिसकी स्वीकृति मिल गई है। सोमवार को भागलपुर दौरे पर आ रहे पूर्व रेलवे के जीएम घनश्याम सिंह इसकी फिजिबिलिटी का जायजा भी लेंगे।
जो
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दो ट्रेनें भागलपुर से हावड़ा के लिए प्रस्तावित हैं, वह भाया हसडीहा, दुमका और रामपुरहाट होकर हावड़ा तक जाएगी।
दोनों एक्सप्रेस ट्रेनें होंगी।
इनमें से एक ट्रेन नई होगी जबकि एक ट्रेन हावड़ा-सुरी एक्सप्रेस (13053-13054) है जिसे भागलपुर तक विस्तारित करने का प्रस्ताव है।
जोनल मुख्यालय से इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद मालदा रेल मंडल ने बाकायदा भागलपुर के रेल अधिकारियों को अधिकारिक रूप से इसकी सूचना भी दी है।
पढ़े : जरूर पढ़ें
बताया जा रहा है कि सोमवार को जीएम भागलपुर यार्ड में जोनल और डिविजनल अधिकारियों के साथ ट्रेन मेंटेनेंस के संसाधनों का जायजा लेकर तमाम विंदुओं पर विचार करेंगे। मसलन ट्रेन चलने पर प्राइमरी और सेकेंड्री मेंटेनेंस कहां कराया जा सकता है। कितने यात्री लाभान्वित होंगे और कितनी बोगियों की ट्रेन चलाई जा सकती है। तमाम विंदुओं पर चर्चा होने के बाद ट्रेन चलाने की तिथि निर्धारित की जाएगी।
ये क्षेत्र होंगे लाभान्वित
भागलपुर,
मंदारहिल/बांका,
हसडीहा,
दुमका,
रामपुरहाट
इलाके के लोग
ये होंगे प्रमुख फायदे
नए रेलखंड से चलने वाली नई ट्रेन कम समय में पहुंचेगी भागलपुर से हावड़ा
भागलपुर से हावड़ा की दूरी 470 किमी की जगह 440 किमी हो जाएगी
भागलपुर से रामपुरहाट की दूरी 207 की जगह 175 किमी रह जाएगी
स्टॉपेज कम होने के कारण कम समय में तय होगी दूरी
दुमका-हसडीहा-मंदारहिल रेलखंड के यात्रियों को एक्सप्रेस ट्रेन की सुविधा मिलेगी
दुमका, रामपुरहाट, हसडीहा, मंदारहिल आदि जगह के व्यवसायी दो बड़े बाजार से जुड़ जाएंगे
दूरी कम होने के कारण किराया भी काम होगा
तीन तीर्थस्थलों की राह होगी आसान
इस नए रेलखंड चलने वाली इन एक्सप्रेस ट्रेनों से चार महत्वपूर्ण तीर्थस्थल पर जाने वाले लोग भी लाभान्वित होंगे। भागलपुर-रामपुरहाट रेलखंड से जुड़े तीन प्रमुख तीर्थस्थल हैं।
तारपीठ,
बौंसी में मंदार तीर्थ /जैन मंदिर
और
दुमका के पास बासुकीनाथ
जैसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थल हैं।
Dec 01 2015 (00:09) Half- a- Tughlaq station - Railways caught between rocky place and no- name site (epaper.telegraphindia.com)
Commentary/Human Interest
ER/Eastern
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34237 views

News Entry# 249487  Blog Entry# 1666852   
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Dec 01 2015 (12:20AM)
Station Tag: Harinsing/HRNS added by Vaibhav Agarwal*^/432532

Dec 01 2015 (12:09AM)
Station Tag: Dumka/DUMK added by Vaibhav Agarwal*^/432532

Dec 01 2015 (12:09AM)
Station Tag: Rampurhat/RPH added by Vaibhav Agarwal*^/432532

Dec 01 2015 (12:09AM)
Station Tag: Sikaripara/SKIP added by Vaibhav Agarwal*^/432532

Dec 01 2015 (12:09AM)
Station Tag: Pinargaria/PRGR added by Vaibhav Agarwal*^/432532
SNEHAMOYCHAKRABORTY Pakdaha ( Jharkhand), Nov. 29: Mohammad bin Tughlaq sought to shift Delhi — lock, stock and barrel — to Devagiri.
The Indian Railways took a short cut: it decided to simply transplant a place- name, Harinsinha, to a station 6km from the real Harinsinha.
If the 14th- century sultan was forever labelled ( unfairly, some would say) " Pagla Tughlaq", the titan of the tracks is now grappling with a phenomenon called " Pakdaha pride". Both Harinsinha and Pakdaha are villages in Jharkhand, separated by around 6km.
The
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distance has become somewhat unbridgeable ever since the utility discovered that the terrain in Harinsinha is too rocky to build platforms for a railway station.
The railways then borrowed half a leaf from the book of Tughlaq. It decided to build the station 6km away and call it " Harinsinha". Evidently, the railways did not factor in a little detail called the pride of Pakdaha, whose villagers have politely but firmly told officials that they cannot just rewrite geography with the stroke of a brush.
The upshot: a few kilometres from Birbhum near the Bengal- Jharkhand border lies a Voldemort- like railway station: that which has not been named.
At the no- name station that falls on a 65km route between Dumka in Jharkhand and Rampurhat in Bengal, the yellow signboard — a familiar sight that binds the country from tip to toe — is still to be filled with letters in black.
From the window of a speeding train, a traveller may not be able to tell the difference between Harinsinha and Pakdaha, perhaps the reason the railways did not think too much while deciding to name the station.
An Eastern Railway official said that in the original route map, the station was to have been located in Harinsinha.
" But Harinsinha is rocky and there were problems in making the platforms. So, we chose a place near Pakdaha later." However, the official added: " When we went to paint the name of the station as Harinsinha in April, people in Pakdaha stopped us and our men returned." A local train had started running in April.
" We resisted when the railway people came in April to write the name of the station on the board. We said the station would have to be named Pakdaha. We have also written to the railway department with signatures of villagers, telling the authorities that the station must be named Pakdaha," said Dilip Das, a villager.
.
Sukhi Besra, a village chief under the Sarasdangal gram panchayat in which Pakdaha falls, said: " We need the station to be named after our village.
Otherwise, we will not allow anyone to name the station." The demand of the villagers has been forwarded to the district collector of Dumka in Jharkhand, according to J. M. Lakra, the assistant engineer of Eastern Railways' construction department in the Howrah division.
" We don't have any problem with the station being named Pakdaha. We have forwarded the petition to the collector.
We have not received any feedback yet." Dumka collector Rahul Kumar Sinha said that in such situations, " we keep both the names. In this particular case, we will follow the same pattern.
We will get in touch with the railways soon." For such cases, Bolpur- Santiniketan could be Exhibit No. 1.
Railway officials said several stations bore two names bonded together with a hyphen, such as Bolpur- Santiniketan and Ambajora- Shikaripara, which is close to Harinsinha.
" The earlier name of Bolpur- Santiniketan was Bolpur. The name Santiniketan was added as a tribute to Rabindranath Tagore. In the case of Ambajora- Shikaripara, these are two adjoining villages and the name of the station was finalised before the route map was prepared," a railway official said.
Not so fast, Sir.
Hear out Tarachand Bhandari, a barber in Pakdaha: " If everyone agrees, there will be no problem. However, I feel that if it is a double name, Pakdaha should come first and then Harinsinha." While the name game is being played out, spare a thought for Harinsinha- bound passengers. How do you buy a ticket for a station with no name? No ticket has been printed for the station. So, those travelling to Harinsinha or Pakdaha have to get tickets to either Ambajora- Shikaripara ( travelling from the Dumka side) or Pinargaria ( from the Rampurhat side).
As there is no booking counter at the unnamed station, ticketless travel is the sole option if you board a train from Pakdaha.
" We are being forced to travel without tickets.
But we are excused by ticket examiners between Rampurhat and Dumka when we say we are from Pakdaha," said Benoy Kumar Das, a farmer.
What's in a name? the Bard asked. A free ride, Pakdaha would answer.
The empty signboard at the station in Pakdaha.

28850 views
Dec 01 2015 (00:10)
Vaibhav Agarwal   6715 blog posts
Re# 1666852-1            Tags   Past Edits
The Route Map

29337 views
Dec 01 2015 (00:17)
Vaibhav Agarwal   6715 blog posts
Re# 1666852-2            Tags   Past Edits
Station Pic - This station in IR which has no name.
.
Ticketless travel is the sole option if you board a train from here. People are excused by ticket examiners

28551 views
Dec 01 2015 (09:19)
बिहार संपर्क क्रांति 💙 As Beautiful As Dangerous
Don2565~   2480 blog posts
Re# 1666852-3            Tags   Past Edits
Yes.... N railways don't know kab ye problem solve hogi
Main kabhi SKIP se aage Gaya nhi

31870 views
Dec 05 2015 (11:37)
Rain rain go away
Ben_Kenobi~   4220 blog posts
Re# 1666852-4            Tags   Past Edits
excellent article from writing point of view _/\_
most reporters simply don't spare much time or research into writing rail based article. this one is unlike them, very balanced and elegantly written.
May 23 2015 (23:24) दुमका-रामपुरहाट के बीच ट्रेनों का परिचालन शीघ्र (m.prabhatkhabar.com)
New/Special Trains
ER/Eastern

News Entry# 225727   
  Past Edits
May 23 2015 (11:24PM)
Station Tag: Pinargaria/PRGR added by Vaibhav Agarwal*^/432532

May 23 2015 (11:24PM)
Station Tag: Rampurhat/RPH added by Vaibhav Agarwal*^/432532

May 23 2015 (11:24PM)
Station Tag: Sikaripara/SKIP added by Vaibhav Agarwal*^/432532

May 23 2015 (11:24PM)
Station Tag: Dumka/DUMK added by Vaibhav Agarwal*^/432532
जसीडीह : पिनरगड़िया से शिकारीपाड़ा (दुमका) के बीच ट्रेन परिचालन जल्दी शुरू हो जाएगा. दोनों स्टेशनों के बीच करीब 22 किलोमीटर रेललाइन बिछाने का कार्य पूरा कर लिया गया है. इसकी सूचना विभाग के माध्यम से वरीय पदाधिकारी को भी दे दी गयी है.

रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के सहयोग से दुमका से रामपुरहाट तक रेल लाइन बिछाने का कार्य वर्षो पूर्व आरंभ किया गया था. बाद में दुमका और शिकारीपाड़ा तक लाइन बिछा कर व सीआरएस करा कर ट्रेनों का परिचालन भी शुरू
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कर दिया गया, परंतु पिनरगड़िया और शिकारीपाड़ा तक रेलवे लाइन बिछाने का कार्य अधूरा रह गया था. उधर, आसनसोल डिवीजन के पीआरओ बी मुर्मू ने बताया कि अप्रैल-15 में शिकारीपाड़ा से पिनरगड़िया स्टेशन तक सीआरएस होगा. रेल प्रशासन तैयारी में जुटा है.


उन्होंने बताया कि सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) द्वारा सीआरएस होने एवं उनकी रिपोर्ट पर रेलवे बोर्ड से ओके सिगनल मिलते ही शिकारीपाड़ा से पिनरगड़िया स्टेशन तक ट्रेन चलने लगेगी. रेलवे सूत्रों ने बताया कि रामपुरहाट से पिनरगड़िया के बीच ट्रेन चल रही है और शिकारीपाड़ा तक ओके हो जाने के बाद दुमका स्टेशन से रामपुरहाट ट्रेन मार्ग जुड़ जायेगा.
Page#    Showing 1 to 8 of 8 News Items  

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