Spotting
 Timeline
 Travel Tip
 Trip
 Race
 Social
 Greeting
 Poll
 Img
 PNR
 Pic
 Blog
 News
 Conf TL
 RF Club
 Convention
 Monitor
 Topic
 #
 Rating
 Correct
 Wrong
 Stamp
 PNR Ref
 PNR Req
 Blank PNRs
 HJ
 Vote
 Pred
 @
 FM Alert
 FM Approval
 Pvt
News Super Search
 ↓ 
×
Member:
Posting Date From:
Posting Date To:
Category:
Zone:
Language:
IR Press Release:

Search
  Go  
dark mode

এক রাজ্য, দুই রাণী।নাম তাদের, শালিমার ও আলিপুরদুয়ার রাজ্যরানী - Dip

Full Site Search
  Full Site Search  
Just PNR - Post PNRs, Predict PNRs, Stats, ...
 
Wed Aug 17 01:03:18 IST
Home
Trains
ΣChains
Atlas
PNR
Forum
Quiz Feed
Topics
Gallery
News
FAQ
Trips
Login
Post PNRPost BlogAdvanced Search
Large Station Board;
Entry# 1178163-0
Medium; Platform Pic; Large Station Board;
Entry# 4836880-0


VRG/Vikram Nagar (2 PFs)
     विक्रम नगर

Track: Double Electric-Line

Show ALL Trains
Ujjain
State: Madhya Pradesh

Elevation: 503 m above sea level
Zone: WR/Western   Division: Ratlam

No Recent News for VRG/Vikram Nagar
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: 2
Number of Halting Trains: 6
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
0 Follows
Rating: 2.8/5 (16 votes)
cleanliness - good (2)
porters/escalators - average (2)
food - poor (2)
transportation - average (2)
lodging - average (2)
railfanning - good (2)
sightseeing - good (2)
safety - average (2)
Show ALL Trains

Station News

Page#    Showing 1 to 14 of 14 News Items  
May 17 (14:46) करोड़ों खर्च कर बनाए चिंतामन और विक्रमनगर रेलवे स्टेशन, मगर ट्रेनों का ठहराव नहीं (www.naidunia.com)
IR Affairs
WR/Western
0 Followers
15034 views

News Entry# 486485  Blog Entry# 5348142   
  Past Edits
May 17 2022 (14:46)
Station Tag: Indore Junction/INDB added by Adittyaa Sharma/1421836

May 17 2022 (14:46)
Station Tag: Fatehabad Chandrawatiganj Junction/FTD added by Adittyaa Sharma/1421836

May 17 2022 (14:46)
Station Tag: Vikram Nagar/VRG added by Adittyaa Sharma/1421836

May 17 2022 (14:46)
Station Tag: Chintaman Ganesh/CNN added by Adittyaa Sharma/1421836

May 17 2022 (14:46)
Station Tag: Ujjain Junction/UJN added by Adittyaa Sharma/1421836
उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। उज्जैन-इंदौर रेल मार्ग पर विक्रमनगर स्टेशन तथा उज्जैन-फतेहाबाद रेल मार्ग पर चिंतामन स्टेशन कायाकल्प हो चुका है। दोनों स्टेशन करीब दस करोड़ रुपये की लागत से नए स्वरूप में आ गए हैं, लेकिन इन स्टेशनों पर ट्रेनें नहीं रोकी जा रहीं। इससे इनका उपयोग नहीं हो रहा है। विक्रम नगर में जहां मात्र एक ट्रेन का स्टापेज है, वहीं चिंतामन स्टेशन पर दो जोड़ ट्रेनों को रोका जा रहा है। यात्रियों का सवाल है कि स्टेशन बनाने से क्या लाभ।
बता दें कि 22.90 किलोमीटर उज्जैन-फतेहाबाद रेल मार्ग का गेज परिवर्तन काम करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से बीते वर्ष पूरा किया गया है। इस रूट का पहला स्टेशन चिंतामन गणेश है। चिंतामन रेलवे स्टेशन पर दो मंजिला
...
more...
भवन और 600 मीटर लंबा प्लेटफार्म बनाया गया है। यहां 24 कोच की मालगाड़ी व ट्रेन आसानी से खड़ी हो सकती है। स्टेशन की दीवारों पर कलाकारों ने रंग-बिरंगे चित्र बनाए हैं। यहां इलेक्ट्रिफिकेशन भी किया है।
20 गांवों के लोगों को मिलेगी सुविधा
चिंतामन स्टेशन पर उज्जैन से इंदौर आने-जाने वाली दो जोड़ मेमू ट्रेन को रोका जाता है। इंदौर जाने वाली मेमू ट्रेन सुबह 6.20 बजे तथा दोपहर 4 बजे रुकती है। इंदौर से आने वाली ट्रेन सुबह 9.40 बजे तथा दोपहर 12.40 बजे रुकती है। चिंतामन स्टेशन पर अधिक ट्रेनों का स्टापेज शुरू करने से आसपास के 20 गांवों के लोगों को सुविधा मिलेगी। वर्तमान में इन गांवों में रहने वाले लोगों को इंदौर के अलावा अन्य शहरों की यात्रा करने के लिए उज्जैन के मुख्य स्टेशन तक आना पड़ता है।
विक्रमनगर स्टेशन पर केवल एक ट्रेन रुक रही
उज्जैन-देवास-इंदौर रेल मार्ग पर मुख्य स्टेशन के बाद पहला स्टेशन विक्रमनगर है। सिंहस्थ 2016 में इसके सामने से इनर रिंग रोड बनाया था। तभी से इसे नया रूप देने की योजना बनाई थी। यहां बहुमंजिला स्टेशन भवन बनाया गया है। पहले यहां एक प्लेटफार्म था। अब दो बनाए हैं। इसके अलावा एफओबी का भी निर्माण किया गया है। स्टेशन पर टिकट बुकिंग के साथ यात्री और रेलवे अफसर विश्राम भी कर सकेंगे।
कोरोना में किया ट्रेनों का स्टापेज खत्म
उज्जैन से देवास होते हुए इंदौर से आने व जाने वाली करीब 20 से ज्यादा ट्रेनों का स्टापेज कोरोना काल में विक्रमनगर स्टेशन पर खत्म कर दिया गया है। वर्तमान में यहां मात्र उज्जैन से इंदौर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को रोका जा रहा है। यह ट्रेन सुबह 8.10 बजे विक्रम नगर पहुंचती है तथा वापसी में यह रात 8 बजे विक्रम स्टेशन पर रुकती है। इस स्टेशन पर स्टापेज शुरू होने का फायदा नागझिरी, हामूखेड़ी, अभिलाषा कालोनी व आसपास की 20 से ज्यादा कालोनी के अलावा मक्सी रोड पर पंवासा, केसर बाग सहित 25 से ज्यादा कालोनी के लोगों को मिलेगा।
कोरोना काल के दौरान छोटे स्टेशनों पर ट्रेनों का स्टापेज बंद कर दिया गया था। धीरे-धीरे स्टापेज शुरू किया जा रहा है।- विनीत गुप्ता, डीआरएम
May 17 (07:17) करोड़ों खर्च कर बनाए स्टेशन, मगर ट्रेनों का ठहराव नहीं (www.naidunia.com)
IR Affairs
WR/Western
0 Followers
10415 views

News Entry# 486445  Blog Entry# 5347760   
  Past Edits
May 17 2022 (07:17)
Station Tag: Chintaman Ganesh/CNN added by Adittyaa Sharma/1421836

May 17 2022 (07:17)
Station Tag: Vikram Nagar/VRG added by Adittyaa Sharma/1421836

May 17 2022 (07:17)
Station Tag: Indore Junction/INDB added by Adittyaa Sharma/1421836

May 17 2022 (07:17)
Station Tag: Ujjain Junction/UJN added by Adittyaa Sharma/1421836
उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। उज्जैन-इंदौर रेल मार्ग पर विक्रमनगर स्टेशन तथा उज्जैन-फतेहाबाद रेल मार्ग पर चिंतामन स्टेशन कायाकल्प हो चुका है। दोनों स्टेशन करीब दस करोड़ रुपये की लागत से नए स्वरूप में आ गए हैं, लेकिन इन स्टेशनों पर ट्रेनें नहीं रोकी जा रहीं। इससे इनका उपयोग नहीं हो रहा है। विक्रम नगर में जहां मात्र एक ट्रेन का स्टापेज है, वहीं चिंतामन स्टेशन पर दो जोड़ ट्रेनों को रोका जा रहा है। यात्रियों का सवाल है कि स्टेशन बनाने से क्या लाभ।
बता दें कि 22.90 किलोमीटर उज्जैन-फतेहाबाद रेल मार्ग का गेज परिवर्तन काम करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से बीते वर्ष पूरा किया गया है। इस रूट का पहला स्टेशन चिंतामन गणेश है। चिंतामन रेलवे स्टेशन पर दो मंजिला
...
more...
भवन और 600 मीटर लंबा प्लेटफार्म बनाया गया है। यहां 24 कोच की मालगाड़ी व ट्रेन आसानी से खड़ी हो सकती है। स्टेशन की दीवारों पर कलाकारों ने रंग-बिरंगे चित्र बनाए हैं। यहां इलेक्ट्रिफिकेशन भी किया है।
20 गांवों के लोगों को मिलेगी सुविधा
चिंतामन स्टेशन पर उज्जैन से इंदौर आने-जाने वाली दो जोड़ मेमू ट्रेन को रोका जाता है। इंदौर जाने वाली मेमू ट्रेन सुबह 6.20 बजे तथा दोपहर 4 बजे रुकती है। इंदौर से आने वाली ट्रेन सुबह 9.40 बजे तथा दोपहर 12.40 बजे रुकती है। चिंतामन स्टेशन पर अधिक ट्रेनों का स्टापेज शुरू करने से आसपास के 20 गांवों के लोगों को सुविधा मिलेगी। वर्तमान में इन गांवों में रहने वाले लोगों को इंदौर के अलावा अन्य शहरों की यात्रा करने के लिए उज्जैन के मुख्य स्टेशन तक आना पड़ता है।
विक्रमनगर स्टेशन पर केवल एक ट्रेन रुक रही
उज्जैन-देवास-इंदौर रेल मार्ग पर मुख्य स्टेशन के बाद पहला स्टेशन विक्रमनगर है। सिंहस्थ 2016 में इसके सामने से इनर रिंग रोड बनाया था। तभी से इसे नया रूप देने की योजना बनाई थी। यहां बहुमंजिला स्टेशन भवन बनाया गया है। पहले यहां एक प्लेटफार्म था। अब दो बनाए हैं। इसके अलावा एफओबी का भी निर्माण किया गया है। स्टेशन पर टिकट बुकिंग के साथ यात्री और रेलवे अफसर विश्राम भी कर सकेंगे।
कोरोना में किया ट्रेनों का स्टापेज खत्म
उज्जैन से देवास होते हुए इंदौर से आने व जाने वाली करीब 20 से ज्यादा ट्रेनों का स्टापेज कोरोना काल में विक्रमनगर स्टेशन पर खत्म कर दिया गया है। वर्तमान में यहां मात्र उज्जैन से इंदौर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को रोका जा रहा है। यह ट्रेन सुबह 8.10 बजे विक्रम नगर पहुंचती है तथा वापसी में यह रात 8 बजे विक्रम स्टेशन पर रुकती है। इस स्टेशन पर स्टापेज शुरू होने का फायदा नागझिरी, हामूखेड़ी, अभिलाषा कालोनी व आसपास की 20 से ज्यादा कालोनी के अलावा मक्सी रोड पर पंवासा, केसर बाग सहित 25 से ज्यादा कालोनी के लोगों को मिलेगा।
कोरोना काल के दौरान छोटे स्टेशनों पर ट्रेनों का स्टापेज बंद कर दिया गया था। धीरे-धीरे स्टापेज शुरू किया जा रहा है।-विनीत गुप्ता, डीआरएम
May 09 2021 (12:34) हम बेड संकट से जूझते रहे:उज्जैन में खाली खड़ी रही 22 आइसोलेशन कोच की 2 ट्रेन, ऑक्सीजन भी भरपूर (www.bhaskar.com)
Commentary/Human Interest
WR/Western
0 Followers
29834 views

News Entry# 451156  Blog Entry# 4957935   
  Past Edits
May 09 2021 (12:34)
Station Tag: Vikram Nagar/VRG added by Saurabh®/1294142

May 09 2021 (12:34)
Station Tag: Ujjain Junction/UJN added by Saurabh®/1294142
अस्पतालों में जगह नहीं है। बरामदे, कुर्सी, जमीन और एंबुलेंस तक में इलाज किया जा रहा है। ऐसे दौर में रेलवे ने कोविड केयर सेंटर बनाने के लिए दो विशेष ट्रेन उज्जैन भेजी। मकसद था ऐसे मरीजों काे उपचार मुहैया करवाना, जो अस्पतालों में जगह नहीं होने से इससे वंचित हैं। ऐसे में रेलवे ने खास ट्रेन का इंतजाम किया। 20 व 16 आइसोलेशन कोच की दो ट्रेन उज्जैन स्टेशन पर खड़ी है। हर कोच में दो ऑक्सीजन सिलेंडर भी हैं। एक समय में 22 मरीजों का ट्रीटमेंट किया जा सकेगा। इसमें बिजली, पानी, प्लेटफॉर्म रेलवे मुहैया करवाएगा जबकि चिकित्सा और उससे जुड़े स्टाफ का इंतजाम जिला प्रशासन को करना होगा।
डीआरएम विनीत गुप्ता का कहना है कि कलेक्टर के कहने पर
...
more...
उज्जैन में आइसोलेशन कोच भेजे हैं। जिला प्रशासन जरूरत पड़ने पर इसे विक्रमनगर स्टेशन पर उपयोग कर सकता है। वहां पर यात्रियों का दबाव नहीं है। खास यह भी है रेलवे ने उज्जैन के बाद इंदौर में आइसोलेशन कोच भेजा था। इंदौर से 23 किलोमीटर दूर टीही रेलवे स्टेशन पर 360 बेड का कोविड केयर सेंटर भी बनाया जा चुका है। वहां प्लेटफॉर्म पर खड़ी 18 कोच की ट्रेन में 14 लोगों को उपचार दिया जा रहा है।
बन सकते हैं अस्थायी अस्पताल; आइसोलेशन कोच को कोविड केयर सेंटर बनाने के साथ विक्रमनगर स्टेशन पर एक अस्थायी अस्पताल भी बनाया जा सकता है। यहां ऐसे मरीजों को भर्ती किया जा सकता है जिन्हें कोई लक्षण नहीं हैं। ऐसे लोगों को घर के बाहर एक आइसोलेट यानी अलग रहकर उपचार करने की सुविधा मिल सकती है।
इसलिए उपयोगी : अस्पताल फुल, लौटाए जा रहे मरीज
अस्पताल में बेड की कमी के कारण मरीजों को लौटाया जा रहा है। अस्पतालों से मरीजों काे लौटाया जा रहा है, जबकि उन्हें उपचार की जरूरत है। अस्पताल के जिम्मेदारों का तर्क था कि उनके पास ऑक्सीजन संकट है। ऐसे में पहले से भर्ती मरीजों काे उपचार दिया जा रहा है। नए मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे। इसी तरह माधव नगर के शासकीय अस्पताल से भी मरीजों का लौटना पड़ा। एेसी स्थिति में रेलवे का आइसोलेशन कोच प्रशासन के लिए एक मिनी अस्पताल की तरह उपयोगी हो सकता है।
प्रशासन को तो सिर्फ डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ ही जुटाना है
डीआरएम के अनुसार रेलवे आइसोलेशन कोच देने को तैयार है लेकिन रेलवे के पास डाॅक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ नहीं है। इनकी व्यवस्था स्थानीय प्रशासनको ही करना होगी।जरूरत पड़ने पर उपयोग कर सकते हैं^जिला प्रशासन के कहने पर रेलवे ने आइसोलेशन कोच का रैक भेजा है। इसे मुख्य स्टेशन की जगह विक्रमनगर स्टेशन पर रखा जाएगा। वहां पर स्टेशन भी नया और सुविधाजनक है और यात्रियों का दबाव भी कम है। जिला प्रशासन जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग कर सकता है।-विनीत गुप्ता, डीआरएम
Apr 13 2021 (00:00) अस्पतालों में बेड की कमी, जिला प्रशासन ने रेलवे से मांगा 200 बिस्तरों का रैक (www.naidunia.com)
Commentary/Human Interest
WR/Western
0 Followers
67943 views

News Entry# 448489  Blog Entry# 4937590   
  Past Edits
Apr 13 2021 (00:00)
Station Tag: Ratlam Junction/RTM added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 13 2021 (00:00)
Station Tag: Vikram Nagar/VRG added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 13 2021 (00:00)
Station Tag: Mangliyagaon/MGG added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 13 2021 (00:00)
Station Tag: Indore Junction/INDB added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 13 2021 (00:00)
Station Tag: Ujjain Junction/UJN added by Adittyaa Sharma/1421836
उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। उज्जैन के अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए बेड की कमी के चलते सोमवार को कलेक्टर आशीषसिंह ने रेलवे से 200 बिस्तरों की व्यवस्था करने को कहा है। इस संबंध में कलेक्टर ने रतलाम मंडल के डीआरएम विनीत गुप्ता को पत्र भेजा है। रेलवे के पास इंदौर, उज्जैन व मांगलिया में चार रैक है। मंगलवार को जिला प्रशासन व रेलवे के अधिकारी उज्जैन स्टेशन पर खड़े आइसोलेशन कोच का निरीक्षण कर निर्णय लेंगे। डीआरएम के अनुसार एक रैक में 20 कोच हैं, प्रत्येक कोच में 16 मरीजों को रखा जा सकता है। आइसोलेशन कोच की ट्रेन को विक्रम नगर स्टेशन पर खड़ा किया जाएगा।
उज्जैन में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
...
more...
जिले में रोजाना 200 से अधिक संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, ऐसे में उज्जैन के अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए बेड खत्म हो गए हैं। सोमवार को क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि रेलवे से आइसोलेशन कोच की मांग की जाए। देर शाम को कलेक्टर आशीषसिंह ने रतलाम मंडल के डीआरएम विनीत गुप्ता को पत्र लिखकर कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए 200 बिस्तरों की व्यवस्था करने को कहा है। डीआरएम का कहना है कि उज्जैन में रेलवे का अस्पताल नहीं है। यहां रेलवे के आइसोलेशन कोच की व्यवस्था की जा सकती है। उज्जैन स्टेशन पर आइसोलेशन कोच वाली ट्रेन खड़ी है। मंगलवार को रेलवे व जिला प्रशासन के अधिकारी कोच का निरीक्षण कर निर्णय लेंगे।
रेलवे तैयार, विक्रम नगर स्टेशन पर खड़ी कर देंगे ट्रेन
डीआरएम गुप्ता का कहना है कि रेलवे स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए पूरी तरह तैयार है। रेलवे के पास चार आइसोलेशन ट्रेन है। प्रत्येक ट्रेन में 20 कोच है। प्रत्येक कोच में 16 मरीजों को भर्ती किया जा सकता है। एक कोच में दो आक्सीजन सिलेंडर भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। इन कोचों में मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार किया जा सकता है।
डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ नहीं है
डीआरएम के अनुसार रेलवे आइसोलेशन कोच देने को तैयार है। मगर रेलवे के पास डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ नहीं है। इनकी व्यवस्था स्थानीय प्रशासन को ही करना होगी। उज्जैन स्टेशन पर यात्रियों का खासा दबाव रहता है ऐसे में उज्जैन स्टेशन पर आइसोलेशन कोचों वाली ट्रेन नहीं खड़ी की जा सकती। विक्रम नगर स्टेशन पर ट्रेन खड़ी की जा सकती है। वहां पर फिलहाल एक भी ट्रेन का स्टापेज नहीं है। वहीं उज्जैन से भी विक्रम नगर स्टेशन पास है।
कोच में रहेगी गर्मी, कूलर लगाना होंगे
आइसोलेशन कोच वाली ट्रेन स्लीपर कोच से बनाई गई है। इन कोच में बाहर जितना तापमान रहता है उससे तीन से चार डिग्री अधिक तापमान रहता है। इस समस्या से निपटने के लिए कोचों में कूलर लगाया जा सकता है। रेलवे का कहना है कि कोच के लिए पानी, बिजली व चादर की व्यवस्था कर देगा लेकिन उनकी सफाई व कोच के शौचालय की सफाई भी स्थानीय प्रशासन को करना होगी।
आइसोलेशन कोच लेने वाला दूसरा शहर होगा उज्जैन
कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए आइसोलेशन कोच लेने वाला उज्जैन दूसरा शहर होगा। डीआरएम गुप्ता के अनुसार महाराष्ट्र के नंदूबार शहर ने रेलवे से आइसोलेशन कोच मांगे है। वहां के कलेक्टर व रेलवे के बीच एमओयू साइन हो चुका है।
Jan 22 2021 (07:52) बिना ट्रेन वाले दो स्टेशन:बड़े खर्चे के बाद भी रुका हुआ है सफर; इन दो नए स्टेशनों पर ट्रेन नहीं रुकती और न टिकट मिलते (www.bhaskar.com)
Commentary/Human Interest
WR/Western
0 Followers
26224 views

News Entry# 434483  Blog Entry# 4852879   
  Past Edits
Jan 22 2021 (07:52)
Station Tag: Chintaman Ganesh/CNN added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Jan 22 2021 (07:52)
Station Tag: Vikram Nagar/VRG added by Anupam Enosh Sarkar/401739
उज्जैन-इंदौर रेल मार्ग पर विक्रमनगर स्टेशन और उज्जैन-फतेहाबाद रेल मार्ग पर चिंतामण स्टेशन अब नए स्वरूप में आ गए हैं। शहर के सबसे नजदीक इन दोनों स्टेशन का कायाकल्प हो गया है। इससे सिंहस्थ 2028 में आने वाले यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी।
सिंहस्थ 2016 में रेलवे ने चार फ्लैग स्टेशन बनाए थे। इसके बावजूद अधिकांश यात्री मुख्य स्टेशन पर ही आए। उन्होंने यहीं से वापसी भी की। ऐसे में रेलवे ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। दोनों स्टेशन के काम अंतिम दौर में हैं। भास्कर ने दो स्टेशन पर लॉकडाउन के पहले और बाद के हालात जाने। इससे पता चलता है कि नए स्टेशन तो बना दिए, लेकिन यहां ट्रेन नहीं चलाई जाने से उनका उपयोग नहीं हो रहा है।
...
more...

बोर्ड को भेजा है प्रस्ताव
उज्जैन से इंदौर के लिए दोनों रूट पर लोकल ट्रेन चलाने के लिए रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा है। उम्मीद है कि इसे जल्द ही स्वीकृति मिलेगी। उसके बाद विक्रमनगर स्टेशन पर पहले की तरह ट्रेन रुकेंगी। उज्जैन-फतेहाबाद गेज परिवर्तन का काम पूरा हो गया है। कमिश्नर रेलवे सेफ्टी के निरीक्षण और टीप के बाद चिंतामन स्टेशन से भी ट्रेन गुजरेंगी।
-विनीत गुप्ता, डीआरएम
चिंतामण गणेश: 24 कोच की मालगाड़ी व ट्रेन खड़ी होगी
ऐसी थी तैयारी
- उज्जैन-फतेहाबाद के बीच 22.90 किमी में ब्राॅड गेज का काम पूरा हो गया है। इसी रूट के पहला स्टेशन चिंतामण गणेश है। चिंतामण रेलवे स्टेशन पर दाे मंजिला भवन और 600 मीटर लंबा प्लेटफॉर्म बनाया है। फरवरी 2014 से उज्जैन-फतेहाबाद के बीच रेल यातायात बंद है। यहां 24 कोच की मालगाड़ी व ट्रेन आसानी से खड़ी हो सकेगी। एक प्लेटफॉर्म बनकर तैयार है। स्टेशन की दीवारों पर पूर्वाेत्तर के कलाकारों ने रंग-बिरंगे चित्र बनाए हैं। उन्होंने हेलिकॉप्टर से लेकर मेट्रो और फूल-पत्तियां बनाई हैं। इसके अलावा यहां इलेक्ट्रिफिकेशन भी किया है।
क्राउड कंट्रोल होगा- इस स्टेशन का नाम चिंतामण गणेश मंदिर के नाम पर रखा है। यहां आने वाले अधिकांश लोगों में श्रद्धालु होते हैं। उन्हें स्टेशन उतरते ही मंदिर जैसा आभास होगा। साथ ही सिंहस्थ-2028 में गुजरात, महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों के लिए फ्लैग स्टेशन मिल जाएगा।
बिन ट्रेन के स्टेशन- चिंतामण स्टेशन से 2014 में आखिरी ट्रेन गुजरी थी। तब स्टेशन का भवन पुराना था। यहां से उज्जैन-महू के साथ उज्जैन-अकोला और चित्तौड़गढ़ के लिए ट्रेन मिलती थी।
विक्रमनगर: बहुमंजिला स्टेशन तैयार, केवल एक ट्रेन रुक रहीऐसी थी तैयारी- उज्जैन-इंदौर रेल मार्ग पर मुख्य स्टेशन के बाद पहला स्टेशन विक्रमनगर है। सिंहस्थ 2016 में इसके सामने से इनर रिंग रोड बनाया था। तभी से इसे नया रूप देने की योजना बनाई थी। रेलवे अफसरों के अनुसार यहां स्टेशन का काम पूरा हो गया है। सबसे बड़ा काम स्टेशन बिल्डिंग बनाने का है। पहले यहां एक प्लेटफॉर्म था। अब दो बनाए हैं। इसके अलावा एफओबी भी बनकर तैयार है। स्टेशन पर टिकट बुकिंग के साथ यात्री और रेलवे अफसर विश्राम भी कर सकेंगे। रेलवे अफसरों के अनुसार यह उज्जैन-इंदौर दोहरीकरण का ही हिस्सा है। जिस पर 700 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
क्राउड कंट्रोल होगा- उज्जैन के अलावा विक्रमनगर से भी इंदौर रूट की ट्रेनों में यात्रा की जा सकेगी। हालांकि अब तक रेलवे ने यह तय नहीं किया है कि विक्रमनगर स्टेशन पर कितनी ट्रेन रुकेंगी। पूर्व में यहां पैसेंजर ट्रेन रुकती थी। ट्रेन की संख्या बढ़ने से मुख्य स्टेशन पर दबाव कम होगा।
बिन ट्रेन के स्टेशन- लॉकडाउन से पहले इंदौर-नागदा, इंदौर-बिलासपुर, इंदौर-उज्जैन, नागदा-इंदौर, बिलासपुर-इंदौर और उज्जैन-इंदौर ट्रेन गुजरती थी। अब इंदौर-बिलासपुर है, पर टिकट नहीं मिलता।
Page#    Showing 1 to 14 of 14 News Items  

Scroll to Top
Scroll to Bottom
Go to Mobile site
Important Note: This website NEVER solicits for Money or Donations. Please beware of anyone requesting/demanding money on behalf of IRI. Thanks.
Disclaimer: This website has NO affiliation with the Government-run site of Indian Railways. This site does NOT claim 100% accuracy of fast-changing Rail Information. YOU are responsible for independently confirming the validity of information through other sources.
India Rail Info Privacy Policy