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NLDM/Nangal Dam (3 PFs)
ਨੰਗਲ ਡੈਮ     नंगल डैम

Track: Single Electric-Line

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Railway Road,Nangal
State: Punjab

Elevation: 355 m above sea level
Zone: NR/Northern   Division: Ambala

No Recent News for NLDM/Nangal Dam
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: 3
Number of Halting Trains: 12
Number of Originating Trains: 4
Number of Terminating Trains: 4
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Rating: 3.8/5 (19 votes)
cleanliness - excellent (3)
porters/escalators - average (2)
food - average (2)
transportation - excellent (2)
lodging - good (2)
railfanning - good (2)
sightseeing - good (3)
safety - good (3)
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Station News

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May 07 (16:55) एक ऐसी भारतीय ट्रेन जिसमें नहीं लगता कोई किराया, पढ़ें पूरी खबर (www-herzindagi-com.cdn.ampproject.org)
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News Entry# 485507  Blog Entry# 5337461   
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May 07 2022 (16:55)
Station Tag: Nangal Dam/NLDM added by भारतीय/778285
Stations:  Nangal Dam/NLDM  
हम सभी ने बचपन से लेकर बड़े होने तक एक बार नहीं बल्कि हजारों बार ट्रेन में सफ़र किया होगा। आज भी घर जाना होता है तो ट्रेन में ही सफ़र सकते हैं। रोज करोड़ों सैलानी रेल से यात्रा करके एक जगह से दूसरी जगह पर जाते हैं। इसलिए भारतीय रेलवे को देश की लाइन भी कहा जाता है, क्योंकि ये यातायात माध्यम देश के लगभग हर हिस्से में फ़ैल हुआ है।
लेकिन आप और हम जब भी ट्रेन में यात्रा करते हैं तो टिकट ज़रूर लेते हैं। पर, देश में एक ऐसी भी ट्रेन दौड़ती है जिसमें सवारी करने पर किसी भी व्यक्ति को किराया नहीं देना होता है। जी हां, आज इस लेख में हम आपको उस ट्रेन के बारे
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में बताने जा रहे हैं जिसमें आप भी फ्री में यात्रा कर सकते हैं। आइए इस ट्रेन के बारे में जानते हैं।
क्या है ट्रेन का इतिहास?

जिस ट्रेन के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं उस ट्रेन की कहानी बेहद ही दिलचस्प है। इस ट्रेन के बारे में कहा जाता है कि यह ट्रेन पिछले करीब 70 साल से चल रही है और पिछले 70 साल से लोग इस ट्रेन में फ्री में यात्रा कर रहे हैं। इस ट्रेन को लेकर ये कहा जाता है कि ये लगभग साल 1949 से चल रही है और हर रोज हजारों सैलानी इस ट्रेन में सफ़र का मज़ा उठाते हैं वो भी फ्री में।
क्या है ट्रेन का नाम?

जिस ट्रेन के बारे में जिक्र कर रहे हैं वो ट्रेन दिन में सिर्फ दो बार ही चलती है। ये ट्रेन नांगल से सुबह करीब 7 बजे और भाखड़ा से दोपहर 3 बजे के आसपास चलती है। वहीं भाखड़ा से वापसी सुबह 8 बजे और शाम 4 बजे के करीब चलती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस ट्रेन का नाम 'नांगल-भाखड़ा ट्रेन' है, जो लगभग 50 मिनट की सफ़र तय करती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह ट्रेन हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बॉर्डर पर चलती है।(टॉय ट्रेन से जुड़े इंटरेस्टिंग फैक्ट्स)
ट्रेन चलाने का क्या है मकसद?
नांगल-भाखड़ा ट्रेन चलाने के पीछे एक बेहद ही खास मकसद है। जी हां, आपने ये ज़रूर सुना होगा कि भारत के सबसे बड़े बांध (डैम) से एक है नांगल-भाखड़ा बांध। आपको बता दें कि यह ट्रेन भाखड़ा-नांगल बांध के बारे में जानकारी देने के उद्देश्य से चलाई जाती है। ट्रेन चलाने का खास मकसद है कि देश की आने वाली पीढ़ी ये जान सके की देश का सबसे बड़ा भाखड़ा बांध कैसे बना और इसका क्या महत्व है।(खूबसूरत डैम)
25 गांवों के लोग करते हैं सफ़र

भाखड़ा-नांगल ट्रेन लगभग दुनिया की एकमात्र ऐसी ट्रेन है जिसमें सफ़र करने पर यात्रियों को किसी भी तरह के टिकट लेने की ज़रूरत नहीं पड़ती है। इस ट्रेन के बारे में कहा जाता है कि रूट में सफ़र करने वाले लगभग 25 गांवों के लोग बिना किसी किराया के इस ट्रेन में सफ़र करते हैं। बाहर से घूमने आए सैलानी भी इसमें फ्री में यात्रा करते हैं।
Apr 30 (15:21) Indian Railway News: ये है भारत की इकलौती ऐसी ट्रेन, जिसमें 73 सालों से बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं लोग, जानिए क्यों है फ्री (navbharattimes.indiatimes.com)
Commentary/Human Interest
NR/Northern
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News Entry# 484765  Blog Entry# 5329219   
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Apr 30 2022 (15:21)
Station Tag: Nangal Dam/NLDM added by न्यूज अच्छी है चलो इसपर वीडियो बना देता हु/1084688
Stations:  Nangal Dam/NLDM  
Indian Railway News: हर ट्रेन में यात्रा करने के लिए किराया देने की जरूरत होती है। लेकिन एक ट्रेन ऐसी है, जिसमें मुफ्त में यात्रा का मजा मिलता है। ये ट्रेन चलती है भाखड़ा-नागल बांध (Bhakra Nangal Dam Train) देखने वालों के लिए। यह ट्रेन करीब 73 साल पहले 1949 में पहली बार चली थी। इसके जरिए 25 गांव के करीब 300 लोग रोज मुफ्त में सफर करते हैं।
नागल और भाखड़ा के बीच चलती है ये ट्रेन
यह ट्रेन नागल और भाखड़ा के बीच चलती है। यह हिमाचल प्रदेश और पंजाब के
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बॉर्डर पर चलती है। भाखड़ा नागल बांध देखने जाने वाले लोग इस ट्रेन में मुफ्त यात्रा का फायदा उठा सकते हैं। इस ट्रेन की सबसे खास बात यह है कि इसके कोच लड़की के बने हैं और इसमें कोई टीटी नहीं होता है। यह ट्रेन डीजल इंजन पर चलती है, जिसमें हर रोज 50 लीटर डीजल खर्च होता है। पहले इस ट्रेन में 10 बोगियां होती थीं, लेकिन अब सिर्फ 3 बोगियां हैं। साथ ही इसमें एक बोगी पर्यटकों के लिए और एक बोगी महिलाओं के लिए आरक्षित है।
मुफ्त में यात्रा क्यों कराती है ये ट्रेन?
इस ट्रेन में मुफ्त यात्रा इसलिए कराई जाती है, ताकि लोग भागड़ा डैम को देख सकें। आज की पीढ़ी भाखड़ा नागल डैम को देखे और समझे कि इसे बनाने में कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड के जरिए ही इस ट्रेन का संचालन किया जाता है। इस ट्रेन को चलाने के लिए जो रास्ता बनाया गया है, उसे पहाड़ों को काटकर बनाया गया था और ट्रैक बिछाया गया था।
73 सालों से 25 गांव के 300 लोग मुफ्त कर रहे यात्रा
यह ट्रेन करीब 73 साल पहले 1949 में पहली बार चली थी। इसके जरिए 25 गांव के करीब 300 लोग रोज मुफ्त में सफर करते हैं। स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चों को इस ट्रेन से सबसे ज्यादा फायदा होता है। इसके जरिए भाखड़ा के आसपास के गांव बरमला, ओलिंडा, नेहला भाखड़ा, हंडोला, स्वामीपुर, खेड़ा बाग, कालाकुंड, नंगल, सलांगड़ी सहित तमाम जगहों के लोग यात्रा करते हैं।
Mar 06 (20:38) नंगल-तलवाड़ा रेल मार्ग के लिए 335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान (www-amarujala-com.cdn.ampproject.org)
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News Entry# 479479  Blog Entry# 5235860   
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Mar 06 2022 (20:38)
Station Tag: Talwara/TLWRA added by भारतीय/778285

Mar 06 2022 (20:38)
Station Tag: Nangal Dam/NLDM added by भारतीय/778285

Mar 06 2022 (20:38)
Station Tag: Daulatpur Chowk/DLPC added by भारतीय/778285

Mar 06 2022 (20:38)
Station Tag: Una Himachal/UHL added by भारतीय/778285

Mar 06 2022 (20:38)
Station Tag: Una Himachal/UHL added by भारतीय/778285
दौलतपुर चौक (ऊना)। जयराम सरकार के पांचवें बजट में नंगल-तलवाड़ा रेल मार्ग के लिए 335 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जिससे दौलतपुर चौक-तलवाड़ा रेलवे लाइन के निर्माण में तेजी आने की आस जगी है। साथ ही रेल यात्रियों को अन्य सुविधाएं मिलने की भी उम्मीद बंधी है। विज्ञापन ...
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नंगल-तलवाड़ा रेलवे लाइन को मुकेरियां से मिलाएं जाने का प्रस्ताव है ताकि आने वाले समय में रेल कनेक्टिविटी पठानकोट और जम्मू तक हो सके। पंजाब में आने वाले क्षेत्र में इसका कार्य चला हुआ है। लोग दौलतपुर चौक तलवाड़ा के बीच रेल लाइन बिछने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि इस क्षेत्र की जनता चंडीगढ़, दिल्ली जैसे शहरों से सीधे जुड़ सके। उधर, भाजपा नेता सुशील कालिया ने बताया कि प्रदेश सरकार ने नंगल तलवाड़ा रेल मार्ग के लिए 335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान करके सराहनीय कार्य किया है। उत्तर रेलवे सलाहकार समिति सदस्य सुमीत शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार हिमाचल में रेलवे के विकास के लिए प्रयासरत है।
राज्य / भारत की एकमात्र ट्रेन जिसमें बिना टिकट यात्रा कर सकते हैं यात्री, 73 वर्षों से चल रही है, जानिए कहां से कहां तक चलती है यह ट्रेन
वैसे से तो देश के की हिस्सों में यात्री बिना टिकट रेलवे से यात्रा करते हैं। हालांकि, यह एक गैरकानूनी कदम है। रेलवे से बिना टिकट यात्रा करना दंडनीय अपराध है। लेकिन क्या आप जानते हैं भारत में एक ऐसी भी ट्रेन है जिसमें यात्री कानूनी तरीके से फ्री में सफर कर सकते हैं। जी हां, सही सुना आपने भारत में एक मात्र ऐसी ट्रेन हैं जिसमें यात्री बिना टिकट, मुफ्त में यात्रा करते हैं।
कहां
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से कहां तक चलती है यह ट्रेन
यह ट्रेन हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बॉर्डर पर चलती है। यह ट्रेन नंगल से भाखड़ा बांध तक चलती है। इस ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट नहीं लेना पड़ता है। इस ट्रेन से 25 गांवों के लोग पिछले करीब 73 साल से फ्री में सफर कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब एक तरफ देश की सभी ट्रेनों के टिकट के दाम बढ़ाए जा रहे हैं तो दूसरी तरफ लोग इस ट्रेन में फ्री में सफर क्यों करते हैं और रेलवे इसकी इजाजत कैसे देता है?
इस कारण से चलाई जाती है ट्रेन
बता दें कि इस ट्रेन को इसलिए चलाया जाता है ताकि देश की भावी पीढ़ी यह जान सके कि देश का सबसे बड़ा भाखड़ा डैम कैसे बना था। उन्हें मालूम हो कि इस डैम को बनाने में किन दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। कौन-कौन सी चुनौतियां आदि इसको बनाने में आईं थी। बीबीएमबी इस ट्रेन का संचालन करता है। सबसे पहले इस ट्रेन को चलाने के लिए BBMB (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) ने चट्टानों को काटकर दुर्गम रास्तों का निर्माण किया था, ताकि निर्माण सामाग्री को डैम तक पहुंचाया जा सके।
73 वर्षों से चल रही है यह ट्रेन
पिछले 73 वर्षों से चल रही इस ट्रेन को पहली बार साल 1949 में चलाया गया था। इस ट्रेन के जरिए 25 गांव के 300 लोग प्रतिदिन यात्रा करते हैं। इस ट्रेन का सबसे ज्यादा फायदा छात्रों को होता है। ट्रेन नंगल से डैम तक चलती है और दिन में दो बार सफर तय करती है। ट्रेन की खास बात ये है कि इसके सभी कोच लकड़ी के बने हैं। इसमें न तो कोई हॉकर और न ही आपको इसमें टीटीई मिलेगा।
डीजल इंजन से चलती है ट्रेन
यह ट्रेन डीजल इंजन से चलती है। एक दिन में इस ट्रेन में 50 लीटर डीजल की खपत होती है। जब एक बार इसका इंजन स्टार्ट हो जाता है तो भाखड़ा से वापिस आने के बाद ही बंद होता है। इसके अंदर बैठने के लिए भी लकड़ी के ही बेंच लगे हैं। इस ट्रेन के माध्यम से भाखड़ा के आसपास के गांव बरमला, ओलिंडा, नेहला, भाखड़ा, हंडोला, स्वामीपुर, खेड़ा बाग, कालाकुंड, नंगल, सलांगड़ी, लिदकोट, जगातखाना, परोईया, चुगाठी, तलवाड़ा, गोलथाई के लोगों का यहां आने जाने का एक मात्र साधन है।
क्योंकि अगर यह लोग बसों के माध्यम से अपने गांवों में आते हैं तो या तो इन्हें बाया ऊना, मेहतपुर आना पड़ता है। जिससे इनका सफर काफी लंबा हो जाता है। वहीं यह लोग नंगल में आने के लिए वाया मेहतपुर में आते हैं तो उन्हें नंगल की दूरी 20 किलोमीटर पड़ती है।
ट्रेन दिन में दो बार फेरी देती है
सुबह 7:05 पर ये ट्रेन नंगल से चलती है और लगभग 8:20 पर ये ट्रेन भाखड़ा से वापस नंगल की ओर आती है। वहीं दोपहर में एक बार फिर 3:05 पर ये नंगल से चलती है और शाम 4:20 पर ये भाखड़ा डैम से वापस नंगल को आती है। नंगल से भाखड़ा डैम पहुंचने में ट्रेन को लगभग 40 मिनट लगते है। जब ट्रेन को शुरू किया गया था तब इसमें 10 बोगीयां चलती थीं, लेकिन अब इसमें केवल 3 ही बोगीयां हैं। ट्रेन नंगल से चलने के बाद लेबर हट स्टेशन, पीआरओ, बरमला, नेहला, ओलिंडा स्टेशनों पर रुकती है। इस ट्रेन में एक डिब्बा पर्यटकों के लिए और एक महिलाओं के लिए आरक्षित है।
बीबीएमबी देता है बजट
मालूम हो कि डैम के लिए बीबीएमवी जमीन का अधिग्रहण किया गया था उस समय मैनेजमेंट ने स्थानीय लोगों से वादा किया था कि उनकी सुविधा के लिए यह ट्रेन हमेशा चलती रहेगी। लोगों से किए गए वादे को आज भी बीबीएमवी निभा रहा है। ट्रेन चलाने चलाने के लिए प्रतिवर्ष बजट का निर्धारण किया जाता है। प्रत्यक वर्ष करीब 57 लाख रूपए का बजट रखा जाता है।
Sep 30 2021 (14:09) सौंपा ज्ञापन:चंडीगढ़-नंगलडैम पैसेंजर ट्रेन शुरू कराने के लिए दैनिक यात्री सेवा संघ ने सौंपा ज्ञापन (www.bhaskar.com)
Commentary/Human Interest
NR/Northern
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News Entry# 466340  Blog Entry# 5080324   
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Sep 30 2021 (14:09)
Station Tag: Nangal Dam/NLDM added by न्यूज अच्छी है चलो इसपर वीडियो बना देता हु/1084688

Sep 30 2021 (14:09)
Station Tag: Chandigarh Junction/CDG added by न्यूज अच्छी है चलो इसपर वीडियो बना देता हु/1084688
दैनिक यात्री सेवा संघ के एक शिष्टमंडल ने दैनिक यात्रियों की समस्याओं को लेकर रेलवे स्टेशन कैंट के स्टेशन निदेशक के कार्यालय में अपना मांग पत्र साैंपा। इसमें रेलवे से आग्रह किया गया कि पहले की तरह सुबह की पैसेंजर ट्रेन अम्बाला छावनी से चंडीगढ़/नंगलडैम, जिसे कोरोनाकाल में बंद कर दिया गया था, को फिर से चलाया जाए। चंडीगढ़ को जाने वाले सैकड़ों प्राइवेट और सरकारी कर्मचारियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मेल एक्‍सप्रेस ट्रेनों में पास होल्डर दैनिक यात्रियों को चेकिंग स्टाफ द्वारा परेशान किया जाता है और उनसे जुर्माना वसूला जाता है तथा उनकी एमएसटी की सुविधा को अमान्य माना जाता है। शिष्टमंडल द्वारा रेलवे से यह अनुरोध किया गया कि पुरानी रेल वयवस्था को पुनः
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बहाल किया जाए। इस अवसर पर प्रधान, कृष्ण अवतार सूरी के साथ मुख्य रूप से मेवा सिंह, चावरिया, रामचंद्र, नरेंद्र वर्मा, सुरेंद्र ढींगरा, केशव कनौजिया, कुलदीप सिंह, विनय बावा तथा मास्टर जगदीश उपस्थित रहे।
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