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Entry# 1650107-0
Medium; Platform Pic; Large Station Board;
Entry# 3215314-0

KLTR/Kalmitar (3 PFs)
     कलमीटार

Track: Double Electric-Line

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Unnamed Rd, Kalmitar, Uslapur, PIN - 495112
State: Chhattisgarh

Elevation: 300 m above sea level
Zone: SECR/South East Central   Division: Bilaspur

No Recent News for KLTR/Kalmitar
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: 3
Number of Halting Trains: 12
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Rating: NaN/5 (0 votes)
cleanliness - n/a (0)
porters/escalators - n/a (0)
food - n/a (0)
transportation - n/a (0)
lodging - n/a (0)
railfanning - n/a (0)
sightseeing - n/a (0)
safety - n/a (0)
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Station News

Page#    Showing 1 to 8 of 8 News Items  
Apr 21 (11:31) Bilaspur Railway Covid 19 Isolation Coach: रेलवे के आइसोलेशन कोच तैयार, स्वास्थ्य विभाग से प्रस्ताव का इंतजार (www.naidunia.com)
IR Affairs
SECR/South East Central
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News Entry# 449220  Blog Entry# 4944387   
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Apr 21 2021 (11:31)
Station Tag: Kalmitar/KLTR added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 21 2021 (11:31)
Station Tag: Uslapur/USL added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 21 2021 (11:31)
Station Tag: Bilaspur Junction/BSP added by Adittyaa Sharma/1421836
बिलासपुर। Bilaspur Railway Covid 19 Isolation Coach: कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए रेलवे की ओर से बिलासपुर रेल मंडल में 50 कोच का आइसोलेशन वार्ड तैयार हो गया है। आवश्यकता है सिर्फ स्वास्थ्य विभाग की ओर से मांग की। अब तक रेल प्रशासन के पास मांग नहीं पहुंची है।
इन कोचों को उसलापुर, कलमीटार और बिलासपुर रेलवे स्टेशन के यार्ड में रखा गया है। जहां के लिए स्वास्थ्य विभाग मांग करेगा उससे लगे स्टेशन के पास रैक खड़ी कर दी जाएगी। रेल मंडल के इन कोचों में 400 मरीजों को रखा जा सकता है। यानी एक कोच में आठ मरीज रह सकेंगे।
कोरोना
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का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। स्थिति यह है कि शहर के शासकीय व सभी निजी अस्पतालों में अलग से कोविड अस्पताल बनाने के बावजूद बेड कम पड़ रहे हैं। ऐसे में रेलवे की उस कोच की आवश्यकता महसूस होने लगी है, जिसे रेलवे ने आइसोलेशन वार्ड में तब्दील किया है। इन्हें बनाने का उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में उपयोग करना है। शहर की स्थिति को देखते हुए रेलवे कोच की सफाई व अन्य उपलब्ध सुविधाओं को व्यवस्थित करने का काम पूरा कर चुकी है।
इन सुविधाओं से हैं लैस
प्रत्येक कोच में बने आइसोलेशन वार्ड में पहला केबिन चिकित्सकों व पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए है। इसमें मरीजों के लिए दवा व उपकरण भी होंगे। सभी कोच में भारतीय शैली के एक शौचालय को स्नानागार के रूप में परिवर्तित किया है। मच्छरदानी व उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था भी है। प्रत्येक केबिन में सूखा कचरा, गीला कचरा व खतरनाक अपशिष्ट पदार्थ के निस्तारण के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखे गए हैं। हर कोच में एक-एक आक्सीजन सिलिंडर भी है।
केवल कोच कराएंगे उपलब्ध: डीआरएम
बिलासपुर डीआरएम आलोक सहाय का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग से मांग आते ही केवल कोच उपलब्ध कराई जाएगी। कर्मचारियों की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग करेगा। यहां गंभीर मरीजों को नहीं रखा जा सकता। होम आइसोलेट व गंभीर मरीजों के बीच के संक्रमितों को आसानी से चिकित्सयीय सुविधा मिल सकेगी।
अभी आवश्यकता नहीं: सीएमएचओ
सीएमएचओ प्रमोद महाजन का कहना है कि अभी आइसोलेशन कोच की आवश्यकता नहीं है। हमने दो से तीन जगहों पर और बेड बढ़ा दिया है। जब भी आवश्यकता पड़ेगी, जिला प्रशासन को अवगत कराया जाएगा। उनकी ओर से इसके लिए प्रस्ताव भेजे जाएंगे। वैसे भी गर्मी को देखते हुए कोच के अंदर मरीजों को भर्ती करने से उन्हें परेशानी हो सकती है। कूलर से लेकर अन्य इंतजाम करने होंगे। कम से कम 100 स्टाफ की आवश्यकता पड़ेगी।
Apr 11 (12:14) Coronavirus in Chhattisgarh: शहर अंदर बेड की मारामारी, बाहर धूल खा रहा आइसोलेशन कोच (www.naidunia.com)
Commentary/Human Interest
SECR/South East Central
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News Entry# 448382  Blog Entry# 4936390   
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Apr 11 2021 (12:14)
Station Tag: Kalmitar/KLTR added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 11 2021 (12:14)
Station Tag: Umaria/UMR added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 11 2021 (12:14)
Station Tag: Bilaspur Junction/BSP added by Adittyaa Sharma/1421836
बिलासपुर। Coronavirus in Chhattisgarh: शहर के अंदर शासकीय व निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों को भर्ती करने के लिए बेड की मारामारी है। इसके बाद भी उस रैक का उपयोग नहीं कर रहे हैं जिसके कोच को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील किया गया है।
ताकि अपात स्थिति में इसका उपयोग हो सके। एक साल से 56 कोच बिलासपुर, उमरिया व कलमीटार में खड़े हैं। रेलवे राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का इंतजार कर रही है पर सरकार ने इसका उपयोग करने आदेश ही जारी नहीं किया है।
पिछले साल जब कोरोना की
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दस्तक हुई और हालात बेकाबू होने लगे तब रेलवे के कोच को आइसोलेशन वार्ड बनाने की योजना तैयार की गई। यह अपातकालीन स्थिति की व्यवस्था थी। इसके मद्देनजर रेलवे बोर्ड ने सभी जोन के साथ-साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन को निर्देश दिए थे। जोन से दिशा-निर्देश मिलते ही बिलासपुर रेल मंडल कोच को सुधारने का प्रारंभ कर दिया।
मंडल को 56 कोच को वार्ड के रूप में तब्दील करने के लिए कहा था। इसके बाद अमला दिन-रात एककर तैयारी में जुट गया। बहुत कम समय में आइसोलेशन कोच को तैयार किया गया। इतनी तैयारी पूरी करने के बाद इसकी आवश्यकता नहीं पड़ी और कोच खड़े रहे। चूंकि यार्ड की क्षमता कम है।
इसलिए कुछ कोच ही जोनल स्टेशन के यार्ड में रखे गए। करीब 43 कोच उमरिया व कलमीटार में खड़े हैं। सालभर से रैक धूल खाती पड़ी है। अब जब इसकी आवश्यकता है उसके बाद भी उपयोग नहीं किया जा रहा है। जबकि शहर के सभी अस्पतालों के अलावा रेलवे अस्पताल में संक्रमितों के लिए बेड नहीं है।
75 बेड के रेलवे कोविड अस्पताल में एक भी बेड खाली नहीं है। रेलवे कर्मचारियों के अलावा बाहरी भी बेड के लिए इधर से उधर भटक रहे हैं। इसके चलते जिस उद्देश्य से कोच को आइसोलेशन वार्ड बनाया गया था वह पूरा ही नहीं हो रहा है।
यह सुविधा है कोच के अंदर
प्रत्येक कोच में बने आइसोलेशन वार्ड में पहला केबिन चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए है। इसमें मरीजों के लिए आक्सीजन की सुविधा, दवा व उपकरण भी है। सभी कोचों में एक भारतीय शैली के शौचालय को स्नानागार के रूप में परिवर्तित किया है। मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानी व उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था भी की गई। प्रत्येक केबिन में सूखा कूड़ा, गीला कूड़ा व खतरनाक अपशिष्ट पदार्थ के निस्तारण के लिए अलग-अलग डस्टबीन रखे गए हैं।
448 संक्रमितों को कर सकते हैं आइसोलेट
एक कोच में आठ बेड हैं। इस लिहाज से रेलवे की इस व्यवस्था से 448 संक्रमितों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा सकता है। वर्तमान में जहां एक-एक बेड को लेकर मारामारी है। वहीं 448 बेड की व्यवस्था के बाद भी उपयोग नहीं हो पा रहा है।
आइसोलेशन कोचों के उपयोग के संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय व रेल मंत्रालय का प्रोटोकाल बना हुआ है। इसके तहत इसका उपयोग किया जाएगा।
साकेत रंजन
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन
Sep 07 2020 (08:27) रेलवे फाटक क्षतिग्रस्त, हाइवा चालक गिरफ्तार (www.naidunia.com)
Major Accidents/Disruptions
SECR/South East Central
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News Entry# 417761  Blog Entry# 4708602   
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Sep 07 2020 (08:28)
Station Tag: Kalmitar/KLTR added by TATA JAT Express Will Run Independently/1421836

Sep 07 2020 (08:28)
Station Tag: Ghutku/GTK added by TATA JAT Express Will Run Independently/1421836

Sep 07 2020 (08:28)
Station Tag: Bilaspur Junction/BSP added by TATA JAT Express Will Run Independently/1421836
बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। घुटकू-कलमीटार के बीच स्थित भाड़म रेलवे फाटक को हाइवा चालक ने लापरवाहीपूर्वक चलाते हुए क्षतिग्रस्त कर दिया। आरपीएफ ने आरोपित चालक के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।
घटना शनिवार रात सवा एक बजे की है। हाइवा क्रमांक सीजी 10 एपी 9930 का चालक दिलहरण उर्फ संजय साहू भाड़म फाटक से गुजर रहा था। उस समय मालगाड़ी गुजरने वाली थी। इसका संकेत मिलने के बाद गेटमैन ने फाटक बंद किया। दोनों तरफ का बूम सायरन के साथ धीरे-धीरे नीचे गिरने लगा। इसे देखकर अन्य वाहन चालक तो पहले ही खड़े हो गए। लेकिन, हाइवा चालक नहीं रुका और बंद होते फाटक को देखने के बाद हाइवा की गति बढ़ा दी। हाइवा की चपेट
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में आने से बूम टूटकर नीचे गिर गया। इसके बाद रुकने के बजाय चालक भागने का प्रयास करने लगा। लेकिन, दोनों तरफ वाहनों की कतार होने के कारण वह सफल नहीं हो सका और गेटमैन ने उसे पकड़ लिया। गेटमैन की सूचना पर तत्काल आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद हाइवा के साथ चालक को गिरफ्तार कर लिया गया।
Sep 01 2020 (06:34) यार्ड में खड़ी खाली ट्रेनें बनीं मुसीबत (www.naidunia.com)
IR Affairs
SECR/South East Central
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News Entry# 417326  Blog Entry# 4700428   
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Sep 01 2020 (06:34)
Station Tag: Harri/HRB added by RIP Pranab Mukherjee Sir🙏🙏🙏/1421836

Sep 01 2020 (06:34)
Station Tag: Venkatnagar/VKR added by RIP Pranab Mukherjee Sir🙏🙏🙏/1421836

Sep 01 2020 (06:34)
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Sep 01 2020 (06:34)
Station Tag: Gatora/GTW added by RIP Pranab Mukherjee Sir🙏🙏🙏/1421836

Sep 01 2020 (06:34)
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Sep 01 2020 (06:34)
Station Tag: Kalmitar/KLTR added by RIP Pranab Mukherjee Sir🙏🙏🙏/1421836

Sep 01 2020 (06:34)
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Sep 01 2020 (06:34)
Station Tag: Korba/KRBA added by RIP Pranab Mukherjee Sir🙏🙏🙏/1421836

Sep 01 2020 (06:34)
Station Tag: Bilaspur Junction/BSP added by RIP Pranab Mukherjee Sir🙏🙏🙏/1421836
बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अलग-अलग स्टेशनों में खड़ी खाली ट्रेनें मुसीबत बनी हुई हैं। परेशानी इसलिए क्योंकि हर 10 से 15 दिन में मरम्मत करने की आवश्यकता पड़ रही है। बिना चले ट्रेनों की मरम्मत एक तरह मुसीबत है। लेकिन, ऐसा नहीं करेंगे तो भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। दरअसल खड़ी ट्रेनों की बेरिंग, बैटरी व अल्टरनेटर समेत कई ऐसे उपकरण हैं, जिन्हें मरम्मत की आवश्यकता पड़ती है। नहीं तो ये खराब हो जाएंगे।
ट्रेनों का परिचालन 22 मार्च के बाद से बंद है। केवल चार ट्रेनें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन से चल रही हैं। इसमें राजधानी एक्सप्रेस, जनशताब्दी एक्सप्रेस, हावड़ा-मुंबई मेल और हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस शामिल हैं। बिलासपुर रेल मंडल की तो एक भी ट्रेनें नहीं चल रही
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हैं। इसके चलते लगभग 30 ट्रेनों की रैक अलग-अलग स्टेशनों में खड़ी की गई हैं। अब इनका परिचालन होना मुश्किल है। लेकिन, बिना चले केवल खड़ी रखना भी रेलवे के लिए परेशानी है। यही वजह है कि हर दिन चार से पांच ट्रेनों को बिलासपुर कोचिंग डिपो में लाया जाता है। जो ट्रेन पहुंचती हैं उसके स्थान पर डिपो से निकलने वाली खाली ट्रेनों को खड़ी की जाती है। यह व्यवस्था ट्रेनों के पहिए थमने के बाद से है। दरअसल बेरिंग, बैटरी और अल्टरनेटर ऐसे उपकरण हैं। जो खड़ी हो जाए तो खराब हो जाते हैं। इससे लाखों का नुकसान हो सकता है। इसके अलावा और भी उपकरण हैं जिसकी नियमित जांच जरूरी है। डिपो पहुंचने के बाद इलेक्ट्रिक, मैकेनिकल व रोलिंग विभाग के कर्मचारी अपने-अपने हिस्से का काम करते हैं। यही वजह है कि यार्ड में खड़ी ट्रेनें फिट हैं।
एक वजह यह भी
ट्रेनें फिट रखने के पीछे एक वजह यह भी है रेलवे बोर्ड से कभी भी परिचालन को लेकर आदेश जारी हो सकता है। इस परिस्थिति में ट्रेनें तैयार रहेंगी तो परिचालन शुरू करने में आसानी होगी। वैसे भी अब ट्रेनों के चलने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। कटनी रूट पर ट्रेनें चलाने के लिए तो जोन ने रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भी भेज दिया है।
इन स्टेशनों में खड़ी हैं ट्रेनें
बिलासपुर, कोरबा, बाराद्वार, कलमीटार, उसलापुर, गतौरा, पेंड्रारोड, वेंकटनगर और हर्री।
खाली ट्रेनें यार्ड में खड़ी जरूर हैं। लेकिन मरम्मत बेहद आवश्यक है। इसके बिना उपकरणों में तकनीकी खराबी आ सकती है। कोचिंग डिपो पहुंचने के बाद सभी विभाग के कर्मचारी अपने-अपने कार्यों को पूरा करते हैं।
संतोष कुमार
सीनियर पीआरओ, दपूमरे जोन बिलासपुर
Jun 04 2019 (21:00) लेट ट्रेन ने बिगाड़ी तस्करी की योजना, तीन महिलाओं से दो लाख का गांजा बरामद (mnaidunia.jagran.com)
Crime/Accidents
SECR/South East Central
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News Entry# 383451  Blog Entry# 4335016   
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Jun 04 2019 (21:01)
Station Tag: Kalmitar/KLTR added by RCBɪᴀɴ Fᴏʀᴇᴠᴇʀ🤘 Pʟᴀʏ Bᴏʟᴅ^~/1769309
Stations:  Kalmitar/KLTR  
आरपीएफ ने कलमीटार रेलवे स्टेशन से दो बुजुर्ग व एक अधेड़ महिला को 41.750 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। यदि बरौनी- गोंदिया एक्सप्रेस लेट नहीं होती तो शायद तीनों आसानी से ठिकाने तक गांजा पहुंचा सकते थे। सुबह उजाला होने पर और ट्रेन सुविधा नहीं मिलने पर उसलापुर से ऑटो में कलमीटार पहुंचे। तस्करी दिन में होने और गांजे की बदबू के कारण तीनों को पकड़ने में सफलता मिल गई। जब्त गांजे की कीमत दो लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।

जब्ती की यह
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कार्रवाई रविवार को की गई। उसलापुर आउट पोस्ट प्रभारी वीरेंद्र कुमार को मुखबिर से सूचना मिली कि कलमीटार में तीन महिलाएं खड़ी हैं। उनके पास भारी भरकम बैग है। इस जानकारी के बाद मंडल सुरक्षा आयुक्त आरके शुक्ला को जानकारी दी। उनके निर्देश मिलते ही टीम कलमीटार के लिए रवाना हुई। टीम में महिला स्टाफ भी शामिल था। वहां पहुंचते ही देखा कि तीनों महिलाएं स्टेशन में मौजूद हैं। इस पर महिलाओं से पूछताछ कर बैग की तलाशी ली गई। सभी बैग में गांजा भरा था। इसके बाद तीनों को पकड़कर आरपीएफ पोस्ट लाया गया। यहां पूछताछ के दौरान उन्होंने अपना नाम दयावती कैवर्त्य पति भगतराम (60) निवासी अम्लाई, लक्ष्मी सिंह पति स्व. विष्णु सिंह (65) निवासी अम्लाई और तीसरे ने अपना नाम प्रेमवती ठाकुर पति द्वारिका ठाकुर (45) निवासी धनपुरी बताया। उन्होंने आरपीएफ को बताया कि गांजा लेकर शनिवार को वे रायपुर से निकली थी। उनकी योजना थी कि दुर्ग- अंबिकापुर एक्सप्रेस से उसलापुर पहुंचती। यहां उतरकर बरौनी- गोंदिया एक्सप्रेस से अनूपपुर जाती। दरअसल अंबिकापुर एक्सप्रेस अनूपपुर नहीं जाती है। इसलिए इस तरह तस्करी करने की योजना बनाई थी। तीनों रात 12.15 बजे के करीब उसलापुर पहुंची। यहां आकर पता चला कि बरौनी- गोंदिया एक्सप्रेस घंटो लेट है। सुबह छह बजे तक ट्रेन पहुंचेगी। ट्रेन की यही लेटलतीफी उनके लिए मुसीबत बन गई। लिहाजा तड़के सुबह तीनों ऑटो से कलमीटार के लिए रवाना हो गई। कलमीटार पहुंचते- पहुंचते सुबह 11 बजे गए। उजाला होने के कारण स्टेशन में चहल- पहल थी। इसके बाद गांजे की पैकिंग ठीक से नहीं होने के कारण बदबू भी आ रही थी। जिस पर मुखबिर को संदेह हुआ और उसने इसकी जानकारी आरपीएफ को दी। इस कार्रवाई में आरपीएफ की निरीक्षक मधुबाला पात्र, प्रधान आरक्षक मनोज कुमार, एके दुबे, आरक्षक पीके कश्यप, एसके कश्यप, नीतू परमार व सुनीता देवी की अहम भूमिका रही।

महीने में दो बार तस्करी, बुजुर्ग इसलिए बच जाती थी
पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि तीनों महिलाएं लंबे समय से गांजे तस्करी जुड़ी हैं। इतना ही नहीं महीने में दो बार गांजा की तस्करी करती थीं। बुजुर्ग होने के कारण तीनों पर कोई संदेह भी नहीं करता था। रविवार को भी वे पकड़ में नहीं आती। गांजे की पैकिंग ठीक से नहीं होने के कारण आरपीएफ को यह सफलता मिली।

जब्ती का अधिकार, नौ दिन में दूसरी कार्रवाई
महीनेभर पहले ही आरपीएफ को मादक पदार्थ के प्रकरण में सर्चिंग और जब्ती का अधिकार दिया गया है। अधिकार मिलते ही आरपीएफ ने साबित कर दिया है कि वह भी इस तरह अपराधों को नियंत्रित करने के साथ आरोपितों को पकड़ सकती है। नौ दिन पहले भी उन्होंने छह किलो गांजा के साथ करगीरोड स्टेशन से एक आरोपित को पकड़ा था। यह दूसरी कार्रवाई है।
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