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Jul 03 (23:20) गुड न्यूज, इस इलाके के भी लोग अब कर सकेंगें ट्रेन की सवारी, रेललाइन के लिए रुपये आवंटित (m.livehindustan.com)
Rail Budget
NFR/Northeast Frontier
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News Entry# 344257  Blog Entry# 3599845   
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Jul 03 2018 (23:20)
Station Tag: Araria Court/ARQ added by amishkumar~/1702584
Stations:  Araria Court/ARQ  
सुपौल-अररिया रेलखंड के लिए कार्यारंभ करने के लिए एस्टिमेडेड कॉस्ट 1605.17 करोड़ रुपया आवंटित किया गया है। राशि आवंटित हो जाने के बाद अब भूमि अधिग्रहण का काम शुरू किया जायेगा। इसके लिए बिहार सरकार भूमि अधिग्रहण का काम करेंगी। आवंटित राशि से मिट्टी का काम और पटरी बिछाने का काम 1421.87 करोड़ की लागत से करायी जायेगी।इसके अलावा सिग्नल और टेलीकम्यूनिकेशन का काम 68.44 लाख, इलेक्ट्रिक का काम 24.70 लाख और टेक्निकल विद्युत कार्य 90.16 लाख रुपये की लागत से करायी जायेगी। गौरतलब है कि सुपौल-अररिया 95 किमी लंबी रेलखंड के लिए पिछले वित्तीय वर्ष में 100 करोड़ रुपये आवंटित किया गया। यह रेल लाईन पिपरा, त्रिवेणीगंज, जदिया, रानीगंज होते हुए अररिया तक बिछायी जायेगी। सुपौल से पिपरा के बीच यह रेल लाईन खरैल, चैनसिंहपट्टी, सिसौनी, पथरा, जोलहनिया, गिदराही, कटैया मिलिक, दिनापट्टी, थुमहा, कटैया माहे, अमहा होते हुए पिपरा जायेगी। सुपौल-पिपरा के बीच 360 एकड़ जमीन होगा अधिग्रहणसुपौल से पिपरा के...
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बीच 21 किमी में 360 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जायेगा। इसमें लगभग 18 मौजा से यह रेललाईन गुजरेगी। इसके लिए भूअर्जन विभाग से 136 करोड़ 35 लाख रुपये का डिमांड किया गया था। डिमांड नहीं रहने के कारण भूमि अधिग्रहण का काम लंबित पड़ा था। लेकिन अब आवंटन आ जाने के बाद भूमि अधिग्रहण का काम शुरू किया जायेगा। रेलमंत्री को ऊर्जा मंत्री ने लिखा था पत्रसामरिक दृष्टिकोण से अतिमहत्वपूर्ण माने जाने वाले इस रेलखंड पर काम चालू कराने के लिए बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने 27 जून को रेलमंत्री को पत्र लिखा था। राशि आवंटन की सूचना भारत सरकार के रेल मंत्रालय इंजीनियरिंग बोर्ड के सदस्य सह सचिव एमके गुप्ता ने 2 जुलाई को ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव को इसकी जानकारी दी।
  
Jun 16 (10:53) पटना : नेऊरा-दनियावां व बरबीघा-शेखपुरा रेलखंड, 16 वर्षों में काम भी नहीं हो सका शुरू (www.prabhatkhabar.com)
Rail Budget
ECR/East Central
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News Entry# 341468  Blog Entry# 3536714   
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Jun 16 2018 (10:54)
Station Tag: Sheikpura/SHK added by amishkumar~/1702584
Stations:  Sheikpura/SHK  
प्रभात रंजन पटना : इसे विडंबना ही कहा जायेगा कि महज 15 एकड़ के फेर में 549 एकड़ भूमि का अधिग्रहण बेमानी साबित हो रहा है. इसके कारण 16 वर्षों में 42 किमी लंबी नेऊरा-दनियावां और बरबीघा-शेखपुरा रेलखंड प्रोजेक्ट का काम भी शुरू नहीं हो सका है. जबकि यह बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना मानी जा रही थी. इसके पूरा होने पर पटना-झाझा-हावड़ा रेलखंड  में ट्रेन परिचालन  में अपेक्षित सुधार हो सकता था. ट्रेनों की लेटलतीफी रुक जाती. इस प्राेजेक्ट का काम शुरू करने के लिए बाकायदा टेंडर भी निकला था. लेकिन टेंडर में शामिल एजेंसियों की शर्त के अनुसार शत-प्रतिशत भूमि अधिग्रहण नहीं होने से अब तक इसका काम शुरू नहीं हो सका है.जानकारी के मुताबिक  पटना-झाझा-हावड़ा रेलखंड पर रोजाना डेढ़ सौ जोड़ी ट्रेनों की आवाजाही है.  इस रेलखंड पर ट्रेनों का लोड कम करने को लेकर वर्ष 2002-03 में नेऊरा-दनियावां और बरबीघा-शेखपुरा रेलखंड बनाने को मंजूरी दी गयी. इस प्रोजेक्ट के जरिये...
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पटना-झाझा रेलखंड पर निर्धारित समय से ट्रेनों की परिचालन भी सुनिश्चित किया जाना था. वहीं, आपात स्थिति के दौरान  हावड़ा, कमाख्या, पुरी, डिब्रूगढ़ और अलीपुरद्वार जाने वाली ट्रेनों को नेऊरा-दनियावां के रास्ते चलाने की योजना थी. इसको लेकर 47 गांवों के 564 एकड़ भूखंड का अधिग्रहण किया जाना है. इसमें 46 गांवों के 549 एकड़ भूखंड का अधिग्रहण हो चुका है.43 गांवों के जमीन मालिकों ने अधिगृहीत भूखंड  के कागजात मुहैया करा दिये हैं. जबकि तीन गांवों के जमीन मालिकों की सहमति के कागज लेने की प्रक्रिया अब भी चल रही है.  जानकारी के मुताबिक पटना जिले के चमुचक गांव के 15.175 एकड़ भूखंड का अधिग्रहण नहीं किया जा सका है, जिसकी लंबाई करीब 1.363 किमी है.  इस भूखंड का अधिग्रहण नहीं होने से परियोजना अब तक लटकी हुई है. 2002-03 में मिली थी मंजूरी42.2 किमी लंबाई है नेऊरा-दनियावां व बरबीघा-शेखपुरा रेलखंड की  47 गांवों की 564 एकड़ जमीन की है जरूरत 120.23 करोड़ रुपये का हुआ है आवंटन  भूमि अधिग्रहण के लिए 549 एकड़ भूखंड किया गया अधिग्रहण अब तक15 एकड़ जमीन का अधिग्रहण अभी और करना बाकी सिर्फ एक गांव पटना के चमुचक में अधिग्रहण का फंसा है मामला टेंडर निकला, पर नहीं चयनित की जा सकी एजेंसी  रेलवे बोर्ड ने पूर्व मध्य रेल को भूमि अधिग्रहण के लिए 120.23 करोड़ रुपये का आवंटन किया. रेलवे ने पटना जिला प्रशासन के सहयोग से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. साथ ही रेलखंड के निर्माण को लेकर रेलवे ने वर्ष 2016 में टेंडर भी निकाला,  लेकिन टेंडर में शामिल एजेंसियों ने शत-प्रतिशत भूखंड उपलब्ध कराने की शर्त रखी तो रेलवे  भूखंड उपलब्ध नहीं करा सकी. हैरत की बात है कि इसके बाद से अधिग्रहण के लिए  दोबारा प्रयास नहीं किये गये.

  
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Jun 16 (14:51)
Jeetendra Kumar~   818 blog posts
Re# 3536714-1            Tags   Past Edits
very bad
  
Jun 14 (01:41) श्रीकृष्ण सेतु की सड़क के एप्रोच रोड निर्माण को हरी झंडी (m.livehindustan.com)
Rail Budget
ECR/East Central
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News Entry# 341091  Blog Entry# 3527605   
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Jun 14 2018 (01:41)
Station Tag: Munger (Monghyr)/MGR added by सहरसा नई दिल्ली श्वेत क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस~/1872250

Jun 14 2018 (01:41)
Station Tag: Khagaria Junction/KGG added by सहरसा नई दिल्ली श्वेत क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस~/1872250

Jun 14 2018 (01:41)
Station Tag: Begusarai/BGS added by सहरसा नई दिल्ली श्वेत क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस~/1872250
केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शुमार बेगूसराय व मुंगेर के बीच गंगा नदी पर बने श्रीकृष्ण सेतु की सड़क के एप्रोच रोड निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। डीएम राहुल कुमार की पहल के बाद कैंप लगा भूमि अधिग्रहण के एवज में किसानों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला भू-अर्जन अधिकारी ने बताया है कि एनएचएआई को काम शुरू करने को कह दिया गया है।श्रीकृष्ण सेतु का सड़क मार्ग शुरू होने से बेगूसराय, खगड़िया व मुंगेर समेत समीपवर्ती अन्य कई जिलों के विकास को पंख लग जाएंगे। आमजन के साथ व्यापारियों को भी सुविधा होगी। राजेन्द्र सेतु पर वाहनों का दबाव घटेगा। प्रखंड क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान डीएम ने वहां कैंप लगाकर भूमि अधिग्रहण के मामले का निपटारा करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया था।पुल के सड़क मार्ग को जोड़ने के लिए बनने वाले नये एनएच-333बी के लिए भूमि अधिग्रहण को ले...
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जिला भू-अर्जन कार्यालय की ओर से भूमि संबंधी समस्याओं के निष्पादन को लेकर पुल के उत्तरी छोर के अलग-अलग गांवों में कैंप लगा अधिग्रहण में आड़े आ रही अड़चनों को त्वरित तरीके दूर किया जा रहा है। इससे क्षेत्र वासियों में खुशी की लहर देखी जा रही है। लोग एप्रोच पथ निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होने के प्रति आशान्वित हैं और डीएम की पहल की सराहना कर रहे हैं।विदित हो कि इस पुल के रेल मार्ग से ट्रेनों का परिचालन अप्रैल 2016 से शुरू है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पुल का लोकार्पण किया था। लेकिन, दो वर्ष बाद भी एप्रोच पथ के अभाव में पुल का सड़क मार्ग नाकारा साबित हो रहा है।एप्रोच रोड के लिए होगा 35 एकड़ जमीन का अधिग्रहणश्रीकृष्ण सेतु के सड़क मार्ग के एप्रोच रोड के लिए कुल 35.4 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इसके लिए पांच मौजे मल्हीपुर करारी, मल्हीपुर बरारी, सबदलपुर, श्रीचन्द्रपुर व रघुनाथपुर की 565 रैयतों की जमीन चिह्नित की गई है। भूमि अधिग्रहण की दिशा में चल रहे कार्य प्रगति के बारे में जिला भू-अर्जन अधिकारी मो. राजिक बताते हैं कि अब तक कुल 21 रैयतों को खाते में आरटीजीएस के माध्यम से मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है। इस सप्ताह करीब 54 रैयतों के जमीनी दस्तावेज के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर करीब 8 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना तय है। भू-अर्जन अधिकारी ने रैयतों से अतिशीघ्र अपने भूमि दस्तावेज के साथ दावा प्रस्तुत करने की अपील करते हुए कहा कि 30 जून तक 80 फीसदी रैयतों को भुगतान कर दिया जाएगा।लोग बताते हैं कि मुंगेर सब्जी व दूध का बड़ा बाजार है। सब्जी व दूध के व्यापारी वर्षों से नदी मार्ग से अपना व्यापार करते हैं। जो न सिर्फ महंगा व परेशानी से भरा साबित होता है बल्कि असुरक्षित भी है।पुल निर्माण में लग गए 16 सालश्रीकृष्ण सेतु के निर्माण में 16 साल लग गए फिर भी एप्रोच रोड के अभाव में यह पुल नाकारा साबित हो रहा है। मुंगेर रेल सह सड़क पुल परियोजना का लंबा इतिहास है। स्थानीय बुद्धिजीवियों की मानें तो गंगा नदी पर 2774 करोड़ की लागत से नवनिर्मित इस पुल के निर्माण की बात भूतपूर्व रेलमंत्री ललित नारायण मिश्र के जमाने से चल रही थी। जब केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान पहली बार रेल मंत्री बने तो पुल की मांग तेज हुई और इसकी भूमिका तैयार हुई। तब खगड़िया व मुंगेर के बीच पुल बनने की बात चली। इसे काफी खर्चीला मान रेल प्रशासन ने बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल प्रखंड व मुंगेर के बीच पुल निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया। इसकी स्वीकृति के बाद 25 दिसंबर वर्ष 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी व रेल मंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रखंड के फुलमलिक गांव में बड़ी आमसभा में प्रधानमंत्री वाजपेयी ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से पुल का शिलान्यास किया। उस समय पुल की अनुमानित लागत 800 करोड़ थी। उस समय पुल का उत्तरी छोर फुलमलिक गांव में होना था जो बाद में बदलकर मल्हीपुर ले जाया गया। लोग बताते हैं कि इसी बदलाव के चलते पुल के बनने में लंबा समय लगा और खर्च बढ़कर तीन गुना से अधिक हो गया।किसी को 3.5 लाख तो किसी को 6 लाख की दर से हो रहा भुगतानभेदभाव से रोषएक ही जगह की जमीन का दिया जा रहा अलग-अलग मूल्यमुआवजा भुगतान में भेदभाव पर जतायी नाराजगीसाहेबपुर कमाल। निज संवाददाताश्रीकृष्ण सेतु के सड़क मार्ग की भूमि के अधिग्रहण के मुआवजे भुगतान में इलाके के कई भू-स्वामियों ने भेदभाव नहीं करने की फरियाद की है। मुंगेर रेल सह सड़क पुल के सड़क मार्ग के एप्रोच रोड के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर बुधवार को मिश्रीलाल मध्य विद्यालय परिसर में लगाये गये कैंप में भूस्वामियों ने मुआवजे में भेदभाव को लेकर आपत्ति जतायी है। भूस्वामियों ने जिला प्रशासन से एक तरह की जमीन के एवज में एक समान मुआवजा की मांग की।मौक़े पर खरहट निवासी भूस्वामी ब्रजेश कुमार, शालिग्रामी गांव के सुमन सहनी, विजय किशोर यादव, बृजमोहन प्रसाद, मल्हीपुर की उर्वशी देवी, रेणु देवी, सीता देवी व सुदामा देवी सहित एक दर्जन से अधिक भूस्वामियों ने बताया कि एक जगह की एक समान जमीन के लिए भूस्वामियों को अलग-अलग मुआवजा दिया जा रहा है।डीएम से पहल करने की मांगकिसी को प्रति कट्ठा साढ़े तीन लाख तो किसी को 6 लाख रुपये प्रति कट्ठे की दर से जमीन का मुआवजा दिया जा रहा है। यह सरासर नाइंसाफी है। इसके लिए भूस्वामियों ने सर्वे करने वाले अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और डीएम से पहल कर जमीन के पुनर्मूल्यांकन की मांग की है। एप्रोच पथ के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए लगाये गये कैंप में बुधवार को कुल 5 रैयतों ने अपना आवेदन प्रस्तुत किया। उसकी जांच के बाद सीओ मनोरंजन कुमार मधुकर ने मुआवजे के लिए अग्रसारित कर दिया। सीओ ने बताया कि सबदलपुर पंचायत की करीब 90 फीसदी रैयतों की जमीन पूर्वजों के नाम जमाबंदी कायम है। इसको लेकर संबंधित रैयतों को जमीन के बंटवारे के साथ दाखिल-खारिज के लिए आवेदन देने का निर्देश दिया गया है।
  
Jun 14 (01:27) भूमि अधिग्रहण कार्य को मौजावार तिथि निर्धारित (m.jagran.com)
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News Entry# 341088  Blog Entry# 3527592   
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Jun 14 2018 (01:27)
Station Tag: Begusarai/BGS added by सहरसा नई दिल्ली श्वेत क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस~/1872250

Jun 14 2018 (01:27)
Station Tag: Munger (Monghyr)/MGR added by सहरसा नई दिल्ली श्वेत क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस~/1872250

Jun 14 2018 (01:27)
Station Tag: Khagaria Junction/KGG added by सहरसा नई दिल्ली श्वेत क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस~/1872250
डीएम के निर्देश पर जिला भू अर्जन पदाधिकारी द्वारा मुंगेर रेल सह सड़क पुल से संबद्ध एनएच 333 बी निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा भुगतान के लिए मौजावार शिविर आयोजन की तिथि निर्धारित की गई है। तीन दिन लगने वाले शिविर का आयोजन मिश्रीलाल मध्य विद्यालय शालीग्रामी में होगा। इसके लिए भू अर्जन पदाधिकारी ने सीओ मनोरंजन कुमार मधुकर को संबंधित मौजा क्षेत्र में प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया है। प्राप्त निर्देश के आधार पर सीओ ने बताया कि जिला भू अर्जन कार्यालय द्वारा 13 जून को सबदलपुर मौजा, 15 जून को मल्हीपुर एवं 18 जून को रघुनाथपुर बरारी मौजा के भू स्वामियों के लिए शिविर लगाया जाएगा। शिविर में निर्धारित मौजा के भूस्वामी जिनकी जमीन एनएच 333 बी के लिए अधिगृहित की गई है, उनके दस्तावेज का अवलोकन व पाई गई खामियों को दूर करने के कार्य उपरांत मुआवजा भुगतान प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। जिससे कि भूमि संबंधी...
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समस्या दूर कर जल्द संपर्क पथ का निर्माण किया जा सके।
  
Jun 13 (15:29) शिलान्यास के बाद भी नहीं बन रहा ओवरब्रिज (m.jagran.com)
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News Entry# 340979  Blog Entry# 3525531   
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Jun 13 2018 (15:29)
Station Tag: Saharsa Junction/SHC added by सहरसा नई दिल्ली श्वेत क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस~/1872250
Stations:  Saharsa Junction/SHC  
सहरसा: शहर के अति व्यस्ततम मार्ग बंगाली बाजार में अब तक रेल ओवर ब्रिज नहीं बन सका है। शहर की ह्दयस्थली कही जानेवाली शंकर चौक चौराहा रेल ओवर ब्रिज नहीं रहने के कारण हर हमेशा जाम से त्रस्त रहता है। शहर को दो भागों में बांटनेवाली रेल पटरी के ऊपर रेल ओवर ब्रिज बनाने के लिए देश के राजनीतिज्ञों द्वारा चार-चार बार शिलान्यास किया जा चुका है। लगातार शिलान्यास के बाद भी इस ओवरब्रिज का निर्माण नहीं हो पाया। सरकार की नई पालिसी के तहत अब इसका निर्माण एनएचआई करेगी। इसके निर्माण के लिए एनएचआई ने कई बार टेंडर भी निकाला लेकिन किसी संवेदक ने इसमें हिस्सा नहीं लिया।
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वर्ष
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2014 में मिट्टी जांच
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वर्ष 2014 में ही राइटस कंपनी एजेंसी ने बंगाली बाजार में रेल ओवर ब्रिज बनाने के लिए मशीन लगाकर काम शुरू किया गया। उस समय मिटटी जांच के लिए दस लाख रूपये दिए। लेकिन कुछ ही दिनों बाद मशीन कहां गयी पता ही नहीं चल सका है। इधर हाल के दिनों में एनएचआई ने ओवरब्रिज बनाने के लिए टेंडर निकालने की प्रक्रिया की लेकिन काम आगे नहीं बढ़ पाया है।
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चार बार हो चुका है शिलान्यास
शहर के बंगाली बाजार में रेल ओवर ब्रिज बनाने के लिए चार-चार बार शिलान्यास हो चुका है। लेकिन आज तक रेल ओवर ब्रिज नहीं बन सका है। सबसे पहले वर्ष 1997 में तत्कालीन रेल राज्यमंत्री दिग्विजय ¨सह ने सहरसा में रेल ओवर ब्रिज का शिलान्यास किया था। इसके बाद वर्ष 1998 में तत्कालीन केन्द्रीय रेल मंत्री रामविलास पासवान ने सहरसा में ओआरबी का शिलान्यास किया। 12 जून 2005 को बड़ी रेल लाइन के उद्घाटन के अवसर पर तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद ने रेल ओवर ब्रिज का शिलान्यास तीसरी बार हुआ। इसके बाद 22 फरवरी 2014 को तत्कालीन रेल राज्य मंत्री अधीर रंजन चौधरी ने ओवरब्रिज का शिलान्यास किया। चार-चार शिलान्यास के बाद अब तक रेल ओवर ब्रिज का निर्माण अब तक नहीं हो पाया है।
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रेल ओवर ब्रिज बनने से मिलेगी जाम से मुक्ति
शहर के बंगाली बाजार में रेलवे ढाला पर बैरियर हर हमेशा लगा रहता है। स्टेशन पास होने के कारण रेलवे ढाला दिन भर गिरा ही रहता है। रेलवे ढाला का बैरियर गिरे रहने से हर हमेशा यहां घंटो जाम लगा रहता है। करीब दो दर्जन से अधिक इंजन का सें¨टग दिन भर होता रहता है। बंगाली बाजार में जाम लगने के कारण दोनों ओर लोग वाहन के साथ घंटों फंसे रहते हैं। अगर रेल ओवर ब्रिज बन गया तो जाम से शहरवासियों को मुक्ति मिलेगी।
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एनएचआई बनाएगी ओवरब्रिज
शहर के बंगाली बाजार रेलवे ढाला पर ओवर ब्रिज एनएचआई बनाएगी। रेलवे ने इस संबंध में अपनी सहमित एनएचआई को दे दी है। रेल ओवरब्रिज बनाने की जिम्मेवारी एनएचआई की है।
आरके जैन, मंडल रेल प्रबंधक, पूर्व मध्य रेल
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