Spotting
 Timeline
 Travel Tip
 Trip
 Race
 Social
 Greeting
 Poll
 Img
 PNR
 Pic
 Blog
 News
 Conf TL
 RF Club
 Convention
 Monitor
 Admin
 Followed
 Rating
 Correct
 Wrong
 Stamp
 HJ
 Vote
 Pred
 @
 FM Alert
 FM Approval
 Pvt
News Super Search
 ↓ 
×
Member:
Posting Date From:
Posting Date To:
Category:
Zone:
Language:
IR Press Release:

Search
  Go  

Ammi Jaan khti thi Railfanning se bada koi dharm nhi hota or koi Railfan chhota nhi hota - Shanzil Kabir

Full Site Search
  Full Site Search  
 
Sat Jul 20 09:08:19 IST
Home
Trains
ΣChains
Atlas
PNR
Forum
Gallery
News
FAQ
Trips/Spottings
Login
Feedback
Advanced Search

News Posts by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~

Page#    Showing 1 to 5 of 10139 news entries  next>>
  
Yesterday (00:18) आसान होगी गोरखपुर से वाराणसी की राह, 1320 करोड़ की लागत से बनेगी 80 किमी नई रेल लाइन (m.jagran.com)
New Facilities/Technology
NER/North Eastern
0 Followers
2351 views

News Entry# 387056  Blog Entry# 4381618   
  Past Edits
Jul 19 2019 (00:18)
Station Tag: Varanasi Junction/BSB added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964

Jul 19 2019 (00:18)
Station Tag: Gorakhpur Junction/GKP added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964
गोरखपुर, जेएनएन। आखिरकार, सरकार ने सहजनवां- दोहरीघाट लगभग 80 किमी नई रेल लाइन को मंजूरी दे ही दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक में इस नई रेल लाइन पर मुहर लग गई। 1320 करोड़ की लागत से यह रेल लाइन तैयार होगी।
इस रेल लाइन से गोरखपुर से वाराणसी की दूरी घट जाएगी। सहजनवां में यह रेल लाइन बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा मेन लाइन में मिलेगी। वहीं दोहरीघाट से इंदारा होते हुए मऊ और वाराणसी चली जाएगी। यह रेल लाइन इंदारा से बलिया, छपरा और भटनी को भी जोड़ेगी। यानी, पूर्वांचल में रेल लाइनों का जाल बिछ जाएगा। जो नया वैकल्पिक रेल मार्ग तैयार करेगा। इस नए रेल मार्ग से गोरखपुर के दक्षिणांचल के लोगों की राह भी आसान
...
more...
हो जाएगी। दरअसल, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के बाद भी यह रेल लाइन रेट आफ रिटन्र्स सर्वे में फंसी हुई थी। जबकि, रेल मंत्रालय ने पहले ही इस लाइन के लिए 743.55 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर दिया था। हालांकि, आमजन और जन प्रतिनिधि इसकी मंजूरी को लेकर लगातार आवाज उठाते रहे हैं। फिलहाल, प्रधानमंत्री मोदी ने यातायात की दृष्टि से पिछड़े गोरखपुर के दक्षिणांचल को एक शानदार सौगात दे दी है।
सत्तर के दशक से चल रहा सहजनवां-दोहरीघाट का सर्वे
रेल मंत्रालय ने सत्तर के दशक में ही आवागमन के मामले में पिछड़े क्षेत्र बांसगांव को रेलमार्ग से जोडऩे का प्रस्ताव बनाया था। दोहरीघाट से इंदारा होते हुए वाराणसी के लिए पहले से ही रेलमार्ग था। ऐसे में सहजनवां और दोहरीघाट को रेलमार्ग से जोडऩे की बात पर आम सहमति भी बन गई। सर्वे के बाद मामला ठंडा पड़ गया। वर्ष 1988-89 में तत्कालीन रेलमंत्री महावीर प्रसाद ने एकबार फिर इस क्षेत्र को रेलमार्ग से जोडऩे की पहल शुरू की। सर्वे कराया। तीसरी बार बार सहजनवां से वाया कौड़ीराम होकर दोहरीघाट को जोडऩे के लिए सर्वे कार्य हुआ। पर, यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला गया। चौथे सर्वे के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के बाद भी यह योजना फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई। सर्वे के दौरान क्षेत्र में जगह-जगह गड़े रेलवे के पत्थर लोगों के दिलों में टीस पैदा कर रहे थे।
यहां बनेंगे रेलवे स्टेशन
सहजनवां, पिपरौली, खजनी, उनवल, बांसगांव, उरुवा, गोला बाजार, बड़हलगंज और दोहरीघाट।
इस नई रेल लाइन से गोरखपुर के दक्षिणांचल के विकास को गति मिलेगी। पूर्वोत्तर रेलवे को एक नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। ट्रेनों का संचलन और प्रभावी ढंग से हो सकेगा। - पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनई रेलवे
खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन को हो चुका है शिलान्यास
केंद्र सरकार की कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के यातायात की दृष्टि से पिछड़े क्षेत्र खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन को भी मंजूरी दे दी है। नई रेल लाइन संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और बहराइच जनपद से होकर गुजरेगी। 240 किमी लंबी यह नई रेल लाइन खलीलाबाद से शुरू होकर मेंहदावल, डुमरियागंज, उतरौला, श्रावस्ती, भिनगा और बहराइच तक बिछाई जाएगी। इस रेल लाइन को पूरा करने के लिए वर्ष 2024-25 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्माण के लिए कैबिनेट ने 4940 करोड़ रुपये का बजट भी प्रस्तावित कर दिया है। दो मार्च 2019 को रेलमंत्री पीयूष गोयल ने खलीलाबाद में इस नई रेल लाइन की नींव रखी थी। बजट में इस रेल लाइन के लिए दस करोड़ रुपये भी आवंटित कर दिए गए हैं।
लोकसभा चुनाव के दौरान दैनिक जागरण ने बनाया था मुद्दा
लोकसभा चुनाव के दौरान दैनिक जागरण ने सहजनवां-दोहरीघाट नई रेल लाइन में हो रही देरी को मुद्दा बनाया था। दैनिक जागरण ने 13 अप्रैल 2019 के अंक में मुद्दा पेज पर पांच दशक में सिर्फ सर्वे के पत्थर शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। मुद्दा में नई रेल लाइन में आने वाली मुश्किलों और आम लोगों की पीड़ा को प्रमुखता से उठाया गया था।
  
Yesterday (00:16) लखनऊ-नई दिल्ली रूट पर चलेगी निजी ट्रेन, जानिए क्‍या होगी खासियत Lucknow News (m.jagran.com)
New/Special Trains
NER/North Eastern
0 Followers
1620 views

News Entry# 387055  Blog Entry# 4381617   
  Past Edits
Jul 19 2019 (00:16)
Station Tag: Kanpur Central/CNB added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964

Jul 19 2019 (00:16)
Station Tag: New Delhi/NDLS added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964

Jul 19 2019 (00:16)
Station Tag: Lucknow Junction NER/LJN added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964

Jul 19 2019 (00:16)
Train Tag: New Delhi - Lucknow Jn. Tejas Express/12586 added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964

Jul 19 2019 (00:16)
Train Tag: Lucknow Jn.- New Delhi Tejas Express/12585 added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964
लखनऊ, जेएनएन। देश में निजी क्षेत्र की ट्रेन चलाने के लिए रेलवे बोर्ड को पांच रूटों का प्रस्ताव है। फिलहाल दो रूटों का चयन किया जाना है, जिसमें लखनऊ-नई दिल्ली रूट सबसे आगे है। रेलवे बोर्ड में तकरीबन सहमति बन गई है। अगले सप्ताह बोर्ड औपचारिक अधिसूचना जारी करेगा। ट्रेन कारूट, समय तय करने के साथ ही निजी कंपनी की मदद से कॉमर्शियल एक्टिविटी कर टिकट बुकिंग भी शुरू करेगा। ट्रेन का रैक 15 दिन पहले आनंद नगर से लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के यार्ड पहुंच चुका है।
रेलवे बोर्ड ने 100 दिन के एक्शन प्लान पर देश के दो रूटों पर निजी क्षेत्र की मदद से प्रीमियम ट्रेन को चलाने का निर्णय लिया है। लखनऊ से तेजस एक्सप्रेस के रैक
...
more...
को निजी कंपनी चलाएगी। पूरी निगरानी भारतीय रेलवे खानपान पर्यटन निगम (आइआरसीटीसी) करेगा। रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, ट्रेन की टिकटिंग, बोर्डिग और खानपान की जिम्मेदारी पहले चरण में आइआरसीटीसी की होगी। चूंकि, आइआरसीटीसी को देश में भारत दर्शन सहित कई स्पेशल ट्रेनें चलाने का अनुभव है। इसीलिए निजी क्षेत्र का नियंत्रण भी इसके पास रहेगा। कॉमर्शियल एक्टिविटी और किराये का निर्धारण निजी कंपनी करेगी, जबकि क्रू स्टाफ रेलवे का होगा। टीटीई की तैनाती आइआरसीटीसी करेगा। सीट की बुकिंग आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर होगी।
नवंबर में मिला था 23 बोगियों का रैक : बिना इंजन वाली ट्रेन 18 बनाने वाले इंटीग्रेटेड कोच फैक्ट्री चेन्नई ने दो एक्जक्यूटिव और 18 एसी चेयरकार सहित 23 बोगियों वाली तेजस एक्सप्रेस के रैक तैयार कर नवंबर में उत्तर रेलवे को आवंटित किए थे। इनमें 13 बोगियों वाला रैक लखनऊ भेजा गया है। अभी मुंबई-गोवा के बीच यह तेजस एक्सप्रेस चल रही है। इसका अच्छा रिस्पांस मिल रहा है।
मुंबई से अहमदाबाद रूट पर भी रेलवे बोर्ड की सहमति, लखनऊ-नई दिल्ली का समय, रूट तय करेगा आइआरसीटीसी
यह है खासियत
  
Yesterday (00:09) नई दिल्ली तक जाएगी तेजस टाइमटेबल में होगा बदलाव, उसके बाद ही चलेगी ट्रेन (epaper.navbharattimes.com)
New/Special Trains
NER/North Eastern
0 Followers
1403 views

News Entry# 387054  Blog Entry# 4381613   
  Past Edits
Jul 19 2019 (00:10)
Station Tag: New Delhi/NDLS added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964

Jul 19 2019 (00:10)
Station Tag: Anand Vihar Terminal/ANVT added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964

Jul 19 2019 (00:10)
Station Tag: Lucknow Junction NER/LJN added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964
टाइमटेबल में होगा बदलाव, उसके बाद ही चलेगी ट्रेन
रंगापाड़ा स्पेशल 21 को• एनबीटी ब्यूरो, लखनऊ :
पूर्वोत्तर रेलवे की तेजस एक्सप्रेस लखनऊ से फिलहाल अभी नहीं चल पाएगी। रेलवे पहले इसके डेस्टिनेशन व टाइम टेबल में बदलाव करेगा। तेजस के कोच 30 जून से गोमतीनगर में खड़े हैं लेकिन मंत्रालय इसके संचालन पर फैसला नहीं ले पा रहा है।
रेलवे बोर्ड
...
more...
के अफसरों की मानें तो यह ट्रेन अब आनंद विहार नहीं जाएगी। इसे नई दिल्ली स्टेशन तक चलाने की प्लानिंग है। इसके बाद मुंबई से दिल्ली के लिए चलाई जाएगी। लखनऊ से नई दिल्ली के लिए प्रस्तावित ट्रेन अंतरिम रेल बजट में घोषित की गई थी। इसके बाद इसे लखनऊ से आनंद विहार के लिए चलाने का निर्णय किया गया था। मोदी सरकार 0.2 में इसे आईआरसीटीसी के जरिए चलाने की योजना बनी।
महीनेभर से खड़े हैं कोच : पहले करीब महीनेभर तक तेजस के कोच आनंदनगर स्टेशन पर खड़े रहे। 30 जून को उन्हें गोमतीनगर स्टेशन की लाइन नंबर चार पर खड़ा कर दिया गया।
...ताकि मिलें यात्री : अफसरों का दावा है कि आईआरसीटीसी प्रशासन यह ट्रेन लखनऊ जंक्शन से नई दिल्ली तक चलाना चाहता है। सुबह लखनऊ से गोमती एक्सप्रेस व डबल डेकर चलने की वजह से भी आईआरसीटीसी इसके पुराने टाइम टेबल में बदलाव करना चाहता है ताकि पर्याप्त यात्री मिल सकें।
नई दिल्ली तक जाएगी तेजस!
तेजस चलाने की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी को दी गई है। इसके संचालन की दिशा में रेलवे बोर्ड स्तर पर तेजी से काम चल रहा है। -आरडी बाजपेई, डायरेक्टर, (आईएंडपी), रेलवे बोर्ड
टीटीई तैनात करेगा आईआरसीटीसी
तेजस का हर कोच एलईडी लाइटिंग, स्मार्ट विंडो, सीसीटीवी, जीपीएस आधारित पैसेंजर इंफर्मेशन सिस्टम, शानदार इंटीरियर से लैस है। 13 कोचों वाली तेजस के किराए का निर्धारण आईआरसीटीसी करेगा। इसके अलावा कमर्शल एक्टिविटी का काम भी उसी के जिम्मे होगा। टीटीई वह खुद तैनात करेगा जबकि क्रू रेलवे भेजेगा।
• एनबीटी ब्यूरो, लखनऊ : असम के रंगापाड़ा से भोपाल के बीच 19 जुलाई को स्पेशल ट्रेन(05714 ) चलेगी। यह ट्रेन 21 जुलाई को लखनऊ से भोपाल के लिए मिलेगी। स्पेशल ट्रेन रंगापाड़ा नार्थ से सुबह 10.15 बजे छूटकर सिलीगुड़ी, समस्तीपुर ,दरभंगा और गोरखपुर होते हुए 20 जुलाई की रात 3.00 बजे चारबाग स्टेशन पहुंचेगी। यहां पर 03.10 बजे रवाना होने के बाद यह ट्रेन और भोपाल शाम 7.20 बजे पहुंचेगी।
  
लखनऊ [निशांत यादव]। हजरत निजामुद्दीन-मुंबई रूट पर दो इंजन के साथ राजधानी स्पेशल 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ाकर रेलवे ने पुशपुल तकनीक की शुरुआत की है। 
अब आरडीएसओ हजरत निजामुद्दीन-मुंबई रूट की तरह मानकों पर खरा उतरने वाले देश के सभी जोन के रूट पर पुशपुल तकनीक से स्पेशल राजधानी और एलएचबी बोगियों वाली ट्रेनों को दौड़ाकर उनका ट्रायल करेगा। इस तकनीक से एक से पांच घंटे का समय ट्रेनें बचाएंगी। रेलवे के एक्शन प्लान-100 के तहत कई जोन में ट्रेनों की गति बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए आरडीएसओ जेनरिक स्पीड सर्टिफिकेट प्रदान करेगा। 
आगे
...
more...
पीछे लगते हैं इंजन
पुशपुल तकनीक में डब्ल्यूएपी-सात और डब्ल्यूएपी-पांच श्रेणी का इलेक्ट्रिक इंजन 20 एलएचबी बोगियों वाले हजरत निजामुद्दीन-मुंबई स्पेशल राजधानी रैक के आगे लगकर उसे खींचता है। जबकि, इसी श्रेणी का एक इंजन पीछे लगाकर ट्रेन को पुश (धक्का) किया जाता है। इससे ट्रेन की गति 130 किलोमीटर प्रति घंटा हो गई है। आरडीएसओ ने अब तक केवल इसी रूट को स्पीड प्रमाण पत्र दिया है। 
12 घंटे में पूरा होगा नई दिल्ली से हावड़ा का सफर
रेलवे बोर्ड के सौ दिन के एक्शन प्लान में नई दिल्ली-हावड़ा रूट पर 1525 किलोमीटर तक और नई दिल्ली से मुंबई तक 1483 के किलोमीटर लंबे रूट की गति सीमा बढ़ाकर 170 किलोमीटर प्रति घंटा करने का लक्ष्य तय किया गया है। स्पीड बढऩे से नई दिल्ली से हावड़ा तक 17 की जगह 12 घंटे और नई दिल्ली से मुंबई की राजधानी एक्सप्रेस की यात्रा 15.50 घंटे की जगह 10 घंटे में तय होगी। 
अब 22 बोगियों वाली ट्रेन में होगा इस्तेमाल
पुशपुल तकनीक से ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए आरडीएसओ ने सभी जोन को पत्र लिखकर उनके रूट की पटरियों को स्पीड बढ़ाने के लिए जरूरी मानक पूरे करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आरडीएसओ अब 20 की जगह 22 बोगियों की ट्रेनों को पुशपुल से दौड़ाने की अनुमति प्रदान करने की तैयारी में है।
  
Jul 17 (20:31) 40 वंदे भारत ट्रेनों के बेपटरी होते टेंडर उठा रहे कई सवाल (epaper.jagran.com)
IR Affairs
NR/Northern
0 Followers
2065 views

News Entry# 386987  Blog Entry# 4380478   
  Past Edits
Jul 17 2019 (20:31)
Station Tag: Lucknow Charbagh NR/LKO added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964

Jul 17 2019 (20:31)
Station Tag: Kanpur Central/CNB added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964

Jul 17 2019 (20:31)
Station Tag: Varanasi Junction/BSB added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964

Jul 17 2019 (20:31)
Station Tag: New Delhi/NDLS added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964
वंदे भारत एक्सप्रेस श्रृंखला की 40 नई ट्रेनों का निर्माण फिलहाल अधर में लटकता नजर आ रहा है। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आइसीएफ) चेन्नई में इन ट्रेनों का निर्माण होना था, लेकिन रेलवे बोर्ड ने सभी टेंडरों को रद कर दिया है। वंदेभारत एक्सप्रेस के अलावा रेलवे मेन लाइन इलेक्टिक मल्टीपुल यूनिट (मेमू) या इलेक्टिक मल्टीपुल यूनिट (ईएमयू) और एयरकंडीश ईएमयू के भी टेंडर रद कर दिए गए हैं। बताते हैं कि करीब तीन हजार करोड़ रुपये के टेंडर रद किए गए हैं।
पहले 40 रैक (ट्रेन) का टेंडर डाला गया, लेकिन जब बात सिरे नहीं चढ़ी, तो घटाकर 37 का कर दिया। लेकिन इसके बाद सभी निविदाओं (टेंडर) को रद कर दिया गया। अब कहा जा रहा है कि
...
more...
नए सिरे से निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लिहाजा, नई गाड़ियों के पटरी पर उतरने में लंबा समय लगेगा। टेंडर रद करने के पीछे भले ही कई बातें सामने आईं, लेकिन रेलवे ने नई तकनीक को जोड़ने, पारदर्शिता आदि जैसे कारण बताए हैं।
बता दें कि 15 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से वाराणसी के बीच देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। आइसीएफ ने वंदे भारत के दो रैक (ट्रेन) तैयार किए थे, जिसमें से एक नई दिल्ली-वाराणसी के बीच चल रही है, जबकि दूसरी को नई दिल्ली-कटरा के बीच चलाया जाना है। आइसीएफ ने 40 नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के निर्माण के लिए टेंडर 15 मार्च 2019 को जारी किया था। इसमें भारतीय ही नहीं विदेशी कंपनियों ने भी भागीदारी की। लेकिन इनमें से महज एक टेंडर ही अलाट किया गया, जबकि 39 रैक का टेंडर अलाट नहीं किया गया। इसके बाद फिर से 37 रैक का टेंडर 10 जुलाई 2019 को जारी किया गया, लेकिन इसके बाद रेलवे बोर्ड ने सभी टेंडरों को रद करने का लिखित आदेश जारी कर दिया। 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस मौजूदा राजधानी और शताब्दी के बेड़े की जगह लेंगी। एक ट्रेन के निर्माण पर 100 करोड़ रुपये की लागत आई है। बहरहाल, 40 ट्रेनों के निर्माण को लेकर सामने आई टेंडरिंग की यह आपाधापी कुछ बड़े सवाल भी खड़े कर रही है।
Page#    10139 news entries  next>>

Scroll to Top
Scroll to Bottom
Go to Mobile site
Important Note: This website NEVER solicits for Money or Donations. Please beware of anyone requesting/demanding money on behalf of IRI. Thanks.
Disclaimer: This website has NO affiliation with the Government-run site of Indian Railways. This site does NOT claim 100% accuracy of fast-changing Rail Information. YOU are responsible for independently confirming the validity of information through other sources.
India Rail Info Privacy Policy