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Mon Jun 26, 2017 18:07:39 ISTHomeTrainsΣChainsAtlasPNRForumGalleryNewsFAQTripsLoginFeedback
Mon Jun 26, 2017 18:07:39 IST
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News Entry# 287730
  
रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु और केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री श्री जेपी नड्डा कल ( 6 दिसंबर,2016 को) पांच डिब्‍बों वाली ‘लाइफ लाइन एक्‍सप्रेस’ में मौखिक, स्‍तन और सर्विकल कैंसर ,हृदय आघात की रोकथाम तथा परिवार कल्‍याण सेवाओं के लिए दो अतिरिक्‍त डिब्‍बे जोड़ने का उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर रेल राज्‍य मंत्री और संचार राज्‍य मंत्री(स्‍वतंत्र प्रभार) श्री मनोज सिन्‍हा तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्‍य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी उपस्थित रहेंगे।
ये अतिरिक्‍त सेवाएं लाइफ लाइन एक्‍सप्रेस(एलएलई) द्वारा दृष्टि ,श्रवण, भंजन, जलन, आर्थेपेडिक त्रुटियों ,मिरगी के इलाज तथा दांतों संबंधित समस्‍याओं के लिए किए जा रहे मौजूदा शल्‍य चिकित्‍सा को और मजबूती प्रदान करेंगी। इसके तहत देश भर के गरीब ग्रामीण इलाकों के लिए बिना किसी तरह के
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शुल्‍क के तीन पूर्ण रूप से सुसज्जित ऑपरेशन थियेटर उपलब्‍ध होंगे। प्रत्‍येक परियोजना स्‍थल पर इससे कुल 10,000 लोगों को लाभ मिलेगा। बढ़ाए गए सात डिब्‍बों वाली लाइफ लाइन एक्‍सप्रेस सतना (मप्र) से अपनी 178 वीं परियोजना की शुरुआत 15 दिसंबर,2016 से करेगी जो 5 जनवरी ,2017 तक चलेगी। वर्ष 2017 में अन्‍य एलएलई परियोजनाएं तेलांगना, छत्‍तीसगढ़ ,मध्‍य प्रदेश, गुजरात और अन्‍य स्‍थलों पर शुरू की जाएंगी।
यह विश्‍व के दो लाख चिकित्‍सकों द्वारा दी गई सेवाओं की अनुपम परियोजना है जिसके कारण भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में 10 लाख से अधिक दिव्‍यांगों का मुफ्त इलाज संभव हो पाया है। पूरे देश में 177 परियोजनओं के तहत लाइफ लाइन एक्‍सप्रेस द्वारा एक लाख से अधिक दृष्टि ,श्रवण तथा मौखिक विकृति सर्जरी के माध्‍यम से किए गए। लाइफ लाइन एक्‍सप्रेस द्वारा मिरगी तथा दांतों से संबंधित रोगों का भी इस दौरान इलाज किया गया।
विश्‍व भर में ‘लाइफ लाइन एक्‍सप्रेस’ को ‘मैजिक ट्रेन ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है। इस अनुपम परियोजना का अनुसरण मॉडल के रूप में कई देशों में अस्‍पताल रेलगाड़ी और नदी नाव अस्‍पताल के रूप में किया है।
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वीएल/ एकेआर-5288
(Release ID 56458)
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