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पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और कोरोना प्रबंधन के एक रोल मॉडल के रूप में उभरा है
डॉ. सिंह ने डोनर मंत्रालय को 2019-20 के दौरान 100 प्रतिशत व्यय अर्जित करने पर बधाई दी
प्रविष्टि तिथि: 06 JUN 2020 5:08PM by PIB Delhi
केंद्रीय
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पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डोनर) राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज यहां मोदी सरकार 2.0 के अंतर्गत डोनर मंत्रालय की एक वर्ष की उपलब्धियों पर पुस्तिका और इसका ई-संस्करण लॉन्च किया। डोनर मंत्रालय के सचिव एवं विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। एनईसी के सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने शिलांग से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये इस लॉन्च कार्यक्रम में भाग लिया।
अपने संबोधन में डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र कई प्रकार से एक रोल मॉडल के रूप में उभरा है। पिछले छह वर्षों से विकास के लिए एक सफल मॉडल के रूप में उभरने के बाद अब यह क्षेत्र कोरोना प्रबंधन में भी रोल मॉडल के रूप में उभरा है और सामान्य कामकाजी स्थितियों में लौटने के बाद एक बार फिर से इसने अनुसरण करने के मामले में पूरे देश के लिए एक मॉडल प्रस्तुत किया है। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा पिछले छह वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र को मिली प्राथमिकता एवं संरक्षण के कारण यह संभव हुआ है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने डोनर मंत्रालय की टीम को 2019-20 के दौरान 100 प्रतिशत व्यय अर्जित करने पर बधाई दी और कहा कि सड़क, रेल एवं वायु सम्पर्क मार्ग के मामले में उल्लेखनीय विकास हुआ है जिससे न केवल पूरे क्षेत्र में बल्कि समस्त देश में वस्तुओं और व्यक्तियों की आवाजाही को सुगम बनाने में सफलता मिली है। अभी तक, क्षेत्र को पार्सल सुविधाओं के अतिरिक्त, 400 टन वायु कार्गो आपूर्ति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद के समय में बांस को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा और यह क्षेत्र युवा उद्यमियों को विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाते हुए देखेगा।

मंत्री ने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में अवसंरचना, ऊर्जा एवं अन्य सेक्टरों में उल्लेखनीय विकास देखा गया है। पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए जीबीएस का कम से कम 10 प्रतिशत निर्धारित करने की सरकार की नीति के तहत गैर-छूट प्राप्त विभागों द्वारा आरई चरण में पूर्वोत्तर राज्यों को 53,374 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये गए थे। रेलवे ने जीबीएस के अतिरिक्त 4745 करोड़ रुपये आवंटित किए। 10 प्रतिशत जीबीएस के तहत आवंटन में तेजी से बढोतरी हुई है जो पूर्वोत्तर पर माननीय प्रधानमंत्री के फोकस को प्रदर्शित करता है।

Rail News
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Part-2/
कुछ प्रमुख परियोजनाएं, जिन्हें पूर्वोत्तर क्षेत्र में पिछले एक वर्ष के दौरान अनुमोदित किया गया, आरंभ किया गया या जो पूरी हुईं, नीचे उल्लेखित हैं:
1. 9265 करोड़ रुपये की लागत से अनुमोदित इंद्रधनुष गैस ग्रिड प्रोजेक्ट सभी आठ राज्यों को कवर करती हुई 1656 किमी लंबी पूर्वोत्तर गैस पाइपलाइन होगी। यह पूर्वात्तर क्षेत्र को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराएगी तथा बिना प्रदूषण के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी। यह पूर्वात्तर के वातावरण को इसके मौलिक रूप में संरक्षित करने में काफी सहायक साबित होगी।
2.
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अरुणाचल प्रदेश की राजधानी की कनेक्टिविटी के लिए ग्रीनफील्ड होलोंगी हवाई अड्डे का काम आरंभ हो चुका है। 955.67 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ इस परियोजना के दिसंबर, 2022 तक पूरी हो जाने की संभावना है।
3. रेलवे ने दक्षिण त्रिपुरा एवं बांग्लादेश में चट्टोग्राम बंदरगाह को सुगम पहुंच उपलब्ध कराने के लिए बेलोनिया-सब्रूम (39.12 किमी) रेल लाइन पूरा कर लिया है। न्यू जलपाईगुड़ी-लुंबडिंग परियोजना के हवाईपुर-लुंबडिंग 25.05 किमी लंबे खंड के दोहरीकरण का काम भी पूरा हो चुका है।
कुछ नए प्रमुख कार्यों की मंजूरी में शामिल हैं (1) 2042.51 करोड़ रुपये की लागत से बरास्ते रांगिया (142 किमी) न्यू बोनगैगांव से अघरी खंड का दोहरीकरण, (2) 888 करोड़ रुपये एवं 3512 करोड़ रुपये की लागत से ब्रह्मपुत्र पर क्रमशः सरायघाट एवं तेजपुर सिलघाट पर पुल, (3) 2293 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पूर्वोत्तर के समस्त 2352 किमी लंबे बीजी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण।
4. सड़क क्षेत्र में, 7707.17 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 536 किमी की लंबाई वाली 35 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर निर्णय किए जा चुके हैं। अरुणाचल प्रदेश में 3 परियोजनाएं (66 किमी लंबी) पूरी हो चुकी हैं।
5. भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल (आईबीपी) रूट एवं एनडब्ल्यू 2 (ब्रह्मपुत्र) के बरास्ते कोलकाता एवं हल्दिया बंदरगाहों से गुवाहाटी टर्मिनल तक बल्क कार्गो एवं कंटेनर आवाजाही आरंभ हो चुकी है। इस जलमार्ग के प्रचालन से संभार तंत्र की लागत में काफी बचत होगी। 305.84 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से आईबीपी रूट का बांग्लादेश के हिस्से में और विकास किया जा रहा है।
6. केंद्रीय बजट 2020-21 में आरंभ कृषि उड़ान योजना शुरू हो चुकी है और बागडोगरा, गुवाहाटी एवं अगरतला हवाई अड्डों से अनानास, अदरक, किवी, जैविक उपज जैसे कृषि उत्पादों का परिवहन आरंभ हो गया है।
7. अरुणाचल प्रदेश में सुबनसिरी पन बिजली परियोजना से संबंधित सभी बाधाएं (कानूनी, राजनीतिक एवं पर्यावरणगत) दूर की जा चुकी हैं और 2000 मेगावाट परियोजना (2011 से अवरुद्ध) पर कार्य आरंभ हो चुका है तथा इसके 2023 तक पूरा हो जाने की संभावना है।
माननीय मंत्री ने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान 2803 करोड़ रुपये का मंत्रालय का व्यय किसी एक वर्ष की अवधि की तुलना में सर्वाधिक रहा है। वित वर्ष 2019-20 में मंत्रालय का व्यय 2670 करोड़ रुपये रहा है जो आरई आवंटन का 100 प्रतिशत है और यह किसी भी वित्त वर्ष के लिए सर्वोच्च रहा है। अन्य उल्लेखनीय उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
क. 2800 करोड़ रुपये के बराबर की 215 जारी परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और डोनर मंत्रालय/एनईसी की विभिन्न योजनाओं के तहत 2286 करोड़ रुपये के बराबर की 152 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
ख. कोविड-19 से मुकाबला: वित्त मंत्रालय द्वारा 7923.78 करोड़ रुपये एवं स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण मंत्रालय 235.59 करोड़ रुपये जारी किए जाने के अतिरिक्त, डोनर मंत्रालय/एनईसी द्वारा 25 करोड़ रुपये की शर्त रहित सहायता उपलब्ध कराई गई है। डोनर मंत्रालय ने मिजोरम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश एवं मणिपुर में स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए एनईएसआईडीएस के तहत 152.18 करोड़ रुपये के बराबर की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। सीबीटीसी हॉस्टल ब्लाक, बर्नीहाट, गुवाहाटी, असम एवं एनईसी हाउस, नई दिल्ली में दो क्वारंटाइन सुविधा केंद्रों की पहचान की गई है।
ग. डोनर मंत्रालय की एनईआरएलपी एवं एनईआरसीओआरएमपी आजीविका योजनाएं पूर्वोत्तर के छह राज्यों, 15 जिलों को कवर करती हैं और इसने क्षेत्र के 4,12,644 परिवारों के लिए आजीविका का सृजन किया है। इन योजनाओं के तहत, 36,561 एसएचजी, 1506 एसएचजी फेडेरेशनों, 1599 समुदाय विकास समूहों, 2899 प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन समूहों (एनएआरएमजी) तथा 286 एनएआरएमजी संघों का सृजन किया गया है।
घ. पूर्वोत्तर क्षेत्र के एमएसएमई एवं सूक्ष्म वित्त क्षेत्रों के संवर्धन के लिए, एनईडीएफआई ने 30 करोड़ रुपये के लक्ष्य, जैसाकि जून 2019 से मई 2020 के दौरान मंत्रालय के साथ एमओयू में प्रावधान किया गया था, के मुकाबले 47.02 करोड़ रुपये की राशि संवितरित की है। इसने बीएफसी के जरिये कुल 539 उद्यमियों को मेंटरिंग सेवाएं भी उपलब्ध कराई हैं और 77 उद्यमियों के लिए क्रेडिट लिंक सुगम बनाया है।
ड़. मंत्रालय एवं एनईसी, एनईएचएचडीसी, सीबीटीसी आदि जैसे इसके संगठनों द्वारा संचालित प्रमुख कार्यक्रमों में केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में गुवाहाटी में एनईसी पूर्ण अधिवेशन, उप्र एवं नजदीक के बिहार के क्षेत्रों में पूर्वोत्तर क्षेत्र के हथकरघ एवं हस्तशिल्पों को बढ़ावा देने के लिए वाराणसी में डेस्टिनेशन नार्थ-ईस्ट, आइजॉल में पूर्वोत्तर क्षेत्र हथकरघा एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी और जम्मू एवं कश्मीर में केन तथा बांस पर कार्यशाला सह प्रदर्शनी शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री ने डोनर मंत्रालय की टीम को 2019-20 के दौरान 100 प्रतिशत व्यय अर्जित करने पर बधाई दी। उन्होंने कोविड-19 से मुकाबला करने के लिए अवसंरचना विकसित करने में पूर्वोत्तर राज्यों की सहायता करने तथा ऐसे विभिन्न मुद्दों जिनके लिए केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के अंतःक्षेपों की आवश्यकता थी, में पूर्वोत्तर के राज्यों एवं विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के बीच एक समन्वयकारी भूमिका निभाने के लिए भी मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों से अपनी गति बनाये रखने तथा अच्छा कार्य जारी रखने की अपील की।
***
एसजी/एएम/एसकेजे/एसके
(रिलीज़ आईडी: 1629986) आगंतुक पटल
Today (11:38) प्रधानमंत्री ने श्री वेद मारवाह के निधन पर शोक व्यक्त किया (pib.gov.in)
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प्रधानमंत्री कार्यालय
प्रविष्टि तिथि: 06 JUN 2020 11:58AM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के पूर्व पुलिस आयुक्त और मणिपुर, मिजोरम तथा झारखंड के पूर्व राज्यपाल श्री वेद मारवाह के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, 'श्री वेद मारवाह जी को सार्वजनिक जीवन में उनके समृद्ध योगदान के लिए याद किया जाएगा। एक आईपीएस अधिकारी के रूप में
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अटूट साहस हमेशा उनके जीवन में बना रहा। वह एक अच्छे बौद्धिक शख्स भी थे। उनके निधन से बहुत दुख हुआ। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति।'

Shri Ved Marwah Ji will be remembered for his rich contributions to public life. His unwavering courage always stood out during his career as an IPS officer. He was also a well respected public intellectual. Pained by his demise. Condolences to his family and admirers. Om Shanti.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 6, 2020
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एसजी/एएम/केजे
(रिलीज़ आईडी: 1629836) आगंतुक पटल : 276
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय
प्रविष्टि तिथि: 06 JUN 2020 5:01PM by PIB Delhi
कोविड-19 की वर्तमान स्थिति के बावजूद राष्‍ट्रीय केमिकल्‍स एण्‍ड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड- आरसीएफ अपने कार्यों को संचालित करने में सफल रहा है और इसने चालू वित्त वर्ष 2020-21 के पहले दो महीनों में अपने औद्योगिक उत्पादों की बिक्री में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। आरसीएफ उर्वरक विभाग, भारत सरकार के तहत सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है।
प्रमुख
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उत्पाद हैं: अमोनिया–प्रशीतक (रेफ्रिजरेंट) के रूप में; स्टील, रॉकेट ईंधन, फार्मास्यूटिकल्स के नाइट्राइडिंग के लिए।
अमोनियम नाइट्रेट- कोयला खनन आदि के लिए विस्फोटक में।
अमोनियम बाय-कार्बोनेट- बेकरी उत्पादों, टेनरियों (चर्म उद्योग) के लिए।
मिथाइल एमाइन- कीटनाशकों, रंग, फार्मास्यूटिकल्स में।
सांद्र नाइट्रिक एसिड: विस्फोटक, फार्मास्यूटिकल्स में।
तनु न्यूट्रिक एसिड: ज्‍वैलरी, प्रणोदक (प्रोपेलेंट) में।
आर्गन - आर्क वेल्डिंग।
फॉर्मिक एसिड - रबर, चमड़े में।
डाई -मिथाइल फॉर्मामाइड - फाइबर, स्पैन्डेक्स, पॉलीमाइड्स के लिए विलायक के रूप में।
डाई-मिथाइल एसिटामाइड - पॉलिएस्टर फिल्म, एक्रिलिक फाइबर के लिए विलायक के रूप में।
सोडियम नाइट्रेट: प्रणोदक(प्रोपेलेंट), विस्फोटक में।
आरसीएफ का 2019-20 की चौथी तिमाही का टैक्स के बाद लाभ 2018-19 की चौथी तिमाही की तुलना में 190% से अधिक बढ़ गया है।
राष्‍ट्रीय केमिकल्‍स एण्‍ड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (आरसीएफ) का मार्च तिमाही में टैक्स के बाद लाभ पिछले वर्ष के 48.47 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 142.28 करोड़ रुपये हो गया है। इस प्रकार मार्च तिमाही के लाभ में 193.54% की वृद्धि दर्ज की गयी है।
वित्त वर्ष 2018-19 की तुलना में 2019-20 के दौरान आरसीएफ के लाभ (टैक्स के बाद)में 49% की वृद्धि दर्ज की गयी है।
31 मार्च, 2020 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए टैक्स के बाद लाभ पिछले वर्ष के 139.17 करोड़ रुपये से बढ़कर 208.15 करोड़ रुपये हो गया है।
परिचालन से वार्षिक राजस्व में 9% (वर्ष-दर-वर्ष) की वृद्धि दर्ज की गयी है और यह बढ़कर 9698 करोड़ रुपये हो गया है, जो कि स्थापना के बाद से अब तक का सबसे अधिक है। असाधारण वस्तुओं (इक्सेप्शनल आइटम्स) से पहले वार्षिक ईबीआईडीटीए में 36% (वर्ष-दर-वर्ष) की वृद्धि हुई है और यह बढ़कर 711.96 करोड़ रुपये हो गया है।
कंपनी द्वारा विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, पिछले वर्ष की तुलना में चालू वर्ष के लिए कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन बेहतर रहा है।
उर्वरक उद्योग को कुछ राहत मिली है, क्योंकि सरकार ने कुछ संयंत्रों को 150 रुपये प्रति टन के विंटेज भत्ते (30 वर्ष पुराना + गैस में परिवर्तित) को मंजूरी दी और संशोधित एनपीएस III के अनुसार अतिरिक्त निश्चित लागत के रूप में प्रति टन यूरिया के लिए 350 रुपये का अनुमोदन किया, जिसका लम्बे समय से इन्तजार किया जा रहा था। आरसीएफ ने वित्त वर्ष 2019-20 के चौथी तिमाही में इसका हिसाब रखा है।
बोर्ड ने 28.40% लाभांश की सिफारिश की है, यह कंपनी के इतिहास में सबसे अधिक लाभांश की घोषणा है।
आरसीएफ के सीएमडी एस.सी. मुदगेरीकर ने कहा है कि वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान निर्मित और व्यापार किये जाने वाले उर्वरकों की कुल बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में 7% की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में कंपनी के कॉम्प्लेक्स फ़र्टिलाइज़र-सुफला की बिक्री में 15% से अधिक की वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान आरसीएफ ने दो नए उत्पाद लॉन्च किए- आर्गेनिक ग्रोथस्टीमुलेंट और पानी में घुलनशील सिलिकॉन उर्वरक। वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान आरसीएफ ने 15 मिलियन लीटर प्रति दिन क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को शुरू किया। आरसीएफ को सरकारी खाते पर यूरिया के आयात के लिए एक स्टेट ट्रेडिंग एंटरप्राइज के रूप में भी मान्यता प्राप्त हुई और कंपनी ने 16 लाख मीट्रिक टन यूरिया का आयात किया।
कृषि क्षेत्र को वित्त वर्ष 2020-21 में अच्छे मानसून के पूर्वानुमान से मदद मिलने की उम्मीद है। मौजूदा कोविड-19 महामारी में, कंपनी आने वाली चुनौतियों का सामना करने और आने वाले अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार है।
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एसजी/एएम/जेके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 1629949) आगंतुक पटल : 94
कोयला मंत्रालय
कर्मचारियों और हितधारकों के साथ डिजिटल रूप से जुड़ने के लिए लॉन्च किया गया है ‘संवाद’ एप
खनन कार्यों की निगरानी करेगी ‘डब्ल्यूसीएल आई’
प्रविष्टि तिथि: 06 JUN 2020 3:15PM by PIB Delhi
कोल
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इंडिया की सहायक कंपनी वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) ने आज महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में 3 नई कोयला खदानें खोली हैं, जिनकी संयुक्‍त वार्षिक उत्पादन क्षमता 2.9 मिलियन टन (एमटी) है। कंपनी इन परियोजनाओं पर कुल 849 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) करेगी और 647 लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करेगी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री उद्धव ठाकरे, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी और केंद्रीय कोयला व खान मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इन खदानों का उद्घाटन किया।
केंद्रीय कोयला व खान मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने इस अवसर पर कहा, ‘डब्ल्यूसीएल को वित्त वर्ष 2023-24 तक 75 एमटी कोयले का उत्पादन करना है। इन खदानों के खुलने से कंपनी के इस मुकाम तक पहुंचने के प्रयासों में निश्चित रूप से मदद मिलेगी। इतना ही नहीं, इससे कोल इंडिया को वित्त वर्ष 2023-24 तक 1 अरब टन (बीटी) कोयले के उत्पादन लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।’
डब्ल्यूसीएल द्वारा खोली गई तीन खदानें ये हैं- महाराष्ट्र के नागपुर क्षेत्र में अदसा खदान, जो एक भूमिगत खुली खदान है, ख) कन्हान क्षेत्र में शारदा भूमिगत खदान और ग) मध्य प्रदेश के पेंच क्षेत्र में धनकसा भूमिगत खदान। अदसा खदान की वार्षिक कोयला उत्पादन क्षमता 1.5 एमटी है, जबकि शारदा और धनकसा खदानों की वार्षिक कोयला उत्पादन क्षमता क्रमशः 0.4 एमटी और 1 एमटी है।
इस अवसर पर कंपनी ने अपने खनन कार्यों की निगरानी करने के लिए ‘डब्ल्यूसीएल आई’ के नाम से एक निगरानी प्रणाली शुरू की और इसके साथ ही अपने कर्मचारियों एवं हितधारकों से जुड़ने के लिए ‘संवाद’ के नाम से एक एप लॉन्‍च किया। ‘डब्ल्यूसीएल आई’ इस कंपनी की उन 15 प्रमुख खदानों के परिचालन की चौबीसों घंटे निगरानी करेगी जिनकी हिस्‍सेदारी कंपनी के कुल कोयला उत्पादन में 70% है। इतना ही नहीं, यह कोयले के स्टॉक के साथ-साथ साइडिंग पर कोयले की उपलब्धता और रेलवे साइडिंग (बगल की रेल लाइन) पर रेक के प्‍लेसमेंट एवं ढुलाई पर करीबी नजर रखने तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने में भी मदद करेगी।
‘संवाद’ दरअसल कर्मचारियों और हितधारकों के लिए एक मोबाइल एवं डेस्कटॉप एप है, जो सुझाव/प्रतिक्रिया/अनुभव साझा करने के लिए एक आभासी या वर्चुअल प्‍लेटफॉर्म प्रदान करेगा। त्‍वरित प्रतिक्रि‍या टीमें 7 दिनों की निर्धारित अवधि में प्रश्नों और फीडबैक का जवाब देंगी।
श्री जोशी ने घोषणा की कि कोल इंडिया की विभिन्न सहायक कंपनियों ने मध्य प्रदेश सरकार को राज्य में कोविड-19 महामारी के खिलाफ अपनी लड़ाई को मजबूती प्रदान करने के लिए 20 करोड़ रुपये दिए हैं। कोल इंडिया महाराष्ट्र सरकार को भी कोविड-19 के खिलाफ अपनी लड़ाई को मजबूती प्रदान करने के लिए एक-दो दिन में 20 करोड़ रुपये देगी।
डब्ल्यूसीएल ने चालू वित्त वर्ष के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए ‘मिशन 100 डेज’ के नाम से एक रोडमैप लॉन्च किया है। यह मिशन कंपनी के मध्यमकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राप्‍त करने में भी उसकी मदद करेगा। चालू वित्त वर्ष के लिए कंपनी का कोयला उत्पादन और उठाव लक्ष्य 62 एमटी है।
श्री जोशी ने कहा, ‘इन 3 खदानों को खोलना वित्त वर्ष 2023-24 तक 20 नई परियोजनाएं शुरू करने की डब्ल्यूसीएल की भविष्य की योजना का एक हिस्सा है, जिनमें से 14 परियोजनाएं महाराष्ट्र में और 6 परियोजनाएं मध्य प्रदेश में शुरू की जाएंगी। कंपनी इन परियोजनाओं पर कुल 12753 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय करेगी और 14000 से भी अधिक प्रत्यक्ष रोजगारों का सृजन करेगी।
कंपनी पिछले 6 वर्षों में 5300 करोड़ रुपये से भी अधिक के पूंजीगत व्यय के साथ 20 नई और विस्तार परियोजनाएं शुरू कर चुकी है तथा भूमि गंवाने वालों को 5250 प्रत्यक्ष रोजगार दे चुकी है।
डब्ल्यूसीएल ने वित्त वर्ष 2019-20 में 57.64 एमटी कोयले का उत्पादन किया था, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 8% से भी अधिक की वृद्धि को दर्शाता है।

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एसजी/एएम/आरआरएस- 6650

(रिलीज़ आईडी: 1629905) आगंतुक पटल : 189
Today (11:37) भारत-चीन सीमा स्थिति (pib.gov.in)
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रक्षा मंत्रालय
प्रविष्टि तिथि: 06 JUN 2020 12:25PM by PIB Delhi
भारत और चीन के अधिकारी, भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में वर्तमान स्थिति के समाधान के लिए स्थापित सैन्य और राजनयिक माध्यमों के जरिये निरंतर प्रयासरत हैं। इसलिए, वर्तमान स्थिति में इन प्रयासों को लेकर कोई भी अटकल या निराधार रिपोर्टिंग मददगार नहीं होगी और मीडियों को ऐसी रिपोर्टिंग से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
एएम/एसकेजे
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(रिलीज़ आईडी: 1629842) आगंतुक पटल : 370
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