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Poorabiya Express: कोसी की शान से दिल्ली महान तक - Md Rashid Alam

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Wed Oct 20 02:05:58 IST
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Yesterday (22:56) चेंबर ने रेल मंत्री से की रांची से बनारस के लिए ट्रेन सुविधाओं में बढोत्तरी की मांग (newswing.com)
IR Affairs
SER/South Eastern
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News Entry# 467966  Blog Entry# 5098934   
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Oct 19 2021 (22:56)
Station Tag: Sasaram Junction/SSM added by Adittyaa Sharma/1421836

Oct 19 2021 (22:56)
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Oct 19 2021 (22:56)
Station Tag: Varanasi Junction/BSB added by Adittyaa Sharma/1421836

Oct 19 2021 (22:56)
Station Tag: Dehri On Sone/DOS added by Adittyaa Sharma/1421836

Oct 19 2021 (22:56)
Station Tag: Garhwa Road Junction/GHD added by Adittyaa Sharma/1421836

Oct 19 2021 (22:56)
Station Tag: DaltonGanj/DTO added by Adittyaa Sharma/1421836

Oct 19 2021 (22:56)
Station Tag: Tori Junction/TORI added by Adittyaa Sharma/1421836

Oct 19 2021 (22:56)
Station Tag: Lohardaga/LAD added by Adittyaa Sharma/1421836

Oct 19 2021 (22:56)
Station Tag: Ranchi Junction/RNC added by Adittyaa Sharma/1421836
Gh
Ranchi: रेलवे स्टेशन से रेल सुविधाओं में बढ़ोत्तरी को लेकर झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को मंगलवार को पत्र लिखा. पत्र के माध्यम से रांची से वाराणसी के लिए अतिरिक्त ट्रेन की मांग की.
चैम्बर महासचिव राहुल मारू ने कहा कि वाराणसी का धार्मिक महत्व होने के कारण रांची से काफी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है. किंतु वर्तमान में रांची से वाराणसी के लिए रात में केवल एक ही ट्रेन चलती है. इससे यात्रियों को परेशानी होती है. समाधान के लिए रांची से वाराणसी के लिए
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(लोहरदगा-टोरी लाईन से) एक जनशताब्दी/इंटरसिटी नई ट्रेन का परिचालन प्रारंभ किया जाय. इस ट्रेन के परिचालन से झारखण्ड की राजधानी रांची के साथ ही लोहरदगा, टोरी, डाल्टनगंज, गढवा, डेहरी-ऑन-सोन से वाराणसी आवागमन करनेवाले यात्रियों को काफी सहायता मिलेगी. चैम्बर ने हटिया रेल मंडल के डीआरएम को भी पत्र लिखकर कहा कि रांची से सासाराम-डेहरी ऑन सोन के लिए चलनेवाली ट्रेन में काफी भीड़ है. इससे गढ़वा, डालटनगंज, डेहरी ऑन सोन के यात्रियों को काफी कठिनाइ हो रही है.
चैम्बर के रेलवे उप समिति चेयरमैन तथा DRUCC सदस्य नवजोत अलंग ने कहा कि इस रूट के लिए शाम में केवल एक ही ट्रेन है. ऐसे में यह समस्या बनी हुई है. ट्रेन के अभाव में लोगों को बस से सफर करना पड़ता है जिससे लोगों का समय, खर्च और परेशानी बढ़ती है. इस रूट के लिए एक वैकल्पिक ट्रेन की व्यवस्था की जाय ताकि यात्री सुगमतापूर्वक अपनी यात्रा कर सकें.

1 Public Posts - Yesterday

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Yesterday (23:14)
tublum007
IRF~   131 blog posts
Re# 5098934-2            Tags   Past Edits
Proposal pe proposal suggestions pe suggestions... SER mein new train chalega bhi kabhi? Lohardaga tori line SER kab passenger trains chalayega pata nehin

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Yesterday (23:25)
Adittyaa Sharma
AdittyaaSharma^~   35393 blog posts
Re# 5098934-3            Tags   Past Edits
तमाशा ही बहुत बना है इस सेक्शन का🙏

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Today (00:18)
shreyusomya
Shreyu   41 blog posts
Re# 5098934-4            Tags   Past Edits
Mene pehele hi kaha tha ki new trains choro purani trains bhi cancel karega ser ex- , ranchi ajmer, barwadi tanakpur, santraganchi ajmer,ranchi chopan,barwadi chunar etc

Rail News
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Today (00:51)
Ban all chinese mobiles
Sagnikdhn25~   1095 blog posts
Re# 5098934-5            Tags   Past Edits
kaam ka kaam karte lucknow ke liye train mangna chahiye tha.
bsb hi jana tha ddu se vi ja sakte hain easily.

241 views
Today (01:53)
Mohd Haaris
Betaaj_Badshah^~   2275 blog posts
Re# 5098934-6            Tags   Past Edits
1 compliments
👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻
Ye dekho Jan Shatabdi
Yesterday (18:04) सोनभद्र के रेलवे परियोजनाओं में लेटलतीफी, पांच राज्यों में रुक रही विकास की रफ्तार (newstrack.com)
Commentary/Human Interest
NCR/North Central
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News Entry# 467951  Blog Entry# 5098753   
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Oct 19 2021 (18:04)
Station Tag: Garhwa Road Junction/GHD added by Rhythms of Rail/100643

Oct 19 2021 (18:04)
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Oct 19 2021 (18:04)
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Oct 19 2021 (18:04)
Station Tag: Singrauli/SGRL added by Rhythms of Rail/100643

Oct 19 2021 (18:04)
Station Tag: Katni Junction/KTE added by Rhythms of Rail/100643

Oct 19 2021 (18:04)
Station Tag: Chunar Junction/CAR added by Rhythms of Rail/100643

Oct 19 2021 (18:04)
Station Tag: Chunar Junction/CAR added by Rhythms of Rail/100643

Oct 19 2021 (18:04)
Station Tag: Chopan/CPU added by Rhythms of Rail/100643
चोपन-चुनार, सिंगरौली- चोपन, सिंगरौली -कटनी ,चोपन -रेणुकूट -दुद्धी- रमना रेल सहित कई कार्य अब तक पूरे नहीं हो सके, वर्ष 2014 से ही काम चल रहा।
 सोनभद्र क्षेत्र में रेलवे परियोजनाओं में लेटलतीफी
Sonbhadra News : रेल विभाग की परियोजनाओं (Railway Department Projects) के निर्माण में होती देरी पांच राज्यों (यूपी, एमपी, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़) में विकास की रफ्तार रोके हुए हैं। इसके चलते यूपी के आखिरी छोर पर मौजूद, चार राज्यों से जुड़े सोनभद्र (Sonbhadra) और सीमावर्ती राज्यों के जनपदों में बेहतर यात्री ट्रेनों की सुविधा अब तक नहीं मिल पाई
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है। वहीं यहां से कई राज्यों में होने वाले खनिजों की ढुलाई भी पर्याप्त तेजी नहीं पकड़ पा रही है। इससे जहां ताजा कोयला संकट से निपटने में मुश्किल आ रही है वहीं दूसरे राज्यों में कई परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।
सोनभद्र और इससे सटे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड में खनिज (minerals) का बड़ा भंडार होने के कारण यह एरिया केंद्र के साथ राज्य सरकारों के खजाने को भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। औद्योगिक परियोजनाओं के कारण संबंधित एरिया में मूल निवासियों के अलावा नौकरी और धंधे की तलाश में आई एक बड़ी आबादी निवासी करती है। इनको आवागमन का सुगम साधन और रेलवे की आय में बढ़ोतरी के लिए सोनभद्र और इससे सटे राज्यों की तरफ जाने तथा आने वाले रेल रूटों को विकसित करने की मांग लंबे समय से उठती रही है।
2014 में जब केंद्र में मोदी सरकार बनी नार्दन कोलफील्ड्स, एनटीपीसी, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम (Uttar Pradesh State Electricity Generation Corporation) तथा निजी औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी रेल परियोजना सिंगरौली- चोपन, शक्तिनगर- करेला रोड, सिंगरौली -कटनी, चोपन -रेणुकूट -दुद्धी- रमना रेल लाइनों के दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण का काम तेजी से शुरू किया गया। इन रेल रूटों का दोहरीकरण 2019-20 तक कर दिया जाना था लेकिन कार्य में लेटलतीफी के चलते जहां रेलवे अपनी आय बढ़ाने के लिए माल गाड़ियों को तेजी से नहीं दौड़ा पा रहा है। वहीं नई यात्री ट्रेनों को कौन कहे, जो महत्वपूर्ण ट्रेनें इस कार्य को देखते हुए प्रस्तावित की गई हैं उनका भी संचालन संभव नहीं हो पा रहा है।
चोपन चुनार रेलवे लाइन पर भी नहीं दिया जा रहा अपेक्षित ध्यान
पांच राज्यों में रुक रही विकास की रफ्तार(कॉन्सेप्ट फोटो - सोशल मीडिया)
उत्तर मध्य रेलवे और पूर्व मध्य रेलवे को जोड़ने वाली चोपन चुनार रेलवे लाइन के सुंदरीकरण और दोहरीकरण के कार्य पर भी अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दोहरीकरण का कार्य जहां सर्वे से आगे नहीं बढ़ सका है। वहीं पूर्व से मौजूद चोपन चुनार एकल रेल लाइन 103 किमी लम्बाई स्थापना काल से ही पर गाड़ियों की गति सीमा 100 किमी प्रति घंटे बढ़ाए जाने के लिए चल रहे इंजीनियरिंग कार्य, इंटरलॉकिंग स्वचालित सिग्नल प्रणाली, हॉल्ट स्टेशन निर्माण आदि कार्य तेजी नहीं पकड़ पा रहे हैं। इसके चलते इस रेल लाइन क़ो रेल विद्युतीकरण का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते खैराही रेलवे स्टेशन को छोड़कर इस रेलवे रूट पर पड़ने वाले सभी स्टेशनों पर अभी 73 साल पुराने सिग्नल प्रणाली से ही काम चलाना पड़ रहा है।
कार्य पूरा होने के बाद रेलवे के आय और बचत में तेजी से होगी बढ़ोतरी
चोपन-चुनार एकल रेलवे लाइन का उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज द्वारा महज 40% कार्य पूरा किए जाने से ही इस रेलखंड से दौड़ने वाली चार माल गाड़ियों की जगह संख्या बढ़कर 24 पहुंच गई है। जानकारों का कहना है कि यदि इस रेलखंड पर स्वीकृत सभी कार्य जल्द पूरे करा दिए जाएं और वर्ष 2020 -21 के बजट में स्वीकृत चोपन-चुनार दोहरीकरण रेल परियोजना का भी कार्य पूर्ण करा दिया जाए तो इससे कई मालगाड़ियों और सवारी ट्रेनों को दो से तीन सौ किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाने से निजात मिलेगी। रेलवे के बचत और आय दोनों में इजाफा तो होगा ही, सोनभद्र और इसके सीमावर्ती राज्यों के जनपदों के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी सो अलग। वहीं रेलवे क्षेत्रीय परामर्शदात्री बोर्ड के सदस्य एसके गौतम कहते हैं कि आदिवासी बहुल और उद्योग प्रधान अंचल के लिए नई दिल्ली -हावड़ा रेल रुट का एक वैकल्पिक रेल मार्ग भी उपलब्ध हो जाएगा।
पुरुषोत्तम एक्सप्रेस को सोनभद्र से दौड़ाने की पहल नहीं ले पाई
उपरोक्त रेल परियोजनाओं के अधूरी होने तथा प्रस्तावित कार्य के मूर्त रूप लेने में होती देरी का परिणाम यह है कि सत्ता एक्सप्रेस कोच ओपन होते हुए दौड़ाने की पहल अब तक मूर्त रूप नहीं ले पाई है। वहीं चोपन होते हुए सप्ताह में एक दिन राजधानी एक्सप्रेस को बढ़ाने की कार्य योजना को मंजूरी मिलने के बाद भी, प्रस्तावित रेल रूट के दोहरीकरण का कार्य अब तक पूरा न होने से राजधानी एक्सप्रेस को सोनभद्र होते हुए चलाए जाने की तैयार की गई योजना भी अभी मूर्त रूप लेती नहीं दिख रही।
कई सांसद रेलवे बोर्ड का खटखटा चुके हैं दरवाजा
अपना दल सांसद पकौड़ी लाल कोल, जिले के राज्य सभा सांसद रामशकल कोल, रांची के राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार, सीधी सांसद रीती पाठक मैप सोनभद्र सिंगरौली गढ़वा सहित सीमावर्ती राज्यों के अन्य जनपदों से जुड़ी रेल परियोजनाओं के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराए जाने को लेकर कई बार रेलवे बोर्ड का दरवाजा खटखटा चुके हैं। पत्र के जरिए रेल मंत्री तक बात पहुंचाने के साथ ही उनसे मिलकर भी इसकी जरूरत से अवगत करा चुके हैं। बावजूद कार्य में होती देरी जहां यूपी सहित पांच राज्यों में विकास की रफ्तार को रोके हुए है। वही सोनभद्र सहित आसपास के जनपदों में रेल सुविधाओं की बेहतरी के आस लगाए लोगों को अभी तक मायूसी ही हाथ लग रही है।
निर्माण कार्य में होती देरी को कोयला संकट का कारण बताया (कॉन्सेप्ट फोटो - सोशल मीडिया)
राबर्टसगंज सांसद ने कार्य पूरा न होने को कोयला संकट का भी बताया कारण
राबर्ट्सगंज सांसद पकौड़ी लाल कोल ने कोल इंडिया कॉरीडोर से जुड़ी रेल लाइन दोहरीकरण परियोजनाओं के निर्माण कार्य में होती देरी को कोयला संकट का एक बड़ा कारण बताया है। कहा कि कार्य पूरा गया हो होता तो इस रूट पर कोयला लदी मालगाड़ी या तेजी से दौड़ती जिससे कोयला संकट की स्थिति शायद इतनी खराब ना होती।
Yesterday (23:07) यूपी: अपना दल (एस) के सांसद ने कोयला संकट के लिए रेल प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार, बोले- वर्षों बाद भी रेल परियोजनाएं नहीं हुई पूरी (www.amarujala.com)
IR Affairs
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News Entry# 467970  Blog Entry# 5098945   
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Oct 19 2021 (23:07)
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Oct 19 2021 (23:07)
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Oct 19 2021 (23:07)
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Oct 19 2021 (23:07)
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Oct 19 2021 (23:07)
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Oct 19 2021 (23:07)
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Oct 19 2021 (23:07)
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Oct 19 2021 (23:07)
Station Tag: Katni Junction/KTE added by Adittyaa Sharma/1421836

Oct 19 2021 (23:07)
Station Tag: Singrauli/SGRL added by Adittyaa Sharma/1421836

Oct 19 2021 (23:07)
Station Tag: Sonbhadra/SBDR added by Adittyaa Sharma/1421836
सोनभद्र जिले के रॉबर्ट्सगंज के अपना दल (एस) सांसद पकौड़ी लाल कोल ने बिजली घरों में कोयला संकट के लिए रेल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि कोल इंडिया कॉरिडोर में रेलवे की दोहरीकरण परियोजनाओं के निर्माण में निरंतर देरी के कारण कोयले का स्टॉक होने के बावजूद परिवहन नहीं हो पा रहा है।विज्ञापनएनसीएल से जुड़ी रेल परियोजना सिंगरौली-चोपन, शक्तिनगर-करेला रोड, सिंगरौली-कटनी, चोपन-रेणुकूट, दुद्धी-रमना रेल लाइनों के दोहरीकरण के कार्य को 2012 में स्वीकृति मिली थी। 2014 में धनराशि भी जारी कर दी गई थी लेकिन दोहरीकरण परियोजनाएं आज तक पूरी नहीं हो पाई हैं।सबसे महत्वपूर्ण 103 किमी लंबी चोपन-चुनार एकल रेल लाइन स्थापना काल से ही उपेक्षित पड़ी थी। निरंतर प्रयास से गाड़ियों की गति सीमा 100 किमी प्रति घंटे बढ़ाने के लिए इंजीनियरिंग कार्य, इंटरलॉकिंग स्वचालित सिग्नल प्रणाली, हॉल्ट स्टेशन निर्माण आदि कार्यों की स्वीकृति मिली। रेल विद्युतीकरण का कार्य भी पूरा हो गया है।इससे पहले जहां...
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दो से चार कोयला लदी मालगाड़ियां इस रेल खंड से गुजरती थीं, वहीं आज 22 से 24 मालगाड़ियां एक दिन में इस रेलखंड से गुजरने का रिकॉर्ड बना है। यदि इस रेलखंड पर स्वीकृत सभी कार्य जल्द पूरे करा दिए जाएं और चोपन-चुनार दोहरीकरण का कार्य पूर्ण करा दें तो सैकड़ों मालगाड़ियां रोजाना कोयला ढुलाई कर सकेंगी।विज्ञापनआगे पढ़ें
Yesterday (23:06) रैल रैक से आपूर्ति के बाद सुधरा कोयले का स्टॉक (www.amarujala.com)
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News Entry# 467969  Blog Entry# 5098942   
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Oct 19 2021 (23:06)
Station Tag: Anpara/ANPR added by Adittyaa Sharma/1421836
Stations:  Anpara/ANPR  
उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम की सबसे बड़ी अनपरा परियोजना को एक दिन में 35598 एमटी कोयले की आपूर्ति हुई है। रेल रैक से कोयला आपूर्ति शुरू होने के बाद स्थिति में सुधार की गुंजाइश जगी है। हालांकि अब भी परियोजना में कोयले के स्टॉक की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।विज्ञापन2630 मेगावाट क्षमता वाली अनपरा परियोजना को प्रतिदिन 40 हजार एमटी कोयले की आवश्यकता होती है। पिछले दिनों परियोजना में कोयले का स्टॉक 50 हजार एमटी से भी कम हो गया था। इससे परियोजना के साथ उत्पादन निगम प्रबंधन भी सकते में था। उत्पादन निगम के एमडी के निर्देशन में अनपरा के सीजीएम इं. आरसी श्रीवास्तव ने लगातार एनसीएल प्रबंधन व रेलवे प्रशासन के साथ कई दौर की बैठक की। तब जाकर दो रेल रैक कोयले की आपूर्ति पर सहमति बन पाई। रविवार को परियोजना को जहां 40239 एमटी कोयला प्राप्त हुआ, वहीं सोमवार को भी 35 हजार एमटी से अधिक...
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कोयले की आपूर्ति की गई। कोयला संकट के कारण इस समय जहां इकाइयों का लोड कम किया गया है, वहीं बिजली की मांग में कमी के कारण थर्मल बैकिंग भी कराई जा रही है। इससे कोयले की खपत कम होने से परियोजना के स्टॉक में थोड़ा सुधार देखा जा रहा है। मंगलवार सुबह परियोजना में कोयले का स्टॉक 67719 एमटी रहा।रेल व एमजीआर रैक की स्थिति::रेल रैक 59 वैगन 3800 एमटी कोयले का परिवहनएमजीआर रैक 35 वैगन 2200 एमटी कोयले का परिवहन
Yesterday (22:59) चक्रधरपुर रेल मंडल के कई रेलवे क्वार्टरों पर है दबंगों और ठेकेदारों का कब्जा, रेल जीएम के आदेश के बाद रेल अधिकारी सकते में (newswing.com)
IR Affairs
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News Entry# 467967  Blog Entry# 5098936   
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Oct 19 2021 (22:59)
Station Tag: Dangoaposi/DPS added by Adittyaa Sharma/1421836

Oct 19 2021 (22:59)
Station Tag: Tatanagar Junction/TATA added by Adittyaa Sharma/1421836

Oct 19 2021 (22:59)
Station Tag: Chakradharpur/CKP added by Adittyaa Sharma/1421836
रेलवे मेंस कांग्रेस ने पीएनएम में उठाया था मुद्दा, आश्वासन के बावजूद विभाग की ओर से नहीं की गई है पहल, नए रेल कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है क्वार्टर
Jamshedpur : साउथ इस्टर्न रेलवे की जीएम अर्चना जोशी ने सोमवार को चक्रधरपुर रेल मंडल के कई स्टेशनों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्हें रेलवे क्वार्टरों पर अवैध कब्जे की भी शिकायत मिली थी. इसके बाद उन्होंने मंडल के डीआरएम को अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया है. आदेश का पालन रेल अधिकारी कहां तक करेंगे. इसका खुलासा तो आने वाले दिनों में ही होगा.
टाटानगर
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से डंगुवापोसी तक है कब्जा
रेलवे क्वार्टरों पर अवैध कब्जा सिर्फ टाटानगर रेलवे कॉलोनी पर ही नहीं है बल्कि डांगुवापोसी व अन्य जगहों की भी हालत एक जैसी ही है. इसकी जानकारी सभी रेल अधिकारियों और स्थानीय अधिकारियों को भी है, लेकिन उनकी ओर से अभी तक किसी तरह की पहल नहीं की गई है.
दबंगों व ठेकेदारों ने जमाया है कब्जा
रेलवे क्वार्टरों पर सिर्फ रेलवे के ठेकेदारों ने ही कब्जा नहीं किया है, बल्कि इलाके के दबंगों ने भी कब्जा रखा है. दबंगों के बारे में कोई कुछ बोल नहीं सकता है. स्थानीय अधिकारी जान-बूझकर उनपर हाथ नहीं डालना चाहते हैं.
रेलवे ट्रॉफिक कॉलोनी में थानेदार का है कब्जा
बागबेड़ा में इसके पहले जो थानेदार थे उन्होंने रेलवे ट्रॉफिक कॉलोनी में ही रेलवे क्वार्टर को कब्जा रखा था. यह मामला तब सामने आया था, जब बागबेड़ा के पंचायत समिति सदस्य जितेंद्र यादव ने इसकी शिकायत डीआरएम विजय कुमार साहू से की थी. बावजूद इस रेलवे क्वार्टर पर अवैध कब्जा अब भी बरकरार है.
रेलवे क्वार्टर कमेटी की बैठक में उठता है मुद्दा
रेलवे क्वार्टरों पर अवैध कब्जा करने का मुद्दा सिर्फ रेलवे क्वार्टर कमेटी की बैठक में ही उठाने का काम किया जाता है. हालाकि बैठक में रेल अधिकारी भी मौजूद रहते हैं, लेकिन उनकी ओर से किसी तरह की पहल तक नहीं की जाती है.
रेल कर्मचारियों के लिए क्वार्टर नहीं
टाटानगर की बात करें तो जो कर्मचारी यहां पर काम कर रहे हैं. उन्हें भी अब क्वार्टर नसीब नहीं हो रहा है. वे संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर परेशान हो गए हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है. वे मजबूरन निजी क्वार्टर में रहने को विवश हैं.
मेंस कांग्रेस ने पीएनएम में उठाया था मुद्दा : शशि मिश्रा
मेंस कांग्रेस के मंडल संयोजक शशि मिश्रा ने न्यूज विंग के साथ बातचीत में बताया कि उनकी ओर से एक माह पूर्व हुई पीएनएम में रेलवे क्वार्टर पर अवैध कब्जा का मुद्दा उठाया गया था. बैठक में डीआरएम से लेकर आरपीएफ कमांडेंट तक मौजूद थे. तब कमांडेंट ने ही कहा था कि दूसरे दिन से ही फोर्स मंगाकर इस दिशा में पहल की जाएगी. आज  पूरे एक माह बीत गए हैं, बावजूद पहल नहीं की गई है. टाटानगर में भी रेलवे क्वार्टरों पर कब्जा है, जिसे मुक्त कराने की जरूरत है. साथ ही खाली पड़ी जमीन को घेराबंदी करने की भी सलाह शशि मिश्रा ने रेल अधिकारियों को दी है.
1722  रेल कर्मचारी में 950 क्वार्टर : सुभाष मजुमदार
डंगुवापोसी मेंस कांग्रेस के सचिव सुभाष मजुमदार ने कहा है डंगुवापोसी  में  कुल 1722 रेल कर्मचारी हैं, लेकिन क्वार्टर की संख्या 950 है. यहां पर तो कुछ रेल कर्मचारी क्वार्टर को लेकर उसे किराया पर लगाए हुए हैं. जिन्हें क्वार्टर की जरूरत है उन्हें नहीं मिल रही है. जिसे क्वार्टर की जरूरत है उनके लिए आवेदन को अधिकारियों तक पहुंचाने पर वे हस्ताक्षर करना भी मुनासीब नहीं समझते हैं. एक क्वार्टर में 4-5 रेल कर्मचारी भेड़-बकरी की तरह रहने को विवश हैं. रेलवे क्वार्टरों से अवैध कब्जा हटना ही चाहिए.
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