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Mon Jul 24, 2017 06:26:39 ISTHomeTrainsΣChainsAtlasPNRForumGalleryNewsFAQTripsLoginFeedback
Mon Jul 24, 2017 06:26:39 IST
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Today (06:21)  Central Railway to appoint tree squad (www.thehindu.com)
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Commentary/Human InterestML/Mumbai Local  -  

News Entry# 309336     
   Tags   Past Edits
This is a new feature showing past edits to this News Post.

Posted by: rdb*^  130889 news posts
25-member team will be put together to prune or cut ‘dangerous’ trees
Mumbai: The Central Railway (CR) is planning to appoint a permanent team for the sole purpose of pruning trees and, if necessary, cutting them in all sections, while the Western Railway (WR) has identified trees to be cut. According to railway officials, at least one case of a tree falling on the overhead cables or on local trains and disrupting services is reported every month.
According to a senior CR official, a team surveyed the length of the Main Line to
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check trees that may cause damage. “We found there are many trees located close to the tracks, and often they are the main reason for disruption of local train services. We are planning to float a tender soon and appoint a dedicated team to work only on trimming and cutting trees on the Central, Harbour and Trans-Harbuor lines.”
He said the voltage has increased in the AC lines which leads to an explosion if a tree falls on the overhead wires. Dangerous trees are identified, but due to shortage of staff, this is not acted upon. “Every month, we report a minimum of one case where train services are disrupted by falling trees. The team will be divided into smaller ones and will be deployed in different areas.”
The CR is planning to put together a 25-strong team, who will be hired on contract basis and will be from the private sector. Sunil Udasi, Chief PRO, CR, said, “As of now, our staff does the work of trimming and cutting trees in all sections.”
The Western Railway has identified nearly 1,200 trees which are critically ill and need to be cut. Railway authorities do several surveys throughout the year, which increase in frequency during the monsoon. In a recent incident, a branch fell on the overhead cables between Mahalaxmi and Lower Parel stations and disrupted train services for nearly 60 minutes during peak hour.
“After this incident, we conducted a survey and revised the number of trees to be cut permanently from eight to 1,200. We are in the process to cut 40 trees,” Mukul Jain, Divisional Railway Manager, Western Railway, said.
Most trees posing a danger to uninterrupted services are beyond Andheri on tjhe Western Line and. On the Central Line, they are at Byculla and beyond Kalyan.
  
Today (04:33)  बोकारो-भुवनेश्वर गरीबरथ में अधिकतर बर्थ खाली (epaper.jagran.com)
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IR AffairsSER/South Eastern  -  

News Entry# 309335     
   Tags   Past Edits
Jul 24 2017 (04:33)
Station Tag: Ranchi Junction/RNC added by दक्षिण पूर्व रेलवे^~/1421836

Jul 24 2017 (04:33)
Train Tag: Bokaro - Bhubaneswar Garib Rath Express/12831 added by दक्षिण पूर्व रेलवे^~/1421836

Posted by: दक्षिण पूर्व रेलवे^~  1257 news posts
कब कितना बर्थ खाली 1
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जागरण संवाददाता, रांची : धनबाद-चंद्रपुरा रेललाइन बंद होने के बाद सोमवार से धनबाद-भुवनेश्वर गरीबरथ को बोकारो-भुवनेश्वर गरीब रथ के रूप में चलाया जाएगा। यह ट्रेन शाम पांच बजकर 40 बजे बोकारो स्टील सिटी से प्रस्थान करेगी और दूसरे दिन सुबह आठ बजे भुवनेश्वर पहुंचेगी। परंतु, इस ट्रेन के एक माह बंद होने के बाद भी यात्रियों में इस ट्रेन के प्रति कोई रुझान नहीं है। बंद होने के बाद दोबारा चालू होने पर भी इस ट्रेन की अधिकतर थर्ड एसी के आरक्षित बर्थ
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खाली है। पूरे ट्रेन में मात्र सौ बर्थ ही आरक्षित हो पाए हैं। रविवार रात्रि साढ़े नौ बजे तक प्राप्त आकड़ों के अनुसार सोमवार को बोकारो-भुवनेश्वर गरीब रथ में 393 बर्थ खाली रह गई। यह ट्रेन सोमवार, बुधवार और शनिवार को बोकारो से रवाना होगी।24 जुलाई को 393126 जुलाई को 502129 जुलाई को 512131 जुलाई को 515102 अगस्त को 535105 अगस्त को 527एक माह के बंद होने के बाद बोकारो से चलेगी ट्रेनएक माह के बंद होने के बाद बोकारो से चलेगी ट्रेनएक माह के बंद होने के बाद बोकारो से चलेगी ट्रेन
  
Today (04:31)  कंप्यूटरीकृत टिकट की बिक्री शुरू (epaper.jagran.com)
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New Facilities/TechnologyECR/East Central  -  

News Entry# 309334     
   Tags   Past Edits
Jul 24 2017 (04:31)
Station Tag: Muzaffarpur Junction/MFP added by दक्षिण पूर्व रेलवे^~/1421836

Posted by: दक्षिण पूर्व रेलवे^~  1257 news posts
मुजफ्फरपुर : हाजीपुर रेलमार्ग पर रविवार को घोसवर स्टेशन चालू होने के छह माह बाद कंप्यूटरीकृत जनरल टिकट की बिक्री शुरू की गई। काउंटर से घोसवर से पाटलिपुत्र के लिए पहला जनरल टिकट जारी किया गया। सोनपुर मंडल के सीनियर डीसीएम ने कहा कि कंप्यूटरीकृत टिकट की बिक्री चालू होने से यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी।
  
Today (04:30)  झपहां में ट्रेनों का ठहराव (epaper.jagran.com)
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New Facilities/TechnologyECR/East Central  -  

News Entry# 309333     
   Tags   Past Edits
Jul 24 2017 (04:30)
Station Tag: Muzaffarpur Junction/MFP added by दक्षिण पूर्व रेलवे^~/1421836

Posted by: दक्षिण पूर्व रेलवे^~  1257 news posts
जासं, मुजफ्फरपुर : सीतामढ़ी से आने व जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी! मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेल खंड पर अहियापुर के झपहां में ट्रेन का हॉल्ट होगा।1 इसकी स्वीकृति जीएम से मिल गई है। स्थानीय पंचायत के मुखिया नंदलाल साह ने बताया कि इसकी मांग लंबे समय से की जा रही थी। समस्तीपुर मंडल के मुख्य वाणिज्य निरीक्षक वरुण कुमार सिंह से स्थानीय लोगों के श्रम से मिट्टी भरने की स्वीकृति भी मिल गई है। इस हॉल्ट के बनने से यात्रियों को विशेष सुविधा के साथ रेलवे की आय बढ़ेगी। झपहां हॉल्ट बनने के बाद सीआरपीफ, एसएसबी के साथ एसकेएमसीएच में आने वाले लोगों को काफी सहूलियत होगी। इसके साथ ही शहर जाने वाले यात्रियों को भी काफी सुविधा होगी।जासं, मुजफ्फरपुर : सीतामढ़ी से आने व जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी! मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेल खंड पर अहियापुर के झपहां में ट्रेन का हॉल्ट होगा।1 इसकी स्वीकृति जीएम से मिल गई है। स्थानीय पंचायत...
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के मुखिया नंदलाल साह ने बताया कि इसकी मांग लंबे समय से की जा रही थी। समस्तीपुर मंडल के मुख्य वाणिज्य निरीक्षक वरुण कुमार सिंह से स्थानीय लोगों के श्रम से मिट्टी भरने की स्वीकृति भी मिल गई है। इस हॉल्ट के बनने से यात्रियों को विशेष सुविधा के साथ रेलवे की आय बढ़ेगी। झपहां हॉल्ट बनने के बाद सीआरपीफ, एसएसबी के साथ एसकेएमसीएच में आने वाले लोगों को काफी सहूलियत होगी। इसके साथ ही शहर जाने वाले यात्रियों को भी काफी सुविधा होगी।
  
Today (04:26)  डीरेका ने केंद्र को दिया 1366 करोड़ का झटका (epaper.jagran.com)
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IR AffairsNR/Northern  -  

News Entry# 309332     
   Tags   Past Edits
Jul 24 2017 (04:26)
Station Tag: Varanasi Junction/BSB added by दक्षिण पूर्व रेलवे^~/1421836

Posted by: दक्षिण पूर्व रेलवे^~  1257 news posts
रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों को किया दरकिनार
लापरवाही
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राकेश पांडेय’वाराणसी1डीजल रेल इंजन कारखाना (डीरेका) को सुदृढ़ करने की जितनी कोशिश केंद्र सरकार की ओर से की जा रही है, प्रबंधन उसके प्रति उतना ही लापरवाह रवैया अपनाए है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की आई रिपोर्ट के अनुसार डीरेका ने केंद्र सरकार को एक हजार करोड़ से अधिक का
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झटका दिया है। 1इतना ही नहीं, डीरेका की ओर से रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों को दरकिनार करते हुए करोड़ों रुपये के सामान ऊंचे दाम में आयात किए गए। उन्हें न तो खुद तैयार करने की कोशिश की गई, ना ही घरेलू आपूर्तिकर्ताओं पर भरोसा किया गया। कैग की रिपोर्ट के मुताबिक व मनमानी से डीरेका ने केंद्र सरकार को करीब 1366 करोड़ रुपये का घाटा कराया है। इसमें हर स्तर की , मितव्ययिता व निर्देशों को अनसुना किए जाने की स्थिति शामिल है।1ट्रांसफर ऑफ टेक्नालॉजी न होने से सर्वाधिक घाटा-कैग का निष्कर्ष है कि सिर्फ ट्रांसफर ऑफ टेक्नालॉजी (टीओटी)की प्रक्रिया को पूरा न करने की स्थिति के चलते ही डीरेका करीब 803.73 करोड़ रुपये की हो सकने वाली बचत नहीं कर पाया। इतना ही नहीं इससे और बड़ा नुकसान यह हुआ कि इंजन बनाने के प्रमुख सामान की आपूर्ति के मामले में विदेशी कंपनियों पर आश्रित रहना पड़ा।1क्रैंककेस खरीद में मनमानी-रेलवे बोर्ड ने डीरेका को निर्देश दिया था कि इंजन निर्माण के महत्वपूर्ण पार्ट क्रैंककेस के आयात से बचते हुए उसका निर्माण कारखाना खुद करे या घरेलू कंपनियों से खरीदे। जरूरत हो तो इंजन निर्माण की योजना में परिवर्तन भी करे। बावजूद इसके डीरेका प्रबंधन ने ऊंचे दाम में सितंबर 2014 से नवंबर 2015 के बीच 81 क्रैंककेस का आयात करने में 59.28 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च किए। यह वह दौर था जबकि मेक इन इंडिया की योजना को परवान चढ़ा रहे थे, जबकि डीरेका रेलवे बोर्ड के निर्देश को दरकिनार कर विदेशी उपकरणों को आयात करने में जुटा था। 1कैग की रिपोर्ट1’ट्रांसफर ऑफ टेक्नालॉजी प्रक्रिया >>पूरी न होने से 14 वर्षो में न हो सकी 803.73 करोड़ की बचत1’रेलवे बोर्ड की मनाही के बावजूद >>डीरेका करता रहा क्रैंककेस का >>ऊंचे दाम में आयात
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