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वित्‍त मंत्रालय

प्रविष्टि तिथि: 01 AUG 2020 4:51PM by PIB Delhi
जुलाई, 2020 में सकल जीएसटी (वस्‍तु एवं सेवा कर) राजस्‍व संग्रह 87,422 करोड़ रुपये का हुआ जिसमें सीजीएसटी 16,147 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 21,418 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 42,592 करोड़ रुपये (वस्‍तुओं के आयात पर संग्रहीत 20,324 करोड़ रुपये सहित) और उपकर (सेस) 7,265 करोड़ रुपये (वस्‍तुओं के आयात पर संग्रहीत 807 करोड़ रुपये
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सहित) हैं।

सरकार ने नियमित निपटान के रूप में आईजीएसटी से सीजीएसटी के लिए 23,320 करोड़ रुपये और एसजीएसटी के लिए 18,838 करोड़ रुपये का निपटान किया है। जुलाई, 2020 में नियमित निपटान के बाद केन्‍द्र सरकार और राज्‍य सरकारों द्वारा अर्जित कुल राजस्‍व सीजीएसटी के लिए 39,467 करोड़ रुपये और एसजीएसटी के लिए 40,256 करोड़ रुपये है।

उपर्युक्‍त माह में राजस्व पिछले साल के इसी महीने में संग्रहीत हुए जीएसटी राजस्व का 86% है। उपर्युक्‍त माह के दौरान वस्‍तुओं के आयात से प्राप्‍त राजस्व और घरेलू लेन-देन (सेवाओं के आयात सहित) से प्राप्‍त राजस्व पिछले साल के इसी महीने के दौरान इन स्रोतों से हासिल किए गए राजस्व का क्रमश: 84% एवं 96% था।

इससे पिछले महीने का राजस्व संग्रह उपर्युक्‍त माह की तुलना में अधिक था। हालांकि, यहां पर इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि इससे पिछले महीने के दौरान बड़ी संख्या में करदाताओं ने कोविड-19 के मद्देनजर दी गई राहत की वजह से फरवरी, मार्च और अप्रैल 2020 से संबंधित करों का भी भुगतान किया था। यह भी उल्लेखनीय है कि 5 करोड़ रुपये से कम के कारोबार (टर्नओवर) वाले करदाता सितंबर 2020 तक रिटर्न दाखिल करने में मिली छूट का निरंतर लाभ उठा रहे हैं।

निम्‍नलिखित चार्ट चालू वर्ष के दौरान मासिक सकल जीएसटी राजस्व के रुझान को दर्शाता है। निम्‍नलिखित तालिका जुलाई, 2019 की तुलना में जुलाई 2020 के दौरान के साथ-साथ पूरे वर्ष के दौरान भी प्रत्येक राज्य में संग्रहीत जीएसटी के राज्य-वार आंकड़ों को दर्शाती है।



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एसजी/एएम/आरआरएस- 6770





(रिलीज़ आईडी: 1642892) आगंतुक पटल : 323
स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय
प्रविष्टि तिथि: 01 AUG 2020 4:53PM by PIB Delhi
कोविड​​-19 पर मंत्रियों के समूह (जीओएम) ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त करते हुए मेड-इन-इंडिया वेंटिलेटर के निर्यात की अनुमति प्रदान की है। इस निर्णय की सूचना विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) को प्रदान कर दी गई है, जिससे आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके और स्वदेश निर्मित वेंटिलेटरों के निर्यात को सुगम बनाया जा सके।
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यह महत्वपूर्ण निर्णय भारत द्वारा कोविड-19 रोगियों के मामलों में मृत्यु दर की गिरावट को सफलतापूर्वक जारी रखने के बाद लिया गया है, जो वर्तमान में 2.15 प्रतिशत है, जिसका अर्थ है कि कोविड-19 के सक्रिय मामलों में बहुत कम लोग वेंटिलेटर पर हैं। 31 जुलाई 2020 तक, पूरे देश में केवल 0.22 प्रतिशत सक्रिय मामले वेंटिलेटर पर थे। इसके अलावा, वेंटिलेटर के घरेलू विनिर्माण क्षमता में पर्याप्त मात्रा में बढ़ोत्तरी हुई है। जनवरी 2020 की तुलना में, वर्तमान समय में वेंटिलेटर के 20 से ज्यादा घरेलू निर्माता हैं।

मार्च 2020 में वेंटिलेटर के निर्यात पर निषेध/प्रतिबंध लगा दिया गया था ताकि कोविड-19 से लड़ाई को प्रभावपूर्ण तरीके से लड़ने के लिए घरेलू उपलब्धता को सुनिश्चित किया जा सके। दिनांक 24 मार्च 2020 को डीजीएफटी की अधिसूचना संख्या 53 के द्वारा सभी प्रकार के वेंटिलेटर के निर्यात पर रोक लगा दी गई थी। अब वेंटिलेटर के निर्यात की अनुमति मिलने के साथ ही यह उम्मीद की जा रही है कि घरेलू वेंटिलेटर विदेशों में भारतीय वेंटिलेटर के लिए नए बाजार को तलाश करने में सक्षम होंगे।



एसजी/एएम/एके/एसके



(रिलीज़ आईडी: 1642903) आगंतुक पटल : 106
स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय

ठीक हुए लोगों की संख्या करीब 11 लाख हुई

पिछले 24 घंटों में 36,500 से ज्यादा लोग ठीक हुए
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प्रविष्टि तिथि: 01 AUG 2020 2:43PM by PIB Delhi
भारत वैश्विक स्तर पर कोविड-19 की सबसे कम मृत्यु दर दर्ज करने और उसे बनाए रखने में लगातार सफल रहा है। आज देश में कोरोना के मामलों में मृत्यु दर 2.15 प्रतिशत है और यह पहले लॉकडाउन की शुरुआत के बाद से सबसे कम है। जून के मध्य में यह लगभग 3.33 प्रतिशत थी जिसमें लगातार गिरावट आ रही है।

यह केंद्र के साथ-साथ राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की "जांच, खोज, उपचार" के लिए समन्वित, पूर्व-निर्धारित, वर्गीकृत और विकसित रणनीति और प्रयासों को दर्शाता है। अस्पताल के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के साथ-साथ त्वरित परीक्षण ने कोविड-19 के रोगियों की शीघ्र पहचान और गंभीर रोगियों की पहचान को सक्षम बनाया है जिससे मृत्यु की संख्या में कमी आई है।





सीएफआर की दर को कम रखने के साथ-साथ, कंटेनमेंट रणनीति के सफल कार्यान्वयन, त्वरित परीक्षण और व्यापक देखभाल दृष्टिकोण के आधार पर मानकीकृत नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल के परिणामस्वरूप, ठीक होने वालों की संख्या 30,000/दिन के स्तर पर लगातार बनी हुई है।



अब ठीक हुए लोगों की कुल संख्या करीब 11 लाख हो गई है। पिछले 24 घंटों में 36,569 रोगियों को अस्पताल से छुट्टी दिए जाने के साथ ही, ठीक हुए लोगों की संख्या 10,94,374 तक पहुंच गई है। कोविड-19 रोगियों के बीच ठीक होने की दर 64.53 प्रतिशत है।



ठीक होने वालों की संख्या में इस प्रकार की लगातार वृद्धि के साथ, कोविड-19 से ठीक हुए मामलों और सक्रिय मामलों के बीच का अंतर वर्तमान में 5,29,271 हो गया है। सभी सक्रिय मामलों (5,65,103) को चिकित्सा निगरानी के अंतर्गत रखा गया हैं।



निर्बाध रोगी प्रबंधन के साथ-साथ तीन-स्तरीय अस्पताल अवसंरचना ने तीव्र गति से गंभीर रोगी की पहचान और उपचार सुनिश्चित किया है। वर्तमान में, 2,49,358 आइसोलेशन बेड, 31,639 आईसीयू बेड और 1,09,119 ऑक्सीजन समर्थित बेड, 16,678 वेंटिलेटर के साथ 1,448 कोविड समर्पित अस्पताल काम कर रहे हैं। 2,07,239 आइसोलेशन बेड, 18,613 आईसीयू बेड और 74,130 ऑक्सीजन समर्थित बेड और 6,668 वेंटिलेटर के साथ 3,231 समर्पित कोविड स्वास्थ्य केंद्र भी चालू किए गए हैं। इसके अलावा, देश में कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए 10,02,681 बिस्तरों के साथ 10,755 कोविड केयर सेंटर भी उपलब्ध हैं। केंद्र ने राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय संस्थानों को 273.85 लाख एन95 मास्क और 121.5 लाख जीवन रक्षक उपकरण (पीपीई) और 1083.77 लाख एचसीक्यू की टैबलेट भी प्रदान की हैं।



कोविड-19 से संबंधित तकनीकी मुद्दों, दिशा-निर्देशों और सलाहों के बारे में सभी प्रामाणिक और अद्यतन जानकारी के लिए, नियमित रूप से देखें: click here और @MoHFW_INDIA



कोविड-19 से संबंधित तकनीकी प्रश्नों को technicalquery.covid19@gov.in पर और अन्य प्रश्नों को ncov2019@gov.in पर ई-मेल और @CovidIndiaSeva पर पूछा जा सकता है।



कोविड-19 से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबर- : +91-11-23978046 or 1075 (टोल फ्री) पर कॉल करें।



कोविड-19 पर राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के हेल्पलाइन नंबरों की सूची click here पर उपलब्ध है।



एसजी/एएम/एके/एसके







(रिलीज़ आईडी: 1642887) आगंतुक पटल : 61
गृह मंत्रालय

लोकमान्य तिलक का स्वतंत्रता आन्दोलन में अतुलनीय योगदान है, उन्होने ही भारतीय स्वतन्त्रता आंदोलन को भारतीय बनाया

मरण और स्मरण में आधे अक्षर का अंतर है, लेकिन यह आधा ‘स’ जोड़ने
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के लिए पूरे जीवन का त्याग करना पड़ता है और तिलक जी इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं

लोकमान्य तिलक के स्वराज के नारे ने भारतीय समाज को जनचेतना देने और स्वतन्त्रता आंदोलन को लोक-आंदोलन में बदलने का काम किया

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की न्यू इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के माध्यम से तिलक के विचारों को आगे बढ़ाया जा रहा है

लोकमान्य तिलक का स्वभाषा और स्वसंस्कृति का जो आग्रह था उसे मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति में शामिल किया गया है

युवाओं से अपील की कि यदि भारत और भारत के गरिमामय इतिहास को जानना है तो बाल गंगाधर तिलक को बार-बार पढ़ना होगा

लोगों को स्वाधीनता आंदोलन से जोड़ने के लिए लोकमान्य तिलक ने शिवाजी जयंती और सार्वजनिक गणेश उत्सवों को लोकउत्सव के रूप में मनाने की शुरूआत की जिससे भारतीय स्वतन्त्रता आंदोलन की दिशा और दशा दोनों बदल गई

लोकमान्य तिलक अस्पृश्यता के प्रबल विरोधी थे उन्होंने जाति और संप्रदायों में बंटे समाज को एक करने के लिए बड़ा आंदोलन चलाया, उनका कहना था कि यदि ईश्वर अस्पृश्यता को स्वीकार करते हैं तो मैं ऐसे ईश्वर को स्वीकार नहीं करता
प्रविष्टि तिथि: 01 AUG 2020 3:49PM by PIB Delhi
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में महान स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 100वीं पुण्यतिथि पर भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद द्वारा आयोजित ‘लोकमान्य तिलक - स्वराज से आत्मनिर्भर भारत’ विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार का उद्घाटन किया ।



अपने संबोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने ही वास्तव में भारतीय स्वतन्त्रता आंदोलन को भारतीय बनाया । लोकमान्य तिलक का स्वतंत्रता आन्दोलन में अतुलनीय योगदान है, उन्होंने अपने जीवन का क्षण-क्षण राष्ट्र को समर्पित कर क्रांतिकारियों की एक वैचारिक पीढ़ी तैयार की। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि तिलक ने अंग्रेजों के विरुद्ध आवाज बुलंद कर ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा’ का जो नारा दिया वह भारतीय स्वतन्त्रता आंदोलन के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा रहेगा । श्री अमित शाह ने कहा कि आज यह बहुत सहज लगता है लेकिन 19 वीं शताब्दी में यह बोलना और उसे चरितार्थ करने के लिए अपना पूरा जीवन खपा देने का काम बहुत कम लोग ही कर सकते थे । लोकमान्य तिलक के इस वाक्य ने भारतीय समाज को जनचेतना देने और स्वतन्त्रता आंदोलन को लोक-आंदोलन में बदलने का काम किया, इस कारण स्वतः ही लोकमान्य की उपाधि उनके नाम से जुड़ गई । केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि तिलक जी से पूर्व ‘गीता’ के सन्यास भाव को लोग जानते थे लेकिन जेल में रहते हुए तिलक जी ने ‘गीता रहस्य’ लिखकर गीता के अन्दर के कर्मयोग को लोगो के सामने लाने का काम किया और लोकमान्य तिलक द्वारा रचित ‘गीता रहस्य’ आज भी लोगों का मार्गदर्शन कर रही है।





केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि लोकमान्य तिलक मूर्धन्य चिंतक, दार्शनिक, सफल पत्रकार और समाज सुधारक सहित एक बहुआयामी व्यक्तित्व थे । इतनी उपलब्धियां होते हुए भी जमीन से जुड़े रहने की कला उनसे सीखी जा सकती है । श्री अमित शाह ने कहा कि भारत, भारतीय संस्कृति और भारतीय जनमानस को समझने वाले लोकमान्य तिलक आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं । उन्होने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि यदि भारत और भारत के गरिमामय इतिहास को जानना है तो बाल गंगाधर तिलक को बार-बार पढ़ना होगा । उन्होने युवाओं से यह भी कहा कि हर बार पढ़ने से तिलक जी के महान व्यक्तित्व के बारे में कुछ नया ज्ञान प्राप्त होगा और उनसे प्रेरणा लेकर युवा जीवन में नई ऊंचाई हासिल कर सकेंगे ।

श्री अमित शाह ने कहा कि लोकमान्य तिलक का स्वभाषा और स्वसंस्कृति का जो आग्रह था उसे मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति में शामिल किया गया है । तिलक जी के विचारों को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की न्यू इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है । लोकमान्य तिलक ने कहा था कि सच्चे राष्ट्रवाद का निर्माण पुरानी नींव के आधार पर ही हो सकता है, जो सुधार पुरातन के प्रति घोर असम्मान की भावना पर आधारित है उसे सच्चा राष्ट्रवाद रचनात्मक कार्य नहीं समझता| हम अपनी संस्थाओं को ब्रिटिश ढाँचे में नहीं ढालना चाहते, सामाजिक तथा राजनीतिक सुधार के नाम पर हम उनका अराष्ट्रीयकरण नहीं करना चाहते | श्री अमित शाह ने कहा कि बाल गंगाधर तिलक भारतीय संस्कृति के गौरव के आधार पर देशवासियों में राष्ट्रप्रेम उत्पन्न करना चाहते थे, इस संदर्भ में उन्होंने व्यायामशालाएं, अखाड़े, गौ-हत्या विरोधी संस्थाएं स्थापित की।

श्री अमित शाह ने कहा कि लोकमान्य तिलक अस्पृश्यता के प्रबल विरोधी थे उन्होंने जाति और संप्रदायों में बंटे समाज को एक करने के लिए बड़ा आंदोलन चलाया। तिलक जी का कहना था कि यदि ईश्वर अस्पृश्यता को स्वीकार करते हैं तो मैं ऐसे ईश्वर को स्वीकार नहीं करता । केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मजदूर वर्ग को राष्ट्रीय आंदोलन में जोड़ने के लिए भी लोकमान्य तिलक ने महत्वपूर्ण काम किया । साथ ही लोगों को स्वाधीनता आंदोलन से जोड़ने के लिए लोकमान्य तिलक ने शिवाजी जयंती और सार्वजनिक गणेश उत्सवों को लोकउत्सव के रूप में मनाने की शुरूआत की जिससे भारतीय स्वतन्त्रता आंदोलन की दिशा और दशा दोनों बदल गई।







श्री अमित शाह ने कहा कि मरण और स्मरण में आधे अक्षर का अंतर है, लेकिन यह आधा ‘स’ जोड़ने के लिए पूरे जीवन का त्याग करना पड़ता है और तिलक जी इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं । लोकमान्य तिलक ने गांधी, वीर सावरकर सहित अनेक स्वाधीनता सेनानियों को प्रोत्साहित करने का काम किया और महात्मा गांधी नंगे पाँव चलकर बाल गंगाधर तिलक की अंतिम यात्रा में शामिल हुए जो तिलक जी के लिए गांधी जी के सम्मान का सूचक है ।

कार्यक्रम में प्रख्यात समाज सुधारक, लोकशाहीर अण्णा भाऊ साठे जी की जन्मशताब्दी के अवसर पर उनको भी नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की गयी। वेबिनार के उदघाटन सत्र में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के अध्यक्ष और सांसद डॉ विनय सहस्त्रबुद्धे, तिलक महाराष्ट्र विद्यापीठ के उपकुलपति श्री दीपक तिलक और डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ शरद कुंटे सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।





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एनडब्लू/आरके/पीके/एडी/डीडीडी



(रिलीज़ आईडी: 1642849) आगंतुक पटल : 132
सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय
प्रविष्टि तिथि: 01 AUG 2020 2:23PM by PIB Delhi
अब आप अपने परिवार और दोस्तों को उपहार में खास तौर पर तैयार किए गए खादी रेशम फेस मास्क का एक आकर्षक उपहार बॉक्स दे सकते हैं। केंद्रीय एमएसएमई मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कल खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी)द्वारा विकसित उपहार बॉक्स का शुभारंभ किया। उपहार बॉक्स में विभिन्न रंगों और प्रिंटों में चार दस्तकारी रेशम के मास्क होते हैं। मास्क को सुनहरा उभरे हुए मुद्रण के साथ एक सुंदर रूप से तैयार किए गए हस्तनिर्मित काले
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रंग के पेपर बॉक्स में पैक किया गया है।



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श्री गडकरी ने उपहार बॉक्स की सराहना करते हुए कहा कि यह सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ त्योहारों का जश्न मनाने का एक उपयुक्त उत्पाद है। उन्होंने केवीआईसी की मास्क बनाने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे कारीगरों को कोरोना महामारी के सबसे कठिन समय के दौरान स्थायी आजीविका मिलती है।

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रेशम मास्क उपहार बॉक्स की कीमत सिर्फ 500 रुपये प्रति बॉक्स है और अब दिल्ली एनसीआर में केवीआईसी के सभी आउटलेट्स पर उपलब्ध है।

केवीआईसी के अध्यक्ष श्री विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि उपहार बॉक्स लॉन्च करने के पीछे का विचार विदेशी बाजार और त्योहारों के मौसम के दौरान अपने प्रियजनों के लिए उचित मूल्य के उपहारों की तलाश कर रहे एक बड़ी भारतीय आबादी की मांग को पूरा करना है।

उपहार बक्से में एक मुद्रित रेशम मास्क और तीन अन्य मास्क ठोस आकर्षक रंगों में होंगे। ये तीन स्तरीय रेशम मास्क त्वचा के अनुकूल,धोने योग्य, पुन: उपयोग योग्य, और स्वाभिवक रूप से सड़नशील हैं। सिल्क मास्क में तीन चुन्नट होते हैं और कान में लगाने वाले लूप को आसानी से समायोजित किया जा सकता है। इसमें 100% खादी सूती कपड़े की दो आंतरिक परतें और रेशम कपड़े की एक शीर्ष परत है।

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एसजी/एएम/एके/एसएस



(रिलीज़ आईडी: 1642846) आगंतुक पटल : 140
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