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News Posts by Rhythms of Rail

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Yesterday (18:04) सोनभद्र के रेलवे परियोजनाओं में लेटलतीफी, पांच राज्यों में रुक रही विकास की रफ्तार (newstrack.com)
Commentary/Human Interest
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News Entry# 467951  Blog Entry# 5098753   
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Oct 19 2021 (18:04)
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Oct 19 2021 (18:04)
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Oct 19 2021 (18:04)
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Oct 19 2021 (18:04)
Station Tag: Singrauli/SGRL added by Rhythms of Rail/100643

Oct 19 2021 (18:04)
Station Tag: Katni Junction/KTE added by Rhythms of Rail/100643

Oct 19 2021 (18:04)
Station Tag: Chunar Junction/CAR added by Rhythms of Rail/100643

Oct 19 2021 (18:04)
Station Tag: Chunar Junction/CAR added by Rhythms of Rail/100643

Oct 19 2021 (18:04)
Station Tag: Chopan/CPU added by Rhythms of Rail/100643
चोपन-चुनार, सिंगरौली- चोपन, सिंगरौली -कटनी ,चोपन -रेणुकूट -दुद्धी- रमना रेल सहित कई कार्य अब तक पूरे नहीं हो सके, वर्ष 2014 से ही काम चल रहा।
 सोनभद्र क्षेत्र में रेलवे परियोजनाओं में लेटलतीफी
Sonbhadra News : रेल विभाग की परियोजनाओं (Railway Department Projects) के निर्माण में होती देरी पांच राज्यों (यूपी, एमपी, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़) में विकास की रफ्तार रोके हुए हैं। इसके चलते यूपी के आखिरी छोर पर मौजूद, चार राज्यों से जुड़े सोनभद्र (Sonbhadra) और सीमावर्ती राज्यों के जनपदों में बेहतर यात्री ट्रेनों की सुविधा अब तक नहीं मिल पाई
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है। वहीं यहां से कई राज्यों में होने वाले खनिजों की ढुलाई भी पर्याप्त तेजी नहीं पकड़ पा रही है। इससे जहां ताजा कोयला संकट से निपटने में मुश्किल आ रही है वहीं दूसरे राज्यों में कई परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।
सोनभद्र और इससे सटे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड में खनिज (minerals) का बड़ा भंडार होने के कारण यह एरिया केंद्र के साथ राज्य सरकारों के खजाने को भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। औद्योगिक परियोजनाओं के कारण संबंधित एरिया में मूल निवासियों के अलावा नौकरी और धंधे की तलाश में आई एक बड़ी आबादी निवासी करती है। इनको आवागमन का सुगम साधन और रेलवे की आय में बढ़ोतरी के लिए सोनभद्र और इससे सटे राज्यों की तरफ जाने तथा आने वाले रेल रूटों को विकसित करने की मांग लंबे समय से उठती रही है।
2014 में जब केंद्र में मोदी सरकार बनी नार्दन कोलफील्ड्स, एनटीपीसी, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम (Uttar Pradesh State Electricity Generation Corporation) तथा निजी औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी रेल परियोजना सिंगरौली- चोपन, शक्तिनगर- करेला रोड, सिंगरौली -कटनी, चोपन -रेणुकूट -दुद्धी- रमना रेल लाइनों के दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण का काम तेजी से शुरू किया गया। इन रेल रूटों का दोहरीकरण 2019-20 तक कर दिया जाना था लेकिन कार्य में लेटलतीफी के चलते जहां रेलवे अपनी आय बढ़ाने के लिए माल गाड़ियों को तेजी से नहीं दौड़ा पा रहा है। वहीं नई यात्री ट्रेनों को कौन कहे, जो महत्वपूर्ण ट्रेनें इस कार्य को देखते हुए प्रस्तावित की गई हैं उनका भी संचालन संभव नहीं हो पा रहा है।
चोपन चुनार रेलवे लाइन पर भी नहीं दिया जा रहा अपेक्षित ध्यान
पांच राज्यों में रुक रही विकास की रफ्तार(कॉन्सेप्ट फोटो - सोशल मीडिया)
उत्तर मध्य रेलवे और पूर्व मध्य रेलवे को जोड़ने वाली चोपन चुनार रेलवे लाइन के सुंदरीकरण और दोहरीकरण के कार्य पर भी अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दोहरीकरण का कार्य जहां सर्वे से आगे नहीं बढ़ सका है। वहीं पूर्व से मौजूद चोपन चुनार एकल रेल लाइन 103 किमी लम्बाई स्थापना काल से ही पर गाड़ियों की गति सीमा 100 किमी प्रति घंटे बढ़ाए जाने के लिए चल रहे इंजीनियरिंग कार्य, इंटरलॉकिंग स्वचालित सिग्नल प्रणाली, हॉल्ट स्टेशन निर्माण आदि कार्य तेजी नहीं पकड़ पा रहे हैं। इसके चलते इस रेल लाइन क़ो रेल विद्युतीकरण का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते खैराही रेलवे स्टेशन को छोड़कर इस रेलवे रूट पर पड़ने वाले सभी स्टेशनों पर अभी 73 साल पुराने सिग्नल प्रणाली से ही काम चलाना पड़ रहा है।
कार्य पूरा होने के बाद रेलवे के आय और बचत में तेजी से होगी बढ़ोतरी
चोपन-चुनार एकल रेलवे लाइन का उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज द्वारा महज 40% कार्य पूरा किए जाने से ही इस रेलखंड से दौड़ने वाली चार माल गाड़ियों की जगह संख्या बढ़कर 24 पहुंच गई है। जानकारों का कहना है कि यदि इस रेलखंड पर स्वीकृत सभी कार्य जल्द पूरे करा दिए जाएं और वर्ष 2020 -21 के बजट में स्वीकृत चोपन-चुनार दोहरीकरण रेल परियोजना का भी कार्य पूर्ण करा दिया जाए तो इससे कई मालगाड़ियों और सवारी ट्रेनों को दो से तीन सौ किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाने से निजात मिलेगी। रेलवे के बचत और आय दोनों में इजाफा तो होगा ही, सोनभद्र और इसके सीमावर्ती राज्यों के जनपदों के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी सो अलग। वहीं रेलवे क्षेत्रीय परामर्शदात्री बोर्ड के सदस्य एसके गौतम कहते हैं कि आदिवासी बहुल और उद्योग प्रधान अंचल के लिए नई दिल्ली -हावड़ा रेल रुट का एक वैकल्पिक रेल मार्ग भी उपलब्ध हो जाएगा।
पुरुषोत्तम एक्सप्रेस को सोनभद्र से दौड़ाने की पहल नहीं ले पाई
उपरोक्त रेल परियोजनाओं के अधूरी होने तथा प्रस्तावित कार्य के मूर्त रूप लेने में होती देरी का परिणाम यह है कि सत्ता एक्सप्रेस कोच ओपन होते हुए दौड़ाने की पहल अब तक मूर्त रूप नहीं ले पाई है। वहीं चोपन होते हुए सप्ताह में एक दिन राजधानी एक्सप्रेस को बढ़ाने की कार्य योजना को मंजूरी मिलने के बाद भी, प्रस्तावित रेल रूट के दोहरीकरण का कार्य अब तक पूरा न होने से राजधानी एक्सप्रेस को सोनभद्र होते हुए चलाए जाने की तैयार की गई योजना भी अभी मूर्त रूप लेती नहीं दिख रही।
कई सांसद रेलवे बोर्ड का खटखटा चुके हैं दरवाजा
अपना दल सांसद पकौड़ी लाल कोल, जिले के राज्य सभा सांसद रामशकल कोल, रांची के राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार, सीधी सांसद रीती पाठक मैप सोनभद्र सिंगरौली गढ़वा सहित सीमावर्ती राज्यों के अन्य जनपदों से जुड़ी रेल परियोजनाओं के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराए जाने को लेकर कई बार रेलवे बोर्ड का दरवाजा खटखटा चुके हैं। पत्र के जरिए रेल मंत्री तक बात पहुंचाने के साथ ही उनसे मिलकर भी इसकी जरूरत से अवगत करा चुके हैं। बावजूद कार्य में होती देरी जहां यूपी सहित पांच राज्यों में विकास की रफ्तार को रोके हुए है। वही सोनभद्र सहित आसपास के जनपदों में रेल सुविधाओं की बेहतरी के आस लगाए लोगों को अभी तक मायूसी ही हाथ लग रही है।
निर्माण कार्य में होती देरी को कोयला संकट का कारण बताया (कॉन्सेप्ट फोटो - सोशल मीडिया)
राबर्टसगंज सांसद ने कार्य पूरा न होने को कोयला संकट का भी बताया कारण
राबर्ट्सगंज सांसद पकौड़ी लाल कोल ने कोल इंडिया कॉरीडोर से जुड़ी रेल लाइन दोहरीकरण परियोजनाओं के निर्माण कार्य में होती देरी को कोयला संकट का एक बड़ा कारण बताया है। कहा कि कार्य पूरा गया हो होता तो इस रूट पर कोयला लदी मालगाड़ी या तेजी से दौड़ती जिससे कोयला संकट की स्थिति शायद इतनी खराब ना होती।
Yesterday (17:57) 'कोयला संकट के लिए रेलवे जिम्मेदार'.. सोनभद्र से अपना दल के सांसद पकौड़ी लाल कोल का दावा (navbharattimes.indiatimes.com)
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News Entry# 467950  Blog Entry# 5098751   
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Oct 19 2021 (17:57)
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Oct 19 2021 (17:57)
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Oct 19 2021 (17:57)
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उत्तर प्रदेश के सोनभद्र से सांसद पकौड़ी लाल कोल ने कोयला संकट के लिए रेलवे को जिम्मेदार बताया है। सांसद ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि रेल मंत्रालय के कोल इंडिया कॉरिडोर में रेल लाइन का दोहरीकरण परियोजनाओं के निर्माण कार्य में देरी होने के कारण कोयले का परिवहन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद कोयले की कमी सामने आ रही है।
नॉर्दन कोलफील्ड से जुड़ी रेल परियोजना सिंगरौली- चोपन, शक्तिनगर- करेला रोड, सिगरौली -कटनी, चोपन -रेणुकूट-दुद्धी- रमना रेल लाइन के दोहरीकरण का कार्य साल 2012 में जिले के सांसद रहते हुए स्वीकृति मिल गई थी। वहीं साल 2014 में रेल मंत्रालय ने धनराशि भी जारी कर दी लेकिन रेल दोहरीकरण परियोजनाएं आज तक पूरी नहीं
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हो पाईं। चोपन चुनार एकल रेल लाइन 103 किलोमीटर लंबाई स्थापना काल से ही आज तक अधूरा पड़ा है।
हमारे निरंतर प्रयास के बाद गाड़ियों की गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घण्टा बढ़ाए जाने के लिए इंजीनियरिग कार्य, इंटरलांकिग स्वचालित सिग्नल प्रणाली, हाल्ट स्टेशन निर्माण कार्यों की स्वीकृति मिली तथा रेल विद्युतीकरण कार्य भी पूरा हो चुका है। उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज द्वारा लगभग 40% कार्य पूरा किये जाने से ही जहाँ दो से चार कोयला लदी मालगाड़ियां इस रेल मार्ग से गुजरती है।
इस रेलखंड पर स्वीकृत सभी कार्य जल्द पूरे करा दिए जाएं तथा वर्ष 2020 -21 बजट में स्वीकृत चोपन चुनार दोहरीकरण रेल परियोजना के लिए भारत सरकार धनराशि उपलब्ध कराके दोहरीकरण कार्य पूर्ण करा दे तो माल गाड़ियां सभी दिन कोयले की पर्याप्त ढुलाई कर सकती है। साथ ही आदिवासी इलाको के लोगो को नई दिल्ली -हावड़ा रेल रुट का मार्ग भी मिल जाएगा।
साथ ही रेलवे को काफी राजस्व का लाभ भी मिल सकेगा। सोनभद्र जिले के सांसद पकौड़ी लाल कोल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तथा केंद्रीय शहरी एवं आवास तथा पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को जारी पत्र के माध्यम से अवगत कराके चोपन चुनार रेल दोहरीकरण परियोजना के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति से धनराशि उपलब्ध कराए जाने के लिए गुहार लगाई है।
Yesterday (10:44) विभिन्न मांगो को लेकर भाकपा कि अगुवाई मे संयुक्त मोर्चा द्वारा सौपा गया ज्ञापन (naitaaqat.in)
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News Entry# 467908  Blog Entry# 5098469   
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Oct 19 2021 (10:44)
Station Tag: Bargawan/BRGW added by Rhythms of Rail/100643

Oct 19 2021 (10:44)
Station Tag: Singrauli/SGRL added by Rhythms of Rail/100643
Stations:  Singrauli/SGRL   Bargawan/BRGW  
वैढ़न,सिंगरौली।  भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला परिषद सिंगरौली के नेतृत्व में संयुक्त मोर्चा ने रेल रोको आंदोलन किया आंदोलन में बरगवां रेलवे स्टेशन व कटनी चोपन लाइन में चलने वाली गाड़ियों के स्टॉपेज की मांग को आंदोलन में प्रमुख रूप से जबलपुर सिंगरौली इंटरसिटी ट्रेन को चलाए जाने की मांग किया गया। आंदोलन को संबोधित करते हुए कामरेड संजय नामदेव ने कहा कि- बरगवां रेलवे स्टेशन सिंगरौली जिले का इकलौता रेलवे स्टेशन है, जहां से सीधी से लेकर बीजपुर उत्तर प्रदेश तक के लोगों का आना-जाना होता है, इस स्टेशन से होकर अहमदाबाद कोलकाता व अजमेर कोलकाता एवं  जबलपुर हावड़ा जैसी ट्रेनें गुजरती है, लेकिन बरगवां में शक्तिपुंज के अलावा किसी ट्रेन का स्टापेज नहीं है,  स्टॉपेज न होने की वजह से सभी गाड़ियों की चेन पुलिंग रोज होती है,जिससे रेलवे विभाग और आम जनता को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। श्री नामदेव ने कहा कि- सिंगरौली से जबलपुर के...
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लिए इकलौती गाड़ी शक्तिपुंज बची है जिसमें सीट और सिख टिकट रिजर्वेशन न होने के वजह से लोगों को एक-एक सप्ताह इंतजार करना पड़ता है,  सिंगरौली से जबलपुर चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस को यात्रियों के परेशानियों को देखते हुए,  तत्काल चलाए जाने की मांग की श्री नामदेव जी ने कहा  कि- सिंगरौली से चलकर भोपाल व निजामुद्दीन जाने वाली ट्रेन सप्ताह में 01 और 02 दिन है जिसके चलते यात्रियों में काफी मारामारी होती है तथा रिजर्वेशन न मिलने पर बिना टिकट यात्रा करना पड़ता है जिससे लोगों को धन हानि हो रही है श्री नामदेव ने कहा कि- भोपाल सिंगरौली एक्सप्रेस ट्रेन को प्रतिदिन चलाया जाना उचित होगा। निजामुद्दीन के लिए कम से कम सप्ताह में 2 दिन चलाया जाना चाहिए तथा अजमेर कोलकाता अहमदाबाद कोलकाता जैसे ट्रेनों का बरगवां रेलवे स्टेशन पर 2 मिनट का स्टॉपेज दे देने से जहां रेल प्रशासन को सुविधा नहीं होगी वहीं यात्रियों को टिकट और एसीपी से बचने की राहत होगी।
Yesterday (10:42) रोहतास के डेहरी में ट्रेन का रूट बदले जाने से लोगों में आक्रोश,धरना के साथ आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी (sanjeevnitoday.com)
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News Entry# 467907  Blog Entry# 5098467   
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Oct 19 2021 (10:42)
Station Tag: Patna Junction/PNBE added by Rhythms of Rail/100643

Oct 19 2021 (10:42)
Station Tag: Gaya Junction/GAYA added by Rhythms of Rail/100643

Oct 19 2021 (10:42)
Station Tag: Dehri On Sone/DOS added by Rhythms of Rail/100643

Oct 19 2021 (10:42)
Station Tag: Renukut/RNQ added by Rhythms of Rail/100643

Oct 19 2021 (10:42)
Station Tag: Singrauli/SGRL added by Rhythms of Rail/100643
रोहतास के डेहरी में ट्रेन का रूट बदले जाने से लोगों में आक्रोश,धरना के साथ आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
आंदोलनकारियों ने मांगों को पूरा नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है
आरा। रोहतास के डेहरी स्टेशन से होकर गुजरने वाली पटना सिंगरौली एक्सप्रेस का परिचालन डेहरी स्टेशन से हटाकर सोननगर के रास्ते किये जाने से डेहरी के लोगों में आक्रोश पनपने लगा है।डेहरी के युवाओं और व्यवसायियों ने पटना सिंगरौली एक्सप्रेस का परिचालन डेहरी से अलग किये जाने को लेकर अब आंदोलन छेड़ दिया है और दशकों से
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इस ट्रेन का परिचालन डेहरी रेलवे स्टेशन से किये जाने के फैसले को बदलकर ट्रेन परिचालन का रूट बदलने के निर्णय को वापस लेने तक जनांदोलन चलाने का एलान कर दिया है।
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अपना दल सांसद पकौड़ी लाल ने कोयला संकट के लिए रेलवे को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि रेल मंत्रालय द्वारा कोल इंडिया कारीडोर में रेल लाइन दोहरीकरण परियोजनाओं के निर्माण कार्य में निरंतर देरी के कारण कोयले का पर्याप्त स्टाक होने के बावजूद परिवहन नहीं हो पा रहा है।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। राबर्ट्सगंज संसदीय क्षेत्र के अपना दल सांसद पकौड़ी लाल ने कोयला संकट के लिए रेलवे को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि रेल मंत्रालय द्वारा कोल इंडिया कारीडोर में रेल लाइन दोहरीकरण परियोजनाओं के निर्माण कार्य में निरंतर देरी के कारण कोयले का पर्याप्त स्टाक होने के बावजूद परिवहन नहीं हो पा रहा है। सांसद पकौड़ी लाल ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि नार्दन कोलफील्ड से जुड़ी रेल
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परियोजनाओं सिंगरौली- चोपन, शक्तिनगर- करेला रोड, सिंगरौली -कटनी, चोपन -रेणुकूट-दुद्धी- रमना रेल लाइनों के दोहरीकरण का कार्य मेरे 2012 में सांसद रहते हुए स्वीकृति मिली थी। इसके लिए वर्ष 2014 में रेल मंत्रालय द्वारा धनराशि जारी कर दी गई थी, लेकिन रेल दोहरीकरण परियोजनाएं लंबे समय से आज तक पूरी नहीं हो पाई है। सबसे महत्वपूर्ण चोपन चुनार एकल रेल लाइन 103 किमी लंबाई स्थापना काल से ही उपेक्षित पड़ी थी। मेरे निरंतर प्रयास से गाड़ियों की गति सीमा 100 किमी प्रति घंटे बढ़ाये जाने के लिए इंजीनियरिंग कार्य, इंटरलांकिंग स्वचालित सिग्नल प्रणाली, हाल्ट स्टेशन निर्माण आदि कार्यों की स्वीकृति मिली तथा रेल विद्युतीकरण कार्य भी पूरा हो गया है।
कहा कि यदि इस रेलखंड पर स्वीकृत सभी कार्य जल्द पूरे करा दिए जाएं तथा गत वर्ष 2020 -21 बजट में स्वीकृत चोपन चुनार दोहरीकरण रेल परियोजना के लिए भारत सरकार तत्काल धनराशि जारी कर दोहरीकरण कार्य पूर्ण करा दे तो सैकड़ों माल गाड़ियां रोजाना कोयला ढुलाई कर सकेंगी तथा इसके अतिरिक्त आदिवासी अंचल के रेल यात्रियों को नई दिल्ली -हावड़ा रेल रुट का एक वैकल्पिक रेल मार्ग मिल जाएगा। इससे रेलवे को भारी राजस्व लाभ मिलेगा। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तथा केंद्रीय शहरी एवं आवास तथा पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को भी पत्र सौंपकर कर चोपन चुनार रेल दोहरीकरण परियोजना के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति से धनराशि शीघ्र स्वीकृत कराए जाने के लिए गुहार लगाई है।

Rail News
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Yesterday (11:24)
arunjoshi028   2387 blog posts
Re# 5098466-1            Tags   Past Edits
सांसद पकौड़ी लाल जी ने सही जिम्मेदार ठहराया रेल को

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Yesterday (11:56)
Rhythms of Rail
rhythmsofrail^~   7518 blog posts
Re# 5098466-2            Tags   Past Edits
Yeh agar bolna suru kar de toh, railway ko majbur kar sakte hai. Yeha potential and paisa dono hai sirf political pressure nahi hai. Altu faltu MP's ne apne region me connectivity itna de diya jitna jarurat nahi hai .
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