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Godan Express: गोदान एक्सप्रेस - प्रेमचन्द की लेखनी ने रची यह अनुपम कृति, ये जोड़े मुंबई से पूंर्वांचली संस्कृति ।। - Saurabh

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Large Station Board;
Entry# 4612665-0
Large Station Board;
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TGQ/Tenganmada (2 PFs)
     टेंगनमाड़ा

Track: Double Electric-Line

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Station Rd, Belgahna, Tenganmuda, 495116
State: Chhattisgarh

Elevation: 367 m above sea level
Zone: SECR/South East Central   Division: Bilaspur

No Recent News for TGQ/Tenganmada
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: 2
Number of Halting Trains: 12
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Rating: NaN/5 (0 votes)
cleanliness - n/a (0)
porters/escalators - n/a (0)
food - n/a (0)
transportation - n/a (0)
lodging - n/a (0)
railfanning - n/a (0)
sightseeing - n/a (0)
safety - n/a (0)
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Station News

Page#    Showing 1 to 14 of 14 News Items  
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरुवार को निर्माणाधीन अंडर ब्रिज में मिट्‌टी धंसने से एक मजदूर की मौत हो गई। हादसे के दौरान मजदूर ब्रिज के नीचे ही साथी मजदूरों के साथ काम कर रहा था। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ब्रिज का निर्माण रेलवे की ओर से कराया जा रहा है। हादसा बेलगहना चौकी क्षेत्र में हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, टेंगनमाड़ा रेलवे स्टेशन के पास अंडर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। गुरुवार करीब 1 बजे अंडर ब्रिज के बेस की ढलाई की जा रही थी। इस दौरान मजदूर तुलुप निवासी रामेश्वर गोंड़ (28) अपने साथियों के साथ ब्रिज के नीचे ही काम कर रहा था। तभी मिट्‌टी धंसने से रामेश्वर
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उसी के नीचे दब गया। साथी मजदूरों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक मौत हो चुकी थी।
परिजनों के आने के बाद शव का कराया जाएगा पोस्टमार्टमसूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। वहीं परिजनों को भी हादसे की सूचना दे दी गई है। उनके आने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि सिर पर चोट लगने से रामेश्वर की मौत हुई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि रेलवे की ओर से अभी इस संबंध में कोई बयान नहीं आया है।
Dec 07 2019 (08:44) मालगाड़ी में पथराव,असिस्टेंट लोको पायलट घायल (naidunia.jagran.com)
Major Accidents/Disruptions
SECR/South East Central
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News Entry# 396264  Blog Entry# 4507339   
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Dec 07 2019 (08:45)
Station Tag: Tenganmada/TGQ added by Adittyaa Sharma^~/1421836

Dec 07 2019 (08:45)
Station Tag: Khongsara/KGS added by Adittyaa Sharma^~/1421836

Dec 07 2019 (08:45)
Station Tag: Bilaspur Junction/BSP added by Adittyaa Sharma^~/1421836
बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधिट्रेनों में पथराव, चोरी और लाश मिलने की घटना थम नहीं रही है। ताजा मामला खोंगसरा व टेंगनमाडा के बीच मालगाड़ी में पथराव का है। अज्ञात तत्वों के पत्थरबाजी में असिस्टेंट लोको पायलट उमाशंकर प्रजापति घायल हो गए हैं। जिसका इलाज केंद्रीय चिकित्सालय में चल रहा है। कटनी और रायगढ़ रुट में पत्थरबाजी आम बात हो गई है। रेलवे के जागरूकता अभियान और आरपीएफ के सघन जांच पड़ताल का भी कोई असर नहीं दिख रहा है। शहडोल से बिलासपुर आ रही मालगाड़ी भिलाई-यूआइई जिसका लोको नंबर 28500 है। मुगलसराह का इंजन लगा हुआ था। ट्रेन में चाल में आगे बढ़ रही थी। खोंगसरा व टेंगनमाडा के बीच कल अचानक किसी अज्ञात तत्वों ने पत्थर मारना शुरू कर दिया। जिससे इंजन का कांच टूट गया। मास्टर ने जैसे तैसे अपने आप को बचाया। असिस्टेंट लोको पायलट उमाशंकर प्रजापति के बाएं आंख में एक पत्थर लगा। जिसके बाद खून बहने लगा।...
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मास्टर ने ट्रेन को वहीं आउटर में खड़ा किया। बिकानेर-पुरी एक्सप्रेस से घायल उमाशंकर को बिलासपुर लाया गया। तत्काल से रेलवे केंद्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के मुताबिक अभी उनका इलाज चल रहा है। दूसरी ओर रेलवे जांच टीम बिठा दिया है। आरपीएफ के ऋषि कुमार शुक्ला को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। रूट में हर माह पत्थरबाजीअक्टूबर में उत्कल एक्सप्रेस जब बिलासपुर की तरफ आ रही थी तो उसलापुर के पास स्थित घुटकू रेलवे स्टेशन के नजदीक कुछ आसामाजिक तत्वों ने ट्रेन पर पत्थर चलाना शुरु कर दिया। पत्थरबाजी में ट्रेन में बैठा सोमलाल घायल हो गया। पत्थर सीधे उसकी आंख में लगा और वह मौके पर ही लहूलुहान हो गया। एक नवंबर के हरिद्वार से पुरी जा रही उत्कल एक्सप्रेस अपने निर्धारित से समय से लगभग डेढ़ घंटे विलंब से चल रही थी। ट्रेन घुटकू रेलवे स्टेशन पार कर रही थी उसी समय ट्रेन पर कुछ युवकों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव में ट्रेन के सबसे सामने के कोच में दरवाजे पर खड़े शोभलाल की दाहिने आंख पर एक बड़ा पत्थर लगा। देखते ही देखते शोभलाल खून से लथपथ हो गया। उसके साथ उसका एक दोस्त भी था उसने किसी तरह से टीटीई तक सूचना भेजी। टीटीई ने व्यवस्था बनाया। खोंगसरा व टेंगनमाडा के बीच मालगाड़ी में पत्थरबाजी की घटना को लेकर मुझे कोई जानकारी नहीं है। पता करके आपको बताता हूं।पुलकित सिंघलसीनियर डीसीएम,बिलासपुरPosted By: Nai Dunia News Network #bilaspur news maalgadi
बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि
ट्रेनों में पथराव, चोरी और लाश मिलने की घटना थम नहीं रही है। ताजा मामला खोंगसरा व टेंगनमाडा के बीच मालगाड़ी में पथराव का है। अज्ञात तत्वों के पत्थरबाजी में असिस्टेंट लोको पायलट उमाशंकर प्रजापति घायल हो गए हैं। जिसका इलाज केंद्रीय चिकित्सालय में चल रहा है।
कटनी और रायगढ़ रुट में पत्थरबाजी आम बात हो गई है। रेलवे के जागरूकता अभियान और आरपीएफ के सघन जांच पड़ताल का भी कोई असर नहीं दिख रहा है। शहडोल से बिलासपुर आ रही मालगाड़ी भिलाई-यूआइई जिसका लोको नंबर 28500 है। मुगलसराह का इंजन लगा हुआ था। ट्रेन में चाल में आगे बढ़ रही थी। खोंगसरा व टेंगनमाडा के बीच कल अचानक किसी अज्ञात तत्वों ने पत्थर मारना शुरू कर दिया। जिससे इंजन का कांच टूट गया। मास्टर ने जैसे तैसे अपने आप को बचाया। असिस्टेंट लोको पायलट उमाशंकर प्रजापति के बाएं आंख में एक पत्थर लगा। जिसके बाद खून बहने लगा। मास्टर ने ट्रेन को वहीं आउटर में खड़ा किया। बिकानेर-पुरी एक्सप्रेस से घायल उमाशंकर को बिलासपुर लाया गया। तत्काल से रेलवे केंद्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के मुताबिक अभी उनका इलाज चल रहा है। दूसरी ओर रेलवे जांच टीम बिठा दिया है। आरपीएफ के ऋषि कुमार शुक्ला को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
रूट में हर माह पत्थरबाजी
अक्टूबर में उत्कल एक्सप्रेस जब बिलासपुर की तरफ आ रही थी तो उसलापुर के पास स्थित घुटकू रेलवे स्टेशन के नजदीक कुछ आसामाजिक तत्वों ने ट्रेन पर पत्थर चलाना शुरु कर दिया। पत्थरबाजी में ट्रेन में बैठा सोमलाल घायल हो गया। पत्थर सीधे उसकी आंख में लगा और वह मौके पर ही लहूलुहान हो गया। एक नवंबर के हरिद्वार से पुरी जा रही उत्कल एक्सप्रेस अपने निर्धारित से समय से लगभग डेढ़ घंटे विलंब से चल रही थी। ट्रेन घुटकू रेलवे स्टेशन पार कर रही थी उसी समय ट्रेन पर कुछ युवकों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव में ट्रेन के सबसे सामने के कोच में दरवाजे पर खड़े शोभलाल की दाहिने आंख पर एक बड़ा पत्थर लगा। देखते ही देखते शोभलाल खून से लथपथ हो गया। उसके साथ उसका एक दोस्त भी था उसने किसी तरह से टीटीई तक सूचना भेजी। टीटीई ने व्यवस्था बनाया।
खोंगसरा व टेंगनमाडा के बीच मालगाड़ी में पत्थरबाजी की घटना को लेकर मुझे कोई जानकारी नहीं है। पता करके आपको बताता हूं।
पुलकित सिंघल
सीनियर डीसीएम,बिलासपुर
May 15 2019 (07:16) करकेली में एफओबी गर्डर व टेंनमाड़ा में सबवे का निर्माण समय से पहले पूरा (mnaidunia.jagran.com)
IR Affairs
SECR/South East Central
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News Entry# 382151  Blog Entry# 4317466   
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May 15 2019 (07:16)
Station Tag: Bilaspur Junction/BSP added by Adittyaa Sharma^~/1421836

May 15 2019 (07:16)
Station Tag: Tenganmada/TGQ added by Adittyaa Sharma^~/1421836

May 15 2019 (07:16)
Station Tag: Karkeli/KKI added by Adittyaa Sharma^~/1421836
बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि
करकेली स्टेशन में फुटओवर ब्रिज में गर्डर लांचिंग और टेंगनमाड़ा-सलकारोड के मध्य सीमित ऊंचाई के सबवे का निर्माण तय समय से पहले ही पूरा कर लिया गया है।
बिलापसुर मंडल के करकेली स्टेशन में एफओबी ब्रिज गर्डर लांचिंग के लिए हेतु 14 मई को सुबह तीन बजे से 8.10 बजे तक 5.10 घंटे का ब्लॉक लिया गया था। मंडल के अधिकारियों के नेतृत्व में सुबह 3.30 बजे कार्य शुरू कर 5.10 घंटे के बजाय गर्डर लॉचिंग का कार्य 4.45 घंटे में पूरा कर लिया गया। इससे 25 मिनट की
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बचत हुई। इसी प्रकार टेंगनमाड़ा-सलकारोड के मध्य बन रहे सीमित ऊंचाई सबवे में पूर्व ढलित खंडों को लांचिंग के लिए सुबह 5.30 से 12.30 बजे तक सात घंटे का ब्लॉक लिया गया था। उक्त कार्य को 11ः25 बजे ही पूरा कर लिया गया। इससे 1.05 घंटे की बचत हुई।
Feb 01 2019 (10:41) टला हादसा / ट्रैक पर फ्रैक्चर दिखा तो लाल झंडी लेकर दौड़ा गैंगमैन, रुकवाई उत्कल एक्सप्रेस (www.bhaskar.com)
Crime/Accidents
SECR/South East Central
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News Entry# 375411  Blog Entry# 4214288   
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Feb 01 2019 (10:41)
Station Tag: Khongsara/KGS added by Saurabh®~/1294142

Feb 01 2019 (10:41)
Station Tag: Tenganmada/TGQ added by Saurabh®~/1294142

Feb 01 2019 (10:41)
Train Tag: Kalinga Utkal Express/18478 added by Saurabh®~/1294142
Stations:  Khongsara/KGS   Tenganmada/TGQ  
बिलासपुर-कटनी रेलमार्ग पर खोंगसरा और टेंगनमाड़ा के बीच गैंगमैन ने दिखाई सतर्कता फ्रैक्चर की जानकारी नहीं थी, घटना से पहले रीवा एक्सप्रेस और दो मालगाड़ी निकल गई
बिलासपुर. बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर खोंगसरा और टेंगनमाड़ा के बीच सुबह गैंगमैन की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। खोंगसरा और टेंगनमाड़ा के बीच गैंगमैन ने रेलपात में फ्रैक्चर देखा तो लाल झंडी दिखाकर ट्रेन को रुकवा दिया। खास बात कि इसी फ्रैक्चर रेलवे ट्रैक पर इससे पहले दो मालगाड़ी और रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस गुजरी थी। 
50 मिनट खड़ी रही ट्रेन, ट्रैक सुधार के बाद रवाना किया गया बिलासपुर
बिलासपुर-कटनी
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मार्ग पर सुबह से यातायात सामान्य था। हरिद्वार-पुरी उत्कल एक्सप्रेस अपने समय पर पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन से बिलासपुर रवाना हुई। इसी दौरान गैंगमैन भगवती प्रसाद को ट्रैक पर फ्रैक्चर दिखाई दिया। इस पर वो ट्रैक पर ट्रेन आने की दिशा में लाल झंडी लेकर दौड़ पड़ा। 
खोंगसरा और टेंगनमाड़ा रेलवे स्टेशन के बीच किलोमीटर 781/28 से पहले ट्रेन पहुंची तो लोको पायलट को ट्रैक पर लाल झंडा लिए कर्मचारी दिखाई पड़ा। उसने तत्काल ट्रेन रोकी। गैंगमैन भागवत प्रसाद ने बताया कि पटरी पर फ्रैक्चर है।
इसके बाद उसने टेंगनमाड़ा और खोंगसरा स्टेशन मैनेजर को इसकी सूचना दी। सूचना पेंड्रारोड के सीनियर सेक्शन इंजीनियर पी श्रीनू को मिलते ही वे मौके पर रवाना हुए। तब तक स्टाफ ने सुधार का काम शुरू कर दिया।
थोड़ा सा सुधार कर ट्रेन को 9 बजकर 50 मिनट पर 30 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से रवाना किया गया। तब तक करीब 50 मिनट ट्रेन वहीं खड़ी रही। यह ट्रेन दोपहर 11.40 बजे बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। 
यात्रियों ने गैंगमैन को इनाम दिया 
ट्रेन रुकी तो यात्री भी नीचे उतर गए। जब पता चला कि मामला पटरी पर फ्रैक्चर का है तो यात्री दहशत में आ गए। उन्होंने गैंगमैन भागवत प्रसाद को शाबासी दी और आपस में चंदा कर कुछ पैसे बतौर इनाम उन्हें दिया। उनकी सतर्कता से ट्रेन के यात्री सुरक्षित था। 
मैन्यूफैक्चरिंग डिफेक्ट भी हो सकता है 
बेलगहना और पेंड्रारोड के बीच रेलपांत फ्रैक्चर के अनेक मामले सामने आ चुके हैं। ये नई लाइन पर ही है। अफसर ऐसा मानते हैं कि यह मैन्यूफैक्चरिंग डिफेक्ट भी हो सकता है। जहां जितनी दूरी तक रेलपांत फ्रैक्चर हुआ है उसका टुकड़ा जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। 
ठंड में अक्सर होता है 
अफसरों का कहना है कि टैक पर फैक्चर के कई कारण होते हैं। ठंड पड़ने पर अक्सर ऐसा होता है। इसलिए ट्रैक पर पेट्रोल मैन की नजर होती है। फ्रैक्चर हुआ था इसमें कहीं कोई संदेह नहीं है।
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बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि
बिलासपुर से 58 किमी दूर कटनी रेलमार्ग पर एक ऐसा स्टेशन है जो है तो डी श्रेणी का। पर यहां की सुविधा पैसेंजर हाल्ट से भी बदतर है। रेलवे 51 साल बाद भी इस स्टेशन में फुट ओवरब्रिज या ऊंचे प्लेटफार्म का निर्माण नहीं कर सकी है। इसका खामियाजा यात्रियों के साथ आम जनता को भी भुगतना पड़ता है। इन्हीं असुविधाओं के बीच यात्रा करना उनकी मजबूरी है। जबकि रेलवे का नारा है मुस्कान के साथ सफर। यहां यात्रियों के चेहरे पर मुस्कान नहीं खौफ नजर आता है।
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वर्ष 1967 में टेंगनमाड़ा रेलवे स्टेशन अस्तित्व में आया। उस समय इस क्षेत्र के ग्रामीणों में गजब की खुशी थी। यह खुशियां स्टेशन बनने के बाद ट्रेन सुविधा की थी। जैसे- जैसे समय गुजरेगा स्टेशन का विकास होगा और लोकल व पैसेंजर के अलावा एक्सप्रेस ट्रेनें भी रुकेंगी। यहां के रहवासी इस सुगम साधन के जरिए देश के किसी भी हिस्से में जा सकेंगे। उनकी यह सोच हकीकत नहीं हो पाई। यह स्टेशन विकास से कोसों दूर है। यहां नयापन कुछ भी नहीं है। प्लेटफार्म नंबर एक आज भी नीचे है। इसके कारण यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने के लिए भारी जुगत लगानी पड़ती। यह स्थिति सामान्य यात्रियों की होती है। दिव्यांग, बीमार या बुजुर्ग यात्री तो बिना सहारे के चढ़ ही नहीं पाते। प्रतिदिन यात्रा करने वाले यात्री रेलवे का ऐसा कोई विभाग या अधिकारी नहीं जिनसे मिलकर प्लेटफार्म की ऊंचाई बढ़ाने की मांग नहीं किए हो। अफसरों के दौरे के दौरान पूरा गांव उमड़ जाता है, ताकि उनकी मांग पर मुहर लग जाए। यही दिक्कत एक से दूसरे प्लेटफार्म पर जाते समय होती है। यहां प्लेटफार्म दो का निर्माण किया गया, जो ऊंचाई पर तो है लेकिन यहां तक जाने के लिए फुट ओवरब्रिज तक नहीं है। ऐसी स्थिति में यात्रियों को जान हथेली पर रखकर प्लेटफार्म बदलना पड़ता है। जबकि इस श्रेणी के स्टेशनों में यह सर्वाधिक आय देने वाला स्टेशन है। पर रेलवे हमेशा से इसकी उपेक्षा करती रही है। इसके चलते लोगों में भारी आक्रोश रहता है। इसके अलावा खुले आसमान के नीचे जमीन पर बैठने की मजबूरी भी यात्रियों के सामने है। यहां ने शेड की व्यवस्था है और न बैठने के लिए कुर्सी है। यात्री व स्थानीय लोग यह तक आरोप लगाने से नहीं कतराते कि रेलवे को स्टेशन में सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जरा भी दिलचस्पी नहीं है।
मालगाड़ी के नीचे से गुजरते हैं स्कूली बच्चे, कांप जाते हैं देखने वाले
टेंगनमाड़ा रेलवे स्टेशन के एक ओर करवा गांव है और दूसरी ओर टेंगनमाड़ा। टेंगनमाड़ा करवा का आश्रित गांव है। पूरी आबादी करवा में रहती है। टेंगनमाड़ा की ओर अस्पताल व हाईस्कूल है, जहां करवा के अलावा आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों के बच्चे पढ़ाई करने के लिए पहुंचते हैं। एफओबी नहीं होने से उन्हें लाइन पार करना पड़ता है। बच्चों को लाइन पार करने का यह नजारा इतना खतरनाक होता है कि आम यात्रियों की धड़कनें तेज हो जाती है। बच्चे मालगाड़ी के नीचे तक से पार करते हैं। पिछले दिनों जब डीआरएम व अन्य अफसरों का यहां दौरा हुआ, तब करीब 150 की संख्या में बच्चे उनके पास पहुंचकर फुट ओवरब्रिज की गुहार लगाते नजर आए थे। उन्हें आश्वासन भी दिया गया। पर डेढ़ साल गुजर गए, यह सुविधा नहीं मिल सकी।
क्या कहते हैं यात्री व ग्रामीण
0 छोटे स्टेशनों की अनदेखी
दैनिक यात्री हीरा यादव का कहना है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन को भारतीय रेलवे का कमाऊ पूत जोन कहा जाता है। शायद यह आंकलन लदान को देखकर किया जाता है, लेकिन स्टेशनों में सुविधाओं पर आंकलन होगा तो जोन सबसे पिछड़ जाएगा। छोटे-छोटे स्टेशनों में विकास नजर ही नहीं आता। इन्हीं में से एक टेंगनमाड़ा है। सुविधाओं की कमी और लगातार उपेक्षा के कारण यात्रियों को यहां से सफर शुरू करने में भारी दिक्कत होती है। इसके बाद भी रेलवे आंख बंद कर बैठी हुई है।
0 कई बार गिरते-गिरते बची है जान
दैनिक यात्री सागर बेन्जामीन एक पैर से दिव्यांग है। वह बतातें हैं कि प्लेटफार्म एक की ऊंचाई कम है। बिलासपुर जाने वाली ट्रेनें इसी पर आती हैं। ऐसी स्थिति में ट्रेन पर चढ़ना किसी चुनौती से कम नहीं रहता। वे खुद कई बार गिरते- गिरते बचे हैं। रेलवे को कई बार बार इस स्थिति से अवगत कराया गया। लेकिन सुनवाई नहीं होती। अन्य यात्रियों को भी इसी तरह की तकलीफ होती है। इसके बाद भी रेल प्रशासन केवल योजना बनाने की बात कहता है।
0 आरक्षण केंद्र जरूरी, जाना पड़ता है दूर
करवा निवासी जोहन खांडे ने टिकट आरक्षण केंद्र की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना है कि इसकी कमी के कारण लोगों को रिजर्वेशन कराने के लिए खोंगसरा जाना पड़ता है। पता चला है कि इसे भी बंद करने की योजना है। उस स्थिति में समस्या और बढ़ जाएगी। रेल प्रशासन अपने स्टेशन से आरक्षण समाप्त कर यात्रियों की सुविधाओं पर कुठाराघात कर रहा है। आरक्षण केंद्र खुलने से यात्रियों की सुविधाओं में इजाफा होगा, साथ ही रेलवे का राजस्व भी बढ़ेगा।
0 एक प्लेटफार्म में पानी, दूसरे में एक बूंद नहीं
दैनिक यात्री विजय कुमार का कहना है कि प्लेटफार्म एक पर पानी की सुविधा है। दो नंबर में आज तक रेलवे यह सुविधा मुहैया नहीं करा सकी। इससे यात्रियों को प्यासे ही यात्रा शुरू करनी पड़ती है या फिर जान जोखिम में डालकर प्लेटफार्म एक पर आना पड़ता है।
0 फुट ओवरब्रिज पहली आवश्यकता
करवा की सरपंच रंजीता सिंह का कहना है कि स्टेशन बनने के बाद सोचे थे कि इस क्षेत्र में तेजी से विकास होगा। लेकिन स्थिति यह है कि आज तक एक एफओबी भी नहीं पाया है। इससे आम यात्रियों के अलावा स्कूल जाने वाले बच्चों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। लाइन पार करते समय अभिभावक खड़े रहते हैं, वे खुद उंगली पकड़कर पार कराते हैं। जब तक बच्चे स्कूल से लौटकर नहीं आ जाते उनकी सांस अटकी रहती है। स्टेशन पूरी तरह उपेक्षित है।
0 बच्चों ने कहा- डर लगता है
ट्रैक पार कर स्कूल तक पहुंचने वाले कुछ बच्चों से भी बातचीत की गई। इस दौरान कक्षा पांचवी के छात्र सुजल जायसवाल, कक्षा आठवीं के छात्र शुभम साहू व कक्षा पांचवी के ही उज्जवल कुमार ने कहा कि पढ़ाई बेहद जरूरी है। हम सब खूब पढ़ाई कर माता-पिता का सपना पूरा करना चाहते हैं। लेकिन स्कूल पहुंचने और लौटते समय डर लगता है। एफओबी नहीं होने के कारण लाइन पार करते हैं। गांव में बड़े-बुजुर्ग कई बार मांग कर चुके हैं। पर इस पर आज तक कुछ नहीं हुआ। ऐसी स्थिति में हम स्कूल के बच्चों ने रेल अफसर से इसकी मांग की थी। उन्होंने जब आश्वासन दिया तो लगा कि जल्द ही सुविधा मिल जाएगी। लेकिन उन्होंने झूठा आश्वासन दिया था।
गांव एक, ट्रैक ही करता है अलग
टेंगनमाड़ा स्टेशन में औसत सात मिनट में एक ट्रेन गुजरती है। दूसरी ओर साप्ताहिक बाजार बुधवार को लगता है। इस पार निजी विद्यालय सरस्वती विद्यापीठ है। इन दोनों गांवों को भले ही रेल लाइन अलग करता हो पर ग्रामीणों की नजर में एक है। पूरे समय यहां ग्रामीणों की आवाजाही रहती है।
किराया अधिक, सुविधा कुछ भी नहीं
एक्सप्रेस ट्रेन के रूप में यहां 18247 बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस ही रुकती है पर किस मापदंड के तहत इसे एक्सप्रेस माना जा रहा है यह समझ से परे है। इस परिवर्तन के बाद सुविधाएं तक नहीं बढ़ी है। यह ट्रेन पहले की तरह चलती है। केवल इससे रेलवे को फायदा है। अब यात्रियों को एक्सप्रेस का किराया देना पड़ता है। यात्री बताते हैं कि एक्सप्रेस होने के बाद इस ट्रेन के यात्रियों की संख्या में गिरावट आई है। इसके निण् रेलवे खुद जिम्मेदार है। रेलवे ने आम जनता के साथ विश्वासघात किया है।
स्टेशन - टेंगनमाड़ा
श्रेणी - डी
प्रतिदिन यात्रा - 1518 यात्री
पर्व के दिनों में - 2000 से ज्यादा यात्री
आय - एक लाख 60 हजार से दो लाख रुपये
प्रतिदिन इन ट्रेनों का ठहराव
- 58219 / 58220 बिलासपुर-चिरमिरी पैसेंजर
- 68740 / 68739 बिलासपुर-पेंड्रारोड पैसेंजर
- 18234 /18235 बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस कम पैसेंजर
- 18247 /18248 बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस
- 18236 / 18235 बिलासपुर-भोपाल पैसेंजर
- 68747 / 68748बिलासपुर-कटनी पैसेंजर
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