News Super Search
 ♦ 
×
Member:
Posting Date From:
Posting Date To:
Category:
Zone:
Language:
IR Press Release:

Search
  Go  
Full Site Search
  Search  
 
Sat Sep 23, 2017 07:44:03 ISTHomeTrainsΣChainsAtlasPNRForumGalleryNewsFAQTripsLoginFeedback
Sat Sep 23, 2017 07:44:03 IST
Advanced Search
Trains in the News    Stations in the News   
Page#    2564 news entries  <<prev  next>>
  
May 23 2017 (14:18)  जींद से हांसी रेल ट्रैक के लिए 900 करोड़ मंजूर (www.amarujala.com)
back to top
Rail BudgetNR/Northern  -  

News Entry# 303324     
   Past Edits
May 23 2017 (14:19)
Station Tag: Jind Junction/JIND added by nbirpali/909195

May 23 2017 (14:19)
Station Tag: Hisar Junction/HSR added by nbirpali/909195

May 23 2017 (14:19)
Station Tag: Hansi/HNS added by nbirpali/909195
Posted by: nbirpali  2 news posts
 
 
आम बजट के साथ आए रेल बजट में जींद को दो बड़ी परियोजनाएं मिली हैं। इसमें जींद से हांसी रेल लाइन को मंजूरी और जींद से पानीपत लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन किया जाएगा। दोनों परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार ने 955.6 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि में से जींद-हांसी रेल लाइन के निर्माण पर 900 करोड़ तथा जींद-पानीपत रेल लाइन के इलेक्ट्रिफिकेशन पर 55.6 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।जींद से सड़क मार्ग से करीब 47 किलोमीटर है। रेलमार्ग से यह दूरी 45 किलोमीटर रह जाएगी। रोडवेज ने हांसी का किराया 40 रुपये तय किया है, जबकि इस रूट पर ट्रेन चलने के बाद यह किराया करीब आधा हो जाएगा। वहीं, जींद रेलमार्ग से सीधा हिसार से भी जुड़ जाएगा। इससे जींद और हांसी के लोगों को काफी सुविधा होगी। हालांकि, पिछले बजट में भी इस परियोजना को मंजूरी मिली थी, लेकिन अब इसके लिए राशि का प्रावधान किया...
more...
गया है। इससे परियोजना जल्द सिरे चढ़ने की उम्मीद है।
बढ़ेंगी ट्रेन, मिलेगी सुविधा
यह रूट शुरू होने के बाद राजस्थान और दिल्ली को जोड़ने का रेलमार्ग का एक और ऑप्शन खुल जाएगा। इससे जींद तक अधिक ट्रेनों की पहुंच हो पाएगी। दूसरी ओर, पंजाब की ओर से भी जींद के रास्ते ट्रेन का आवागमन शुरू हो सकेगा। गौरतलब है कि हिसार जिले के नारनौंद क्षेत्र के लोग अपने शहर के कामों के लिए जींद ही आते हैं। ऐसे में इस रूट से लोगों को काफी लाभ होगा। वहीं, पानीपत मार्ग का विद्युतीकरण होने से अतिरिक्त गाड़ियों को जींद तक चलाया जा सकेगा। वहीं, पानीपत से जींद और हिसार के बीच भी रेलवे का रूट बन सकता है।
चारों ओर से रेल मार्ग से जुड़ेगा जींद
फिलहाल जींद दिल्ली, बठिंडा, पानीपत और सोनीपत की ओर से ही रेल मार्ग से जुड़ा हुआ है। यह रेलवे लाइन बनने के बाद जींद चारों ओर से रेल मार्ग से जुड़ जाएगा। यह लोगों की करीब तीन दशक पुरानी मांग थी, जो अब पूरी होने जा रही है।
बढ़ेगी गति, आरामदायक होगा सफर
पानीपत रेल मार्ग का विद्युतीकरण होने से भी लोगों को काफी लाभ होगा। इन रूट पर अंग्रेजों के जमाने से ही ट्रेन चल रही हैं, लेकिन यह रूट काफी उपेक्षित रहा है। पानीपत औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण जींद क्षेत्र से सैकड़ों लोग प्रतिदिन पानीपत जाते हैं। इस रूट पर ट्रेन के फेरे बढ़ाने की भी पुरानी मांग है।
मैंने पिछले साल रेल मंत्री के समक्ष 25 मांगें रखी थीं। इनमें जींद के चंडीगढ़ की ट्रेन और जींद-हांसी रेलवे लाइन मुख्य थी। अब ये दोनों ही मांगें पूरी हो गई हैं। इससे क्षेत्र की जनता को काफी लाभ होगा। आगे भी लोगों के हकों की मांग न सिर्फ उठाई जाएगी, उसे पूरा भी कराया जाएगा।
-दुष्यंत चौटाला, सांसद
नई रेल लाइन बनने से जींद को नई ट्रेन की सौगात मिलेगी। वहीं, पानीपत लाइन का विद्युतीकरण होने से गाड़ियों की स्पीड बढ़ेगी। ईएमयू में इंजन बदलने का भी झंझट नहीं होता, इससे नई ट्रेन चलाना आसान होगा।
-अनिल यादव, स्टेशन अधीक्षक, जींद जंक्शन
  
May 22 2017 (10:09)  मुंगेर स्टेशन की कहानी, शौचालय न पानी (m.jagran.com)
back to top
Rail BudgetER/Eastern  -  

News Entry# 303236   Blog Entry# 2288232     
   Past Edits
May 22 2017 (10:10)
Station Tag: Munger/MGR added by मुंगेर पूल पर ट्रेन दो~/1480955
Stations:  Munger (Monghyr)/MGR  
 
 
मुंगेर। जमालपुर-बेगूसराय रेलखंड पर स्थित मुंगेर रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का घोर अभाव है। इसके कारण यहां से सफर करने वाले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन इसको लेकर रेलवे के वरीय पदाधिकारी तक उदासीन बने हुए हैं। एक ओर जहां प्लेटफार्म पर पेयजल व शौचालय का अभाव है तो दूसरी ओर स्टेशन परिसर में ऑटो चालकों ने अवैध रूप से कब्जा जमा रखा है। इतना हीं नहीं बिजली के अभाव शाम ढ़लते ही स्टेशन परिसर जुआरियों एवं आपराधिक तत्वों का अड्डा बन जाता है। विदित हो कि भीषण गर्मी के इस समय में भी प्लेटफार्म पर एक भी प्याउ चालू अवस्था में नहीं है। इसके कारण यात्रियों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। वहीं, पानी के आभाव में यात्री शौचालय का भी उपयोग नहीं कर पाते हैं। प्लेटफार्म पर अब तक फुटओवर ब्रिज का भी निर्माण नहीं कराया जा सका है। इसके कारण यात्री...
more...
पैदल ही पटरी पार करते हैं। गनीमत यह है कि अभी केवल इस रूट पर एक ही ट्रेन का परिचालन होता है अन्यथा यहां कहीं भी तथा कभी भी कोई बड़ी घटना घटित होना संभव था। इधर ट्रेन के आते ही ऑटो चालकों के बीच सवाड़ी बिठाने को लेकर आपाधापी मच जाती है। इसके कारण स्टेशन के प्रवेश द्वारा जाम की समस्या आम हो गई है। यहां तक कि इसके कारण रिफ्यूजी कॉलोनी मोड़ के पास लंबे समय तक जाम लग जाता है। इसके कारण पैदल यात्रियों को गुजरने में कठिनाई होती है।-
अतिरिक्त टिकट काउंटर की है कमी
आरक्षण काउंटर को छोड़ अनारक्षित टिकट काउंटरों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को अक्सर बिना टिकट कटाए ही यात्रा करना पड़ता है। यह उनकी मजबूरी भी है। विदित हो कि रेलवे के द्वारा यहां चार टिकट काउंटर बनाया गया है। लेकिन यहां केवल एक काउंटर आरक्षण के लिए तथा एक काउंटर अनारक्षित टिकट के लिए ही संचालित किया जाता है। इसके कारण ट्रेन आने के समय यात्रियों की लंबी लाइन लग जाती है।
------------------
कहते हैं यात्री
खगड़िया निवासी शंकर मंडल ने कहा कि मुंगेर स्टेशन पर समस्याओं का अंबार है। शुद्ध पेय जल, शौचालय, लाइट एवं विश्रामालय आदि की कमी है। इसे दूर किया जाना चाहिए।
बेगूसराय निवासी मुकेश कुमार ने कहा कि मुंगेर स्टेशन पर सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा कर रह गई है। स्टेशन प्रबंधन को सफाई व्यवस्था को सु²ढ़ करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
-----------
कोट
स्टेशन परिसर में आटो चालकों ने अवैध रूप से कब्जा जमा रखा है, जो सरासर गलत है। इसको लेकर स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई है। जब तक स्टैंड के लिए टेंडर नहीं हो जाता तब तक स्टेशन परिसर में आटो लगाना प्रतिबंधित है। स्टेशन परिसर में यात्री सुविधा बढ़ाने के लिए विभाग को लिखा गया है।
आदित्य कुमार साहू, स्टेशन प्रबंधक।

  
2768 views
May 22 2017 (18:32)
Anand Mohan Mishra~   442 blog posts   41 correct pred (82% accurate)
Re# 2288232-1            Tags   Past Edits
तो अब प्रभुजी को पत्र लिखते हैं।

  
Jab tak jayada traine nahi chalti hai tab tak yahi haal rahega is station ka.
  
16వ తేదీ నుంచి ప్రారంభం
విజయవాడ-ధర్మవరం రైలును ఎర్రగుంట్ల లైన్‌లో తిప్పేందుకు ఏర్పాట్లు పూర్తి
కర్నూలు/నంద్యాల: నంద్యాల - ఎర్రగుంట్ల రైల్వే లైన్‌లో ఎక్స్‌ప్రెస్‌ రైలును తిప్పేందుకు ముహూర్తం ఖరారు చేశారు. దక్షిణ మధ్య రైల్వే గుంటూరు డివిజన్‌లో ఆదాయంలో రెండో స్థా నంలో ఉన్న నంద్యాల రైల్వేస్టేషన్‌ నుంచి ఎర్రగుంట్ల కొత్త రైల్వే మార్గంలో గత ఏడాది ఆగస్టు 23వ తేదీ నుంచి డెమో రైలును ప్రారంభించిన విషయం తెలిసిందే. నంద్యాల-ఎర్రగుంట్ల రైల్వే మార్గంలో ఇప్పుడు డెమో రైలు నడు స్తోంది. దీంతోపాటు తొలిసారిగా ఎక్స్‌ప్రెస్‌ రైలును తిప్పేం దుకు అధికారులు ఏర్పాట్లు పూర్తి చేశారు. ఈ నెల 16వ తేదీ నుంచి ధర్మవరం-విజయవాడ, 17వ తేదీ విజయవాడ -ధర్మవరం మధ్య నడుస్తున్న ఎక్స్‌ప్రెస్‌ రైలును నంద్యాల - ఎర్రగుంట్ల మార్గం మీదుగా అదనపు స్టేషన్లల్లో ఆగేటట్లుగా సమయం
...
more...
మార్చి తిప్పేందుకు అధికారికంగా నిర్ణయించారు.
కొత్తమార్గంలో తొలి ఎక్స్‌ప్రెస్‌ రైలు.. విజయవాడ-ధర్మవరం:
నంద్యాల -ఎర్రగుంట్ల రైల్వే లైన్‌ను 1970 దశకంలో నంద్యాల ఎంపీగా ఉన్న పెండేకంటి వెంకటసుబ్బయ్య ప్రతిపాదన మేరకు ఈ రైల్వే మార్గంపై కేంద్ర ప్రభుత్వానికి నివేదిక వెళ్లింది. 1980లో కేంద్ర రైల్వే శాఖ సర్వే పూర్తి చేసింది. 1997లో ఎర్రగుంట్ల రైల్వే మార్గానికి మొత్తం 123 కిలోమీటర్ల దూరానికి రైల్వే లైన్‌ నిర్మాణం చేపట్టేందుకు ప్రతిపాదనకు గ్రీన్‌ సిగ్నల్‌ లభించింది. ఈ మార్గంలో 123 కిలోమీటర్ల ట్రాక్‌ నిర్మాణానికి కర్నూలు జిల్లాలో 1,050 ఎకరాలు, కడప జిల్లాలో 550ఎకరాలను సేకరించారు. మొదటి దశ కింద కడప జిల్లా ఎర్రగుంట్ల నుంచి కర్నూలు జిల్లా సరిహద్దులో ఉన్న నొస్పం వరకు 48 కిలోమీటర్ల రైల్వే లైన్‌ను నిర్మించారు. రెండో దశలో నొస్సం నుంచి బనగానపల్లె వరకు 45 కిలోమీటర్ల నిర్మాణం పూర్తి చేశారు. మూడో దశ కింద బనగానపల్లె నుంచి నంద్యాల వరకు 30 కిలోమీటర్ల రైల్వే లైన్‌ నిర్మాణాన్ని పూర్తి చేశారు. నంద్యాల-ఎర్రగుంట్ల మధ్య 123 కిలోమీటర్ల దూరం మధ్య మద్దూరు, బనగానపల్లె, కోవెలకుంట్ల, సంజామల, నొస్సం, ఉప్పలపాడు, జమ్ములమడుగు, ప్రొద్దుటూరు రైల్వే స్టేషన్లు నిర్మించారు. ఈ రైల్వే మార్గంలో 4 పెద్దవంతెనలు, 27 మధ్య రకం వంతెనలు, 436 చిన్న కల్వర్టులతో మొత్తం రైలు మార్గానికి రూ.950 కోట్లు ఖర్చు చేశారు.
ప్రస్తుతం గుంటూరు రైల్వే డివిజన్‌లో ఆదాయంలో నంద్యాల రైల్వే స్టేషన్‌ రెండో స్థానంలో ఉంది. నంద్యాల-ఎర్రగుంట్ల కొత్త రైల్వే మార్గంలో కుం దూనదిపై బ్రిడ్జి నిర్మాణం మినహా తక్కిన పనులన్నీ పూర్తి అయ్యాయు. ఈ నేపథ్యంలో బ్రిడ్జి నిర్మాణం అంశాన్ని పక్కన పెట్టి స్టేషన్‌ సమీపంలో క్యాబిన్‌ లింక్‌ పనులు పూర్తి చేసి, అక్కడే నంద్యాల జంక్షన్‌ క్యాబిన్‌ను ఏర్పాటు చేసి రైళ్ళ రాకపోకలకు గ్రీన్‌ సిగ్నల్‌ ఇచ్చారు. గత ఏడాది ఆగస్టు 23వ తేదీన విజ యవాడలో కేంద్ర రైల్వే మంత్రి సురేష్‌ ప్రభు, సీఎం చం ద్రబాబు నాయుడు వీడియో ఆన్‌లైన్‌ ద్వారా డెమో రైలును ప్రారంభించారు. దీంతో నంద్యాల-ఎర్రగుంట్ల పట్టాలపై రైళ్ళ రాకపోకలకు గ్రీన్‌ సిగ్నల్‌ లభించడంతో 128 సంవత్సరాలు గా రైల్వే స్టేషన్‌గా కొనసాగుతున్న నంద్యాల రైల్వే జంక్షన్‌గా అధికారికంగా మారింది. ఈ నేపథ్యంలోనే 9 నెలల తరువాత రైల్వే జంక్షన్‌ మీదుగా కొత్త మార్గంలో ఎక్స్‌ప్రెస్‌ రైలును తిప్పేందుకు అధికారులు ఏర్పాట్లు పూర్తి చేశారు.

పెరుగనున్న ప్రయాణ వ్యవధి: విజయవాడ-ధర్మవరం, ధర్మవరం-విజయవాడ మధ్య వారంలో ప్రస్తుతం రెండుసార్లు నడుస్తున్న (ట్రైన్‌ నంబర్‌ 17215/17216) రైలును నంద్యాల-ఎర్రగుంట్ల మార్గంలో మళ్లిస్తున్నారు. ఈనెల 16వ తేదీన ధర్మవరం నుంచి విజయవాడకు సాయంత్రం 4 గంటలకు (17216) ఎక్స్‌ప్రెస్‌ బయలు దేరుతుంది. అనంతపురం 4.30 గంటలకు, గుత్తి 5.40కు, తాడిపత్రి 6.40కు, ఎర్రగుంట్ల 8.00, ప్రొద్దుటూరు 8.30, జమ్మలమడుగు 8.55, బనగానపల్లె 10.05, నంద్యాలకు అర్ధరాత్రి 12.05కు చేరుకొని ఇక్కడి నుంచి గిద్దలూరు, మార్కాపురం, గుంటూరు మీదుగా విజయవాడకు మరుసటి రోజు (17వ తేదీ) ఉదయం 6.05 గంటలకు చేరుతుంది. అలాగే 17వ తేదీ విజయవాడ -ధర్మవరం ఎక్స్‌ప్రెస్‌ రైలు (17215) రాత్రి 11.10కు బయలు దేరి నంద్యాలకు 18వ తేదీ తెల్లవారు జామున 5.25కు చేరుకుంటుంది. నంద్యాల నుంచి ఎర్రగుంట్ల మార్గంలో బయలుదేరే ఎక్స్‌ప్రెస్‌ రైలు బనగానపల్లెకు 6.00, జమ్మలమడుగుకు 7.00, ప్రొద్దుటూరు కు 7.30కు, ఎర్రగుంట్లకు 7.55, తాడిపత్రికి 9.15, గుత్తికి 10.20, అనంతపురం 11.53, ధర్మవరానికి మధ్యాహ్నం 1.00 గంటకు చేరుతుంది. విజయవాడ- ధర్మవరం రైలును నంద్యాల-ఎర్రగుంట్ల మార్గంలో మళ్లిస్తుండటంతో దాదాపు గంట ఆలస్యంగా ఆయా ప్రాంతాలకు ప్రయాణికులు చేరుకుంటారని రైల్వే అధికారులు తెలిపారు.
త్వరలో ఎర్రగుంట్ల మార్గంలో స్టాపింగ్‌లకు రిజర్వేషన్లు:
నంద్యాల -ఎర్రగుంట్ల మార్గంలో ఎక్స్‌ప్రెస్‌ రైలు నిలిచే రైల్వేస్టేషన్‌లకు రిజర్వేషన్‌ సౌకర్యాన్ని ఈ వారంలోనే దక్షిణ మధ్య రైల్వే శాఖ ఏర్పాటు చేయనున్నది. ఎర్రగుంట్ల మా ర్గంలో బనగానపల్లె, కోవెలకుంట్ల, జమ్మలమడుగు, ప్రొద్దుటూరు, ఎర్రగుంట్ల స్టేషన్లతో పాటు తాడిపత్రి, గుత్తి మీదుగా ధర్మవరం రైల్వే స్టేషన్ల నుంచి ప్రయాణికుల రాక పోకలకు వీలుగా రిజర్వేషన్‌ సౌకర్యాన్ని ప్రారంభించ బోతున్నారు.

4 posts - Wed May 10, 2017 - are hidden. Click to open.

  
2191 views
May 11 2017 (00:35)
Guest: 3bcd365d   show all posts
Re# 2270446-5            Tags   Past Edits
Local paxs itsself dont expect such kinda of train

  
2405 views
May 11 2017 (00:36)
Guest: 3bcd365d   show all posts
Re# 2270446-6            Tags   Past Edits
Direct trains r there ,
All trains not meant for end to end

  
1963 views
May 11 2017 (09:40)
Venkat వెంకట్   3311 blog posts   1 correct pred (100% accurate)
Re# 2270446-7            Tags   Past Edits
WHICH local pax ?

  
2014 views
May 11 2017 (09:43)
Guest: 6ccff961   show all posts
Re# 2270446-8            Tags   Past Edits
route proposed by u

  
1967 views
May 11 2017 (09:48)
Venkat వెంకట్   3311 blog posts   1 correct pred (100% accurate)
Re# 2270446-9            Tags   Past Edits
Who told DMM-PAKALA route people demanding chennai train from many years. There are many people working in chennai from this region. I have friends too. Any ways on what basis you say local dont want ? or is it wont come via ongole is reason ?
  
Apr 25 2017 (18:17)  रैक की परेशानी नहीं, रामेश्वरम तक जा सकती है चेन्नई एक्सप्रेस (naidunia.jagran.com)
back to top
Rail BudgetSECR/South East Central  -  

News Entry# 300762   Blog Entry# 2250318     
   Past Edits
Apr 25 2017 (18:20)
Station Tag: Rameswaram/RMM added by Selva Vignesh*^~/127358

Apr 25 2017 (18:20)
Train Tag: Bilaspur-Chennai Central Weekly SF Express/12851 added by Selva Vignesh*^~/127358

Apr 25 2017 (18:17)
Station Tag: Rameswaram/RMM added by Selva Vignesh*^~/127358

Apr 25 2017 (18:17)
Train Tag: Bilaspur-Chennai Central Weekly SF Express/12851 added by Selva Vignesh*^~/127358
 
 
*रैक की परेशानी नहीं, रामेश्वरम तक जा सकती है चेन्नई एक्सप्रेस*
बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि रेलवे चाहे तो बिलासपुर-चेन्नई एक्सप्रेस को रामेश्वरम तक विस्तार कर सकती है। इस सुविधा को उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त रैक की आवश्यकता भी नहीं है। दरअसल चेन्नई से जब ट्रेन बिलासपुर आती है तो इसकी रैक 35 घंटे तक केवल कोचिंग डिपो में खड़ी रहती है। इसके बाद यही रैक बिलासपुर से पुणे साप्ताहिक सुपरफास्ट ट्रेन बन
बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि
रेलवे
...
more...
चाहे तो बिलासपुर-चेन्नई एक्सप्रेस को रामेश्वरम तक विस्तार कर सकती है। इस सुविधा को उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त रैक की आवश्यकता भी नहीं है। दरअसल चेन्नई से जब ट्रेन बिलासपुर आती है तो इसकी रैक 35 घंटे तक केवल कोचिंग डिपो में खड़ी रहती है। इसके बाद यही रैक बिलासपुर से पुणे साप्ताहिक सुपरफास्ट ट्रेन बनकर छूटती है। यदि रामेश्वरम तक चलती है तो केवल 16 घंटे अतिरिक्त समय और लगेगा। इसके बाद भी 15 घंटे बचेंगे। इस दौरान आसानी से रैक का मेंटेनेंस किया जा सकता है।
रामेश्वरम तक बिलासपुर से ट्रेन की मांग आम जनता की है। क्योंकि यह एक धार्मिक स्थल है जहां तक शहर के श्रद्धालु सीधे ट्रेन से नहीं जा सकते। उन्हें चेन्नई पहुंचने के बाद ट्रेन बदलना पड़ता है। रामेश्वरम चार धाम व 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक है। इसी विशेषता की वजह से देश के कोने- कोने से श्रद्धालुओं की भीड़ दर्शन के लिए पहुंचती है। इनमें बिलासपुर के श्रद्धालु भी शामिल हैं। अन्य जगहों से तो सीधी रेल सुविधा है। लेकिन जोनल मुख्यालय होने के बाद भी बिलासपुर के रहवासी इससे वंचित हैं। ऐसी स्थिति में रामेश्वरम जाने वाले यात्री बिलासपुर-चेन्नई सुपरफास्ट में सफर करते हैं। वहां उतरने के बाद चेन्नई एगमोर स्टेशन से दूसरी ट्रेन पकड़कर रामेश्वरम पहुंचते हैं। यदि इस ट्रेन का विस्तार हो जाए तो बिलासपुर से सीधे रामेश्वरम के लिए बिना किसी परेशानी वहां पहुंच सकते हैं। यह सुविधा उपलब्ध कराने में रेलवे को भी ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। वैसे भी एगमोर स्टेशन से रामेश्वरम की दूरी 595 किमी है। इस दूरी को ट्रेन से महज 7-8 घंटे में पूरी किया जा सकता है। इतना ही समय वापस लौटने में लगेगा। मसलन 16 घंटे अतिरिक्त परिचालन से श्रद्धालुओं बड़ी सुविधा मिल सकती है। आमतौर पर ट्रेन परिचालन के लिए रेलवे के पास रैक की समस्या रहती है। लेकिन इस ट्रेन के विस्तार करने में रेलवे के सामने यह समस्या भी नहीं आएगी। चेन्नई-बिलासपुर सुपरफास्ट ट्रेन मंगलवार रात 8.40 बजे बिलासपुर पहुंचती है। इसके बाद मेंटेनेंस के लिए कोचिंग डिपो चली जाती है। वहां से तीसरे दिन गुरुवार को सुबह 11.30 इसी रैक से बिलासपुर- पुणे सुपरफास्ट ट्रेन बनकर छूटती है। रामेश्वरम तक ट्रेन का विस्तार करने में किसी तरह की अड़चन नहीं है। केवल रेलवे की पहल की आवश्यकता है।
मेंटेनेंस के लिए चाहिए 6 घंटे
बिलासपुर स्थित कोचिंग डिपो में ट्रेनों के मेंटेनेंस का कार्य 6 घंटे पूरा कर लिया जाता है। यह पर्याप्त समय है और आसानी से एक- एक ट्रेन के उपकरणों की जांच हो जाती है। फाल्ट होने पर तत्काल सुधार हो जाता है। मसलन रामेश्वरम तक विस्तार करने के बाद रेलवे के पास मेंटेनेंस के लिए भी पर्याप्त समय है। मेंटेनेंस होने के बाद भी 9 घंटे तक रैक खाली खड़ी रहेगी।

22 posts - Tue Apr 25, 2017 - are hidden. Click to open.

  
2468 views
Apr 26 2017 (11:56)
Selva Vignesh*^~   8018 blog posts   184 correct pred (69% accurate)
Re# 2250318-23            Tags   Past Edits
No...10 hours needed...The news says rake is idle at BSP for 35 hours before it leaves as BSP PUNE exp..So that it can be extended to RMM from Chennai...In such case TT need to be altered for extension..
  
Apr 20 2017 (07:34)  2018 तक बनेगा बरियाकोल के समानांतर रेलवे सुरंग (www.prabhatkhabar.com)
back to top
Rail Budget

News Entry# 300129   Blog Entry# 2243727     
   Past Edits
Apr 20 2017 (07:34)
Station Tag: Munger/MGR added by Apna Munger😎~/1480955

Apr 20 2017 (07:34)
Station Tag: Bhagalpur Junction/BGP added by Apna Munger😎~/1480955

Apr 20 2017 (07:34)
Station Tag: Jamalpur Junction/JMP added by Apna Munger😎~/1480955
 
 
2018 तक बनेगा बरियाकोल के समानांतर रेलवे सुरंग
By Prabhat Khabar | Updated Date: Apr 20 2017 6:02AM
जमालपुर : मालदा रेल मंडल के जमालपुर-रतनपुर रेलवे स्टेशनों के बीच दूसरा रेल सुरंग 2018 में बन कर तैयार हो जायेगा. यह सुरंग वर्तमान में विद्यमान बरियाकोल सुरंग के दक्षिणी ओर कुछ दूरी पर तैयार किया जायेगा. इसके लिए वन विभाग से रेलवे को अनुमति मिल गयी है. अब शीघ्र ही निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ होने की उम्मीद है.
...
more...
बरियाकोल सुरंग जमालपुर-भागलपुर रेलमार्ग पर स्थित है. जमालपुर रेलवे स्टेशन के पूर्वी केबिन से महज कुछ ही दूरी पर स्थित इस सुरंग का निर्माण जमालपुर रेल कारखाना के निर्माण के लगभग सात वर्ष पहले ही अंगरेजों द्वारा आरंभ किया गया था. जमालपुर रेल इंजन कारखाना की स्थापना वर्ष 1862 में की गयी थी, जबकि इस सुरंग के निर्माण का कार्य वर्ष 1855 में आरंभ किया गया था. जिसे उस समय की तकनीकी एवं अभियंत्रण के आधार पर वर्ष 1861 में पूरा कर लिया गया था.

बताया जाता है कि रेलवे को पिछले महीने ही वन विभाग द्वारा सुरंग निर्माण के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट प्राप्त हो चुका है. अब नये सुरंग के निर्माण के लिए विभाग द्वारा विभिन्न संबद्ध कार्यों का सर्वे का काम आरंभ किया जा रहा है. इसके तहत नये सुरंग का डिजाइन, सुरंग निर्माण के लिए किये
2018 तक बनेगा...
जानेवाले ब्लास्ट की क्षमता तथा निर्माण कार्य के दौरान ब्लास्ट किये जाने से वर्तमान सुरंग पर पड़नेवाले प्रभाव का आकलन किया जायेगा.
चार से छह माह में पूरा हो जायेगा काम : उपमुख्य अभियंता (निर्माण) जीतेंद्र कुमार ने बताया कि झारखंड के धनबाद स्थित सेंट्रल इंस्टिच्यूट ऑफ माइनिंग एंड रिसर्च के विशेषज्ञों द्वारा सर्वे का काम पूरा किया जायेगा. इस बीच आगामी कुछ महीने में निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी. वर्तमान टेक्नोलॉजी के आधार पर सुरंग निर्माण का काम चार से छह महीने में संपन्न हो जायेगा. 2018 के अंत तक निर्माण कार्य पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य है.
नये सुरंग से क्या होगा फायदा : वर्तमान में जमालपुर से भागलपुर के बीच ट्रेनों की आवाजाही एकमात्र सुरंग के कारण प्रभावित होती है. इसी सुरंग से होकर अप एवं डाउन रूट की ट्रेनों का परिचालन होता है. लाइन क्लियर नहीं रहने की स्थिति में ट्रेनों को रतनपुर और जमालपुर के साथ ही आसपास के रेलवे स्टेशनों पर रोके रखा जाता है. दूसरे सुरंग के निर्माण होने से इस परेशानी के साथ ही साहेबगंज लूप लाइन के शेष बची रेलमार्गों के दोहरीकरण का काम भी पूरा कर लिया जायेगा.

  
सालों से सुनते आ रहा हूँ।

  
3816 views
Apr 20 2017 (21:58)
welcome back❤️हावड़ा सहरसा स्पेशल वाया मुंगेर❤~   1250 blog posts   1386 correct pred (64% accurate)
Re# 2243727-2            Tags   Past Edits
But ab chalu ho rhi banana
Page#    2564 news entries  <<prev  next>>

Scroll to Top
Scroll to Bottom


Go to Mobile site
Disclaimer: This website has NO affiliation with the Government-run site of Indian Railways. This site does NOT claim 100% accuracy of fast-changing Rail Information. YOU are responsible for independently confirming the validity of information through other sources.